South 고등학교 3학년 Physical Education Inquiry
अध्याय: 3
1. Nature of physical education
Human movement · History of PE · Social and educational value
- ओलंपिक आंदोलन – प्राचीन ओलंपिक खेल यूनान के ओलंपिया में, परंपरा के अनुसार 776 ई.पू. में, देवता ज़्यूस के धार्मिक उत्सव के रूप में शुरू हुए और हर चार साल में होते थे। आज़ाद यूनानी पुरुष दौड़, कुश्ती, मुक्केबाज़ी, रथ-दौड़ और पेंटाथलॉन में भाग लेते थे; विजेता को जैतून का मुकुट मिलता था और "पवित्र संधि" से खिलाड़ी सुरक्षित आ-जा सकते थे। ये खेल लगभग 393 ईस्वी में बंद हुए। पियरे दे कुबर्तें ने 1894 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) बनाई और 1896 में एथेंस में पहले आधुनिक खेल हुए। आज ओलंपिक आंदोलन में IOC, अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघ और राष्ट्रीय ओलंपिक समितियाँ हैं। प्रतीक: पाँच छल्ले, मशाल, आदर्श वाक्य "तेज़, ऊँचा, मज़बूत – साथ मिलकर"; मूल्य: उत्कृष्टता, मित्रता, सम्मान।
- खेल और समाज – खेल समाजशास्त्र देखता है कि खेल और समाज एक-दूसरे को कैसे बदलते हैं। शारीरिक गतिविधि खुले खेल-कूद से शुरू होकर शारीरिक मनोरंजन और फिर खेल (स्पोर्ट) तक जाती है, जिसमें तय नियम, संगठन और गंभीर मुकाबला होता है। आधुनिक खेल ढीले-ढाले स्थानीय लोक खेलों से बने: औद्योगिक युग में लिखित नियम, क्लब और शासी निकाय आए, और लगभग 1950 के बाद टीवी, पैसे और यात्रा ने खेल को वैश्विक और पेशेवर बना दिया। आज खेल, मीडिया और प्रायोजक एक "सुनहरे त्रिकोण" में बँधे हैं। हर समूह बराबर नहीं खेलता: पैसा, समय, सुविधा, भेदभाव और रूढ़ियाँ बाधा बनती हैं, इसलिए सरकारें और क्लब महिलाओं, दिव्यांगों, बुज़ुर्गों और कम आय वाले परिवारों की बराबर पहुँच के लिए काम करते हैं। खेल का अँधेरा पक्ष भी है, यानी विचलन, जैसे डोपिंग, हिंसा और मैच फ़िक्सिंग, जिसे नियम, जाँच और क़ानून रोकते हैं। खेल सेहत, पहचान और एकता बना सकता है, पर बाँट भी सकता है।
2. PE and science
Sociology of sport · Psychology of sport · Exercise physiology · Biomechanics
- खेल मनोविज्ञान: खेल के पीछे का दिमाग़ – खेल मनोविज्ञान बताता है कि मन खेल पर कैसे असर डालता है। व्यक्तित्व से पता चलता है कि हमें कैसा खेल पसंद है। प्रेरणा ईंधन है: अंदर से (मज़ा) या बाहर से (इनाम)। उत्तेजना (arousal) यानी आप कितने "चालू" हैं: बहुत कम या बहुत ज़्यादा दोनों नुकसान करते हैं, बीच में सबसे अच्छा (उल्टा U)। चिंता को साँस, कल्पना और अच्छी आत्म-बातचीत से शांत करते हैं। SMART लक्ष्य साफ़ सीढ़ी देते हैं। आक्रामकता पर काबू और टीम में मिलकर मेहनत ज़रूरी है।
- व्यायाम शरीर क्रिया विज्ञान – व्यायाम शरीर क्रिया विज्ञान यह पढ़ता है कि व्यायाम के दौरान और बाद में शरीर कैसे काम करता है। व्यायाम में माँसपेशियों को ज़्यादा ATP और ऑक्सीजन चाहिए, इसलिए धड़कन, स्ट्रोक आयतन, साँस की दर और गहराई बढ़ती है। ATP तीन ऊर्जा तंत्र दोबारा बनाते हैं: ATP-PC (लगभग 10 s), अवायवीय ग्लाइकोलिसिस (लगभग 2 min तक, लैक्टेट बनता है) और वायवीय (लंबे प्रयास, ऑक्सीजन से)। हृदय निकास = धड़कन दर × स्ट्रोक आयतन। नियमित ट्रेनिंग से हृदय, फेफड़े, माँसपेशियाँ और हड्डियाँ मज़बूत होती हैं; उम्र इन्हें धीरे-धीरे घटाती है, पर व्यायाम यह गिरावट धीमी करता है।
- खेलों में जैव यांत्रिकी (स्पोर्ट्स बायोमैकेनिक्स) – जैव यांत्रिकी यानी चलते-दौड़ते शरीर की भौतिकी। हर गति तीन तलों (सैजिटल, फ़्रंटल, ट्रांसवर्स) में और तीन अक्षों के चारों ओर होती है। हड्डियाँ, जोड़ और मांसपेशियाँ लीवर की तरह काम करती हैं: धुरी, बल और भार। शरीर के ज़्यादातर लीवर तीसरी श्रेणी के हैं: ताक़त कम, पर गति तेज़ और बड़ी। न्यूटन के तीन नियम बताते हैं कि दौड़ शुरू कैसे होती है और ज़मीन हमें आगे कैसे धकेलती है; घर्षण पकड़ देता है। संतुलन गुरुत्व केंद्र, आधार और गुरुत्व रेखा पर टिका है। घूमने में बलाघूर्ण (torque) घुमाव शुरू करता है, और हवा में कोणीय संवेग स्थिर रहता है, इसलिए बाँहें अंदर करने पर घुमाव तेज़ होता है। फेंकी गई गेंद या कूदता खिलाड़ी प्रक्षेप्य है: चाल, कोण और ऊँचाई दूरी तय करते हैं। हवा और पानी खिंचाव (drag) देते हैं; स्पिन से गेंद मुड़ती है (मैग्नस प्रभाव)।
3. PE and careers
Aptitude for PE careers · Types of PE jobs · Career paths · Planning my PE career
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।