साम्यवादी कैसे जीते (1946–1952)
1945 में जापान की हार के बाद चीन में दो दल सत्ता के लिए लड़े: च्यांग काई-शेक के राष्ट्रवादी (GMD) और माओ त्से तुंग के साम्यवादी (CCP)।
- CCP क्यों जीती: किसानों का साथ (ज़मीन का वादा), गुरिल्ला युद्ध की अच्छी चालें, कड़ा अनुशासन। GMD महँगाई, भ्रष्टाचार और कमज़ोर हौसले से हारी।
- 1 अक्टूबर 1949: माओ जनवादी गणराज्य चीन की घोषणा करते हैं। GMD ताइवान चली जाती है।
- पकड़ बनाना: भूमि सुधार (1950) से लगभग 30 करोड़ किसानों को ज़मीन मिली; बहुत से ज़मींदार मारे गए। 'तीन-विरोधी' और 'पाँच-विरोधी' अभियानों (1951–52) ने भ्रष्टाचार और निजी व्यापार को निशाना बनाया। डर और प्रचार से लोग वफ़ादार रहे।
- बाहर: सोवियत संघ से मित्रता संधि (1950); चीनी सैनिक कोरियाई युद्ध (1950–53) में लड़े; सेना ने तिब्बत पर नियंत्रण किया (1950)।
समाजवाद की ओर: योजनाएँ, लंबी छलांग और अकाल (1952–1962)
- पहली पंचवर्षीय योजना (1953–57): सोवियत मॉडल की नकल; इस्पात, कोयला और बिजली तेज़ी से बढ़े।
- सामूहिकीकरण: किसानों को सहकारी और फिर बड़े सामूहिक खेतों में डाला गया।
- सौ फूल अभियान (1956–57): लोगों से पार्टी की आलोचना करने को कहा गया; फिर 'दक्षिणपंथ-विरोधी अभियान' में आलोचकों को सज़ा मिली।
- लंबी छलांग (1958–62): विशाल जन-कम्यून, आँगन की इस्पात भट्टियाँ, असंभव लक्ष्य। अफ़सरों ने झूठी फ़सल रिपोर्ट दी; सरकार ने बहुत ज़्यादा अनाज ले लिया। महा-अकाल (1959–61) में अनुमानित 3 करोड़ या उससे ज़्यादा लोग मरे।
- समाज: 1950 के विवाह कानून ने ज़बरदस्ती शादी रोकी और महिलाओं को तलाक़ का हक़ दिया; साक्षरता अभियान चले।
- विदेश नीति: सोवियत संघ से तनाव बढ़ा; 1960 में सोवियत विशेषज्ञ लौट गए (चीन-सोवियत अलगाव)। 1962 में भारत से सीमा युद्ध हुआ।
सुधार, फिर सांस्कृतिक क्रांति (1962–1976)
1962–66: लियू शाओची और देंग शियाओपिंग ने किसानों को निजी खेत और कुछ फ़सल बेचने की छूट दी। अर्थव्यवस्था सुधरी। माओ को लगा कि उन्हें किनारे किया जा रहा है।
सांस्कृतिक क्रांति के कारण: माओ सत्ता वापस चाहते थे, क्रांति का जोश लौटाना और विरोधियों को हटाना चाहते थे। लिन बियाओ ने सेना में माओ की पूजा जैसी छवि बनाई ('लाल किताब')।
- घटनाक्रम: 1966 में छात्रों ने रेड गार्ड बनाए; उन्होंने 'चार पुरानी चीज़ों' (पुराने विचार, संस्कृति, रिवाज, आदतें), शिक्षकों और अफ़सरों पर हमले किए। लियू शाओची की जेल में मृत्यु हुई; देंग को हटाया गया।
- व्यवस्था की वापसी: 1967–68 में सेना लगाई गई; लाखों युवाओं को गाँव भेजा गया।
- बाद के साल: 1971 में लिन बियाओ की मृत्यु; 'चार की चौकड़ी' (माओ की पत्नी च्यांग चिंग सहित) ताक़तवर हुई।
- अर्थव्यवस्था: स्कूल-कॉलेज सालों बंद रहे; उद्योग बिगड़ा, पर खेती चलती रही।
- विदेश नीति: सोवियत संघ से सीमा झड़प (1969); चीन को संयुक्त राष्ट्र में सीट (1971); निक्सन की यात्रा (1972)।
देंग शियाओपिंग का चीन (1976–1997)
- माओ की विरासत: 1976 में माओ की मृत्यु; चौकड़ी गिरफ़्तार। 1981 में पार्टी ने कहा माओ "70% सही, 30% गलत" थे।
- आर्थिक सुधार ('सुधार और खुलापन', 1978): पारिवारिक उत्तरदायित्व प्रणाली से परिवार बची फ़सल बेच सकते थे; विशेष आर्थिक क्षेत्र (शेनझेन 1980) में विदेशी निवेश आया; चार आधुनिकीकरण (कृषि, उद्योग, विज्ञान-तकनीक, रक्षा)। विकास दर लगभग 9–10% सालाना रही।
- राजनीति: लोकतंत्र नहीं आया। एक-बच्चा नीति (1980)। जून 1989 में सेना ने थ्यानआनमेन चौक का विरोध कुचला। 1992 की 'दक्षिण यात्रा' से सुधार तेज़ हुए।
- 1997 तक विश्व शक्ति: बड़ा व्यापारी देश, परमाणु शक्ति, सुरक्षा परिषद का सदस्य; 1997 में हांगकांग वापस मिला।
करके देखो: कारण-परिणाम की कड़ी बनाओ
आख़िरी (खुद करके देखो) चरण खोलो। साल 1957 और फिर 1960 करो। एक पंक्ति लिखो: अर्थव्यवस्था का बार क्यों गिरा? अब 1978 और फिर 1997 करो। एक पंक्ति लिखो: बार क्यों बढ़ा, और नियंत्रण की सुई ऊँची क्यों रही? यही माओ और देंग की तुलना वाले निबंध की रूपरेखा है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- CCP: चीनी कम्युनिस्ट पार्टी, नेता माओ त्से तुंग
- GMD (गुओमिनदांग/कुओमिनतांग): च्यांग काई-शेक का राष्ट्रवादी दल
- PRC: जनवादी गणराज्य चीन, स्थापना 1 अक्टूबर 1949
- सामूहिकीकरण: छोटे खेतों को मिलाकर सरकार के बड़े साझा खेत बनाना
- लंबी छलांग (1958–62): कम्यूनों से तेज़ औद्योगीकरण की योजना; अकाल का कारण
- सांस्कृतिक क्रांति (1966–76): 'पुरानी' संस्कृति और विरोधियों के खिलाफ़ माओ का अभियान
- पारिवारिक उत्तरदायित्व प्रणाली: परिवार खेती करें और बची फ़सल रखें या बेचें
- विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ): कम टैक्स और विदेशी कंपनियों के लिए खुले नियमों वाला इलाका
हल किए गए उदाहरण
1. साम्यवादियों के गृहयुद्ध जीतने के तीन कारण बताओ।
1) भूमि सुधार की वजह से किसान उनके साथ थे। 2) उनकी सेना अनुशासित थी और गुरिल्ला चालें अच्छी थीं। 3) राष्ट्रवादी महँगाई, भ्रष्टाचार और कमज़ोर हौसले से कमज़ोर थे।
2. समझाओ कि लंबी छलांग से अकाल क्यों पड़ा।
चरण 1: किसानों को इस्पात बनाने और बड़े कामों में लगाया, खेतों में कम लोग रहे। चरण 2: सज़ा के डर से अफ़सरों ने झूठी, बढ़ी हुई फ़सल बताई। चरण 3: सरकार ने इन झूठे आँकड़ों पर अनाज लिया, गाँवों में कम बचा। चरण 4: खराब मौसम और गलत तरीकों ने हालत और बिगाड़ी। नतीजा: 1959–61 का अकाल।
3. देंग का चीन माओ के चीन से कैसे अलग था? एक बदलाव और एक निरंतरता बताओ।
बदलाव: कम्यून और कड़ी सरकारी योजना की जगह बाज़ार, निजी खेती और विदेशी निवेश आए। निरंतरता: कम्युनिस्ट पार्टी के हाथ में पूरी राजनीतिक सत्ता रही और विरोध कुचला गया, जैसे 1989 में।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि सांस्कृतिक क्रांति केवल कला के बारे में थी। यह क्रांति को फिर जगाने और माओ के विरोधियों को हटाने का राजनीतिक अभियान था।
- यह कहना कि देंग लोकतंत्र लाए। उन्होंने अर्थव्यवस्था बदली, राजनीति नहीं; एक-दलीय शासन चलता रहा।
- GMD (राष्ट्रवादी) और CCP (साम्यवादी) को आपस में मिला देना।
- यह कहना कि अकाल सिर्फ़ खराब मौसम से पड़ा। मुख्य कारण गलत नीतियाँ और झूठी रिपोर्टें थीं।