Netherlands VWO 4 (bovenbouw, 2e fase) History
अध्याय: 3
1. Historical awareness
Time and chronology · Change and continuity · Historical inquiry and explanation · Judging the past
- समयरेखा-1: कालक्रम का विचार (60 लाख वर्ष पहले से 1 ई.पू.) – कालक्रम का मतलब है घटनाओं को सही समय के क्रम में रखना। वर्षों के लिए ई.पू. और ई. लिखते हैं। बहुत पुराने समय के लिए बी.पी. (वर्तमान से पहले) और MYA (दस लाख वर्ष पहले) लिखते हैं। मिट्टी की परतें और कार्बन डेटिंग तिथि बताती हैं। समयरेखा-1 दो पैरों पर चलने वाले पूर्वजों (लगभग 60 लाख वर्ष पहले) से खेती, नगर और लेखन तक जाती है और 1 ई.पू. पर रुकती है।
- ऐतिहासिक चिंतन: इतिहासकार कैसे काम करते हैं – इतिहास साक्ष्य के सहारे अतीत का अध्ययन है। घटनाओं को समय-रेखा पर क्रम से रखिए और उनके संदर्भ में पढ़िए। प्राथमिक स्रोत (उसी समय बने) और द्वितीयक स्रोत (बाद में बने) दोनों का उपयोग कीजिए। हर स्रोत को परखिए: किसने, कब, क्यों बनाया और क्या छूट गया। घटनाओं के कई कारण होते हैं: धीमे दीर्घकालिक कारण और एक तात्कालिक कारण। परिवर्तन और निरंतरता दोनों देखिए, महत्व तय कीजिए और साक्ष्य के साथ तर्क दीजिए।
2. Eras 1-4: prehistory to late Middle Ages
Era 1: Hunters and farmers (until 3000 BC) · Era 2: Greeks and Romans (3000 BC - 500 AD) · Era 3: Monks and knights (500-1000) · Era 4: Cities and states (1000-1500)
- प्रारंभिक मानव और सभ्यता की शुरुआत – आज के इंसान (होमो सेपियन्स) लगभग 3 लाख साल पहले अफ़्रीका में आए और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैले। इतिहासकार बीते समय को औज़ारों के हिसाब से युगों में बाँटते हैं: पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण, फिर ताँबा, कांसा और लोहा। खेती सीखने पर लोग गाँवों में बस गए, अनाज जमा करने लगे और बर्तन बनाने लगे। कुछ गाँव बढ़कर योजनाबद्ध नगर बने, जैसे सिंधु और घग्गर नदियों के किनारे हड़प्पा के नगर। लगभग उसी समय मेसोपोटामिया, मिस्र और चीन में भी नदी-घाटी सभ्यताएँ बनीं।
- तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य: रोमन साम्राज्य – रोमन साम्राज्य भूमध्य सागर के चारों ओर की ज़मीन पर फैला था: यूरोप, पश्चिम एशिया और उत्तर अफ़्रीका के हिस्से। सत्ता तीन के बीच बँटी थी: सम्राट, सीनेट और सेना। अर्थव्यवस्था खेती, नगरों, जहाज़ों, सिक्कों और जैतून तेल, शराब व अनाज के व्यापार पर चलती थी। समाज परतों में बँटा था, ऊपर अमीर सीनेटर और नीचे बहुत सारे दास। रोमन व्यापारी मानसूनी हवाओं से भारत के बंदरगाहों तक आते थे। चौथी सदी से बदलाव आया: ईसाई धर्म मुख्य धर्म बना, कुस्तुंतुनिया नई राजधानी बनी और 476 ई. में पश्चिमी हिस्सा टूट गया। इस बदलाव के दौर को 'उत्तर-पुरातन काल' कहते हैं।
- तीन वर्ग: यूरोप का सामंती समाज – लगभग 9वीं से 16वीं सदी तक पश्चिमी यूरोप में सामंती समाज था। लोगों को तीन वर्गों में देखा जाता था: प्रार्थना करने वाले पादरी, लड़ने वाले अभिजात और काम करने वाले किसान। लॉर्ड राजा से ज़मीन लेते थे और अपनी जागीर (मेनर) चलाते थे, जहाँ कृषिदास काम करते थे। नए औज़ारों और व्यापार से शहर बढ़े, पर 14वीं सदी में ठंडे मौसम, अकाल और ब्लैक डेथ से संकट आया। इसके बाद फ़्रांस, इंग्लैंड, स्पेन के राजाओं ने स्थायी सेना और कर-व्यवस्था बनाई; यहीं से राष्ट्र-राज्यों की शुरुआत हुई।
- मध्यकालीन यूरोप: रोम से पुनर्जागरण तक के हज़ार साल – यूरोप का मध्यकाल लगभग 1000 साल चला, पश्चिमी रोमन साम्राज्य के अंत (476 ई.) से लगभग 1500 ई. तक. आरंभिक काल में बाहर से आए लोगों ने पश्चिम में नए राज्य बनाए, शार्लमेन के समय फ़्रैंक शक्तिशाली हुए, और पूरब में बाइज़ेंटाइन साम्राज्य ने रोमन शासन जारी रखा. समाज सामंतवाद से चलता था: ज़मीन के बदले वफ़ादारी और सेवा. चर्च ने मठ, गिरजाघर और धर्मयुद्धों के ज़रिए रोज़ की ज़िंदगी को आकार दिया. लगभग 1000 ई. के बाद व्यापार लौटा, क़स्बे, गिल्ड और विश्वविद्यालय बढ़े और राजा मज़बूत हुए. 1300 के दशक में काली मौत और लंबे युद्धों के संकट ने मध्यकाल को ख़त्म करने में मदद की.
3. Historical context: towns and burghers in the Low Countries 1050-1700
Rise of an urban citizenry in the Low Countries (1050-1302) · Burghers under Burgundian and Habsburg rule (1302-1602) · Burghers and the Republic in the Golden Age (1602-1700)
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