Netherlands HAVO 5 (eindexamenjaar) Physical education
अध्याय: 2
1. Organising, health and society
Supporting and leading roles · Movement and health
- खेल में निष्पक्ष खेल – निष्पक्ष खेल यानी नियमों के अनुसार और खेल की भावना से खेलना: विरोधियों, अधिकारियों, साथियों और खुद का सम्मान। नियम मैदान, समय, अंक और मना चीज़ें तय करते हैं ताकि सबको बराबर और सुरक्षित मौका मिले। खेल में भूमिकाएँ हैं: खिलाड़ी, कप्तान, रेफ़री या अंपायर, कोच और दर्शक। हाथ मिलाना, घायल विरोधी की मदद करना और फ़ैसला मानना खेल भावना है; बेईमानी, जान-बूझकर फ़ाउल, डोपिंग और मैच फ़िक्सिंग निष्पक्ष खेल तोड़ते हैं और उनकी सज़ा कार्ड या प्रतिबंध है। ओलंपिक आंदोलन के मूल्य हैं उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान। निष्पक्ष प्रतियोगिता बनाने के लिए प्रारूप (नॉकआउट या राउंड-रॉबिन), समय-सारणी, भूमिकाएँ और सुरक्षा की योजना चाहिए।
- शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) – शारीरिक फिटनेस शरीर की वह क्षमता है जिससे रोज़ का काम, खेल और स्पर्धा ऊर्जा बचाकर की जा सके। इसके पाँच स्वास्थ्य संबंधी घटक (हृदय-श्वसन सहनशक्ति, पेशीय शक्ति, पेशीय सहनशक्ति, लचीलापन, शरीर संरचना) और छह कौशल संबंधी घटक (गति, फुर्ती, विस्फोटक शक्ति, संतुलन, तालमेल, प्रतिक्रिया समय) हैं। इसे FITT (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और अधिभार, प्रगति, विशिष्टता, विश्राम, उत्क्रमणीयता जैसे सिद्धांतों वाली योजना से बढ़ाते हैं।
2. Sport in society
Sport in society
- खेल और समाज – खेल समाजशास्त्र देखता है कि खेल और समाज एक-दूसरे को कैसे बदलते हैं। शारीरिक गतिविधि खुले खेल-कूद से शुरू होकर शारीरिक मनोरंजन और फिर खेल (स्पोर्ट) तक जाती है, जिसमें तय नियम, संगठन और गंभीर मुकाबला होता है। आधुनिक खेल ढीले-ढाले स्थानीय लोक खेलों से बने: औद्योगिक युग में लिखित नियम, क्लब और शासी निकाय आए, और लगभग 1950 के बाद टीवी, पैसे और यात्रा ने खेल को वैश्विक और पेशेवर बना दिया। आज खेल, मीडिया और प्रायोजक एक "सुनहरे त्रिकोण" में बँधे हैं। हर समूह बराबर नहीं खेलता: पैसा, समय, सुविधा, भेदभाव और रूढ़ियाँ बाधा बनती हैं, इसलिए सरकारें और क्लब महिलाओं, दिव्यांगों, बुज़ुर्गों और कम आय वाले परिवारों की बराबर पहुँच के लिए काम करते हैं। खेल का अँधेरा पक्ष भी है, यानी विचलन, जैसे डोपिंग, हिंसा और मैच फ़िक्सिंग, जिसे नियम, जाँच और क़ानून रोकते हैं। खेल सेहत, पहचान और एकता बना सकता है, पर बाँट भी सकता है।