पुनर्निर्माण: खंडहर से फिर खड़ी अर्थव्यवस्था
युद्ध में सोवियत संघ ने लगभग 2.7 करोड़ जानें खोईं (अनुमान)। सोवियत स्रोत बताते हैं कि लगभग 1,700 शहर, 70,000 गाँव और 32,000 कारख़ाने तबाह हुए। करोड़ों लोग बेघर थे।
1946 में सरकार ने चौथी पंचवर्षीय योजना (1946-1950) शुरू की। पंचवर्षीय योजना यानी पूरी अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों की सूची। इसमें भारी उद्योग सबसे पहले था: कोयला, इस्पात, बिजली, मशीनें और रेल। काम में युद्धबंदी और गुलाग के क़ैदी लगे, और हारे हुए जर्मनी से लाया सामान भी काम आया।
- नतीजा: 1948 तक उद्योग 1940 के स्तर से ऊपर आ गया। सरकारी आँकड़ों में 1950 में यह लगभग 73% ज़्यादा था (इतिहासकार थोड़ा कम मानते हैं)।
- खेती पीछे रही। सामूहिक खेतों में आदमी, मशीन और पैसा कम था। सूखे और ख़राब फ़सल से 1946-47 में अकाल पड़ा।
- रोज़ की ज़िंदगी: दिसंबर 1947 में मुद्रा-सुधार के साथ राशन कार्ड बंद हुए (पुराने नोट नए से बदले गए, बचत वालों को घाटे पर)। 1947 से हर बसंत में सरकार क़ीमतें थोड़ी घटाती रही।
राजनीति: स्टालिन, पार्टी और कसा हुआ नियंत्रण
युद्ध के बाद बहुतों को ज़्यादा आज़ादी की उम्मीद थी, क्योंकि सैनिक यूरोप देखकर आए थे। उलटे नियंत्रण और कसा।
- स्टालिन सरकार और पार्टी दोनों के प्रमुख थे। अहम फ़ैसले वे और एक छोटा घेरा लेते थे। पार्टी कांग्रेस 1939 के बाद पहली बार 1952 में हुई।
- नेतृत्व के भीतर टकराव: लेनिनग्राद कांड (1949-50) में उस शहर के कई अधिकारी गिरफ़्तार हुए, कुछ को मौत की सज़ा मिली। 1953 की शुरुआत में "डॉक्टरों की साज़िश" की कहानी से फिर डर फैला।
- गुलाग और निर्वासन: शिविरों में लाखों लोग थे, और युद्ध में निर्वासित कई छोटे समुदाय वापस नहीं आ पाए।
- "विदेशी" विचारों के ख़िलाफ़ अभियान (1948-49): लोगों से कहा गया कि सिर्फ़ सोवियत और रूसी उपलब्धियों की तारीफ़ करें।
इसीलिए 3D में परिषदों (सोवियतों) के ऊपर एक ऊँचा लाल स्तंभ है: काग़ज़ पर परिषदें शासन करती थीं, असल में पार्टी।
स्टालिन के अंतिम वर्षों में विज्ञान और संस्कृति
संस्कृति पर नज़र। 1946 में पार्टी ने पत्रिकाओं ज़्वेज़्दा और लेनिनग्राद तथा लेखकों अन्ना अख़्मातोवा और मिखाइल ज़ोश्चेंको की आलोचना की। इस अभियान का नाम पार्टी सचिव आंद्रेई ज़दानोव से जुड़ा है। 1948 में शोस्ताकोविच और प्रोकोफ़ीव जैसे संगीतकारों की भी आलोचना हुई। संदेश: कला पार्टी की सेवा करे और आम आदमी को आसानी से समझ आए।
रक्षा के लिए विज्ञान। हथियारों की खोज पर भारी रक़म लगी:
- पहला सोवियत परमाणु रिएक्टर 1946 में चला और पहले परमाणु बम का परीक्षण 29 अगस्त 1949 को हुआ। परियोजना के नेता इगोर कुर्चातोव थे। 1953 में हाइड्रोजन-प्रकार का पहला परीक्षण हुआ।
- सेर्गेई कोरोलेव ने 1948-50 में पहले सोवियत लंबी दूरी के रॉकेट बनाए। यही रॉकेट आगे चलकर पहला उपग्रह ले गए।
- जीव-विज्ञान में त्रोफ़िम लिसेंको के राज्य-समर्थित ग़लत विचार ने 1948 में आनुवंशिकी को किनारे कर दिया और खेती के विज्ञान को नुक़सान हुआ।
राज्य ने बड़ी दिखावटी इमारतें भी बनवाईं, जैसे मास्को विश्वविद्यालय की ऊँची इमारत (1953)।
युद्धोत्तर दुनिया में स्थान
सोवियत संघ विजेता और महाशक्ति बनकर निकला। वह संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य और सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों में से एक था, वीटो के साथ।
- पूर्वी गुट: 1945 से 1948 के बीच सोवियत मदद से पोलैंड, हंगरी, रोमानिया, बुल्गारिया, चेकोस्लोवाकिया आदि में कम्युनिस्ट दल सत्ता में आए। 1949 में इन देशों और सोवियत संघ ने व्यापार-समूह कोमेकॉन बनाया।
- पश्चिम से दरार: सोवियत संघ ने अमेरिकी मार्शल योजना (1947) ठुकराई और कम्युनिस्ट दलों को जोड़ने के लिए कॉमिनफ़ॉर्म (1947) बनाया। बर्लिन नाकेबंदी (1948-49) शुरुआती संकट थी। यही शीत युद्ध है: दो महाशक्तियों की सीधी लड़ाई के बिना होड़।
- एशिया: 1949 में चीन में कम्युनिस्ट जीते और 1950 में मित्रता-संधि हुई। कोरियाई युद्ध (1950-53) में सोवियत संघ ने उत्तर कोरिया का साथ दिया।
- सब एक तरफ़ नहीं: भारत ने किसी गुट में न जाना चुना और सोवियत संघ से मित्रता रखी।
करके देखिए
पहला: स्लाइडर चलाने से पहले अंदाज़ा लगाइए कि उद्योग किस साल लाल 1940-रेखा के ऊपर गया। फिर चरण 5 पर वर्ष-स्लाइडर से जाँचिए। दूसरा: 1946 देखिए। पट्टी क्यों गिरी? (कारख़ाने युद्ध से शांति के सामान की ओर मुड़े और फ़सल मारी गई।) तीसरा: घर पर किसी बुज़ुर्ग से पूछिए "राशन कार्ड" क्या होता है और उस पर एक वाक्य लिखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- चौथी पंचवर्षीय योजना: 1946-1950, भारी उद्योग पहले
- उद्योग-सूचकांक (1940 = 100): 1945 = 92, 1946 = 77, 1948 = 118, 1950 = 173 (सरकारी, पूर्णांक)
- राशन कार्ड बंद और मुद्रा-सुधार: दिसंबर 1947
- पहला सोवियत परमाणु बम परीक्षण: 29 अगस्त 1949 (कुर्चातोव)
- कोमेकॉन 1949; कॉमिनफ़ॉर्म 1947; बर्लिन नाकेबंदी 1948-49
- संस्कृति में ज़दानोव अभियान: 1946-48; लेनिनग्राद कांड 1949-50
- मुख्य शब्द: पुनर्निर्माण, पंचवर्षीय योजना, अकाल, शीत युद्ध, गुट
हल किए गए उदाहरण
1. चौथी पंचवर्षीय योजना में भारी उद्योग को पहले क्यों रखा गया?
भारी उद्योग (कोयला, इस्पात, बिजली, मशीनें) बाक़ी सब कुछ फिर खड़ा करने के लिए और शीत युद्ध में हथियार बनाने के लिए भी चाहिए था। नेताओं ने सोचा कि जूते, खाना और मकान इंतज़ार कर सकते हैं। इसलिए कारख़ाने जल्दी उबरे, पर लोगों को दुकानों में देर से असर दिखा।
2. उद्योग 1940 में 100 था। 1950 में सरकारी आँकड़ा 173 था। उद्योग कितने प्रतिशत बढ़ा?
वृद्धि = 173 - 100 = 73 अंक, यानी उद्योग 1940 के स्तर से 73% ऊपर (सरकारी आँकड़ा; कुछ इतिहासकार थोड़ा कम मानते हैं)।
3. समझाइए कि 1945-1953 के वर्ष कठिनाई और सफलता दोनों के क्यों थे।
सफलता: भारी उद्योग फिर खड़ा हुआ, 1949 में परमाणु परीक्षण, दुनिया में बड़ा स्थान। कठिनाई: 1946-47 का अकाल, ख़राब मकान और वेतन, गुलाग और लेखकों-अधिकारियों के ख़िलाफ़ अभियान। राज्य ने आराम से ऊपर शक्ति और रक्षा को चुना।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि 1945 में कठिनाई ख़त्म हो गई। 1946-47 में अकाल पड़ा और राशन दिसंबर 1947 तक चला।
- परमाणु बम का परीक्षण 1945 बताना। सोवियत परीक्षण 29 अगस्त 1949 को हुआ।
- पंचवर्षीय योजनाएँ गड्डमड्ड करना: चौथी योजना 1946-50 (युद्ध के बाद) है; तीसरी को युद्ध ने बीच में रोक दिया।
- मानना कि पार्टी कांग्रेस हर साल होती थी। स्टालिन के समय 13 साल के अंतर के बाद वह 1952 में ही हुई।