रोम से बीज़ान्टियम तक: कॉन्स्टेंटिनोपल
सन् 330 में सम्राट कॉन्स्टेंटाइन ने बीज़ान्टियम नगर में नई राजधानी बनाई और उसका नाम कॉन्स्टेंटिनोपल रखा। 395 में रोमन साम्राज्य पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में बँट गया। 476 में पश्चिम हमलावरों से गिर गया, पर पूर्व बचा रहा। इतिहासकारों ने बाद में इस पूर्वी साम्राज्य को बीज़ान्टिन कहा, हालाँकि वहाँ के लोग ख़ुद को रोमन कहते थे।
कॉन्स्टेंटिनोपल एक जलमार्ग पर था जो काला सागर को भूमध्य सागर से जोड़ता है, इसलिए यूरोप और एशिया का व्यापार वहाँ से गुज़रता था। ज़मीन की ओर बनी विशाल दीवारों ने उसे हज़ार साल सुरक्षित रखा।
जस्टिनियन: क़ानून, इमारतें और जीत
जस्टिनियन ने 527 से 565 तक अपनी पत्नी थियोडोरा के साथ शासन किया। 532 में भीड़ ने उसके ख़िलाफ़ विद्रोह किया (निका दंगे), जिसे उसने दबा दिया। फिर उसने:
- पुराने रोमन क़ानूनों को इकट्ठा कर साफ़ करके जस्टिनियन की संहिता (कॉर्पस जूरिस सिविलिस) बनवाई। बाद में कई यूरोपीय क़ानूनों ने इसे आधार बनाया।
- हागिया सोफ़िया (537) बनवाई, जिसका विशाल गुंबद है।
- अपने सेनापति बेलिसारियस को उत्तरी अफ़्रीका और इटली के कुछ हिस्से जीतने भेजा। इन युद्धों और 541 की महामारी से साम्राज्य ग़रीब हुआ।
बीज़ान्टिन संस्कृति
आम भाषा ग्रीक बन गई। धर्म पूर्वी ईसाई (ऑर्थोडॉक्स) था; 1054 में वह रोम के चर्च से अलग हो गया। कलाकारों ने छोटे रंगीन पत्थरों और काँच से मोज़ेक बनाए और पवित्र चित्र (आइकन) रचे। चर्चों में गुंबद थे। विद्वानों ने ग्रीक और रोमन किताबें नक़ल कीं। जब यूरोप में विद्या कम थी, ये प्रतियाँ बाद में पुनर्जागरण में काम आईं। बीज़ान्टिन विचार रूस और बाल्कन तक भी पहुँचे।
पतन (1453)
जस्टिनियन के बाद साम्राज्य ने ज़मीन फ़ारसियों, अरबों, स्लावों और बाद में तुर्कों को खो दी। 1204 में क्रूसेडरों ने कॉन्स्टेंटिनोपल को लूट लिया। 1453 में ओटोमन शासक मेहमद द्वितीय ने बड़ी तोपों से शहर जीत लिया और साम्राज्य समाप्त हुआ। शहर इस्तांबुल बन गया। करके देखो: 3D में स्लाइडर से साम्राज्य का आकार गिरता देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रोमन साम्राज्य का बँटवारा: 395; पश्चिम का पतन: 476; पूर्व का अंत: 1453
- राजधानी: कॉन्स्टेंटिनोपल (राजधानी बनी 330)
- जस्टिनियन: 527–565; संहिता, हागिया सोफ़िया (537), पुनर्विजय
- भाषा: ग्रीक; धर्म: पूर्वी (ऑर्थोडॉक्स) ईसाई
- संस्कृति: मोज़ेक, आइकन, गुंबद वाले चर्च, किताबों की नक़ल
हल किए गए उदाहरण
1. राजधानी के लिए कॉन्स्टेंटिनोपल अच्छी जगह क्यों थी?
वह काला सागर और भूमध्य सागर के बीच एक तंग जलमार्ग पर थी, इसलिए यूरोप-एशिया का व्यापार वहाँ से गुज़रता था। तीन तरफ़ पानी और मज़बूत दीवारों से उसकी रक्षा आसान थी।
2. जस्टिनियन की संहिता आज भी क्यों महत्वपूर्ण है?
उसने रोमन क़ानूनों को क्रमबद्ध इकट्ठा किया। बाद के यूरोपीय देशों ने अपने क़ानूनों का आधार उसी को बनाया, इसलिए सबके लिए लिखित नियम जैसे विचार चले आए।
3. पश्चिमी रोम 476 में गिरा और पूर्व 1453 तक चला। पश्चिम के गिरने के बाद पूर्व कितने साल चला?
1453 − 476 = 977 साल।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि बीज़ान्टिन लोग ख़ुद को 'बीज़ान्टिन' कहते थे। वे ख़ुद को रोमन मानते थे।
- तारीख़ें मिला देना: 395 बँटवारा, 476 पश्चिम का पतन, 1453 पूर्व का पतन।
- यह सोचना कि जस्टिनियन ने सब वापस जीत लिया। उसके युद्ध महँगे थे और जीत टिकी नहीं।
- हागिया सोफ़िया को सौवीं सदी की रोमन इमारत कहना। उसे 537 में जस्टिनियन ने दोबारा बनवाया।