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बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ: पुनर्जागरण, धर्म-सुधार और विज्ञान

14वीं से 17वीं सदी में इटली के व्यापारी शहरों से यूनानी-रोमन ज्ञान में नई रुचि जगी, जिसे मानवतावाद कहते हैं। कलाकारों ने परिप्रेक्ष्य और शरीर-रचना के अध्ययन से असली जैसे चित्र बनाए; वास्तुकारों ने बड़े गुंबद बनाए। छपाई ने विचार फैलाए। कुछ पढ़ी-लिखी महिलाओं ने लिखा और शासन किया। 1517 में लूथर के विरोध से पश्चिमी चर्च कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट में बँटा, और कैथोलिक चर्च ने भी सुधार किए। कोपरनिकस, गैलीलियो और न्यूटन ने ब्रह्मांड की समझ बदली, और नाविकों ने अमेरिका और भारत के समुद्री रास्ते खोजे।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. इटली के तीन शहर उठते हैं: फ़्लोरेंस, वेनिस और रोम। जहाज़ माल लाते-ले जाते हैं। व्यापार से ये शहर अमीर हुए, और अमीर नागरिकों ने किताबों, कला और इमारतों पर पैसा लगाया।
  2. मानवतावाद का मतलब है यूनानी और रोमन लेखकों को पढ़ना और धरती पर इंसान के जीवन की परवाह करना। छापाख़ाना देखो: एक किताब 12 किताबें बन जाती है। छपी किताबों से नए विचार तेज़ी से फैले।
  3. कला में यथार्थवाद। फ़र्श की सारी रेखाएँ एक लाल बिंदु पर मिलती हैं, इसे लोप बिंदु कहते हैं। यह परिप्रेक्ष्य है: इससे सपाट चित्र गहरा और असली लगता है। दाईं ओर बड़ा गुंबद भी देखो।
  4. 1517 में मार्टिन लूथर ने चर्च की ग़लत प्रथाओं पर सवाल उठाए। देखो एक चर्च दो में बँटता है: कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट। फिर कैथोलिक चर्च ने ख़ुद सुधार किए; 1540 में जेसुइट संघ बना।
  5. आकाश के दो मॉडल। बाएँ पुराना विचार: पृथ्वी बीच में और सूर्य उसके चारों ओर घूमता है। दाएँ 1543 में कोपरनिकस: सूर्य बीच में और पृथ्वी उसके चारों ओर घूमती है।
  6. अब तुम्हारी बारी। साल का स्लाइडर 1480 से 1525 तक चलाओ। हर समुद्री यात्रा होने पर सादे ग्लोब पर रंगीन रास्ता दिखेगा। 1500 तक कितनी यात्राएँ?

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

इटली के शहर ही पहले क्यों?

वे समुद्री व्यापार से अमीर थे और उनके व्यापारी कला और किताबों पर पैसा लगाते थे। जहाज़ चलते और शहर बढ़ते देखो।

क्या मानवतावाद धर्म के ख़िलाफ़ था?

नहीं; इसने इंसान के जीवन, मेहनत और यूनानी-रोमन ज्ञान पर ध्यान जोड़ा। छपाई ने ये किताबें तेज़ी से फैलाईं।

परिप्रेक्ष्य कैसे काम करता है?

तुमसे दूर जाती रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती बनाई जाती हैं, तो चित्र गहरा लगता है। काली रेखाओं को लाल बिंदु तक देखो।

क्या धर्म-सुधार के बाद कैथोलिक चर्च ख़त्म हो गया?

नहीं। चर्च दो समूहों में बँटा; कैथोलिक हिस्सा बचा रहा और उसने सुधार किए। दोनों हिस्से खड़े देखो।

सूर्य-केंद्र का विचार चौंकाने वाला क्यों था?

चर्च सिखाता था कि पृथ्वी ईश्वर की सृष्टि का स्थिर केंद्र है। दोनों मॉडल साथ-साथ मिलाओ।

क्या खोजकर्ताओं को सीमाओं वाले नक़्शे चाहिए थे?

वे कंपास और नए समुद्री चार्ट इस्तेमाल करते थे। हमारा ग्लोब सादा है, बिना सीमाओं के; रास्ते देखने के लिए स्लाइडर चलाओ।

इटली ही क्यों? इटली के शहर

पश्चिमी रोमन साम्राज्य के पतन के बाद इटली के शहर छोटे हो गए थे। 12वीं सदी से वे फिर बढ़े, क्योंकि यूरोप, बाइज़ेंटाइन साम्राज्य और इस्लामी देशों के बीच का व्यापार उन्हीं से होकर गुज़रता था। वेनिस और जेनोआ अमीर बंदरगाह गणराज्य थे, फ़्लोरेंस बैंकिंग और ऊन का केंद्र था, और रोम पोप का शहर था। वेनिस जैसे शहरों में अमीर व्यापारी और बैंकर शासन में हिस्सा लेते थे, और लोग ख़ुद को नागरिक समझने लगे। पादुआ और बोलोन्या के विश्वविद्यालयों में क़ानून और चिकित्सा पढ़ाई जाती थी।

फ़्रांसीसी शब्द रेनेसां का अर्थ है पुनर्जन्म। 19वीं सदी में इतिहासकार याकोब बर्कहार्ट ने इस समय के लिए इसे प्रसिद्ध किया।

मानवतावाद और इतिहास लिखने का नया ढंग

मानवतावाद एक नई तरह की पढ़ाई थी। मानवतावादियों ने यूनानी और रोमन ग्रंथ फिर से पढ़े और व्याकरण, अलंकार-शास्त्र, कविता, इतिहास और नीति-दर्शन पढ़ाया (इन्हें मानविकी कहते हैं)। पेट्रार्क (1304–78) शुरुआती मानवतावादी थे। उनका मानना था कि इंसान मेहनत और पढ़ाई से अपना जीवन बना सकता है, सिर्फ़ जन्म से नहीं। कई यूनानी ग्रंथ इब्न सीना और इब्न रुश्द जैसे अरब विद्वानों ने बचाए और समझाए थे, जिनकी रचनाएँ यूरोप पहुँचीं।

मानवतावादियों ने इतिहास को प्राचीन, मध्य युग और नए ज्ञान के आधुनिक युग में बाँटा। छापाख़ाने (गुटेनबर्ग, 1455) से किताबें सस्ती हुईं और विचार तेज़ी से फैले। फ़्लोरेंस के मेदिची परिवार जैसे अमीर संरक्षकों ने विद्वानों और कलाकारों की मदद की।

कला और वास्तुकला में यथार्थवाद

कलाकार दुनिया को वैसा दिखाना चाहते थे जैसा आँख देखती है: यह यथार्थवाद है। उन्होंने परिप्रेक्ष्य (रेखाएँ एक लोप बिंदु पर मिलें), रोशनी-छाया और तैल रंग का प्रयोग किया। शरीर सही बनाने के लिए शरीर-रचना पढ़ी। लियोनार्डो दा विंची ने चित्र बनाए और पौधों, मशीनों और उड़ने का भी अध्ययन किया। माइकल एंजेलो ने सिस्टीन चैपल की छत रँगी और मूर्तियाँ गढ़ीं। जर्मनी में ड्यूरर ने बारीक छापे बनाए।

वास्तुकारों ने रोमन मेहराब, स्तंभ और गुंबद अपनाए। ब्रुनेलेशी ने फ़्लोरेंस के बड़े गिरजाघर का गुंबद बनाया। रोम का सेंट पीटर गिरजाघर इसी शैली में फिर बना, जिसे शास्त्रीय शैली कहते हैं। कलाकार अब अपने काम पर नाम लिखते और व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध होते थे।

महिलाओं की आकांक्षाएँ

ज़्यादातर नए विचार सिर्फ़ ऊँचे वर्ग के पुरुषों तक पहुँचे। सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की आवाज़ कम थी; उनका दहेज परिवार के व्यापार में लगता था। फिर भी कुछ पढ़ी-लिखी महिलाएँ आगे आईं। वेनिस की कसांद्रा फ़ेदेले ने लिखा कि महिलाओं को भी मानवतावादी शिक्षा मिलनी चाहिए। इसाबेला दे एस्ते ने पति की ग़ैरमौजूदगी में मंटुआ राज्य चलाया और दरबार को ज्ञान का केंद्र बनाया। ऐसी महिलाओं ने कहा कि व्यक्ति क्या कर सकता है, यह योग्यता तय करे, लिंग नहीं।

धर्म-सुधार और कैथोलिक चर्च का जवाब

कई ईसाई इस बात से नाराज़ थे कि चर्च बहुत अमीर था और पाप-मुक्ति पत्र (इंडल्जेंस) बेचता था, जिनसे पापों की सज़ा से छुटकारे का दावा किया जाता था। इरास्मस और टॉमस मोर जैसे मानवतावादियों ने इसकी आलोचना की। 1517 में जर्मन भिक्षु मार्टिन लूथर ने इसके ख़िलाफ़ 95 बातें (थीसिस) लिखीं और कहा कि ईश्वर तक पहुँचने के लिए सिर्फ़ आस्था काफ़ी है। छपाई से उनके विचार फैले। इस प्रोटेस्टेंट धर्म-सुधार से नए चर्च बने: जर्मनी में लूथरवादी, स्विट्ज़रलैंड में ज़्विंगली और काल्विन के, और इंग्लैंड में राजा चर्च का प्रमुख बना। ऐनाबैप्टिस्ट और आगे गए और सामाजिक बराबरी माँगी; लूथर ने 1525 के किसान विद्रोह का विरोध किया।

कैथोलिक चर्च ने भी बदलाव किए: पाप-मुक्ति पत्रों की बिक्री रोकी, शिक्षा और सादे जीवन पर ज़ोर दिया, और इग्नेशियस लोयोला ने 1540 में सोसाइटी ऑफ़ जीसस (जेसुइट) बनाई, जो ग़रीबों की सेवा और धर्म-प्रचार करती थी।

वैज्ञानिक क्रांति

ईसाई मानते थे कि पृथ्वी ब्रह्मांड के बीच में स्थिर है। कोपरनिकस (1473–1543) ने कहा कि पृथ्वी समेत सारे ग्रह सूर्य के चारों ओर घूमते हैं। केप्लर ने दिखाया कि ग्रह वृत्त में नहीं, दीर्घवृत्त में घूमते हैं। गैलीलियो ने दूरबीन से देखा और सूर्य-केंद्रित व्यवस्था का समर्थन किया; चर्च ने उन पर मुक़दमा चलाया। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण समझाया (1687)। वैज्ञानिक अब अवलोकन और प्रयोग पर भरोसा करने लगे। लंदन की रॉयल सोसाइटी (1662) जैसी वैज्ञानिक संस्थाएँ बनीं।

खोज-यात्राओं का युग

यूरोपवासी सोना, मसाले और ईसाई धर्म का प्रसार चाहते थे। कुतुबनुमा (कंपास), बेहतर जहाज़ और नए नक़्शों ने मदद की। पुर्तगाल ने अफ़्रीका के चारों ओर जहाज़ भेजे: बार्थोलोम्यू डियास 1488 में दक्षिणी सिरे तक और वास्को द गामा 1498 में कालीकट पहुँचा। स्पेन की ओर से कोलंबस ने 1492 में अटलांटिक पार किया और अमेरिका के द्वीपों तक पहुँचा। मैगलन के बेड़े के एक जहाज़ ने पूरी दुनिया का चक्कर लगाया (1519–22)। इन यात्राओं से यूरोप में धन आया, पर अमेरिका और अफ़्रीका के लोगों के लिए विजय, बीमारियाँ और ग़ुलामी आई।

करके देखो: परिप्रेक्ष्य से चित्र बनाओ

काग़ज़ के बीच में एक बिंदु लगाओ (लोप बिंदु)। नीचे के दोनों कोनों से उस बिंदु तक दो रेखाएँ खींचो, यह सड़क है। किनारे पेड़ बनाओ जो बिंदु के पास जाते-जाते छोटे हों। सपाट काग़ज़ अब गहरा दिखेगा। 3D के तीसरे चरण से मिलाओ।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. पुनर्जागरण इटली में ही क्यों शुरू हुआ?

इटली के शहर यूरोप, बाइज़ेंटियम और इस्लामी दुनिया के व्यापार से अमीर थे; व्यापारी और बैंकर कला और ज्ञान पर पैसा लगाते थे; रोमन खंडहर और पुराने ग्रंथ पास थे; और पादुआ, बोलोन्या जैसे विश्वविद्यालय पहले से क़ानून और चिकित्सा पढ़ाते थे।

2. छपाई ने धर्म-सुधार की मदद कैसे की?

लूथर के लेख जर्मन भाषा में हज़ारों प्रतियों में छपे, तो आम लोग उनके विचार जल्दी पढ़ सके, एक शहर से बहुत दूर तक।

3. कोपरनिकस का मॉडल पुराने मॉडल से कैसे अलग है?

पुराना: पृथ्वी बीच में, सूर्य और ग्रह उसके चारों ओर। कोपरनिकस: सूर्य बीच में, पृथ्वी और ग्रह सूर्य के चारों ओर।

4. पुनर्जागरण की एक महिला का नाम और उसका काम बताओ।

इसाबेला दे एस्ते ने पति के न रहने पर मंटुआ राज्य चलाया और दरबार को कला और ज्ञान का केंद्र बनाया।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. रेनेसां (पुनर्जागरण) का अर्थ है:
2. 1517 में पाप-मुक्ति पत्रों के ख़िलाफ़ 95 थीसिस किसने लिखीं?
3. सोसाइटी ऑफ़ जीसस (जेसुइट) किसका हिस्सा थी?
4. किसने कहा कि पृथ्वी नहीं, सूर्य बीच में है?
5. बैंकिंग और मेदिची परिवार के लिए कौन-सा शहर प्रसिद्ध था?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 11 इतिहास में बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ क्या है?

यह यूरोप के पुनर्जागरण (लगभग 14वीं–17वीं सदी) का अध्याय है: मानवतावाद, कला में यथार्थवाद, महिलाओं की भूमिका, धर्म-सुधार, वैज्ञानिक क्रांति और नई समुद्री यात्राएँ।

मानवतावाद क्या है?

यूनानी और रोमन ग्रंथों पर आधारित पढ़ाई और यह विश्वास कि इंसान पढ़ाई और मेहनत से अपना जीवन बेहतर बना सकता है।

प्रोटेस्टेंट धर्म-सुधार क्या था?

1517 में मार्टिन लूथर का शुरू किया आंदोलन, जो कैथोलिक चर्च की प्रथाओं के ख़िलाफ़ था और जिससे नए प्रोटेस्टेंट चर्च बने।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

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