Netherlands VWO 5 History
अध्याय: 3
1. Eras 5-7: early modern period
Era 5: Discoverers and reformers (1500-1600) · Era 6: Regents and monarchs (1600-1700) · Era 7: Wigs and revolutions (1700-1800)
- बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ: पुनर्जागरण, धर्म-सुधार और विज्ञान – 14वीं से 17वीं सदी में इटली के व्यापारी शहरों से यूनानी-रोमन ज्ञान में नई रुचि जगी, जिसे मानवतावाद कहते हैं। कलाकारों ने परिप्रेक्ष्य और शरीर-रचना के अध्ययन से असली जैसे चित्र बनाए; वास्तुकारों ने बड़े गुंबद बनाए। छपाई ने विचार फैलाए। कुछ पढ़ी-लिखी महिलाओं ने लिखा और शासन किया। 1517 में लूथर के विरोध से पश्चिमी चर्च कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट में बँटा, और कैथोलिक चर्च ने भी सुधार किए। कोपरनिकस, गैलीलियो और न्यूटन ने ब्रह्मांड की समझ बदली, और नाविकों ने अमेरिका और भारत के समुद्री रास्ते खोजे।
- निरंकुशतावाद: जब सारी ताक़त एक राजा के हाथ में थी – निरंकुशतावाद (लगभग 1600–1789) शासन का ऐसा तरीका था जिसमें लगभग सारी ताक़त एक राजा या रानी के पास होती थी। वही कानून बनाता, वही लागू करता और वही सबसे बड़ा न्यायाधीश होता। राजा कहते थे कि उनकी ताक़त ईश्वर से मिली है (दैवी अधिकार), इसलिए कोई सवाल नहीं कर सकता। देश को काबू में रखने के लिए उन्होंने स्थायी सेना बनाई, वेतन वाले अफ़सर रखे, हर जगह कर वसूले और बड़े कुलीनों को दरबार में उलझाए रखा। फ़्रांस का लुई चौदहवाँ ('सूर्य राजा') और उसका वर्साय महल सबसे बड़ा उदाहरण है। रूस का पीटर महान और ऑस्ट्रिया-स्पेन के हैब्सबर्ग भी ऐसे ही शासक थे। ये राजा अक्सर वाणिज्यवाद अपनाते थे: बाहर ज़्यादा बेचो, कम खरीदो, ताकि सोना देश में आए। इंग्लैंड और डच गणराज्य में संसद और व्यापारियों ने राजा की ताक़त सीमित की, और 1689 के बाद इंग्लैंड संवैधानिक राजतंत्र बना। प्रबोधन (एनलाइटनमेंट) के विचारों और 1789 की फ़्रांसीसी क्रांति ने निरंकुशतावाद को कमज़ोर कर दिया।
- ज्ञानोदय (प्रबोधन युग) – ज्ञानोदय (लगभग 1680–1800) यूरोप का एक आंदोलन था जिसने कहा कि दुनिया को समझने और समाज चलाने में सिर्फ़ परंपरा नहीं, तर्क और सबूत काम में लाओ। यह वैज्ञानिक क्रांति से निकला। लॉक, मॉन्टेस्क्यू, वॉल्टेयर, रूसो, कांट और मैरी वॉल्स्टनक्राफ़्ट जैसे विचारकों ने प्राकृतिक अधिकार, शक्तियों का बँटवारा, बोलने और धर्म की आज़ादी और जनता की सहमति से सरकार की बात की। विचार किताबों, अख़बारों, सैलूनों और विश्वकोश से फैले। कुछ राजाओं ने सुधार किए (प्रबुद्ध निरंकुशता); इन विचारों ने अमेरिकी (1776) और फ़्रांसीसी (1789) क्रांति और बाद में भारत समेत दुनिया भर के सुधारकों को प्रेरणा दी।
2. Historical context: Enlightenment 1650-1900
Enlightenment ideas on a fairer society (1650-1789) · Enlightenment in practice: American and French revolutions (1776-1813) · Enlightenment and political culture in Europe (1813-1900)
- ज्ञानोदय (प्रबोधन युग) – ज्ञानोदय (लगभग 1680–1800) यूरोप का एक आंदोलन था जिसने कहा कि दुनिया को समझने और समाज चलाने में सिर्फ़ परंपरा नहीं, तर्क और सबूत काम में लाओ। यह वैज्ञानिक क्रांति से निकला। लॉक, मॉन्टेस्क्यू, वॉल्टेयर, रूसो, कांट और मैरी वॉल्स्टनक्राफ़्ट जैसे विचारकों ने प्राकृतिक अधिकार, शक्तियों का बँटवारा, बोलने और धर्म की आज़ादी और जनता की सहमति से सरकार की बात की। विचार किताबों, अख़बारों, सैलूनों और विश्वकोश से फैले। कुछ राजाओं ने सुधार किए (प्रबुद्ध निरंकुशता); इन विचारों ने अमेरिकी (1776) और फ़्रांसीसी (1789) क्रांति और बाद में भारत समेत दुनिया भर के सुधारकों को प्रेरणा दी।
- क्रांतियों का युग (लगभग 1770–1850) – लगभग 1770 से 1850 के बीच अमेरिका और यूरोप में लोगों ने राजाओं, औपनिवेशिक शासकों और पुराने विशेषाधिकारों को उखाड़ा या चुनौती दी। स्वतंत्रता, समानता और अधिकारों के नए विचार असली मुश्किलों से मिले: अन्यायपूर्ण कर, कर्ज़, भूख और दासता। अमेरिकी क्रांति (1776) ने लिखित संविधान वाला गणराज्य बनाया। फ़्रांसीसी क्रांति (1789) ने सामंती विशेषाधिकार ख़त्म किए और नागरिकों के अधिकार घोषित किए। लहर हैती, लैटिन अमेरिका और 1848 में यूरोप तक फैली। 1815 में वियना में राजाओं ने पलटवार किया, पर नागरिकता, संविधान और राष्ट्र के विचार बने रहे।
- राजनीतिक विचारधारा: राजनीति के बड़े सवालों के अलग-अलग जवाब – राजनीतिक विचारधारा लोगों, समाज और राज्य के बारे में जुड़े हुए विचारों का सेट है, साथ में समाज को बनाए रखने या बदलने की योजना। हम राजनीतिक विचार राजनीतिक समाजीकरण से सीखते हैं (परिवार, स्कूल, दोस्त, मीडिया, घटनाएँ)। “वाम” और “दक्षिण” शब्द 1789 की फ़्रांसीसी सभा में बैठने की जगह से आए। मुख्य विचारधाराएँ हैं उदारवाद (व्यक्ति की आज़ादी और अधिकार), रूढ़िवाद (परंपरा, व्यवस्था, धीमा बदलाव) और समाजवाद (समानता, साझा धन)। इनके अलावा नारीवाद, पर्यावरणवाद, अराजकतावाद, बहुसंस्कृतिवाद और राष्ट्रवाद। दो धुरियों वाला मॉडल (अर्थव्यवस्था और आज़ादी-सत्ता) एक रेखा से बेहतर तस्वीर देता है। विचारधाराएँ दलों के घोषणापत्र और नीतियाँ तय करती हैं, और जनमत सर्वेक्षण से इन्हें नापा जाता है।
3. Rule of law, democracy and themes
History of the rule of law and parliamentary democracy · Themes (chosen by the school)
- संसदीय लोकतंत्र – संसदीय लोकतंत्र में नागरिक संसद के सदस्य (सांसद) चुनते हैं। जिस दल या गठबंधन के पास बहुमत हो, वह सरकार बनाता है; उसका नेता प्रधानमंत्री बनता है और संसद में से मंत्रिमंडल चुनता है। सरकार तभी तक रहती है जब तक उसे संसद का विश्वास हासिल है। राष्ट्र प्रमुख (राजा या राष्ट्रपति) की भूमिका ज़्यादातर औपचारिक होती है, न्यायालय स्वतंत्र होते हैं और सब कानून के शासन के अधीन हैं। यह प्रणाली इंग्लैंड में सदियों में बनी (1215, 1689, मंत्रिमंडल का उदय, सबको वोट) और भारत, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि ने इसे अपनाया।
- ऐतिहासिक चिंतन: इतिहासकार कैसे काम करते हैं – इतिहास साक्ष्य के सहारे अतीत का अध्ययन है। घटनाओं को समय-रेखा पर क्रम से रखिए और उनके संदर्भ में पढ़िए। प्राथमिक स्रोत (उसी समय बने) और द्वितीयक स्रोत (बाद में बने) दोनों का उपयोग कीजिए। हर स्रोत को परखिए: किसने, कब, क्यों बनाया और क्या छूट गया। घटनाओं के कई कारण होते हैं: धीमे दीर्घकालिक कारण और एक तात्कालिक कारण। परिवर्तन और निरंतरता दोनों देखिए, महत्व तय कीजिए और साक्ष्य के साथ तर्क दीजिए।