इस्लाम से पहले का अरब और इस्लाम का उदय
अरब रेगिस्तानों और नख़लिस्तानों की भूमि थी। क़बीले पशुपालन और कारवाँ-व्यापार से जीते थे। मक्का व्यापार और तीर्थ का नगर था। मुहम्मद का जन्म लगभग 570 में मक्का में हुआ। 610 में उन्होंने एक ईश्वर का संदेश सुनाना शुरू किया, जो मुसलमानों के विश्वास में उन्हें प्रकट हुआ था। 622 में वे अनुयायियों के साथ मदीना गए (हिजरा, इस्लामी कैलेंडर की शुरुआत)। वे मक्का लौटे और 632 में उनका निधन हुआ।
पाँच स्तंभ हैं: शहादा (आस्था की घोषणा), सलात (नमाज़), ज़कात (दान), सौम (रमज़ान में रोज़ा) और हज (मक्का की यात्रा)।
ख़लीफ़ा और विस्तार
मुहम्मद के बाद ख़लीफ़ा कहलाने वाले नेता शासन करते थे। पहले चार (अबू बक्र, उमर, उस्मान और अली, 632–661) राशिदून ('सही राह पर') कहलाते हैं। एक सदी में अरब सेनाएँ और व्यापारी पश्चिम में स्पेन (711) से पूर्व में सिंध (711) तक पहुँचे। कारण: पड़ोसी शक्तियों की कमज़ोरी, मज़बूत आस्था और एकता, कुशल घुड़सवार, और कर के बदले अक्सर स्थानीय लोगों की ज़मीन और कई के धर्म को न छेड़ना।
उमय्यद और अब्बासी
उमय्यदों (661–750) ने दमिश्क़ से शासन किया और अरबी को सरकारी भाषा और सिक्कों की भाषा बनाया। 750 में अब्बासी आए। 762 में उन्होंने दजला नदी के किनारे गोल नगर बग़दाद बसाया, जो अपने समय का सबसे बड़ा नगर बना। समय के साथ कई इलाक़ों के अपने शासक हो गए, और 1258 में मंगोलों ने बग़दाद जीत लिया, जिससे वहाँ अब्बासी ख़िलाफ़त का अंत हुआ।
अरब संस्कृति और ज्ञान
बग़दाद के बैत-उल-हिक़मा में विद्वानों ने ग्रीक, फ़ारसी और भारतीय किताबों का अरबी में अनुवाद किया और अपना काम जोड़ा। अल-ख़्वारिज़्मी ने बीजगणित पर लिखा और हिंदू-अरबी अंक फैलाए। इब्न सीना ने प्रसिद्ध चिकित्सा-ग्रंथ लिखा। इब्न अल-हैसम ने प्रकाश का अध्ययन किया। खगोलविदों ने एस्ट्रोलैब सुधारा। काग़ज़ बनाना फैला, इसलिए किताबें सस्ती हुईं। गुंबद वाली मस्जिदें, ज्यामितीय नक़्क़ाशी और सुलेख इसकी कला की पहचान थे। ये विचार बाद में यूरोप पहुँचे और पुनर्जागरण में काम आए। करके देखो: 2025 को सिर्फ़ 0–9 के अंकों से लिखो और सोचो कि शून्य के बिना यह कितना कठिन होता।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुहम्मद: जन्म लगभग 570; मदीना की हिजरा 622; निधन 632
- पाँच स्तंभ: शहादा, सलात, ज़कात, सौम, हज
- राशिदून ख़लीफ़ा: 632–661; उमय्यद (दमिश्क़): 661–750
- अब्बासी (बग़दाद, बसा 762): 750–1258
- बैत-उल-हिक़मा: अनुवाद + विज्ञान + अंक 0–9
हल किए गए उदाहरण
1. इस्लाम से पहले मक्का महत्वपूर्ण क्यों था?
वह कारवाँ के रास्तों पर था, इसलिए व्यापारी गुज़रते थे, और वहाँ एक पवित्र स्थान था जहाँ तीर्थयात्री आते थे। व्यापार और तीर्थ से वह समृद्ध हुआ।
2. अब्बासियों ने नई राजधानी बग़दाद क्यों बनाई?
वह दजला नदी पर अच्छी ज़मीन और व्यापार-मार्गों के पास, उनके फ़ारसी और इराक़ी समर्थकों के केंद्र में था। दमिश्क़ से दूर जाना नए राजवंश की शुरुआत का संकेत भी था।
3. उमय्यद राजवंश (661 से 750) कितने साल चला?
750 − 661 = 89 साल।
आम गलतियाँ
- राजधानियाँ मिला देना: उमय्यदों की दमिश्क़, अब्बासियों की बग़दाद।
- यह सोचना कि छल्ले या नक़्शे पक्की सीमाएँ दिखाते हैं। असर समय के साथ बढ़ता-घटता रहा।
- यह कहना कि 0–9 अंक अरबों ने बनाए। वे भारत से आए; अरब विद्वानों ने उन्हें फैलाया।
- स्तंभ गिनने में भूल: पाँच हैं, चार या छह नहीं।