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आधुनिक और समकालीन जापान के मोड़

आधुनिक जापान में चार बड़े मोड़ हैं: मेइजी बहाली और संविधान (1868-1890), सभ्यता और औद्योगिक विकास, मंदी, सैन्यवाद और युद्ध (1929-1945), और क़ब्ज़ा-काल के सुधार जिन्होंने युद्धोत्तर जापान गढ़ा (1945-1952)।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1868-71: पुराने हान मिलकर एक राज्य बनते हैं। छोटे ब्लॉक एक बड़े ब्लॉक में मिल जाते हैं। अब एक सरकार देश चलाती है।
  2. 1889 का संविधान, 1890 की संसद। पर लगभग 100 में से केवल 1 व्यक्ति वोट दे सकता था। सौ बिंदुओं में बस एक बिंदु जलता है।
  3. स्कूल, रेलवे और कारख़ाने फैले, और बाहर से नए विचार आए। उद्योग का खंभा ऊपर चढ़ता देखो।
  4. 1929 की मंदी के बाद सेना मज़बूत हुई, युद्ध फैला और 1945 में जापान हार गया। सेना का खंभा चढ़ता है और कारख़ाने गिरते हैं।
  5. 1945 के बाद क़ब्ज़ा-काल में सुधार आए: नया संविधान, महिलाओं को वोट, ज़मीन का बँटवारा। अब लगभग 100 में 50 वोट दे सकते हैं।
  6. अब तुम खेलो: साल सरकाओ और वोटर, उद्योग और सेना की भूमिका देखो। 1945 के बाद क्या बदला?

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

जब हान ख़त्म करने से नेताओं की अपनी ताक़त गई तो उन्होंने ऐसा क्यों किया?

नेता हान से ही आए थे, पर उन्होंने देखा कि आज़ाद रहने के लिए एक संगठित राज्य चाहिए। हान की ताक़त छोड़ना मज़बूत देश की क़ीमत थी। ब्लॉकों को मिलते देखो।

संविधान था तो वोट देने वाले इतने कम क्यों थे?

संविधान ने डायट बनाई, पर वोट के लिए कर देना ज़रूरी था। इसलिए लगभग 100 में 1 ही वोट दे सकता था। बिंदु देखो।

जापान इतनी जल्दी औद्योगिक कैसे बना?

राज्य ने मदद की: रेलवे, नमूना कारख़ाने और स्कूल बनाए, और विदेश से सीखा। उद्योग का खंभा चढ़ता देखो।

1930 के दशक में सेना को इतनी ताक़त क्यों मिली?

मंदी से कष्ट हुआ और दलों पर भरोसा कम हुआ। अफ़सरों ने कहा कि विस्तार से मदद मिलेगी, और सेना ने सरकार के आदेश के बिना कार्रवाई की। सेना का खंभा चढ़ता देखो।

1945 को मोड़ क्यों कहते हैं?

व्यवस्था बदली: संप्रभुता जनता को, महिलाओं को वोट, भूमि सुधार। वोटर-बिंदु 1 से 50 हो गए (1925 में 20 बीच में), और सेना का खंभा गिरा।

मेइजी बहाली और संवैधानिक सरकार

1868 में युवा समुराई और दरबारी नेताओं के एक समूह ने 'सम्राट के नाम पर' नई सरकार बनाई। इसे मेइजी बहाली कहते हैं। शुरुआती क़दम तेज़ थे:

संविधान और संसद

स्वतंत्रता और जन-अधिकार आंदोलन में लोगों ने सरकार में हिस्सेदारी माँगी। सरकार ने सभा का वादा किया और 1889 का संविधान बनाया (यूरोपीय ढाँचों, ख़ासकर प्रशा, का अध्ययन करके)। सम्राट के पास बहुत अधिकार थे, और चुनी हुई डायट (संसद) 1890 से बैठने लगी। शुरू में केवल धनी पुरुष (लगभग 1% लोग) वोट दे सकते थे। 1925 में 25 साल और ऊपर के सब पुरुषों को वोट मिला (लगभग 20% लोग)।

सभ्यता और ज्ञानोदय, औद्योगिक क्रांति

नारा बुन्मेई काइका ('सभ्यता और ज्ञानोदय') का मतलब था पश्चिम से सीखना। सरकार ने इवाकुरा मिशन (1871-73) विदेश भेजा, अनिवार्य स्कूल (1872) शुरू किए, टोक्यो-योकोहामा रेलवे (1872) बनाई और तोमिओका रेशम मिल जैसे नमूना कारख़ाने शुरू किए।

औद्योगिक बढ़त

रेशम और सूती धागा बड़े निर्यात बने। लोहा, जहाज़ और हथियार जैसे भारी उद्योग सरकारी मदद से बढ़े। मित्सुई और मित्सुबिशी जैसे बड़े कारोबारी घराने (ज़ाइबात्सू) मज़बूत हुए। चीन (1894-95) और रूस (1904-05) से युद्धों में जीत से जापान को नई ज़मीनें मिलीं और वह उभरती ताक़त बना, पर सेना और नौसेना की भूमिका भी बढ़ी।

रोज़ की ज़िंदगी में बदलाव

शहर बढ़े, लोग पश्चिमी कपड़े पहनने लगे, अख़बार फैले। कारख़ानों के मज़दूर, अकसर कपड़ा मिलों की युवा महिलाएँ, लंबे घंटे कम वेतन पर काम करते थे। प्रदूषण और मज़दूर विवाद शुरू हुए।

मंदी, सैन्यवाद और युद्ध

1920 के दशक में दलों की सरकारें और खुली संस्कृति बढ़ी ('ताइशो लोकतंत्र')। पर 1923 के कांतो भूकंप और 1927 के बैंक संकट ने अर्थव्यवस्था को चोट दी, और 1929 की महामंदी ने रेशम के निर्यात को बुरी तरह मारा। किसान और मज़दूर परेशान हुए।

सेना का उभार

कई अफ़सर कहते थे कि बाहर विस्तार ही इलाज है। 1931 में सेना ने सरकार के आदेश के बिना मंचूरिया में कार्रवाई शुरू की (मंचूरिया घटना)। 1932 में प्रधानमंत्री पर हमले से दलीय सरकार ख़त्म हो गई। प्रेस और बोलने पर पाबंदी लगी।

युद्ध

1937 में चीन से युद्ध छिड़ा, और 1941 में जापान ने अमेरिका और ब्रिटेन पर हमला किया, जिससे युद्ध पूरे एशिया और प्रशांत में फैला। युद्ध में भारी जानहानि हुई, शहरों पर बमबारी हुई, और अगस्त 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिरे। जापान ने 15 अगस्त 1945 को आत्मसमर्पण किया।

यह पाठ बिना भयावह दृश्यों के तथ्य बताता है। हर जगह सबसे ज़्यादा कष्ट आम लोगों ने झेला।

क़ब्ज़ा-काल के सुधार और युद्धोत्तर जापान

1945 से 1952 तक अमेरिका की अगुवाई में मित्र शक्तियों ने क़ब्ज़ा रखा (जनरल मैकआर्थर प्रभारी थे)। उनके सुधारों ने, अकसर जापानी नेताओं की मदद से, व्यवस्था बदली:

क़ब्ज़े के बाद

सैन फ़्रांसिस्को शांति संधि 1952 में लागू हुई। 1950 के दशक के मध्य से 1970 के दशक की शुरुआत तक जापान की अर्थव्यवस्था बहुत तेज़ी से बढ़ी ('उच्च वृद्धि काल'); 1964 के टोक्यो ओलंपिक ने नया जापान दुनिया को दिखाया।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. मेइजी बहाली (1868) और पहली डायट (1890) के बीच कितने साल हुए?

1890 - 1868 = 22 साल।

2. 1890 में लगभग 100 में 1 वोट दे सकता था। 1946 के बाद लगभग 100 में 50। वोटर-हिस्सा कितना गुना हुआ?

50 / 1 = 50 गुना।

3. 1929 की मंदी से सेना को समर्थन क्यों मिला?

रेशम का निर्यात गिरा और किसान-मज़दूर ग़रीब हुए। कई लोगों का दलीय सरकारों से भरोसा उठा, और कुछ को लगा कि बाहर विस्तार से धन और सुरक्षा मिलेगी। सेना के नेताओं ने इसका फ़ायदा उठाया।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. मेइजी संविधान किस साल बना?
2. 1871 में हान की जगह क्या आया?
3. 'बुन्मेई काइका' का क्या अर्थ है?
4. क़ब्ज़ा-काल में कौन-सा सुधार आया?
5. द्वितीय विश्व युद्ध में जापान ने कब आत्मसमर्पण किया?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेइजी बहाली क्या थी?

1868 में युवा नेताओं ने सम्राट के नाम पर नई सरकार बनाई, हान और शोगुन व्यवस्था ख़त्म की, और तेज़ आधुनिकीकरण शुरू किया: सेना, कर, स्कूल, रेलवे और संविधान।

1947 के संविधान का अनुच्छेद 9 क्या कहता है?

यह कहता है कि जापान विवाद सुलझाने के लिए युद्ध छोड़ता है और इस उद्देश्य से युद्ध-बल नहीं रखता। व्यवहार में इसे कैसे समझें, इस पर तब से चर्चा चलती रही है।

1945 को मोड़ क्यों कहते हैं?

हार के बाद क़ब्ज़े में नया संविधान, महिलाओं को वोट, भूमि सुधार और बड़े कारोबारी घरानों का टूटना आया। सरकार और रोज़ की ज़िंदगी के कई हिस्से बदल गए।

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