राष्ट्रवाद क्या है?
राष्ट्रवाद का मतलब है लोगों को लगे कि वे एक राष्ट्र के हैं और उनका अपना राज्य हो। राष्ट्र-राज्य वह देश है जहाँ ज़्यादातर लोग एक साझी पहचान और इतिहास महसूस करते हैं और सरकार उनके नाम पर चलती है।
1848 में फ़्रांसीसी चित्रकार फ़्रेडरिक सॉरयू ने एक सपना चित्र बनाया: कई राष्ट्रों के लोग मिलकर आज़ादी की मूर्ति की ओर चल रहे हैं। यह आज़ाद लोकतांत्रिक राष्ट्रों की दुनिया का सपना था।
निरंकुश (Absolutist) यानी ऐसा राजा जिसकी ताक़त की कोई सीमा न हो। 1789 से पहले ज़्यादातर यूरोप ऐसा ही था।
फ़्रांसीसी क्रांति और राष्ट्र का विचार
1789 की फ़्रांसीसी क्रांति ने सत्ता राजा से लेकर जनता को दे दी। नए विचारों ने लोगों को एक परिवार जैसा महसूस कराया:
- ला पैट्री (पितृभूमि) और ल सितोयेन (नागरिक) जैसे शब्द।
- राजा के झंडे की जगह नया तिरंगा।
- चुनी हुई राष्ट्रीय सभा (नेशनल असेंबली) ने कानून बनाए।
- देश के अंदर लगने वाले चुंगी-कर हटे; नाप-तौल की एक व्यवस्था बनी।
- पेरिस की फ़्रेंच भाषा सबकी साझी भाषा बनी।
नेपोलियन और नागरिक संहिता (1804)
नेपोलियन ने गणराज्य ख़त्म करके खुद को सम्राट बनाया, पर उसकी नागरिक संहिता ने सबको कानून के सामने बराबर किया, संपत्ति को सुरक्षित किया और जन्म से मिले विशेषाधिकार ख़त्म किए। किसान सामंती करों से छूटे, गिल्ड की पाबंदियाँ हटीं, आवाजाही आसान हुई।
पर जीते गए इलाक़ों के लोग बढ़े हुए टैक्स, सेंसरशिप और ज़बरदस्ती सेना में भर्ती से नाराज़ हो गए। इसलिए ख़ुशी गुस्से में बदल गई।
यूरोप में राष्ट्रवाद और सामाजिक आंदोलन
यूरोप की हालत
मध्य यूरोप में कई राजशाहियाँ और डचियाँ थीं। हैब्सबर्ग साम्राज्य (ऑस्ट्रिया-हंगरी) में जर्मन, हंगेरियन, पोलिश, चेक जैसी कई भाषाएँ बोली जाती थीं। थोड़े से ज़मींदार कुलीन बहुत सारे किसानों पर राज करते थे। उद्योग बढ़ने से नया मध्य वर्ग (कारख़ाना मालिक, व्यापारी, पेशेवर) बना।
उदारवाद
उदारवाद (liberalism) का मतलब "आज़ादी"। मध्य वर्ग के लिए इसका मतलब था व्यक्ति की आज़ादी, कानून के सामने बराबरी, संविधान और संसद। पर वोट अक्सर सिर्फ़ संपत्ति वाले पुरुषों को मिलता था। आर्थिक रूप से इसका मतलब था मुक्त व्यापार: 1834 में जर्मन राज्यों का सीमा-शुल्क संघ ज़ॉलवेराइन बना, जिसने चुंगी की बाधाएँ हटाईं।
1815 के बाद रूढ़िवाद
नेपोलियन की हार के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर मैटरनिख़ की मेज़बानी में वियना कांग्रेस (1815) हुई। इसने पुराने राजाओं (फ़्रांस में बूर्बों वंश) को लौटाया और फ़्रांस को रोकने के लिए राज्यों की कतार बनाई। रूढ़िवादी राजा, चर्च और पुरानी व्यवस्था में विश्वास करते थे। उन्होंने सेंसरशिप और जासूसी का सहारा लिया।
क्रांतिकारी
गुप्त संगठन लोगों को आज़ादी के लिए तैयार करते थे। इटली के ज्युसेपे मैज़िनी ने 1831 में यंग इटली और फिर यंग यूरोप बनाया। मैटरनिख़ ने उसे व्यवस्था का सबसे ख़तरनाक दुश्मन कहा।
क्रांतियों का दौर 1830–1848
- जुलाई 1830: फ़्रांस में संवैधानिक राजा (लुई फ़िलिप)। बेल्जियम नीदरलैंड से अलग हुआ।
- यूनान ने ऑटोमन साम्राज्य से लड़ाई की; 1832 की कुस्तुनतुनिया संधि ने उसे आज़ाद माना।
- रूमानीवाद: कवियों और विचारकों ने लोकगीत, नृत्य और भाषा की तारीफ़ की। ग्रिम बंधुओं ने जर्मन लोककथाएँ इकट्ठी कीं। रूस के क़ब्ज़े के बाद पोलैंड में पोलिश बोलना विरोध का निशान बन गया।
- भूख: 1830 के दशक में खाने की कमी और बेरोज़गारी थी। 1845 में सिलेसिया के बुनकरों ने कम दाम देने वाले ठेकेदारों के ख़िलाफ़ विद्रोह किया। 1848 में खाने की कमी से पेरिस में विद्रोह हुआ।
- 1848, उदारवादी: जर्मनी में चुनी हुई फ़्रैंकफ़र्ट संसद सेंट पॉल चर्च में बैठी और संविधान लिखा। प्रशा के राजा ने ताज ठुकराया और सेना ने संसद भंग कर दी। महिलाएँ सिर्फ़ दर्शक बन सकती थीं।
जर्मनी और इटली का निर्माण
जर्मनी: ख़ून और लोहा
1848 के बाद प्रशा के प्रमुख मंत्री ओटो वॉन बिस्मार्क ने सेना और अफ़सरों के बल पर काम किया। सात साल में तीन युद्ध (ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ़्रांस से) हुए और तीनों में प्रशा जीता। जनवरी 1871 में वर्साय में प्रशा के राजा विलियम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया। नए राज्य ने मुद्रा, बैंक और कानून को आधुनिक बनाया।
इटली: कई राज्य, एक राष्ट्र
इटली सात राज्यों में बँटा था। सिर्फ़ सार्डिनिया-पीडमॉण्ट में इतालवी राजघराना था। मैज़िनी के विद्रोह असफल रहे, तो ज़िम्मेदारी राजा विक्टर इमैनुएल द्वितीय और उनके प्रमुख मंत्री काउंट कावूर पर आई। कावूर ने फ़्रांस से चतुर समझौता किया और 1859 में ऑस्ट्रिया को हराया। 1860 में ज्युसेपे गैरीबाल्डी अपने स्वयंसेवक "लाल कुर्ती" दल के साथ दक्षिण (दो सिसलियों का राज्य) में घुसे। 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय संयुक्त इटली के राजा बने। दक्षिण के ज़्यादातर ग़रीब किसानों ने "इटालिया" शब्द भी नहीं सुना था।
ब्रिटेन की अलग कहानी
ब्रिटेन किसी एक क्रांति से नहीं, धीरे-धीरे राष्ट्र-राज्य बना। 1707 के एक्ट ऑफ़ यूनियन ने इंग्लैंड और स्कॉटलैंड को जोड़ा; 1801 में आयरलैंड को ज़बरदस्ती जोड़ा गया। अंग्रेज़ी संस्कृति, यूनियन जैक झंडा और अंग्रेज़ी भाषा बाक़ी पर फैलाई गई।
राष्ट्र की तस्वीर बनाना
कलाकारों ने राष्ट्र को एक स्त्री के रूप में दिखाया। इसे रूपक (allegory) कहते हैं: किसी विचार को व्यक्ति बनाकर दिखाना। फ़्रांस था मारियान: लाल टोपी, तिरंगा और कलगी। जर्मनी थी जर्मेनिया: बलूत (ओक) के पत्तों का मुकुट, जो वीरता का निशान है। निशान: टूटी ज़ंजीर = आज़ादी, तलवार = लड़ने को तैयार, जैतून की डाली = शांति, उगता सूरज = नया युग।
राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद: पहले विश्व युद्ध की राह
1871 के बाद राष्ट्रवाद का आदर्शवादी, उदार-लोकतांत्रिक रूप खो गया। यह संकीर्ण और आक्रामक हो गया। बड़ी ताक़तों ने इसे ज़मीन हथियाने के लिए इस्तेमाल किया।
बाल्कन (दक्षिण-पूर्व यूरोप का इलाक़ा, जहाँ आज रोमानिया, बुल्गारिया, अल्बानिया, यूनान, सर्बिया आदि हैं) पर कमज़ोर होता ऑटोमन साम्राज्य राज करता था। वहाँ के स्लाव समूह आज़ादी चाहते थे और हर कोई दूसरों की क़ीमत पर ज़मीन चाहता था। रूस, जर्मनी, इंग्लैंड और ऑस्ट्रिया-हंगरी सब वहाँ पकड़ चाहते थे। इस होड़ ने बाल्कन को "बारूद का ढेर" बना दिया। कई युद्ध हुए और आख़िर में 1914 में पहला विश्व युद्ध हुआ।
बाद में उपनिवेशों के लोगों ने राष्ट्रवाद के विचार से साम्राज्य के ख़िलाफ़ लड़ाई की और अपने राष्ट्र-राज्य बनाए।
ख़ुद करके देखो
अपना एक रूपक बनाओ। भारत के लिए एक निशान चुनो (टूटी ज़ंजीर, जैतून की डाली, उगता सूरज, तलवार) और एक लाइन में बताओ कि क्यों चुना। फिर 3D में वर्ष स्लाइडर 1848 और 1871 पर ले जाओ और अपने शब्दों में बताओ कि क्या बदला।
परीक्षा के लिए सुझाव
यह अध्याय इकाई 1 (इतिहास, 20 अंक) में है। अक्सर पूछे जाते हैं: साझी पहचान बनाने के लिए फ़्रांसीसी क्रांतिकारियों के क़दम (3 या 5 अंक), बिस्मार्क / मैज़िनी / कावूर / गैरीबाल्डी की भूमिका, बाल्कन क्यों विस्फोटक था, नेपोलियन संहिता की बातें, और रूपक (मारियान, जर्मेनिया)। घटनाओं के साथ वर्ष ज़रूर लिखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- राष्ट्र-राज्य = साझी पहचान वाले लोग + उनका अपना राज्य
- उदारवाद = व्यक्ति की आज़ादी + कानून के सामने बराबरी + संविधान
- रूढ़िवाद = राजा + चर्च + पुरानी व्यवस्था (वियना 1815)
- इटली 1861: मैज़िनी (विचार) + कावूर (कूटनीति) + गैरीबाल्डी (सेना) + विक्टर इमैनुएल द्वितीय (राजा)
- जर्मनी 1871: प्रशा + बिस्मार्क + तीन युद्ध → विलियम प्रथम, सम्राट
हल किए गए उदाहरण
1. फ़्रांसीसी क्रांतिकारियों ने लोगों को एक राष्ट्र महसूस कराने के लिए कौन-से चार क़दम उठाए?
1) ला पैट्री और ल सितोयेन के विचार। 2) नया तिरंगा झंडा। 3) चुनी हुई राष्ट्रीय सभा। 4) नाप-तौल की एक व्यवस्था और अंदरूनी चुंगी का अंत। (साथ में: फ़्रेंच साझी भाषा, नए गीत और शपथें।)
2. नेपोलियन के जीते इलाक़ों के लोगों ने पहले उसका स्वागत और फिर विरोध क्यों किया?
पहले: उसकी संहिता ने सामंती कर और विशेषाधिकार ख़त्म किए, व्यापार आसान किया। बाद में: उसने टैक्स बढ़ाए, सेंसरशिप लगाई और लोगों को ज़बरदस्ती सेना में भर्ती किया। आज़ादी का नुक़सान फ़ायदे से बड़ा लगा।
3. जर्मनी और इटली के एकीकरण की तुलना करो।
जर्मनी: प्रशा और बिस्मार्क ने सेना और तीन युद्धों से किया; 1871 में विलियम प्रथम सम्राट। इटली: सार्डिनिया-पीडमॉण्ट के नेतृत्व में, कावूर की कूटनीति, गैरीबाल्डी के स्वयंसेवक और 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय राजा; विचार मैज़िनी का। दोनों में नेतृत्व एक राजशाही ने ऊपर से किया, आम जनता ने नहीं।
4. बाल्कन इलाक़े को बारूद का ढेर क्यों कहा गया?
वहाँ कई छोटे स्लाव समूह आज़ादी और ज़्यादा ज़मीन चाहते थे, ऑटोमन साम्राज्य कमज़ोर था, और बड़ी ताक़तें (रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया-हंगरी) वहाँ पकड़ के लिए होड़ कर रही थीं। एक छोटी चिंगारी बड़ा युद्ध बन सकती थी, और 1914 में यही हुआ।
आम गलतियाँ
- जर्मनी का एकीकरण 1861 और इटली का 1871 लिखना। उल्टा है: इटली 1861, जर्मनी 1871।
- यह मानना कि फ़्रैंकफ़र्ट संसद ने जर्मनी को एक किया। वह 1848 में असफल रही; 1871 में प्रशा और बिस्मार्क ने किया।
- मैज़िनी (विचार, यंग इटली), कावूर (मंत्री, कूटनीति) और गैरीबाल्डी (लाल कुर्ती सेना) को मिला देना।
- यह सोचना कि 1800 के उदारवाद में सबको वोट मिला। ज़्यादातर सिर्फ़ संपत्ति वाले पुरुषों को वोट था; महिलाएँ बाहर थीं।