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महामंदी, सैन्यवाद और जापान में द्वितीय विश्व युद्ध

1929 में अमेरिका का पैसों का संकट पूरी दुनिया की महामंदी (Great Depression) बन गया। जापान में रेशम के दाम गिरे, खेत और कारख़ाने मुश्किल में आए और बहुत लोग बेरोज़गार हुए। सेना के नेताओं ने रास्ता दिखाने का वादा करके ताक़त बढ़ाई, दलों की सरकार ख़त्म हुई और जापान एशिया और फिर प्रशांत क्षेत्र में युद्ध में उतर गया। 1945 में भारी जान-माल के नुक़सान के बाद युद्ध ख़त्म हुआ।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1929: अर्थव्यवस्था ठीक दिखती है। कारख़ाने चल रहे हैं, इसलिए हरी "उत्पादन" पट्टी ऊँची है। बेरोज़गार लोग कम हैं।
  2. 1929 से 1931: महामंदी। उत्पादन गिरता है और धूसर "बेरोज़गार" पट्टी तेज़ी से ऊपर जाती है। रेशम और चावल के किसानों की कमाई भी घट जाती है।
  3. 1931 से 1936: सेना के अफ़सर कहते हैं, "बाहर ज़मीन ले लो, अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी।" दलों की सरकार कमज़ोर होती है और लाल "सेना" पट्टी बढ़ती है।
  4. 1937 से 1941: चीन के साथ युद्ध फैलता है, फिर प्रशांत युद्ध शुरू होता है। उत्पादन हथियारों में लगता है और सेना की पट्टी बहुत ऊँची हो जाती है।
  5. 1945: युद्ध ख़त्म होता है। शहर, घर और कारख़ाने टूटे हैं। लाखों लोग मारे गए हैं। काली "नुक़सान" पट्टी भर चुकी है।
  6. अब तुम्हारी बारी: साल वाला स्लाइडर 1929 से 1945 तक खींचो। चारों पट्टियाँ देखो और चित्र के नीचे घटना पढ़ो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

अमेरिका के संकट से जापान को चोट क्यों लगी?

क्योंकि देश आपस में व्यापार करते हैं। अमेरिकियों ने रेशम कम ख़रीदा तो जापानी किसान परिवारों की कमाई गई। उत्पादन की पट्टी गिरती और बेरोज़गार की पट्टी चढ़ती देखो।

लोगों ने सेना की बात क्यों सुनी?

वे डरे हुए थे और जल्दी हल चाहते थे। सेना ने बाहर ज़मीन और संसाधनों का वादा किया। दूसरी आवाज़ें कमज़ोर पड़ीं तो लाल पट्टी बढ़ती है।

क्या युद्ध से अर्थव्यवस्था को फ़ायदा हुआ?

थोड़े समय के लिए उत्पादन बढ़ा, पर वह हथियारों के लिए था। अंत में नुक़सान कहीं ज़्यादा हुआ। ऊँची सेना पट्टी और फिर नुक़सान की पट्टी देखो।

कितने लोग मरे?

दुनिया में 7 करोड़ से ज़्यादा, ज़्यादातर आम लोग। नुक़सान की पट्टी इस क्षति का आकार दिखाती है।

नौकरियों के लिए सबसे बुरा साल कौन-सा था?

लगभग 1931। स्लाइडर को 1931 पर रखो और बेरोज़गार की पट्टी पढ़ो।

महामंदी जापान तक पहुँची

अक्टूबर 1929 में न्यूयॉर्क में शेयरों के दाम धड़ाम से गिरे। बैंक बंद हुए और कारख़ाने रुक गए। देश आपस में व्यापार करते हैं, इसलिए संकट फैल गया। इस दुनिया-भर की मंदी को महामंदी (Great Depression) कहते हैं।

जापान पर दो तरह से असर पड़ा:

1931 में उत्तर-पूर्व में फ़सल ख़राब हुई। बहुत मज़दूर बेरोज़गार हुए, कुछ शहरी लोग गाँव लौटे और बड़े व्यापारिक घरानों (ज़ाइबात्सु) तथा बेबस दिखते राजनीतिक दलों पर ग़ुस्सा बढ़ा।

सैन्यवाद का उभार

सैन्यवाद (militarism) का मतलब है कि सेना और उसके विचारों के पास चुने हुए नेताओं से ज़्यादा ताक़त हो जाए और देश मुख्यतः युद्ध के लिए चले। जापान में यह ऐसे बढ़ा:

अख़बारों और स्कूलों पर नियंत्रण था और युद्ध के विरुद्ध बोलने पर गिरफ़्तारी हो सकती थी।

द्वितीय विश्व युद्ध और उसकी तबाही

1939 में यूरोप में युद्ध शुरू हुआ। 1940 में जापान जर्मनी और इटली के साथ संधि में शामिल हुआ। 8 दिसंबर 1941 (जापानी समय) को जापान ने हवाई और दक्षिण-पूर्व एशिया के ठिकानों पर हमला किया और प्रशांत युद्ध शुरू हुआ। जापान ने एशिया में बहुत-सी जगहें ले लीं, पर 1942 से वह हारने लगा। 1944 से बमवर्षक जापानी शहरों पर आने लगे। 10 मार्च 1945 की रात के हमले में पूर्वी टोक्यो का बड़ा हिस्सा जल गया। अप्रैल से जून 1945 तक ओकिनावा की लंबी लड़ाई में बहुत-से आम स्थानीय लोग मारे गए। अगस्त 1945 में हिरोशिमा (6 अगस्त) और नागासाकी (9 अगस्त) पर परमाणु बम गिरे। 15 अगस्त 1945 को युद्ध ख़त्म हुआ।

मानवीय क़ीमत: पूरी दुनिया में 7 करोड़ से ज़्यादा लोग मरे। लगभग 30 लाख जापानी मरे। चीन, कोरिया, फ़िलीपींस और दूसरे एशियाई देशों के लोगों ने भी भयानक कष्ट सहा और यूरोप में लगभग 60 लाख यहूदी मारे गए। बच्चों को शहरों से गाँव भेजा गया, खाना राशन से मिलता था और विद्यार्थी कारख़ानों में काम करते थे। युद्ध के बाद शहर फिर बने और बहुत-से बचे लोगों ने शांति के लिए काम किया।

करके देखो: चार पट्टियाँ

3D का आख़िरी चरण खोलो और साल वाला स्लाइडर खींचो। पहले अंदाज़ा लगाओ: 1931 में कौन-सी पट्टी सबसे ऊँची है? फिर जाँचो। अब 1941 पर जाओ। "बेरोज़गार" की जगह अब कौन-सी पट्टी मुख्य कहानी है? घर पर परिवार के किसी बुज़ुर्ग से पूछो कि उनकी जवानी के कठिन समय के बारे में वे क्या जानते हैं और उनके दो शब्द लिख लो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 1929 के बाज़ार-संकट से 1945 में युद्ध के अंत तक कितने साल बीते?

1945 - 1929 = 16 साल।

2. दो पंक्तियों में समझाओ कि मंदी से सेना को समर्थन क्यों मिला।

बहुत लोगों की नौकरी और कमाई गई और वे दलों और बड़े व्यापार पर नाराज़ थे। सेना ने बाहर ज़मीन और संसाधनों का वादा किया, इसलिए बहुत-से लोगों ने उसका नेतृत्व मान लिया।

3. 1929 में रेशम की एक गाँठ 100 येन की थी और 1931 में 40 येन की। दाम कितने प्रतिशत गिरा?

गिरावट = 100 - 40 = 60 येन। 60 / 100 = 60 प्रतिशत।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. महामंदी शुरू करने वाला बाज़ार-संकट किस साल हुआ?
2. मंदी में जापान के किस निर्यात का दाम बुरी तरह गिरा?
3. सैन्यवाद का क्या मतलब है?
4. जापान के लिए द्वितीय विश्व युद्ध किस तारीख़ को ख़त्म हुआ?
5. अगस्त 1945 में किन दो शहरों पर परमाणु बम गिरे?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महामंदी का जापान पर असर क्यों पड़ा?

देश आपस में ख़रीदते-बेचते हैं। अमेरिका ने ख़रीदना घटाया तो जापान का निर्यात, ख़ासकर रेशम, गिरा। खेतों और कारख़ानों की कमाई गई और बहुत लोग बेरोज़गार हुए।

जापान में सेना को ताक़त कैसे मिली?

अफ़सरों ने आदेश के बिना कार्रवाई की (1931), कुछ नेताओं को गोली मारी गई (1932) और विफल बग़ावत (1936) ने भी नेताओं को डरा दिया। कठिन समय से नाराज़ बहुत-से नागरिकों ने सेना का साथ दिया।

द्वितीय विश्व युद्ध में कितने लोग मरे?

पूरी दुनिया में 7 करोड़ से ज़्यादा, जिनमें ज़्यादातर आम लोग थे। लगभग 30 लाख जापानी मरे।

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