एथेंस में लोकतंत्र कैसे शुरू हुआ
डेमोक्रेटिया का अर्थ है "जनता की शक्ति" (डेमोस = जनता, क्रेटोस = शक्ति)। यह धीरे-धीरे बना:
- सोलन (लगभग 594 ई.पू.): क़र्ज़ के कारण ग़ुलामी ख़त्म की, ग़रीब नागरिकों को सभा में आने दिया।
- क्लीस्थनीज (508/507 ई.पू.): नागरिकों को दस नए कबीलों में मिलाया ताकि पुराने ताक़तवर परिवारों का क़ब्ज़ा टूटे; 500 की परिषद बनाई।
- एफ़िअल्टीज (462 ई.पू.): पुरानी कुलीन परिषद (अरियोपेगस) की शक्ति जनता की संस्थाओं को दी।
- पेरिक्लीज (450 के दशक–429 ई.पू.): जूरी को वेतन, ताकि ग़रीब भी सेवा कर सकें।
छोटे अंतरालों (411 और 404 ई.पू.) के साथ लोकतंत्र 322 ई.पू. तक चला।
नागरिक कौन था?
केवल स्वतंत्र वयस्क पुरुष (18+, 451 ई.पू. के बाद माता-पिता दोनों एथेंसवासी) राजनीतिक अधिकार वाले नागरिक थे। महिलाएँ वोट नहीं दे सकती थीं। मेटिक (विदेशी निवासी) कर देते और युद्ध लड़ते, पर वोट नहीं। दासों का कोई अधिकार नहीं था। यानी लगभग 8 में से 1 व्यक्ति ही भाग ले सकता था। यही इसकी सबसे बड़ी सीमा है।
संस्थाएँ: सभा, परिषद, अदालत, अधिकारी
- सभा (एक्लेसिया): सभी नागरिक, साल में लगभग 40 बैठकें, निक्स (Pnyx) पहाड़ी पर; क़ानून, युद्ध, शांति, संधि पर वोट। कुछ वोटों के लिए 6,000 की उपस्थिति ज़रूरी।
- परिषद (बूले): 30 से ऊपर के 500 पुरुष, एक साल के लिए लॉटरी से; कामकाज तैयार करना। एक कबीले के 50 सदस्य साल के दसवें भाग तक रोज़ का काम चलाते।
- जन-अदालतें (डिकास्टीरिया): 201 से 1,501 नागरिकों की जूरी, उसी दिन लॉटरी से; गुप्त मतदान। कोई पेशेवर जज या वकील नहीं।
- अधिकारी: लगभग 600 पद, ज़्यादातर लॉटरी से, एक साल के लिए; पहले और बाद में जाँच (यूथुना, काम का हिसाब)।
- दस सेनापति (स्ट्रेटेगोई): चुनाव से, दोबारा भी चुने जा सकते थे, क्योंकि युद्ध में कौशल चाहिए। पेरिक्लीज कई साल लगातार चुने गए।
लॉटरी, निष्कासन और जवाबदेही
एथेंसवासी लॉटरी को चुनाव से ज़्यादा लोकतांत्रिक मानते थे: चुनाव अमीर और प्रसिद्ध लोग जीतते हैं, जबकि लॉटरी हर नागरिक को बराबर मौका देती है। क्लेरोटेरियन नाम की पत्थर की पट्टी, जिसमें नाम-पर्चियों के खाँचे और काली-सफ़ेद गेंदों की नली थी, चुनाव को निष्पक्ष और तेज़ बनाती थी।
ऑस्ट्रैसिज़्म: सभा तय करती कि इस साल निष्कासन होगा या नहीं। नागरिक ऑस्ट्राकॉन (मिट्टी के बर्तन का टुकड़ा) पर नाम खुरचते। कम से कम 6,000 वोट पड़ने पर सबसे ज़्यादा बार लिखा व्यक्ति 10 साल के लिए जाता, पर संपत्ति उसकी रहती। उद्देश्य था कि कोई तानाशाह न बने।
आलोचक, ख़ूबियाँ और विरासत
आलोचक: प्लेटो का कहना था कि आम लोगों में शासन का ज्ञान नहीं होता; थ्यूसीडिडीज ने दिखाया कि सभा युद्ध में जल्दबाज़ी के फ़ैसले करती थी, जैसे महँगा सिसिली अभियान (415 ई.पू.)। सुकरात पर मुक़दमा और मृत्युदंड (399 ई.पू.) भीड़-शासन का उदाहरण माना जाता है।
ख़ूबियाँ: बहुत बड़ी भागीदारी, सभा में बोलने की आज़ादी (इसेगोरिया), क़ानून के आगे बराबरी (इसोनोमिया), अधिकारियों की जाँच।
विरासत: "डेमोक्रेसी" और "पॉलिटिक्स" जैसे शब्द, जूरी, कार्यकाल की सीमा, अधिकारियों का हिसाब, जनमत-संग्रह, और आज का यूनानी गणराज्य जिसकी चुनी हुई संसद (वूली) और राष्ट्रपति हैं। आज ज़्यादातर लोकतंत्र प्रतिनिधि हैं (हम प्रतिनिधि चुनते हैं), जबकि एथेंस प्रत्यक्ष था। आज सभी वयस्कों को वोट है, जो एथेंस में नहीं था।
करके देखें: कक्षा में छोटा एथेंस
हर सहपाठी का नाम पर्ची पर लिखें। लॉटरी से 5 नाम निकालें: यह "परिषद" 2 प्रश्न तैयार करे (जैसे पिकनिक कहाँ जाएँ)। फिर पूरी कक्षा सभा की तरह हाथ उठाकर वोट दे। बाद में चर्चा करें: क्या लॉटरी चुनाव से ज़्यादा निष्पक्ष थी? असली एथेंस में कौन बाहर रह गया था?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- लोकतंत्र = डेमोस (जनता) + क्रेटोस (शक्ति)
- परिषद: 10 कबीले × 50 = 500 सदस्य
- निष्कासन: कम से कम 6,000 वोट, 10 साल बाहर
- ज़्यादातर पद लॉटरी से; 10 सेनापति चुनाव से
- प्रत्यक्ष (एथेंस) बनाम प्रतिनिधि (आज के ज़्यादातर देश)
हल किए गए उदाहरण
1. क्लीस्थनीज ने दस नए कबीले क्यों बनाए?
हर कबीले में शहर, तट और अंदरूनी इलाक़े के लोग मिलाए गए, ताकि स्थानीय कुलीन परिवार वोटरों पर क़ब्ज़ा न रख सकें। इससे पुरानी ताक़त टूटी और लोग पूरे एथेंस के बारे में सोचने लगे।
2. सेनापति चुनाव से और बाक़ी अधिकारी लॉटरी से क्यों?
सेना चलाने में ख़ास कौशल चाहिए और ग़लती से जानें जाती हैं, इसलिए सबसे योग्य को वोट से चुना। आम काम कोई भी नागरिक कर सकता था, इसलिए लॉटरी सबको बराबर मौका देती थी।
3. क्या आज के पैमाने पर एथेंस लोकतंत्र था?
आंशिक रूप से। नागरिक सीधे और बराबरी से शासन करते थे, पर महिलाएँ, मेटिक और दास बाहर थे; केवल लगभग 8 में से 1 व्यक्ति को वोट था। आज सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार बुनियादी कसौटी है।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि एथेंस में सब वोट देते थे: केवल वयस्क पुरुष नागरिक।
- यह कहना कि एथेंस हमारी तरह नेता चुनता था: ज़्यादातर अधिकारी लॉटरी से आते थे।
- निष्कासन को अपराध की सज़ा समझना: यह बिना मुक़दमे का राजनीतिक निष्कासन था, संपत्ति बची रहती थी।
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र (एथेंस) और प्रतिनिधि लोकतंत्र (आज) को एक समझना।