Romania Clasa a VIII-a History
अध्याय: 9
1. Introduction
Setting and periods
जल्द आ रहा है
2. Prehistory in the Romanian area
Stone and metal ages
- प्रारंभिक मानव और सभ्यता की शुरुआत – आज के इंसान (होमो सेपियन्स) लगभग 3 लाख साल पहले अफ़्रीका में आए और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैले। इतिहासकार बीते समय को औज़ारों के हिसाब से युगों में बाँटते हैं: पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण, फिर ताँबा, कांसा और लोहा। खेती सीखने पर लोग गाँवों में बस गए, अनाज जमा करने लगे और बर्तन बनाने लगे। कुछ गाँव बढ़कर योजनाबद्ध नगर बने, जैसे सिंधु और घग्गर नदियों के किनारे हड़प्पा के नगर। लगभग उसी समय मेसोपोटामिया, मिस्र और चीन में भी नदी-घाटी सभ्यताएँ बनीं।
3. The Geto-Dacians
Geto-Dacians and Roman conquest
जल्द आ रहा है
4. Romanian ethnogenesis
Formation of the Romanian people
जल्द आ रहा है
5. The Romanian Middle Ages
Medieval states
- मध्यकालीन राज्य: कैसे बने, बँटे और फिर जुड़े – लगभग 900 से 1600 ई. के बीच यूरोप के कई राज्य एक जैसे ढंग से बने। एक शासक वंश ने कबीलों को जोड़ा, ईसाई धर्म अपनाया और शाही मुकुट पाया। ज़मीन वारिसों में बाँटने से अक्सर विखंडन हुआ; बाद में ताक़तवर राजा ने ज़मीन फिर जोड़ी और किले, नगर व कानून बनाए। राज्य शादी से भी जुड़े (व्यक्तिगत और वास्तविक संघ), और संसद के ज़रिए सामंतों की ताक़त बढ़ी।
6. Early modernity
Early modern Romanian lands
- ज्ञानोदय (प्रबोधन युग) – ज्ञानोदय (लगभग 1680–1800) यूरोप का एक आंदोलन था जिसने कहा कि दुनिया को समझने और समाज चलाने में सिर्फ़ परंपरा नहीं, तर्क और सबूत काम में लाओ। यह वैज्ञानिक क्रांति से निकला। लॉक, मॉन्टेस्क्यू, वॉल्टेयर, रूसो, कांट और मैरी वॉल्स्टनक्राफ़्ट जैसे विचारकों ने प्राकृतिक अधिकार, शक्तियों का बँटवारा, बोलने और धर्म की आज़ादी और जनता की सहमति से सरकार की बात की। विचार किताबों, अख़बारों, सैलूनों और विश्वकोश से फैले। कुछ राजाओं ने सुधार किए (प्रबुद्ध निरंकुशता); इन विचारों ने अमेरिकी (1776) और फ़्रांसीसी (1789) क्रांति और बाद में भारत समेत दुनिया भर के सुधारकों को प्रेरणा दी।
7. Romanian world to mid-19th century
Between East and West
जल्द आ रहा है
8. Modern Romania
Building the modern state
- यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय – 1789 से पहले यूरोप कई छोटे राज्यों में बँटा था और लोग राजा के वफ़ादार थे। फ़्रांसीसी क्रांति ने कहा कि सत्ता जनता की है और जनता मिलकर एक राष्ट्र है। नेपोलियन ने बराबरी वाले कानून फैलाए। 1815 में राजा लौटे, पर उदारवादी, लेखक और भूखे आम लोग 1830 और 1848 में उठ खड़े हुए। कई छोटे राज्य जोड़कर इटली (1861) और जर्मनी (1871) बने। राष्ट्र को मारियान और जर्मेनिया जैसी स्त्री-आकृतियों से दिखाया गया। 1914 तक राष्ट्रवाद साम्राज्यवाद से जुड़ गया और बाल्कन का तनाव पहले विश्व युद्ध तक ले गया।
9. Romania in the 20th–21st centuries
World War I and the Great Union · Interwar Romania · World War II · Communist Romania · Democracy and integration
- प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918): कारण, घटनाक्रम और परिणाम – प्रथम विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक मित्र राष्ट्रों (फ़्रांस, ब्रिटेन, रूस, बाद में इटली, अमेरिका आदि) और केंद्रीय शक्तियों (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, ऑटोमन साम्राज्य और बुल्गारिया) के बीच लड़ा गया। चार दीर्घकालिक कारणों ने तनाव बढ़ाया: सैन्यवाद, गठबंधन, साम्राज्यवाद और राष्ट्रवाद (MAIN)। चिंगारी थी 28 जून 1914 को साराजेवो में आर्चड्यूक फ़्रांज़ फ़र्डिनेंड की हत्या। पश्चिमी मोर्चे पर युद्ध खाइयों का गतिरोध बन गया; नए हथियारों ने इसे बहुत घातक बनाया। यह संपूर्ण युद्ध था: पूरी अर्थव्यवस्था, महिला कामगार और उपनिवेश लगाए गए, जिनमें लगभग 13 लाख भारतीय भी थे। 1917 की क्रांति के बाद रूस बाहर हुआ, अमेरिका 1917 में आया, और 11 नवंबर 1918 के युद्धविराम से लड़ाई रुकी। 1919–1920 की शांति संधियों, जिनमें वर्साय भी है, ने यूरोप को नया रूप दिया, चार साम्राज्य ख़त्म किए, राष्ट्र संघ बनाया और ऐसा ग़ुस्सा छोड़ा जिसने दूसरे विश्व युद्ध का रास्ता बनाया।
- दो विश्व युद्धों के बीच का काल (1918–1939) – प्रथम विश्व युद्ध के अंत (1918) से द्वितीय के आरंभ (1939) तक चार साम्राज्य टूटे और मध्य-पूर्वी यूरोप में कई नए राज्य बने। वर्साय-वॉशिंगटन शांति व्यवस्था और राष्ट्र संघ ने व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की। 1920 के दशक की शुरुआती अशांति के बाद थोड़ी स्थिरता आई, पर 1929 के शेयर बाज़ार पतन से महामंदी शुरू हुई। भारी बेरोज़गारी ने लोकतंत्रों को कमज़ोर किया; ज़्यादातर नए राज्य सत्तावादी बने, जबकि फ़ासीवादी इटली, नाज़ी जर्मनी और स्टालिन का सोवियत संघ सर्वसत्तावादी बने। सरकारें अर्थव्यवस्था सँभालने लगीं, राष्ट्र संघ आक्रमण नहीं रोक सका, और स्पेनी गृहयुद्ध व तुष्टीकरण 1939 के युद्ध तक ले गए।
- होलोकॉस्ट – होलोकॉस्ट (हिब्रू में शोआ) 1933 से 1945 के बीच नाज़ी जर्मनी और उसके साथियों-मददगारों द्वारा यूरोप के लगभग 60 लाख यहूदियों का योजनाबद्ध, राज्य द्वारा संगठित उत्पीड़न और जनसंहार था। यह पुराने यहूदी-विरोध (antisemitism) और नाज़ी नस्लवादी विचारधारा से पैदा हुआ। यह क़दम-दर-क़दम बढ़ा: बहिष्कार और क़ानून (1933–38), घेटो और सामूहिक गोलीबारी (1939–41), और मृत्यु शिविर (1942–45)। रोमा और सिंती, विकलांग लोग, पोलिश और सोवियत नागरिक, सोवियत युद्धबंदी और दूसरे लोग भी सताए और मारे गए। यहूदियों ने कई तरह से प्रतिरोध किया, कुछ लोगों ने जान जोखिम में डालकर उन्हें बचाया, जबकि बहुत से चुप रहे। युद्ध के बाद मुक़दमे, 1948 का जनसंहार अभिसमय और स्मृति के प्रयास हुए, ताकि ऐसा अपराध फिर न हो।
- शीत युद्ध (1945–1991) – शीत युद्ध (1945–1991) दो महाशक्तियों के बीच लंबी होड़ थी: पश्चिमी साथियों के साथ अमेरिका (पूँजीवाद, बहुदलीय चुनाव) और पूर्वी साथियों के साथ सोवियत संघ (साम्यवाद, एक दल का शासन)। दोनों आपस में सीधे कभी नहीं लड़े। उन्होंने विरोधी गुट बनाए (नाटो, वारसा संधि), परमाणु हथियार और अंतरिक्ष की होड़ की, छद्म युद्धों में उलटे पक्षों का साथ दिया (कोरिया, वियतनाम, अफ़ग़ानिस्तान) और 1962 में क्यूबा में परमाणु युद्ध के करीब पहुँचे। भारत जैसे कई नए देश गुटनिरपेक्ष रहे। 1970 के दशक में तनाव-शैथिल्य आया। सोवियत सुधार, बर्लिन दीवार का गिरना (1989) और सोवियत संघ का विघटन (1991) इसका अंत बने।