ज़मीन और सागर: यूनान में नगर-राज्य क्यों बने
यूनान एक पथरीला प्रायद्वीप है जिसमें पहाड़, छोटी नदियाँ, छोटी उपजाऊ घाटियाँ और ईजियन सागर में सैकड़ों द्वीप हैं। अच्छी खेती की ज़मीन कम थी, तो यूनानी जैतून और अंगूर उगाते और अनाज के लिए समुद्री व्यापार करते थे।
पहाड़ों के कारण ज़मीन से आना-जाना कठिन था, तो बस्तियाँ अलग-अलग बढ़ीं। हर बस्ती एक पोलिस बनी: एक नगर और उसके खेत, अपनी सरकार, क़ानून, सेना, त्योहार और रक्षक देवता के साथ। यूनानी कभी एक देश नहीं थे, पर उनकी भाषा, देवता, होमर के महाकाव्य (इलियड और ओडिसी) और ओलंपिक जैसे खेल (पहली बार 776 ई.पू. में दर्ज) साझा थे।
पोलिस में अक्सर एक एक्रोपोलिस (मंदिरों वाली ऊँची, दीवार से घिरी पहाड़ी) और एक अगोरा (खुला बाज़ार और सभा स्थल) होता था। नगर बढ़ने पर कई यूनानी जहाज़ से निकलकर भूमध्य सागर और काला सागर के किनारे उपनिवेश (बस्तियाँ) बसाने लगे।
एथेंस और स्पार्टा
| एथेंस | स्पार्टा | |
|---|---|---|
| अर्थव्यवस्था | समुद्री व्यापार, शिल्प, चाँदी की खानें | दास बनाए हेलोट्स की खेती |
| शासन | लोकतंत्र (लगभग 508 ई.पू. से) | दो राजा, बुज़ुर्गों की परिषद, सभा |
| शिक्षा | नागरिक परिवारों के लड़कों को पढ़ना, संगीत, खेल, बहस | 7 साल से लड़कों को सैनिक प्रशिक्षण |
| स्त्रियाँ | ज़्यादातर घर में, कम अधिकार | ज़्यादा आज़ादी, ज़मीन रख सकती थीं, खेल का प्रशिक्षण |
दोनों समाज दास प्रथा पर टिके थे। एथेंस में दास घरों, कारख़ानों और खानों में काम करते थे। स्पार्टा में हेलोट्स खेती करते थे, और उनके विद्रोह के डर ने स्पार्टा को बहुत सैनिक बना दिया।
एथेंस का लोकतंत्र कैसे चलता था
डेमोक्रेसी यूनानी शब्दों 'जनता' और 'शासन' से बना है। लगभग 508 ई.पू. में क्लाइस्थनीज़ के सुधारों के बाद सभी वयस्क पुरुष नागरिक:
- सभा (Assembly) में जाकर क़ानून, युद्ध और शांति पर सीधे वोट दे सकते थे (प्रत्यक्ष लोकतंत्र, चुने प्रतिनिधि नहीं);
- 500 की परिषद और कई पदों के लिए पर्ची (लॉटरी) से चुने जा सकते थे, और बड़ी जूरी में बैठते थे;
- ख़तरनाक समझे गए नेता को 10 साल के लिए निर्वासित (ostracism) करने को वोट दे सकते थे।
पेरिक्लीज़ के समय (5वीं सदी ई.पू. के बीच) जूरी सेवा के लिए पैसे मिलने लगे, तो ग़रीब पुरुष भी भाग ले सके। पर स्त्रियों, दासों और विदेशी निवासियों (मेटिक्स) को वोट नहीं था, तो वयस्कों में से कम ही लोगों के पास राजनीतिक अधिकार थे। आधुनिक लोकतंत्रों ने नागरिक शासन का विचार लिया पर नागरिक की परिभाषा बड़ी कर दी।
युद्ध, सिकंदर और यूनानी विरासत
युद्ध
- फ़ारसी युद्ध: यूनानियों ने फ़ारसी साम्राज्य को मैराथन (490 ई.पू.) और सलामिस के समुद्री युद्ध (480 ई.पू.) में हराया। हेरोडोटस, जिन्हें अक्सर 'इतिहास का पिता' कहते हैं, ने इनके बारे में लिखा और सिर्फ़ 'क्या हुआ' नहीं, 'क्यों हुआ' भी पूछा।
- पेलोपोनेसियन युद्ध (431–404 ई.पू.): एथेंस और उसके साथी बनाम स्पार्टा और उसके साथी। स्पार्टा जीता, और सब कमज़ोर हो गए।
सिकंदर और हेलेनिस्टिक युग
मकदूनिया के फ़िलिप द्वितीय ने यूनान पर नियंत्रण किया। उसके बेटे सिकंदर (राजा 336–323 ई.पू.) ने फ़ारस को हराया और मिस्र होते हुए, जहाँ उसने अलेक्ज़ेंड्रिया बसाया, सिंधु तक (326 ई.पू.) गया, जहाँ थके सैनिकों ने आगे जाने से मना कर दिया। उसकी मृत्यु के बाद सेनापतियों ने ज़मीनें बाँट लीं। यूनानी भाषा और संस्कृति स्थानीय संस्कृतियों से मिली: यह हेलेनिस्टिक युग है। बाद में हिंद-यूनानी राजाओं ने दक्षिण एशिया के उत्तर-पश्चिमी भागों पर राज किया, और गांधार कला में यूनानी और भारतीय शैली मिली।
विरासत
- राजनीति: लोकतंत्र, नागरिकता, जूरी से मुक़दमा।
- दर्शन: सुकरात (हर बात पर सवाल), प्लेटो (आदर्श राज्य), अरस्तू (तर्क, विज्ञान)।
- गणित और विज्ञान: पाइथागोरस, यूक्लिड की ज्यामिति, आर्किमिडीज़, चिकित्सा में हिप्पोक्रेटीज़।
- कला: नाटक (त्रासदी और सुखांत), महाकाव्य, पार्थेनन जैसे खंभों वाले मंदिर।
- खेल: ओलंपिक खेल, 1896 में फिर शुरू।
146 ई.पू. में रोम ने यूनान पर नियंत्रण किया, पर रोमनों ने यूनानी कला और ज्ञान अपनाया और आगे के युगों तक पहुँचाया।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पोलिस = नगर-राज्य: एक नगर + खेत, अपने क़ानून, सेना और देवता
- एक्रोपोलिस = मंदिरों वाली ऊँची चट्टान; अगोरा = बाज़ार और सभा स्थल
- लगभग 508 ई.पू.: एथेंस में लोकतंत्र (क्लाइस्थनीज़)
- 490 ई.पू. मैराथन; 480 ई.पू. सलामिस (फ़ारसी युद्ध); 431–404 ई.पू. पेलोपोनेसियन युद्ध
- 336–323 ई.पू.: सिकंदर का शासन; 326 ई.पू. सिंधु तक; 146 ई.पू. रोम ने यूनान लिया
- ई.पू. के वर्ष उल्टे गिनते हैं: 480 ई.पू., 431 ई.पू. से पहले आता है
हल किए गए उदाहरण
1. भूगोल ने यूनानियों के जीवन को कैसे आकार दिया?
पहाड़ों ने ज़मीन को छोटी घाटियों में बाँटा, तो एक राज्य की जगह अलग नगर-राज्य बने। कम उपजाऊ मिट्टी और लंबे तट ने यूनानियों को व्यापार, समुद्री यात्रा और विदेशों में बस्तियाँ बसाने की ओर धकेला।
2. एथेंस और स्पार्टा में लड़के की शिक्षा की तुलना कीजिए।
एथेंस में नागरिक का बेटा पढ़ना, संगीत, खेल और बोलना सीखता था, ताकि सभा में भाग ले सके। स्पार्टा में लड़के 7 साल की उम्र में घर छोड़कर कठोर सैनिक प्रशिक्षण लेते थे।
3. क्या एथेंस का लोकतंत्र सबके लिए था? समझाइए।
नहीं। वयस्क पुरुष नागरिक क़ानूनों पर सीधे वोट देते थे, पर स्त्रियाँ, दास और विदेशी बाहर थे, तो वयस्कों में से कुछ ही के पास राजनीतिक अधिकार थे।
4. क्रम में लगाइए: पेलोपोनेसियन युद्ध शुरू, मैराथन का युद्ध, सिकंदर सिंधु पर, पहले ओलंपिक।
पहले ओलंपिक (776 ई.पू.) → मैराथन (490 ई.पू.) → पेलोपोनेसियन युद्ध शुरू (431 ई.पू.) → सिकंदर सिंधु पर (326 ई.पू.)। याद रखें: समय आगे बढ़ने पर ई.पू. की संख्या घटती है।
5. यूनान के तीन विचार बताइए जो हम आज भी इस्तेमाल करते हैं।
लोकतंत्र और जूरी से मुक़दमा; ज्यामिति (यूक्लिड) और पाइथागोरस प्रमेय; ओलंपिक खेल और नाटक (त्रासदी/सुखांत)।
आम गलतियाँ
- सोचना कि यूनान एक राजा वाला एक देश था। वह सैकड़ों स्वतंत्र नगर-राज्य थे जिनकी भाषा और संस्कृति साझा थी।
- मानना कि हर एथेंसवासी वोट दे सकता था। सिर्फ़ वयस्क पुरुष नागरिक; स्त्रियाँ, दास और विदेशी नहीं।
- ई.पू. की तारीख़ों को ईसवी की तरह पढ़ना। 480 ई.पू., 431 ई.पू. से पहले है।
- एथेंस और स्पार्टा को उलझाना। एथेंस: व्यापार, कला, लोकतंत्र। स्पार्टा: सेना, राजा, हेलोट्स।