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अभिवृत्ति तथा सामाजिक संज्ञान: घटक, निर्माण और परिवर्तन

सामाजिक मनोविज्ञान बताता है कि दूसरे लोग हमारी सोच, भावना और व्यवहार पर कैसे असर डालते हैं। सामाजिक संज्ञान यानी हम लोगों को कैसे समझते हैं: स्कीमा (मन के फ़ोल्डर) से, छवि बनाकर और व्यवहार का कारण (गुणारोपण) सोचकर। अभिवृत्ति किसी विषय के बारे में मन की अवस्था है, जिसके तीन घटक हैं: भावात्मक, व्यवहारात्मक और संज्ञानात्मक। अभिवृत्तियाँ कर्षण, चरम सीमा, सरलता/जटिलता और केंद्रिकता में अलग होती हैं। ये साहचर्य, पुरस्कार-दंड, प्रतिरूपण, समूह मानकों और सूचना से सीखी जाती हैं। ये संतुलन लौटाने (हाइडर), असंवादिता मिटाने (फेस्टिंगर) या पसंदीदा स्रोत से दो चरणों में (मोहसिन) बदलती हैं; स्रोत, संदेश और लक्ष्य सब असर डालते हैं। अभिवृत्ति व्यवहार की भविष्यवाणी कुछ ही स्थितियों में करती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. सामाजिक संज्ञान: हम लोगों को मन के फ़ोल्डरों में रखते हैं, जल्दी छवि बनाते हैं और व्यवहार का कारण सोचते हैं।
  2. अभिवृत्ति के तीन घटक: भावात्मक (भावना), व्यवहारात्मक (कार्य) और संज्ञानात्मक (विचार)।
  3. अभिवृत्तियाँ कर्षण, चरम सीमा, सरलता या जटिलता और केंद्रिकता में अलग होती हैं।
  4. हम अभिवृत्तियाँ साहचर्य, पुरस्कार-दंड, मॉडल की नक़ल, समूह मानकों और सूचना से सीखते हैं।
  5. अभिवृत्ति संतुलन के लिए, बेचैनी मिटाने के लिए, या पसंदीदा स्रोत से दो चरणों में बदलती है।
  6. खुला खेल: त्रिभुज के तीनों चिह्न बदलें और देखें संतुलित है या नहीं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या रूढ़धारणा और स्कीमा एक ही हैं?

रूढ़धारणा एक तरह का स्कीमा है — पूरे समूह के बारे में फ़ोल्डर।

क्या किसी में विश्वास हो पर कार्य न हो?

हाँ। ABC के तीनों भाग हमेशा मेल नहीं खाते।

कुछ अभिवृत्तियाँ इतनी कठिनाई से क्यों बदलती हैं?

चरम और केंद्रीय अभिवृत्तियाँ कई दूसरी से जुड़ी हैं, इसलिए बदलाव रोकती हैं।

क्या हम अभिवृत्तियों के साथ पैदा होते हैं?

नहीं। ये साहचर्य, पुरस्कार, मॉडल, समूह और सूचना से सीखी जाती हैं।

त्रिभुज संतुलित है, कैसे जानूँ?

चिह्नों को गुणा करें: विषम संख्या में ऋण चिह्न यानी असंतुलित।

सामाजिक व्यवहार की व्याख्या

सामाजिक मनोविज्ञान पढ़ता है कि दूसरे लोगों की वास्तविक या कल्पित उपस्थिति हमारी सोच, भावना और व्यवहार पर कैसे असर डालती है। उदाहरण: आसान काम दूसरों के देखते हुए तेज़ होता है (सामाजिक सुकरीकरण), और हम ज़रूरतमंद अजनबी की मदद करते हैं (समाजोपयोगी व्यवहार)।

सामाजिक संज्ञान

सामाजिक संज्ञान यानी लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठी करना, सँजोना और उपयोग करना।

अभिवृत्ति क्या है? ABC घटक

अभिवृत्ति किसी विषय (अभिवृत्ति-विषय) के बारे में विचारों का समूह है, जिसके साथ भावना और कार्य करने की प्रवृत्ति जुड़ी होती है।

अभिवृत्ति विश्वास (केवल संज्ञानात्मक भाग) और मूल्य (क्या "होना चाहिए", जैसे ईमानदारी) से अलग है।

अभिवृत्ति की विशेषताएँ

अभिवृत्ति का निर्माण

अन्य कारक: परिवार और विद्यालय का वातावरण, संदर्भ समूह, व्यक्तिगत अनुभव और मीडिया।

अभिवृत्ति परिवर्तन

संतुलन सिद्धांत (फ्रिट्ज़ हाइडर)

एक त्रिभुज सोचें: P (व्यक्ति), O (दूसरा व्यक्ति), X (विषय)। हर कड़ी + या − है। ऋण चिह्नों की संख्या विषम (1 या 3) हो तो त्रिभुज असंतुलित है और कोई अभिवृत्ति बदलती है।

संज्ञानात्मक असंवादिता (लियोन फेस्टिंगर)

टकराते दो विचार ("धूम्रपान हानिकारक है" और "मैं धूम्रपान करता हूँ") बेचैनी (असंवादिता) देते हैं। हम एक विचार या कार्य बदलकर फिर संगति पाते हैं।

द्वि-चरण संकल्पना (एस. एम. मोहसिन)

चरण 1: लक्ष्य स्रोत से पहचान जोड़ता है और उसे पसंद करता है। चरण 2: स्रोत अपनी अभिवृत्ति में बदलाव दिखाता है; लक्ष्य भी बदलता है।

परिवर्तन को प्रभावित करने वाले कारक

परिवर्तन संगत (उसी दिशा में, और तेज़) या असंगत (उलटी दिशा में) हो सकता है। असंगत परिवर्तन कठिन है।

अभिवृत्ति और व्यवहार का संबंध

अभिवृत्ति व्यवहार की बेहतर भविष्यवाणी तब करती है जब: अभिवृत्ति तीव्र और केंद्रीय हो; व्यक्ति उसके प्रति सजग हो; बाहरी दबाव (जैसे समूह मानक) कम हो; व्यवहार को दूसरे न देख रहे हों; और व्यक्ति को विषय का सीधा अनुभव हो। 1930 के दशक के एक प्रसिद्ध अध्ययन (रिचर्ड लापियर) में होटल मालिकों ने लिखा कि वे एक चीनी दंपती को मना कर देंगे, जबकि असल में उन्होंने उन्हें ठहराया था — अभिवृत्ति और व्यवहार मेल नहीं खाए। कभी-कभी व्यवहार भी अभिवृत्ति बनाता है (बेम का आत्म-प्रत्यक्षण विचार)।

करके देखें

खुले खेल में P–O "+", P–X "+", O–X "−" रखें। अनुमान लगाएँ: संतुलित या नहीं? जाँचें। अब केवल एक चिह्न बदलकर इसे संतुलित करने के दो अलग तरीक़े खोजें। घर पर अपनी एक अभिवृत्ति ABC रूप में लिखें, और उस व्यक्ति का नाम जिसने उसे बनाने में मदद की (पाँच में से कौन-सा तरीक़ा?)।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. इसे ABC में बाँटें: "मैं मानता हूँ कि व्यायाम मुझे स्वस्थ रखता है, मुझे इसमें मज़ा आता है, और मैं रोज़ सुबह दौड़ता हूँ।"

C (संज्ञानात्मक) = व्यायाम स्वस्थ रखता है; A (भावात्मक) = मज़ा आता है; B (व्यवहारात्मक) = रोज़ सुबह दौड़ना।

2. रवि (P) अमन (O) को पसंद करता है (+)। रवि बालिका शिक्षा (X) का समर्थक है (+)। अमन इसका विरोधी है (−)। क्या यह संतुलित है? क्या हो सकता है?

चिह्न: +, +, − → एक ऋण (विषम) → असंतुलित। रवि अमन को नापसंद करने लगे, अपना विचार बदले, या (सबसे अच्छा) अमन को बालिका शिक्षा के पक्ष में मना ले।

3. सीमा मानती है कि जंक फ़ूड हानिकारक है पर रोज़ खाती है। वह क्या महसूस करती है और इसे कैसे घटा सकती है?

संज्ञानात्मक असंवादिता। वह जंक फ़ूड छोड़ सकती है, या ख़ुद से कह सकती है "थोड़ा ठीक है" ताकि बेचैनी घटे।

4. करण कहता है कि उसका मित्र आलसी होने से फ़ेल हुआ, पर अपनी असफलता कठिन पेपर के कारण बताता है। प्रभाव का नाम बताइए।

कर्ता-प्रेक्षक प्रभाव: दूसरों के लिए आंतरिक कारण, अपने लिए बाह्य कारण।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. अभिवृत्ति का भावना वाला घटक है…
2. संज्ञानात्मक असंवादिता किसने दी?
3. +, −, − चिह्नों वाला P-O-X त्रिभुज है…
4. शिक्षिका दयालु है इसलिए विषय पसंद आना, सीखना है…
5. छवि में पहली जानकारी का सबसे अहम होना है…

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिवृत्ति के घटक कौन-से हैं?

भावात्मक (भावना), व्यवहारात्मक (कार्य-प्रवृत्ति) और संज्ञानात्मक (विश्वास) — ABC।

संज्ञानात्मक असंवादिता क्या है?

दो टकराते विचारों से बेचैनी; संगति के लिए हम एक को बदलते हैं (फेस्टिंगर)।

अभिवृत्ति परिवर्तन की द्वि-चरण संकल्पना क्या है?

मोहसिन का विचार: लक्ष्य पहले स्रोत से पहचान जोड़ता है, फिर स्रोत के बदलाव का अनुसरण करता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12अभिवृत्ति तथा सामाजिक संज्ञान

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