Ukraine 8 клас World History
अध्याय: 8
1. Introduction: the early modern period
Early modern era
- काल विभाजन: इतिहासकार समय को कालों में कैसे बाँटते हैं – काल विभाजन का मतलब है समय की लंबी रेखा को नाम वाले कालों में काटना, ताकि पढ़ना आसान हो। वर्ष 1 से पहले के वर्ष ई.पू. (ईसा पूर्व) और बाद के ई. (ईसवी) गिने जाते हैं, और 100-100 वर्ष की शताब्दियों में बँटते हैं। एक आम ढाँचे में चार बड़े काल हैं: प्राचीन काल, मध्यकाल, प्रारंभिक आधुनिक काल और आधुनिक/समकालीन काल, जिन्हें 476, 1453 या 1492, और 1789 जैसे मोड़ अलग करते हैं। राजवंश, तकनीकी युग या क्षेत्रीय ढाँचे भी काम आते हैं। काल इतिहासकारों के चुने औज़ार हैं, प्रकृति के तथ्य नहीं।
2. Great geographical discoveries; rise of capitalism
Discoveries and encounter of civilisations · Emergence of capitalist relations
- खोज का युग (लगभग 1400–1600) – लगभग 1400 से 1600 के बीच पुर्तगाल और स्पेन के नाविकों ने, और बाद में दूसरे यूरोपीय देशों ने, दुनिया के महासागरों में नए समुद्री रास्ते खोले। वे बिचौलियों के बिना मसाले और सोना चाहते थे, ईसाई धर्म फैलाना चाहते थे और नाम कमाना चाहते थे। कैरवेल जहाज़, कुतुबनुमा, एस्ट्रोलैब और बेहतर नक्शों ने लंबी यात्राएँ मुमकिन कीं। डियास अफ़्रीका के दक्षिणी सिरे तक पहुँचा (1488), कोलंबस अमेरिका पहुँचा (1492), वास्को द गामा भारत पहुँचा (1498) और मैगलन के बेड़े ने दुनिया का चक्कर लगाया (1519–22)। इससे पहले चीन के झेंग हे के बड़े बेड़े अफ़्रीका तक गए थे (1405–33)। इन यात्राओं ने पहली बार पूरी दुनिया को जोड़ा। यूरोप को व्यापार, नई फ़सलें और धन मिला, पर दूसरों को जीत लिया जाना, जानलेवा बीमारियाँ और अटलांटिक दास व्यापार झेलना पड़ा।
3. World of ideas: Renaissance, Reformation, Baroque
Humanism and High Renaissance · Reformation and Counter-Reformation · Baroque culture
- बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ: पुनर्जागरण, धर्म-सुधार और विज्ञान – 14वीं से 17वीं सदी में इटली के व्यापारी शहरों से यूनानी-रोमन ज्ञान में नई रुचि जगी, जिसे मानवतावाद कहते हैं। कलाकारों ने परिप्रेक्ष्य और शरीर-रचना के अध्ययन से असली जैसे चित्र बनाए; वास्तुकारों ने बड़े गुंबद बनाए। छपाई ने विचार फैलाए। कुछ पढ़ी-लिखी महिलाओं ने लिखा और शासन किया। 1517 में लूथर के विरोध से पश्चिमी चर्च कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट में बँटा, और कैथोलिक चर्च ने भी सुधार किए। कोपरनिकस, गैलीलियो और न्यूटन ने ब्रह्मांड की समझ बदली, और नाविकों ने अमेरिका और भारत के समुद्री रास्ते खोजे।
- धर्मसुधार आंदोलन और कैथोलिक सुधार: कारण और प्रभाव – 1500 के दशक में पश्चिमी यूरोप का एक ईसाई चर्च बँट गया। लोग माफ़ीनामे बेचने और भ्रष्टाचार से नाराज़ थे, छापाख़ाने ने नए विचार तेज़ी से फैलाए और राजा ज़्यादा ताक़त चाहते थे। लूथर (1517), काल्विन और इंग्लैंड के राजा ने प्रोटेस्टेंट चर्च बनाए। कैथोलिक चर्च ने अपना सुधार किया। युद्धों के बाद संधियों ने शांति लाई।
- बरोक: गति में कला (लगभग 1600–1750) – बरोक लगभग 1600 से 1750 तक की यूरोपीय शैली है, जो चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला, संगीत और साहित्य में दिखती है। यह धर्मसुधार (Reformation) के बाद रोम में पनपी, जब कैथोलिक चर्च और राजा लोगों को भावुक और प्रभावित करने के लिए कला का उपयोग करते थे। इसकी पहचान है गति, विरोध और भावना: तिरछी रेखाएँ, नाटकीय रोशनी (कियारोस्कूरो और टेनेब्रिज़्म), घुमावदार दीवारें और गुंबद, सोना और भ्रम वाली छतें, बासो कोंतिनुओ और गुँथे हुए स्वरों वाला संगीत, और विरोधाभास, चौंकाने वाले रूपकों और बीतते समय से भरा लेखन। मुख्य नाम: कारावाज्जो, बेर्निनी, रूबेन्स, रेम्ब्रांट, वेलाज़्केज़, बोर्रोमिनी, मोंतेवेर्दी, विवाल्दी, बाख़, हैंडल, गोंगोरा, डन। क्लासिकवाद ने इसका उत्तर व्यवस्था, तर्क और शांति से दिया।
4. Western and Central Europe, 16th–18th c.
Absolutism and the Habsburgs · England in the 16th–18th c. · Polish-Lithuanian Commonwealth · Thirty Years' War
- निरंकुशतावाद: जब सारी ताक़त एक राजा के हाथ में थी – निरंकुशतावाद (लगभग 1600–1789) शासन का ऐसा तरीका था जिसमें लगभग सारी ताक़त एक राजा या रानी के पास होती थी। वही कानून बनाता, वही लागू करता और वही सबसे बड़ा न्यायाधीश होता। राजा कहते थे कि उनकी ताक़त ईश्वर से मिली है (दैवी अधिकार), इसलिए कोई सवाल नहीं कर सकता। देश को काबू में रखने के लिए उन्होंने स्थायी सेना बनाई, वेतन वाले अफ़सर रखे, हर जगह कर वसूले और बड़े कुलीनों को दरबार में उलझाए रखा। फ़्रांस का लुई चौदहवाँ ('सूर्य राजा') और उसका वर्साय महल सबसे बड़ा उदाहरण है। रूस का पीटर महान और ऑस्ट्रिया-स्पेन के हैब्सबर्ग भी ऐसे ही शासक थे। ये राजा अक्सर वाणिज्यवाद अपनाते थे: बाहर ज़्यादा बेचो, कम खरीदो, ताकि सोना देश में आए। इंग्लैंड और डच गणराज्य में संसद और व्यापारियों ने राजा की ताक़त सीमित की, और 1689 के बाद इंग्लैंड संवैधानिक राजतंत्र बना। प्रबोधन (एनलाइटनमेंट) के विचारों और 1789 की फ़्रांसीसी क्रांति ने निरंकुशतावाद को कमज़ोर कर दिया।
- आरंभिक आधुनिक काल: 1450 से 1800 तक दुनिया कैसे बदली – आरंभिक आधुनिक काल लगभग 1450 से 1800 तक है, मध्यकाल और आधुनिक काल के बीच। छपाई ने विचार तेज़ी से फैलाए। समुद्री यात्राओं ने व्यापार और उपनिवेशों से महाद्वीपों को जोड़ा। धर्मसुधार ने पश्चिमी ईसाई धर्म को बाँटा। बड़े साम्राज्य और नए तरह के राज्य बने। वैज्ञानिक क्रांति और ज्ञानोदय ने प्रकृति, शासकों और अधिकारों के बारे में सोच बदल दी।
5. Ottoman Empire and Eastern Europe, 16th–18th c.
Ottoman Empire and Crimean Khanate · Muscovite state and Russian Empire
- आरंभिक आधुनिक काल: 1450 से 1800 तक दुनिया कैसे बदली – आरंभिक आधुनिक काल लगभग 1450 से 1800 तक है, मध्यकाल और आधुनिक काल के बीच। छपाई ने विचार तेज़ी से फैलाए। समुद्री यात्राओं ने व्यापार और उपनिवेशों से महाद्वीपों को जोड़ा। धर्मसुधार ने पश्चिमी ईसाई धर्म को बाँटा। बड़े साम्राज्य और नए तरह के राज्य बने। वैज्ञानिक क्रांति और ज्ञानोदय ने प्रकृति, शासकों और अधिकारों के बारे में सोच बदल दी।
6. Enlightenment and the beginning of modernisation
Industrial revolution · Enlightenment and enlightened absolutism · Formation of the USA
- औद्योगिक क्रांति: कारण, प्रभाव और सुधार (1760–1914) – लगभग 1760 से 1914 के बीच काम घर के हाथ-औज़ारों से हटकर कारख़ानों की मशीनों पर आ गया। पहली लहर (लगभग 1760–1840) ब्रिटेन में कोयला, लोहा, भाप शक्ति और सूती मिलों से शुरू हुई। दूसरी लहर (लगभग 1870–1914) में इस्पात, बिजली, रसायन और तेल आए, और उद्योग पश्चिमी यूरोप, अमेरिका, जापान और रूस तक फैला। शहर तेज़ी से बढ़े; मज़दूरों को लंबे घंटे, बाल श्रम और गंदे घर मिले। मज़दूरों ने संघ बनाए, नए विचारों (उदारवाद, समाजवाद, रूढ़िवाद) में बहस हुई, और सरकारों ने धीरे-धीरे कारख़ाना, स्वास्थ्य और मताधिकार के सुधार किए।
- ज्ञानोदय (प्रबोधन युग) – ज्ञानोदय (लगभग 1680–1800) यूरोप का एक आंदोलन था जिसने कहा कि दुनिया को समझने और समाज चलाने में सिर्फ़ परंपरा नहीं, तर्क और सबूत काम में लाओ। यह वैज्ञानिक क्रांति से निकला। लॉक, मॉन्टेस्क्यू, वॉल्टेयर, रूसो, कांट और मैरी वॉल्स्टनक्राफ़्ट जैसे विचारकों ने प्राकृतिक अधिकार, शक्तियों का बँटवारा, बोलने और धर्म की आज़ादी और जनता की सहमति से सरकार की बात की। विचार किताबों, अख़बारों, सैलूनों और विश्वकोश से फैले। कुछ राजाओं ने सुधार किए (प्रबुद्ध निरंकुशता); इन विचारों ने अमेरिकी (1776) और फ़्रांसीसी (1789) क्रांति और बाद में भारत समेत दुनिया भर के सुधारकों को प्रेरणा दी।
- अमेरिकी क्रांति (1763–1791) – उत्तरी अमेरिका के अटलांटिक तट पर बसे 13 ब्रिटिश उपनिवेश ब्रिटेन से अलग हुए और संयुक्त राज्य अमेरिका बना। सात वर्षीय युद्ध (1756–63) के बाद ब्रिटेन भारी कर्ज़ में था और उसने नियंत्रण कसा: 1763 की घोषणा ने पश्चिम में बसने पर रोक लगाई, और नए कर (शुगर, स्टाम्प, टाउनशेंड, चाय क़ानून) उस संसद ने लगाए जिसमें उपनिवेशों का कोई सदस्य नहीं था। उपनिवेशियों ने "प्रतिनिधित्व नहीं तो कर नहीं" का नारा दिया, बहिष्कार किए, और बोस्टन टी पार्टी हुई। ब्रिटेन ने दमनकारी क़ानून लगाए और 1775 में लेक्सिंगटन और कॉनकॉर्ड में लड़ाई शुरू हुई। प्राकृतिक अधिकार और जनता की सहमति से सरकार जैसे प्रबोधन विचार, और थॉमस पेन की कॉमन सेंस, 4 जुलाई 1776 की स्वतंत्रता की घोषणा तक ले गए। फ़्रांस, स्पेन और डच गणराज्य की मदद से जॉर्ज वॉशिंगटन की सेना साराटोगा और यॉर्कटाउन में जीती, और पेरिस संधि (1783) ने स्वतंत्रता मानी। कमज़ोर परिसंघ के अनुच्छेदों की जगह 1787 का संविधान आया: शक्तियों का बँटवारा, नियंत्रण और संतुलन, संघवाद, और अधिकार पत्र (1791)। क्रांति ने दूसरों को प्रेरित किया, पर अधिकार सीमित रहे: दासता जारी रही, मूल निवासियों ने ज़मीन खोई और महिलाओं को वोट नहीं मिला।
7. Eastern civilisations, 16th–18th c. (overview)
India, China, Japan and Persia
- एशियाई सभ्यताएँ: फ़ारस, भारत, चीन और जापान (1500–1900) – 1500 से 1800 के बीच एशिया की चार भूमियाँ ताक़तवर और धनी थीं: सफ़वी फ़ारस, मुग़ल भारत, मिंग और छिंग चीन, और तोकुगावा जापान। हर एक का अपना धर्म, कला और शासक था। यूरोपीय व्यापारी आए; भारत और फ़ारस खुले रहे, चीन ने एक बंदरगाह दिया और जापान ने दरवाज़े बंद कर लिए। 1800 के अंत में एशिया जागा: जापान मेइजी के अधीन तेज़ी से आधुनिक बना, और फ़ारस, भारत व चीन में सुधार और आज़ादी के आंदोलन शुरू हुए।
8. Conclusion
Summary of the early modern period
- काल विभाजन: इतिहासकार समय को कालों में कैसे बाँटते हैं – काल विभाजन का मतलब है समय की लंबी रेखा को नाम वाले कालों में काटना, ताकि पढ़ना आसान हो। वर्ष 1 से पहले के वर्ष ई.पू. (ईसा पूर्व) और बाद के ई. (ईसवी) गिने जाते हैं, और 100-100 वर्ष की शताब्दियों में बँटते हैं। एक आम ढाँचे में चार बड़े काल हैं: प्राचीन काल, मध्यकाल, प्रारंभिक आधुनिक काल और आधुनिक/समकालीन काल, जिन्हें 476, 1453 या 1492, और 1789 जैसे मोड़ अलग करते हैं। राजवंश, तकनीकी युग या क्षेत्रीय ढाँचे भी काम आते हैं। काल इतिहासकारों के चुने औज़ार हैं, प्रकृति के तथ्य नहीं।