Russia 9 класс History (General History and History of Russia)
अध्याय: 6
1. General history: 19th – early 20th century
Industrial age · Europe and America in the first half of the 19th century · The West in the late 19th – early 20th century · Asia, Africa, Latin America · International relations · Culture and science
- औद्योगीकरण का युग – फ़ैक्टरी से पहले सौदागर गाँव के परिवारों को कच्चा माल देते थे और वे घर पर कातते-बुनते थे (आदि-औद्योगीकरण)। 1760 के दशक से ब्रिटेन में कॉटन मिलें, स्पिनिंग जेनी जैसी मशीनें और जेम्स वॉट का बेहतर भाप इंजन आए। बदलाव धीमा था: हाथ का श्रम सस्ता और आम रहा। भारत के बुनकर पहले दुनिया भर को कपड़ा देते थे; ईस्ट इंडिया कंपनी ने गुमाश्तों के ज़रिए उन पर क़ब्ज़ा किया और बाद में मैनचेस्टर का कपड़ा भारत में भर गया। 1854 से बंबई और दूसरी जगहों पर भारतीय मिलें बनीं और छोटे कारख़ाने भी बढ़े। सामान बेचने के लिए लेबल, कैलेंडर और विज्ञापन आए, और स्वदेशी विज्ञापनों ने देशप्रेम जगाया।
- यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय – 1789 से पहले यूरोप कई छोटे राज्यों में बँटा था और लोग राजा के वफ़ादार थे। फ़्रांसीसी क्रांति ने कहा कि सत्ता जनता की है और जनता मिलकर एक राष्ट्र है। नेपोलियन ने बराबरी वाले कानून फैलाए। 1815 में राजा लौटे, पर उदारवादी, लेखक और भूखे आम लोग 1830 और 1848 में उठ खड़े हुए। कई छोटे राज्य जोड़कर इटली (1861) और जर्मनी (1871) बने। राष्ट्र को मारियान और जर्मेनिया जैसी स्त्री-आकृतियों से दिखाया गया। 1914 तक राष्ट्रवाद साम्राज्यवाद से जुड़ गया और बाल्कन का तनाव पहले विश्व युद्ध तक ले गया।
- साम्राज्यवाद: साम्राज्य क्यों फैले और लोगों ने कैसे विरोध किया – साम्राज्यवाद तब होता है जब एक ताक़तवर राज्य युद्ध, संधि या पैसे से दूसरी भूमि और लोगों पर नियंत्रण कर लेता है। उपनिवेशवाद इसका एक रूप है: उपनिवेश पर सीधा शासन। लगभग 1870 से 1914 तक ('नव साम्राज्यवाद') औद्योगिक देशों में अफ़्रीका, एशिया और प्रशांत में उपनिवेशों की होड़ लगी। उन्हें कच्चा माल, बाज़ार, पूँजी लगाने की जगह, बंदरगाह और रुतबा चाहिए था, और इसे नस्लवादी विचारों से सही ठहराया गया। नियंत्रण व्यापार चौकी से असमान संधि और फिर पूरे उपनिवेश तक बढ़ा। उपनिवेशों का धन बाहर गया: कच्चा माल सस्ते में गया, मशीनी माल लौटा, स्थानीय उद्योग गिरे। लोगों ने विद्रोह, सुधार और जन आंदोलनों से विरोध किया, और 1970 के दशक तक ज़्यादातर उपनिवेश स्वतंत्र हो गए। पीछे छूटी सीमाएँ और असमानता आज भी दुनिया को प्रभावित करती हैं।
- इतिहास में अंतरराष्ट्रीय संबंध: युद्ध, गठबंधन और शांति – अंतरराष्ट्रीय संबंध यानी राज्य एक-दूसरे से कैसे निपटते हैं। तीस वर्षीय युद्ध (1618 से 1648) वेस्टफ़ालिया की संधि पर खत्म हुआ, जिसने हर राज्य को अपनी ज़मीन का शासक माना। 1700 के दशक में बड़ी ताकतों ने उपनिवेशों के युद्ध लड़े और कमज़ोर पड़ोसी को बाँटा। 1914 से पहले दो गुटों ने एक झगड़े को विश्व युद्ध बना दिया। 1930 के दशक में आक्रमण के आगे झुकना (तुष्टीकरण) विफल रहा। 1945 के बाद दो गुट, संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएँ और साम्राज्यों का अंत दुनिया को ढालते रहे, और आज नई ताकतें और साझा समस्याएँ उसे ढालती हैं।
2. History of Russia: Nicholas I
Domestic policy of Nicholas I · Peoples and religions · Foreign policy and Crimean War · Social thought · Culture of the first half of the 19th century
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3. History of Russia: Alexander II
Great Reforms · Foreign policy
- रूस की विदेश नीति, 1725–1881 – 1725 से 1881 तक रूस की विदेश नीति चार लक्ष्यों के पीछे थी: समुद्र तक पहुँच (बाल्टिक और काला सागर), यूरोप की बड़ी शक्तियों में संतुलन, बाल्कन के ईसाई लोगों का समर्थन, और दूर-दराज़ की सुरक्षित सीमाएँ। मुख्य घटनाएँ: सात वर्षीय युद्ध, कैथरीन II के तुर्की युद्ध, पोलैंड का बँटवारा, अलास्का की बिक्री और 1877–78 का बाल्कन युद्ध।
4. History of Russia: 1880s–1890s
Alexander III · Economy · Culture of the second half of the 19th century · Ethnocultural image of the empire · Public life and social movements
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5. History of Russia: early 20th century
Russia at the turn of the century · Russo-Japanese War · First Russian Revolution · Stolypin reforms · Silver Age
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6. Our region
Local history 19th – early 20th c.
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