Romania Clasa a IX-a History: World History
अध्याय: 6
1. The historian's laboratory
Time, historical space, concepts; historical sources
- ऐतिहासिक चिंतन: इतिहासकार कैसे काम करते हैं – इतिहास साक्ष्य के सहारे अतीत का अध्ययन है। घटनाओं को समय-रेखा पर क्रम से रखिए और उनके संदर्भ में पढ़िए। प्राथमिक स्रोत (उसी समय बने) और द्वितीयक स्रोत (बाद में बने) दोनों का उपयोग कीजिए। हर स्रोत को परखिए: किसने, कब, क्यों बनाया और क्या छूट गया। घटनाओं के कई कारण होते हैं: धीमे दीर्घकालिक कारण और एक तात्कालिक कारण। परिवर्तन और निरंतरता दोनों देखिए, महत्व तय कीजिए और साक्ष्य के साथ तर्क दीजिए।
2. Dawn of civilisation
Prehistory · Mesopotamia and Ancient Egypt: politics, society, economy · Culture of the Ancient Near East
- प्रारंभिक मानव और सभ्यता की शुरुआत – आज के इंसान (होमो सेपियन्स) लगभग 3 लाख साल पहले अफ़्रीका में आए और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैले। इतिहासकार बीते समय को औज़ारों के हिसाब से युगों में बाँटते हैं: पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण, फिर ताँबा, कांसा और लोहा। खेती सीखने पर लोग गाँवों में बस गए, अनाज जमा करने लगे और बर्तन बनाने लगे। कुछ गाँव बढ़कर योजनाबद्ध नगर बने, जैसे सिंधु और घग्गर नदियों के किनारे हड़प्पा के नगर। लगभग उसी समय मेसोपोटामिया, मिस्र और चीन में भी नदी-घाटी सभ्यताएँ बनीं।
- लेखन कला और शहरी जीवन: तीसरी सहस्राब्दी ई.पू. का मेसोपोटामिया – मेसोपोटामिया, यानी दजला और फ़रात नदियों के बीच की ज़मीन, में दुनिया के शुरुआती नगर बने (लगभग 3500 ई.पू. से)। नहरों से दक्षिण में ख़ूब अनाज हुआ। मंदिर बड़ी संस्थाएँ बने, युद्ध-नेता राजा बने, और उरुक और उर जैसे नगर बढ़े। शहरी जीवन में श्रम विभाजन, व्यापार और ऊँच-नीच आई। लेखन लगभग 3200 ई.पू. में मिट्टी की पट्टियों पर कीलाक्षर के रूप में शुरू हुआ: पहले हिसाब, फिर क़ानून, पत्र, कथाएँ और विज्ञान। इतिहासकार बहस करते हैं कि लेखन किसके काम आया।
3. Origins of European civilisation: the Greco-Roman world
Greek colonisation and the polis · Greek wars and Alexander the Great · Ancient Rome: from kingdom to empire · Cultural models of the Greco-Roman world
- प्राचीन यूनान: नगर-राज्य, लोकतंत्र और स्थायी विरासत – प्राचीन यूनान ईजियन सागर के आसपास पनपा, पहाड़ों, छोटी घाटियों और ढेरों द्वीपों वाली ज़मीन पर। पहाड़ों ने बस्तियों को अलग रखा, तो यूनानी सैकड़ों स्वतंत्र नगर-राज्यों (पोलिस) में रहते थे, हर एक के अपने क़ानून, सेना और देवता; सागर व्यापार से उन्हें जोड़ता था। सबसे मशहूर थे एथेंस, एक व्यापारी नगर जिसने लगभग 508 ई.पू. में पहला लोकतंत्र बनाया, और स्पार्टा, एक सैनिक राज्य। यूनानियों ने मिलकर 490 और 480 ई.पू. में फ़ारसी हमले हराए, फिर पेलोपोनेसियन युद्ध में आपस में लड़े। बाद में मकदूनिया का सिकंदर सेना लेकर मिस्र और सिंधु तक गया, और हेलेनिस्टिक युग में यूनानी संस्कृति फैली। राजनीति, दर्शन, इतिहास-लेखन, विज्ञान, गणित, नाटक, खेल और वास्तुकला में यूनानी विचार आज भी दुनिया को आकार देते हैं।
- तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य: रोमन साम्राज्य – रोमन साम्राज्य भूमध्य सागर के चारों ओर की ज़मीन पर फैला था: यूरोप, पश्चिम एशिया और उत्तर अफ़्रीका के हिस्से। सत्ता तीन के बीच बँटी थी: सम्राट, सीनेट और सेना। अर्थव्यवस्था खेती, नगरों, जहाज़ों, सिक्कों और जैतून तेल, शराब व अनाज के व्यापार पर चलती थी। समाज परतों में बँटा था, ऊपर अमीर सीनेटर और नीचे बहुत सारे दास। रोमन व्यापारी मानसूनी हवाओं से भारत के बंदरगाहों तक आते थे। चौथी सदी से बदलाव आया: ईसाई धर्म मुख्य धर्म बना, कुस्तुंतुनिया नई राजधानी बनी और 476 ई. में पश्चिमी हिस्सा टूट गया। इस बदलाव के दौर को 'उत्तर-पुरातन काल' कहते हैं।
4. Genesis of the medieval world
Great migrations and Western Europe to Charlemagne · Byzantine Empire: institutions, religion, culture · Islam and Arab expansion
- मध्यकालीन यूरोप: रोम से पुनर्जागरण तक के हज़ार साल – यूरोप का मध्यकाल लगभग 1000 साल चला, पश्चिमी रोमन साम्राज्य के अंत (476 ई.) से लगभग 1500 ई. तक. आरंभिक काल में बाहर से आए लोगों ने पश्चिम में नए राज्य बनाए, शार्लमेन के समय फ़्रैंक शक्तिशाली हुए, और पूरब में बाइज़ेंटाइन साम्राज्य ने रोमन शासन जारी रखा. समाज सामंतवाद से चलता था: ज़मीन के बदले वफ़ादारी और सेवा. चर्च ने मठ, गिरजाघर और धर्मयुद्धों के ज़रिए रोज़ की ज़िंदगी को आकार दिया. लगभग 1000 ई. के बाद व्यापार लौटा, क़स्बे, गिल्ड और विश्वविद्यालय बढ़े और राजा मज़बूत हुए. 1300 के दशक में काली मौत और लंबे युद्धों के संकट ने मध्यकाल को ख़त्म करने में मदद की.
5. Faith, power and knowledge in the medieval world
Society, mentalities and daily life; the town · The Church in the Middle Ages · Age of cathedrals: medieval cultural heritage · Political change: state centralisation · Decline of the Middle Ages: war, famine, epidemics
- तीन वर्ग: यूरोप का सामंती समाज – लगभग 9वीं से 16वीं सदी तक पश्चिमी यूरोप में सामंती समाज था। लोगों को तीन वर्गों में देखा जाता था: प्रार्थना करने वाले पादरी, लड़ने वाले अभिजात और काम करने वाले किसान। लॉर्ड राजा से ज़मीन लेते थे और अपनी जागीर (मेनर) चलाते थे, जहाँ कृषिदास काम करते थे। नए औज़ारों और व्यापार से शहर बढ़े, पर 14वीं सदी में ठंडे मौसम, अकाल और ब्लैक डेथ से संकट आया। इसके बाद फ़्रांस, इंग्लैंड, स्पेन के राजाओं ने स्थायी सेना और कर-व्यवस्था बनाई; यहीं से राष्ट्र-राज्यों की शुरुआत हुई।
- मध्यकालीन यूरोप: रोम से पुनर्जागरण तक के हज़ार साल – यूरोप का मध्यकाल लगभग 1000 साल चला, पश्चिमी रोमन साम्राज्य के अंत (476 ई.) से लगभग 1500 ई. तक. आरंभिक काल में बाहर से आए लोगों ने पश्चिम में नए राज्य बनाए, शार्लमेन के समय फ़्रैंक शक्तिशाली हुए, और पूरब में बाइज़ेंटाइन साम्राज्य ने रोमन शासन जारी रखा. समाज सामंतवाद से चलता था: ज़मीन के बदले वफ़ादारी और सेवा. चर्च ने मठ, गिरजाघर और धर्मयुद्धों के ज़रिए रोज़ की ज़िंदगी को आकार दिया. लगभग 1000 ई. के बाद व्यापार लौटा, क़स्बे, गिल्ड और विश्वविद्यालय बढ़े और राजा मज़बूत हुए. 1300 के दशक में काली मौत और लंबे युद्धों के संकट ने मध्यकाल को ख़त्म करने में मदद की.
- मध्यकालीन कला: मोज़ेक से गोथिक गिरजाघरों तक – यूरोप और भूमध्य क्षेत्र की मध्यकालीन कला लगभग 300 से 1400 ई. तक फैली है। प्रारंभिक ईसाई कला ने रोमन बेसिलिका और कैटाकॉम्ब चित्र अपनाए। बाइज़ेंटाइन कला ने गुंबद, सुनहरे मोज़ेक और आइकन जोड़े। रोमनेस्क चर्च (लगभग 1000–1150) में गोल मेहराब, मोटी दीवारें और छोटी खिड़कियाँ हैं, दरवाज़ों पर शिक्षा देने वाली मूर्तियाँ। गोथिक गिरजाघर (लगभग 1140 से) नुकीले मेहराब, पसलीदार छत और उड़ते पुश्तों से ऊँची पतली दीवारें बनाते हैं जिनमें रंगीन काँच भरा है। भिक्षुओं ने सचित्र पांडुलिपियाँ बनाईं। जॉटो जैसे उत्तर गोथिक चित्रकारों ने कला को जीवंत बनाया और पुनर्जागरण का रास्ता खोला। इस युग की कला मुख्यतः आस्था के लिए थी और न पढ़ पाने वालों को कहानियाँ सिखाती थी।
6. A world in motion: transition to modernity
Race for spices: great geographical discoveries · Humanism and the Renaissance · The Reformation and its impact · 'I am the State': absolute monarchy
- खोज का युग (लगभग 1400–1600) – लगभग 1400 से 1600 के बीच पुर्तगाल और स्पेन के नाविकों ने, और बाद में दूसरे यूरोपीय देशों ने, दुनिया के महासागरों में नए समुद्री रास्ते खोले। वे बिचौलियों के बिना मसाले और सोना चाहते थे, ईसाई धर्म फैलाना चाहते थे और नाम कमाना चाहते थे। कैरवेल जहाज़, कुतुबनुमा, एस्ट्रोलैब और बेहतर नक्शों ने लंबी यात्राएँ मुमकिन कीं। डियास अफ़्रीका के दक्षिणी सिरे तक पहुँचा (1488), कोलंबस अमेरिका पहुँचा (1492), वास्को द गामा भारत पहुँचा (1498) और मैगलन के बेड़े ने दुनिया का चक्कर लगाया (1519–22)। इससे पहले चीन के झेंग हे के बड़े बेड़े अफ़्रीका तक गए थे (1405–33)। इन यात्राओं ने पहली बार पूरी दुनिया को जोड़ा। यूरोप को व्यापार, नई फ़सलें और धन मिला, पर दूसरों को जीत लिया जाना, जानलेवा बीमारियाँ और अटलांटिक दास व्यापार झेलना पड़ा।
- बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ: पुनर्जागरण, धर्म-सुधार और विज्ञान – 14वीं से 17वीं सदी में इटली के व्यापारी शहरों से यूनानी-रोमन ज्ञान में नई रुचि जगी, जिसे मानवतावाद कहते हैं। कलाकारों ने परिप्रेक्ष्य और शरीर-रचना के अध्ययन से असली जैसे चित्र बनाए; वास्तुकारों ने बड़े गुंबद बनाए। छपाई ने विचार फैलाए। कुछ पढ़ी-लिखी महिलाओं ने लिखा और शासन किया। 1517 में लूथर के विरोध से पश्चिमी चर्च कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट में बँटा, और कैथोलिक चर्च ने भी सुधार किए। कोपरनिकस, गैलीलियो और न्यूटन ने ब्रह्मांड की समझ बदली, और नाविकों ने अमेरिका और भारत के समुद्री रास्ते खोजे।
- निरंकुशतावाद: जब सारी ताक़त एक राजा के हाथ में थी – निरंकुशतावाद (लगभग 1600–1789) शासन का ऐसा तरीका था जिसमें लगभग सारी ताक़त एक राजा या रानी के पास होती थी। वही कानून बनाता, वही लागू करता और वही सबसे बड़ा न्यायाधीश होता। राजा कहते थे कि उनकी ताक़त ईश्वर से मिली है (दैवी अधिकार), इसलिए कोई सवाल नहीं कर सकता। देश को काबू में रखने के लिए उन्होंने स्थायी सेना बनाई, वेतन वाले अफ़सर रखे, हर जगह कर वसूले और बड़े कुलीनों को दरबार में उलझाए रखा। फ़्रांस का लुई चौदहवाँ ('सूर्य राजा') और उसका वर्साय महल सबसे बड़ा उदाहरण है। रूस का पीटर महान और ऑस्ट्रिया-स्पेन के हैब्सबर्ग भी ऐसे ही शासक थे। ये राजा अक्सर वाणिज्यवाद अपनाते थे: बाहर ज़्यादा बेचो, कम खरीदो, ताकि सोना देश में आए। इंग्लैंड और डच गणराज्य में संसद और व्यापारियों ने राजा की ताक़त सीमित की, और 1689 के बाद इंग्लैंड संवैधानिक राजतंत्र बना। प्रबोधन (एनलाइटनमेंट) के विचारों और 1789 की फ़्रांसीसी क्रांति ने निरंकुशतावाद को कमज़ोर कर दिया।