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यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

1789 से पहले यूरोप कई छोटे राज्यों में बँटा था और लोग राजा के वफ़ादार थे। फ़्रांसीसी क्रांति ने कहा कि सत्ता जनता की है और जनता मिलकर एक राष्ट्र है। नेपोलियन ने बराबरी वाले कानून फैलाए। 1815 में राजा लौटे, पर उदारवादी, लेखक और भूखे आम लोग 1830 और 1848 में उठ खड़े हुए। कई छोटे राज्य जोड़कर इटली (1861) और जर्मनी (1871) बने। राष्ट्र को मारियान और जर्मेनिया जैसी स्त्री-आकृतियों से दिखाया गया। 1914 तक राष्ट्रवाद साम्राज्यवाद से जुड़ गया और बाल्कन का तनाव पहले विश्व युद्ध तक ले गया।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 9 खानों को देखो। हर खाना एक छोटा राज्य है और उसका अपना राजा (मुकुट) है। तब लोग अलग-अलग भाषाएँ बोलते थे और राजा की बात मानते थे। वे खुद को एक राष्ट्र नहीं मानते थे।
  2. 1789, फ़्रांस: बीच वाले खाने का मुकुट गिर जाता है। अब सत्ता जनता की है। सबका एक झंडा (नीला, सफ़ेद, लाल), एक भाषा और एक नया शब्द: नागरिक। यही आधुनिक राष्ट्र का पहला विचार है।
  3. 1804: नेपोलियन नागरिक संहिता बनाता है। बीच की किताब का मतलब: जन्म से कोई ख़ास हक़ नहीं, कानून के सामने सब बराबर। उसने जीते हुए इलाक़ों में भी यह फैलाया, पर लोगों की आज़ादी भी छीनी।
  4. 1815: मुकुट वापस आ जाते हैं। नेपोलियन के बाद राजा लौटे। पर नीचे से लोग उठते हैं: उदारवादी संविधान चाहते हैं, लेखक अपनी भाषा और लोक-संस्कृति की तारीफ़ करते हैं, भूखे लोग विरोध करते हैं। 1830 और 1848 में क्रांतियाँ होती हैं।
  5. खानों को खिसकते देखो। कई छोटे राज्य मिलकर दो बड़े राष्ट्र बनते हैं: इटली 1861 में और जर्मनी 1871 में। हर नए राष्ट्र का एक मुकुट।
  6. अब तुम खेलो: वर्ष का स्लाइडर 1789 से 1914 तक खिसकाओ। बीच में बाल्कन के छोटे खाने हैं और बड़ी ताक़तें रस्सी खींच रही हैं। 1914 में रस्सियाँ लाल हो जाती हैं: पहला विश्व युद्ध।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या राष्ट्रों से पहले देश नहीं थे?

राज्य थे, पर वे राजघरानों के थे। लोग राजा के वफ़ादार थे, राष्ट्र के नहीं। 3D में हर खाने का अपना मुकुट है।

नेपोलियन अच्छे कानून लाया, तो लोग उसके ख़िलाफ़ क्यों हुए?

क्योंकि उसने आज़ादी भी छीनी: ज़्यादा टैक्स, सेंसरशिप, ज़बरदस्ती सेना। 3D की किताब अच्छे कानून दिखाती है; नीचे की लाइन उसकी क़ीमत बताती है।

1815 में राजा लौट आए। क्या राष्ट्रवाद ख़त्म हो गया?

नहीं। यह छिप गया और 1830 व 1848 में फिर उठा। 3D में मुकुट लौटने के बाद भी लोग उठ खड़े होते हैं।

क्या आम लोगों ने जर्मनी को एक किया?

नहीं। 1848 की जनता की संसद असफल रही। बिस्मार्क के नेतृत्व में प्रशा की सेना ने ऊपर से किया। खानों को एक मुकुट के नीचे खिंचते देखो।

राष्ट्रवाद से विश्व युद्ध कैसे हो सकता है?

जब हर राष्ट्र ज़्यादा ज़मीन और ताक़त चाहे और बड़े साम्राज्य भी कूद पड़ें, तो होड़ बढ़ती है। आख़िरी चरण में 1914 पर रस्सियाँ लाल हो जाती हैं।

राष्ट्रवाद क्या है?

राष्ट्रवाद का मतलब है लोगों को लगे कि वे एक राष्ट्र के हैं और उनका अपना राज्य हो। राष्ट्र-राज्य वह देश है जहाँ ज़्यादातर लोग एक साझी पहचान और इतिहास महसूस करते हैं और सरकार उनके नाम पर चलती है।

1848 में फ़्रांसीसी चित्रकार फ़्रेडरिक सॉरयू ने एक सपना चित्र बनाया: कई राष्ट्रों के लोग मिलकर आज़ादी की मूर्ति की ओर चल रहे हैं। यह आज़ाद लोकतांत्रिक राष्ट्रों की दुनिया का सपना था।

निरंकुश (Absolutist) यानी ऐसा राजा जिसकी ताक़त की कोई सीमा न हो। 1789 से पहले ज़्यादातर यूरोप ऐसा ही था।

फ़्रांसीसी क्रांति और राष्ट्र का विचार

1789 की फ़्रांसीसी क्रांति ने सत्ता राजा से लेकर जनता को दे दी। नए विचारों ने लोगों को एक परिवार जैसा महसूस कराया:

नेपोलियन और नागरिक संहिता (1804)

नेपोलियन ने गणराज्य ख़त्म करके खुद को सम्राट बनाया, पर उसकी नागरिक संहिता ने सबको कानून के सामने बराबर किया, संपत्ति को सुरक्षित किया और जन्म से मिले विशेषाधिकार ख़त्म किए। किसान सामंती करों से छूटे, गिल्ड की पाबंदियाँ हटीं, आवाजाही आसान हुई।

पर जीते गए इलाक़ों के लोग बढ़े हुए टैक्स, सेंसरशिप और ज़बरदस्ती सेना में भर्ती से नाराज़ हो गए। इसलिए ख़ुशी गुस्से में बदल गई।

यूरोप में राष्ट्रवाद और सामाजिक आंदोलन

यूरोप की हालत

मध्य यूरोप में कई राजशाहियाँ और डचियाँ थीं। हैब्सबर्ग साम्राज्य (ऑस्ट्रिया-हंगरी) में जर्मन, हंगेरियन, पोलिश, चेक जैसी कई भाषाएँ बोली जाती थीं। थोड़े से ज़मींदार कुलीन बहुत सारे किसानों पर राज करते थे। उद्योग बढ़ने से नया मध्य वर्ग (कारख़ाना मालिक, व्यापारी, पेशेवर) बना।

उदारवाद

उदारवाद (liberalism) का मतलब "आज़ादी"। मध्य वर्ग के लिए इसका मतलब था व्यक्ति की आज़ादी, कानून के सामने बराबरी, संविधान और संसद। पर वोट अक्सर सिर्फ़ संपत्ति वाले पुरुषों को मिलता था। आर्थिक रूप से इसका मतलब था मुक्त व्यापार: 1834 में जर्मन राज्यों का सीमा-शुल्क संघ ज़ॉलवेराइन बना, जिसने चुंगी की बाधाएँ हटाईं।

1815 के बाद रूढ़िवाद

नेपोलियन की हार के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर मैटरनिख़ की मेज़बानी में वियना कांग्रेस (1815) हुई। इसने पुराने राजाओं (फ़्रांस में बूर्बों वंश) को लौटाया और फ़्रांस को रोकने के लिए राज्यों की कतार बनाई। रूढ़िवादी राजा, चर्च और पुरानी व्यवस्था में विश्वास करते थे। उन्होंने सेंसरशिप और जासूसी का सहारा लिया।

क्रांतिकारी

गुप्त संगठन लोगों को आज़ादी के लिए तैयार करते थे। इटली के ज्युसेपे मैज़िनी ने 1831 में यंग इटली और फिर यंग यूरोप बनाया। मैटरनिख़ ने उसे व्यवस्था का सबसे ख़तरनाक दुश्मन कहा।

क्रांतियों का दौर 1830–1848

जर्मनी और इटली का निर्माण

जर्मनी: ख़ून और लोहा

1848 के बाद प्रशा के प्रमुख मंत्री ओटो वॉन बिस्मार्क ने सेना और अफ़सरों के बल पर काम किया। सात साल में तीन युद्ध (ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ़्रांस से) हुए और तीनों में प्रशा जीता। जनवरी 1871 में वर्साय में प्रशा के राजा विलियम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया। नए राज्य ने मुद्रा, बैंक और कानून को आधुनिक बनाया।

इटली: कई राज्य, एक राष्ट्र

इटली सात राज्यों में बँटा था। सिर्फ़ सार्डिनिया-पीडमॉण्ट में इतालवी राजघराना था। मैज़िनी के विद्रोह असफल रहे, तो ज़िम्मेदारी राजा विक्टर इमैनुएल द्वितीय और उनके प्रमुख मंत्री काउंट कावूर पर आई। कावूर ने फ़्रांस से चतुर समझौता किया और 1859 में ऑस्ट्रिया को हराया। 1860 में ज्युसेपे गैरीबाल्डी अपने स्वयंसेवक "लाल कुर्ती" दल के साथ दक्षिण (दो सिसलियों का राज्य) में घुसे। 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय संयुक्त इटली के राजा बने। दक्षिण के ज़्यादातर ग़रीब किसानों ने "इटालिया" शब्द भी नहीं सुना था।

ब्रिटेन की अलग कहानी

ब्रिटेन किसी एक क्रांति से नहीं, धीरे-धीरे राष्ट्र-राज्य बना। 1707 के एक्ट ऑफ़ यूनियन ने इंग्लैंड और स्कॉटलैंड को जोड़ा; 1801 में आयरलैंड को ज़बरदस्ती जोड़ा गया। अंग्रेज़ी संस्कृति, यूनियन जैक झंडा और अंग्रेज़ी भाषा बाक़ी पर फैलाई गई।

राष्ट्र की तस्वीर बनाना

कलाकारों ने राष्ट्र को एक स्त्री के रूप में दिखाया। इसे रूपक (allegory) कहते हैं: किसी विचार को व्यक्ति बनाकर दिखाना। फ़्रांस था मारियान: लाल टोपी, तिरंगा और कलगी। जर्मनी थी जर्मेनिया: बलूत (ओक) के पत्तों का मुकुट, जो वीरता का निशान है। निशान: टूटी ज़ंजीर = आज़ादी, तलवार = लड़ने को तैयार, जैतून की डाली = शांति, उगता सूरज = नया युग।

राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद: पहले विश्व युद्ध की राह

1871 के बाद राष्ट्रवाद का आदर्शवादी, उदार-लोकतांत्रिक रूप खो गया। यह संकीर्ण और आक्रामक हो गया। बड़ी ताक़तों ने इसे ज़मीन हथियाने के लिए इस्तेमाल किया।

बाल्कन (दक्षिण-पूर्व यूरोप का इलाक़ा, जहाँ आज रोमानिया, बुल्गारिया, अल्बानिया, यूनान, सर्बिया आदि हैं) पर कमज़ोर होता ऑटोमन साम्राज्य राज करता था। वहाँ के स्लाव समूह आज़ादी चाहते थे और हर कोई दूसरों की क़ीमत पर ज़मीन चाहता था। रूस, जर्मनी, इंग्लैंड और ऑस्ट्रिया-हंगरी सब वहाँ पकड़ चाहते थे। इस होड़ ने बाल्कन को "बारूद का ढेर" बना दिया। कई युद्ध हुए और आख़िर में 1914 में पहला विश्व युद्ध हुआ।

बाद में उपनिवेशों के लोगों ने राष्ट्रवाद के विचार से साम्राज्य के ख़िलाफ़ लड़ाई की और अपने राष्ट्र-राज्य बनाए।

ख़ुद करके देखो

अपना एक रूपक बनाओ। भारत के लिए एक निशान चुनो (टूटी ज़ंजीर, जैतून की डाली, उगता सूरज, तलवार) और एक लाइन में बताओ कि क्यों चुना। फिर 3D में वर्ष स्लाइडर 1848 और 1871 पर ले जाओ और अपने शब्दों में बताओ कि क्या बदला।

परीक्षा के लिए सुझाव

यह अध्याय इकाई 1 (इतिहास, 20 अंक) में है। अक्सर पूछे जाते हैं: साझी पहचान बनाने के लिए फ़्रांसीसी क्रांतिकारियों के क़दम (3 या 5 अंक), बिस्मार्क / मैज़िनी / कावूर / गैरीबाल्डी की भूमिका, बाल्कन क्यों विस्फोटक था, नेपोलियन संहिता की बातें, और रूपक (मारियान, जर्मेनिया)। घटनाओं के साथ वर्ष ज़रूर लिखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. फ़्रांसीसी क्रांतिकारियों ने लोगों को एक राष्ट्र महसूस कराने के लिए कौन-से चार क़दम उठाए?

1) ला पैट्री और ल सितोयेन के विचार। 2) नया तिरंगा झंडा। 3) चुनी हुई राष्ट्रीय सभा। 4) नाप-तौल की एक व्यवस्था और अंदरूनी चुंगी का अंत। (साथ में: फ़्रेंच साझी भाषा, नए गीत और शपथें।)

2. नेपोलियन के जीते इलाक़ों के लोगों ने पहले उसका स्वागत और फिर विरोध क्यों किया?

पहले: उसकी संहिता ने सामंती कर और विशेषाधिकार ख़त्म किए, व्यापार आसान किया। बाद में: उसने टैक्स बढ़ाए, सेंसरशिप लगाई और लोगों को ज़बरदस्ती सेना में भर्ती किया। आज़ादी का नुक़सान फ़ायदे से बड़ा लगा।

3. जर्मनी और इटली के एकीकरण की तुलना करो।

जर्मनी: प्रशा और बिस्मार्क ने सेना और तीन युद्धों से किया; 1871 में विलियम प्रथम सम्राट। इटली: सार्डिनिया-पीडमॉण्ट के नेतृत्व में, कावूर की कूटनीति, गैरीबाल्डी के स्वयंसेवक और 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय राजा; विचार मैज़िनी का। दोनों में नेतृत्व एक राजशाही ने ऊपर से किया, आम जनता ने नहीं।

4. बाल्कन इलाक़े को बारूद का ढेर क्यों कहा गया?

वहाँ कई छोटे स्लाव समूह आज़ादी और ज़्यादा ज़मीन चाहते थे, ऑटोमन साम्राज्य कमज़ोर था, और बड़ी ताक़तें (रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया-हंगरी) वहाँ पकड़ के लिए होड़ कर रही थीं। एक छोटी चिंगारी बड़ा युद्ध बन सकती थी, और 1914 में यही हुआ।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 1815 की वियना कांग्रेस की मेज़बानी किसने की?
2. जर्मनी का एकीकरण कब हुआ?
3. मारियान किसका रूपक है?
4. ज़ॉलवेराइन क्या था?
5. 1832 की कुस्तुनतुनिया संधि ने किसे आज़ाद माना?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय अध्याय का मुख्य विचार क्या है?

यूरोप कैसे राजाओं के राज्यों से राष्ट्र-राज्यों तक पहुँचा, जहाँ लोग एक पहचान महसूस करते हैं: 1789 की फ़्रांसीसी क्रांति से 1914 के पहले विश्व युद्ध तक।

इटली को किसने एक किया?

मैज़िनी ने विचार दिया, कावूर ने कूटनीति की, गैरीबाल्डी ने स्वयंसेवक सेना चलाई और सार्डिनिया-पीडमॉण्ट के राजा विक्टर इमैनुएल द्वितीय 1861 में संयुक्त इटली के राजा बने।

रूपक (allegory) क्या है?

किसी विचार को व्यक्ति या चीज़ के रूप में दिखाना। मारियान फ़्रांस और जर्मेनिया जर्मनी का रूपक है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

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