Japan 高校2年 World History: Inquiry
अध्याय: 5
1. Looking at world history
Human history seen from the global environment · World history seen from daily life
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2. Formation of regional characteristics
Questions about regional characteristics · Ancient civilisations · Characteristics of regions (East Asia, South Asia, West Asia and Mediterranean)
- लेखन कला और शहरी जीवन: तीसरी सहस्राब्दी ई.पू. का मेसोपोटामिया – मेसोपोटामिया, यानी दजला और फ़रात नदियों के बीच की ज़मीन, में दुनिया के शुरुआती नगर बने (लगभग 3500 ई.पू. से)। नहरों से दक्षिण में ख़ूब अनाज हुआ। मंदिर बड़ी संस्थाएँ बने, युद्ध-नेता राजा बने, और उरुक और उर जैसे नगर बढ़े। शहरी जीवन में श्रम विभाजन, व्यापार और ऊँच-नीच आई। लेखन लगभग 3200 ई.पू. में मिट्टी की पट्टियों पर कीलाक्षर के रूप में शुरू हुआ: पहले हिसाब, फिर क़ानून, पत्र, कथाएँ और विज्ञान। इतिहासकार बहस करते हैं कि लेखन किसके काम आया।
3. Interaction and reorganisation of regions
Questions · Connected Eurasia · Reorganisation of Asia and Europe
- यायावर साम्राज्य: चंगेज़ ख़ान के अधीन मंगोल – मंगोल मध्य एशिया के स्टेपी घास के मैदानों के पशुपालक ख़ानाबदोश (यायावर) थे। वे जानवर पालते और मौसम के साथ जगह बदलते थे। 1206 में तेमुजिन ने मंगोल और तुर्की कबीलों को एक किया और चंगेज़ ख़ान कहलाया। उसने दशमलव पद्धति पर सेना, घोड़ों की डाक (याम) और नियम-संहिता (यासा) बनाई। उसके बेटों-पोतों ने चीन से पूर्वी यूरोप तक दुनिया का सबसे बड़ा ज़मीनी साम्राज्य बनाया, जो बाद में चार ख़ानतों में बँट गया। चंगेज़ ख़ान को लोग अलग-अलग तरह याद करते हैं: विनाशक, अपने लोगों को जोड़ने वाला नायक, और एशिया-यूरोप को सुरक्षित रास्तों से जोड़ने वाला।
4. Integration and transformation of regions
Questions · World market and linked regions · Imperialism and nationalism · World War II and change in regions
- औद्योगीकरण का युग – फ़ैक्टरी से पहले सौदागर गाँव के परिवारों को कच्चा माल देते थे और वे घर पर कातते-बुनते थे (आदि-औद्योगीकरण)। 1760 के दशक से ब्रिटेन में कॉटन मिलें, स्पिनिंग जेनी जैसी मशीनें और जेम्स वॉट का बेहतर भाप इंजन आए। बदलाव धीमा था: हाथ का श्रम सस्ता और आम रहा। भारत के बुनकर पहले दुनिया भर को कपड़ा देते थे; ईस्ट इंडिया कंपनी ने गुमाश्तों के ज़रिए उन पर क़ब्ज़ा किया और बाद में मैनचेस्टर का कपड़ा भारत में भर गया। 1854 से बंबई और दूसरी जगहों पर भारतीय मिलें बनीं और छोटे कारख़ाने भी बढ़े। सामान बेचने के लिए लेबल, कैलेंडर और विज्ञापन आए, और स्वदेशी विज्ञापनों ने देशप्रेम जगाया।
- यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय – 1789 से पहले यूरोप कई छोटे राज्यों में बँटा था और लोग राजा के वफ़ादार थे। फ़्रांसीसी क्रांति ने कहा कि सत्ता जनता की है और जनता मिलकर एक राष्ट्र है। नेपोलियन ने बराबरी वाले कानून फैलाए। 1815 में राजा लौटे, पर उदारवादी, लेखक और भूखे आम लोग 1830 और 1848 में उठ खड़े हुए। कई छोटे राज्य जोड़कर इटली (1861) और जर्मनी (1871) बने। राष्ट्र को मारियान और जर्मेनिया जैसी स्त्री-आकृतियों से दिखाया गया। 1914 तक राष्ट्रवाद साम्राज्यवाद से जुड़ गया और बाल्कन का तनाव पहले विश्व युद्ध तक ले गया।
5. Issues of the global world
International organisations and search for peace · Economic globalisation and inequality · Advanced technology and knowledge society · Inquiry into global issues
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