शहर क्यों बढ़े?
लगभग 1000 से 1300 के बीच यूरोप ज़्यादा सुरक्षित हुआ और किसानों ने खेती के बेहतर तरीक़े सीखे (भारी हल, तीन-खेत फसल-चक्र)। ज़्यादा अनाज का मतलब ज़्यादा लोग। कुछ लोगों को खेती नहीं करनी पड़ी। वे व्यापारी और कारीगर बन गए।
शहर वहाँ बढ़े जहाँ सड़कें, नदियाँ या तट मिलते थे। वहाँ बाज़ार लगता था और लोग उसके आसपास बस जाते थे। शहर को अक्सर राजा या लॉर्ड से चार्टर (अधिकार-पत्र) मिलता था, जिससे शहर अपने काम ख़ुद चला सकता था। कहावत थी 'शहर की हवा आज़ाद करती है': जो कृषिदास शहर में एक साल और एक दिन रह लेता, वह आज़ाद हो सकता था।
मध्यकालीन शहर का जीवन: दीवारें और गिल्ड
शहर भीड़ भरे थे: तंग गलियाँ और लकड़ी के घर। दीवार दुश्मन को रोकती थी। गिल्ड एक ही काम करने वालों का संघ था। वह उचित दाम तय करता, माल अच्छा रखता और बाहरी लोगों को बेचने से रोकता था। लड़का तीन सीढ़ियों में काम सीखता: शागिर्द (अप्रेंटिस), फिर जर्नीमैन, फिर उस्ताद (मास्टर)। व्यापारियों के भी गिल्ड थे। जागीर के मुक़ाबले पैसा, बैंक और मेले ज़्यादा आम हो गए।
मध्यकालीन विश्वविद्यालय
लैटिन शब्द यूनिवर्सिटास का मतलब था समूह, यानी शिक्षकों और छात्रों का गिल्ड। सबसे पुराने थे बोलोना (क़ानून, लगभग 1088), पेरिस (धर्मशास्त्र, लगभग 1150) और ऑक्सफ़ोर्ड (1100 के दशक के अंत में); सालेर्नो चिकित्सा के लिए जाना जाता था। पढ़ाई लैटिन में होती थी। छात्र पहले 'सात उदार कलाएँ' (व्याकरण, तर्क, भाषण-कला, गणित, ज्यामिति, संगीत, खगोल) पढ़ते, फिर क़ानून, चिकित्सा या धर्मशास्त्र। पढ़ाई व्याख्यान और बहस से होती थी, और उस्ताद संतुष्ट होने पर डिग्री मिलती थी। कई विचार अरबी और ग्रीक किताबों के अनुवाद से आए।
करके देखो: अपना शहर बनाओ
काग़ज़ पर एक चौराहा बनाओ। जहाँ रास्ते मिलें वहाँ बाज़ार रखो। उसके चारों ओर 12 घर, एक दीवार और तीन गिल्ड-भवन बनाओ। फिर विश्वविद्यालय जोड़ो और लिखो कि तुमने किस क्रम में क्या बनाया। 3D कहानी से मिलाकर देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ज़्यादा अनाज + व्यापार के रास्ते = बाज़ार
- बाज़ार + लोग = शहर
- गिल्ड = एक ही शिल्प का संघ; स्तर: शागिर्द, जर्नीमैन, उस्ताद
- विश्वविद्यालय = शिक्षकों और छात्रों का समूह (यूनिवर्सिटास)
- शुरुआती विश्वविद्यालय: बोलोना (क़ानून), पेरिस (धर्मशास्त्र), ऑक्सफ़ोर्ड, सालेर्नो (चिकित्सा)
हल किए गए उदाहरण
1. चौराहे पर बाज़ार शहर में क्यों बदल गया?
सड़कें कई जगहों से व्यापारी लाती हैं। ख़रीदार और बेचने वाले वहाँ मिलते हैं, इसलिए लोग बेचने, बनाने और सेवा करने के लिए पास बसते हैं। लोग बढ़े तो घर बढ़े: बाज़ार शहर बन गया।
2. एक बुनकर का बेटा उस्ताद बुनकर बनना चाहता है। उसे कौन से चरण पार करने होंगे?
पहले वह शागिर्द बनकर उस्ताद के साथ रहता और काम सीखता है। फिर जर्नीमैन बनकर मज़दूरी पर काम करता है। गिल्ड को अपना बढ़िया काम दिखाने के बाद वह उस्ताद बनता है।
3. सन् 1200 में एक छात्र डॉक्टर बनना चाहता है। वह कहाँ जा सकता है और पहले क्या पढ़ेगा?
वह सालेर्नो जैसे चिकित्सा केंद्र या पेरिस जैसे विश्वविद्यालय जा सकता है। पहले वह व्याकरण और तर्क जैसी उदार कलाएँ पढ़ेगा और फिर चिकित्सा।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि शहर सिर्फ़ राजा बनाते थे। ज़्यादातर शहर बाज़ारों के चारों ओर धीरे-धीरे बढ़े।
- गिल्ड को सिर्फ़ स्कूल कहना। गिल्ड दाम, माल की गुणवत्ता और व्यापार भी तय करता था, और सिखाता भी था।
- यह मानना कि विश्वविद्यालयों में आज जैसी इमारतें और विषय थे। शुरू में वे लोगों के समूह थे और पढ़ाई लैटिन में होती थी।
- क्रम उलट देना: पहले बाज़ार आए, गिल्ड और विश्वविद्यालय बाद में।