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तीन वर्ग: यूरोप का सामंती समाज

लगभग 9वीं से 16वीं सदी तक पश्चिमी यूरोप में सामंती समाज था। लोगों को तीन वर्गों में देखा जाता था: प्रार्थना करने वाले पादरी, लड़ने वाले अभिजात और काम करने वाले किसान। लॉर्ड राजा से ज़मीन लेते थे और अपनी जागीर (मेनर) चलाते थे, जहाँ कृषिदास काम करते थे। नए औज़ारों और व्यापार से शहर बढ़े, पर 14वीं सदी में ठंडे मौसम, अकाल और ब्लैक डेथ से संकट आया। इसके बाद फ़्रांस, इंग्लैंड, स्पेन के राजाओं ने स्थायी सेना और कर-व्यवस्था बनाई; यहीं से राष्ट्र-राज्यों की शुरुआत हुई।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. तीन सीढ़ियाँ देखो। सबसे ऊपर पादरी हैं, जो प्रार्थना करते हैं। बीच में अभिजात और नाइट, जो लड़ते हैं। सबसे नीचे और सबसे बड़ी सीढ़ी किसानों की है, जो काम करते हैं।
  2. यह जागीर (मेनर) है। बीच में लॉर्ड का क़िला, चारों ओर खेत। सुनहरे डिब्बे देखो: किसान लॉर्ड को श्रम, अनाज और कर भेजते हैं। बदले में लॉर्ड सुरक्षा देता है।
  3. दो लोग। बाईं ओर कृषिदास (सर्फ़): लॉर्ड की ज़मीन से बँधा, पर उसका परिवार और छोटा खेत है। दाईं ओर दास (गुलाम): संपत्ति की तरह ख़रीदा-बेचा जाता है, ज़ंजीर देखो।
  4. 14वीं सदी का संकट। हरा खंभा 1300 में यूरोप की आबादी है। लाल खंभा 1400 का है, बहुत छोटा। ठंडा मौसम, अकाल और 1347–1350 के प्लेग ने लाखों लोगों की जान ली।
  5. नए राजतंत्र। राजा का ताज बड़ा होता है। अब उसके पास तनख़्वाह वाले सैनिकों की स्थायी सेना है और वह सीधे कर वसूलता है। सामंतों की ताक़त घटती है। यहीं से राष्ट्र-राज्य शुरू होते हैं।
  6. अब तुम्हारी बारी। साल का स्लाइडर 1000 से 1500 तक चलाओ। देखो आबादी बढ़ती है, 1350 पर गिरती है और फिर धीरे-धीरे सँभलती है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

किसानों की सीढ़ी सबसे बड़ी क्यों है?

सामंती यूरोप में ज़्यादातर लोग किसान थे; पादरी और अभिजात ऊपर के छोटे समूह थे। सीढ़ियों का आकार देखो।

किसानों को अपने काम के बदले क्या मिलता था?

लॉर्ड और उसके नाइटों की सुरक्षा और रहने के लिए ज़मीन। सुनहरे डिब्बे ऊपर जाते और सुरक्षा वापस आती देखो।

क्या कृषिदास गुलाम थे?

नहीं। कृषिदास ज़मीन से बँधा था पर परिवार के साथ रहता था और बेचा नहीं जाता था। 3D में ज़ंजीर सिर्फ़ दास पर है।

आबादी कितनी गिरी?

मोटे तौर पर 1300 में लगभग 7.3 करोड़ (73 मिलियन) से 1400 में लगभग 4.5 करोड़ (45 मिलियन)। हरा और लाल खंभा मिलाओ।

राजा सामंतों से ज़्यादा ताक़तवर क्यों हो गए?

उनके पास बंदूक वाली तनख़्वाह वाली सेना और नियमित कर थे, तो सामंतों के निजी सैनिकों की ज़रूरत नहीं रही। ताज बढ़ता देखो।

क्या आबादी फिर बढ़ी?

हाँ, धीरे-धीरे। स्लाइडर 1500 पर ले जाओ, खंभा फिर बढ़ेगा।

सामंती समाज क्या था?

सामंतवाद (फ़्यूडलिज़्म) शब्द जर्मन शब्द फ़्यूड से बना है, जिसका अर्थ है ज़मीन का टुकड़ा। पश्चिमी यूरोप में लगभग 9वीं सदी से यह जीवन का तरीका था। राजा सामंतों को ज़मीन देता था; बदले में वे वफ़ादारी और सैनिक देते थे। ज़मीन देने वाला लॉर्ड और लेने वाला वैसल (जागीरदार) कहलाता था। वैसल एक रस्म में वफ़ादारी की शपथ लेता था।

चर्च के लोगों ने कहा कि समाज के तीन वर्ग हैं: प्रार्थना करने वाले, लड़ने वाले और काम करने वाले।

पहला वर्ग: पादरी

कैथोलिक चर्च के अपने क़ानून थे और उसके पास बहुत ज़मीन थी। वह किसानों की उपज का दसवाँ हिस्सा, यानी टाइथ (धर्मांश), लेता था। बिशप और मठाधीश बड़े सामंतों जितने अमीर थे। कृषिदास, विकलांग और स्त्रियाँ पादरी नहीं बन सकते थे। भिक्षु (मॉन्क) मठों में रहकर प्रार्थना, पढ़ाई और खेती करते थे; भिक्षुणियाँ अलग आश्रमों में रहती थीं। बेनेडिक्टाइन जैसे मठ ज्ञान के केंद्र भी थे। बाद में फ़्रांसिस्कन जैसे फ़्रायर गाँव-गाँव घूमकर उपदेश देते थे।

दूसरा वर्ग: अभिजात

अभिजात ज़मीन के मालिक थे, अपनी अदालत लगा सकते थे, सेना रख सकते थे, कहीं-कहीं सिक्के भी ढाल सकते थे। लॉर्ड का घर मेनर (जागीर) में होता था, जिसमें खेत, चरागाह, जंगल, चक्की, चर्च और गाँव होते थे। नाइट घुड़सवार योद्धा थे, जिन्हें लॉर्ड से ज़मीन का टुकड़ा (फ़ीफ़) मिलता था और वे उसके लिए लड़ते थे। कवि और गायक उनकी बहादुरी के गीत गाते थे।

तीसरा वर्ग: किसान, कृषिदास और दास

ज़्यादातर लोग किसान थे। स्वतंत्र किसान लॉर्ड की ज़मीन पर काश्तकार थे; वे कुछ दिन लॉर्ड के खेत पर काम करते और कर देते थे। कृषिदास (सर्फ़) लॉर्ड के खेत और अपने छोटे खेत पर काम करते थे, पर जागीर छोड़ नहीं सकते थे, लॉर्ड की चक्की और भट्टी पैसे देकर इस्तेमाल करनी पड़ती थी, और शादी के लिए भी उसकी इजाज़त चाहिए थी।

कृषिदास या दास?

दास पूरी तरह मालिक की संपत्ति था, ख़रीदा-बेचा जा सकता था, परिवार पर उसका हक़ नहीं था। कृषिदास को बेचा नहीं जाता था, वह परिवार के साथ रहता था और उपज का कुछ हिस्सा रखता था, पर ज़मीन से बँधा था। रोमन समय में दास-प्रथा आम थी; सामंती युग में पश्चिमी यूरोप में उसकी जगह ज़्यादातर कृषिदास-प्रथा ने ले ली।

बदलाव: नई खेती, शहर और कथीड्रल

11वीं सदी से लोहे के भारी हल, घोड़े का पट्टा, नाल और तीन-खेत प्रणाली (हर साल एक खेत ख़ाली) से ज़्यादा अनाज होने लगा। आबादी बढ़ी, शहर भी बढ़े। कहावत थी शहर की हवा आज़ाद करती है: जो कृषिदास एक साल एक दिन शहर में छिपा रहे, वह आज़ाद। व्यापारियों और कारीगरों ने श्रेणी (गिल्ड) बनाई। अमीर शहरों ने बड़े कथीड्रल बनाए, जिनकी रंगीन काँच की खिड़कियाँ चित्रों से बाइबिल की कहानियाँ सुनाती थीं।

चौदहवीं सदी का संकट

1300 के आसपास बढ़त रुक गई। गर्मियाँ ठंडी हो गईं, फ़सलें ख़राब हुईं, अकाल पड़े। चाँदी की खानें कम पड़ीं, तो व्यापार धीमा हुआ। फिर 1347 में ब्लैक डेथ आया, जहाज़ों के चूहों पर रहने वाले पिस्सुओं से फैला प्लेग, जिसने 1350 तक यूरोप की बहुत बड़ी आबादी को मार दिया।

मज़दूर कम हुए, तो मज़दूरी बढ़ी और अनाज के दाम गिरे। लॉर्ड पुराने काम ज़बरदस्ती लौटाना चाहते थे, तो किसानों ने विद्रोह किए: फ़्लैंडर्स (1323), फ़्रांस (1358), इंग्लैंड (1381)। पुरानी कृषिदास-प्रथा पूरी तरह वापस नहीं आ सकी।

नए राजतंत्र और राष्ट्र-राज्यों का उदय

15वीं–16वीं सदी में राजा मज़बूत हुए: फ़्रांस में लुई ग्यारहवाँ, ऑस्ट्रिया में मैक्सिमिलियन, इंग्लैंड में हेनरी सातवाँ, स्पेन में इसाबेला और फ़र्डिनेंड। उन्होंने तनख़्वाह वाली स्थायी सेना, वेतनभोगी नौकरशाही और सीधे कर की व्यवस्था बनाई। बारूद और तोपों से क़िले की दीवारें और नाइट कम काम के रह गए।

सामंतों की ताक़त घटी, पर बहुत से राजा की सेवा में आ गए। फ़्रांस में तीनों वर्गों की सभा एस्टेट्स-जनरल 1614 के बाद सीधे 1789 में बुलाई गई। इंग्लैंड की संसद में हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स और हाउस ऑफ़ कॉमन्स थे। एक शासक, एक सेना और एक कर-व्यवस्था वाले देश राष्ट्र-राज्यों की शुरुआत थे।

करके देखो: धर्मांश गिनो

30 दाने (राजमा या सिक्के) लो, ये किसान की फ़सल है। 3 चर्च को धर्मांश (दसवाँ हिस्सा) दो। 10 लॉर्ड को लगान और श्रम के रूप में दो। परिवार के पास कितने बचे? अब परिवार आधा कर दो (प्लेग), खेत उतने ही रहें। एक मज़दूर के दिन की क़ीमत का क्या होगा? 3D के आबादी स्लाइडर से मिलाओ।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक किसान परिवार 200 बोरी अनाज उगाता है। चर्च को धर्मांश कितनी बोरी जाएगा?

धर्मांश = दसवाँ हिस्सा। 200 ÷ 10 = 20 बोरी।

2. कृषिदास और दास में क्या फ़र्क था?

कृषिदास लॉर्ड की ज़मीन से बँधा था, उसके लिए काम करता और शुल्क देता था, पर परिवार के साथ रहता और कुछ उपज रखता था। दास मालिक की संपत्ति था और ख़रीदा-बेचा जा सकता था।

3. तीन-खेत प्रणाली से पैदावार कैसे बढ़ी?

ज़मीन तीन हिस्सों में बँटी: एक में शरद की फ़सल, एक में बसंत की फ़सल जैसे मटर-सेम, और एक ख़ाली। हर साल बदलते थे, तो आधी की जगह दो-तिहाई ज़मीन इस्तेमाल होती थी और दालों से मिट्टी उपजाऊ होती थी।

4. ब्लैक डेथ के बाद मज़दूरी क्यों बढ़ी?

इतने लोग मरे कि मज़दूर बहुत कम रह गए। लॉर्डों को बचे हुए मज़दूरों के लिए होड़ करनी पड़ी, इसलिए ज़्यादा पैसे देने पड़े।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सामंती समाज का पहला वर्ग था:
2. धर्मांश (टाइथ) था:
3. ब्लैक डेथ यूरोप में कब आया?
4. नए राजतंत्रों की विशेषता कौन-सी नहीं थी?
5. 'शहर की हवा आज़ाद करती है' का अर्थ था:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कक्षा 11 इतिहास में तीन वर्ग कौन-से हैं?

सामंती पश्चिमी यूरोप के पादरी (पहला वर्ग), अभिजात (दूसरा वर्ग) और किसान (तीसरा वर्ग)।

चौदहवीं सदी का संकट क्या था?

ठंडे मौसम, अकाल, घटते व्यापार और ब्लैक डेथ प्लेग (1347–50) का दौर, जिसमें लाखों लोग मरे और सामंती समाज हिल गया।

नए राजतंत्र क्या थे?

15वीं–16वीं सदी के मज़बूत राज्य, जैसे फ़्रांस, इंग्लैंड, स्पेन, जहाँ राजाओं के पास स्थायी सेना, अफ़सर और सीधे कर थे।

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