पुनर्निर्माण और युद्ध के बाद की तेज़ी
दूसरे विश्व युद्ध ने यूरोप के कई शहर तोड़ दिए। अमेरिका को नुकसान नहीं हुआ था और वह धनी था। 1947–48 में उसने मार्शल योजना रखी: यूरोप के पुनर्निर्माण के लिए पैसा, खाना और मशीनें (लगभग 1948–52)। इससे अमेरिका को भी फ़ायदा हुआ क्योंकि उसे ग्राहक चाहिए थे, और शीत युद्ध में पश्चिमी यूरोप साम्यवाद से दूर रहा।
लगभग 1950 से 1973 तक पश्चिमी यूरोप और अमेरिका में लंबी तेज़ी रही। प्रति व्यक्ति उत्पादन दुगुने से ज़्यादा हुआ। नौकरियाँ थीं और वेतन हर साल बढ़ता था।
उपभोक्ता समाज
उपभोक्ता समाज वह है जहाँ ज़्यादातर परिवार खाने और रहने से आगे भी खर्च करते हैं। वे फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन और कार जैसी चीज़ें खरीदते हैं।
- ऊँचे वेतन से पैसा बचता था।
- कारखानों में बड़े पैमाने के उत्पादन से सामान सस्ता हुआ।
- उधार (अभी खरीदो, बाद में चुकाओ) से बड़ी चीज़ें आसानी से मिलने लगीं।
- टीवी और पत्रिकाओं में विज्ञापन ने खरीदने की चाह जगाई।
- खरीदारी की नई जगहें: सुपरमार्केट और शॉपिंग सेंटर।
कुछ लोगों को चिंता थी कि खुशी केवल चीज़ों के मालिक होने से नापी जाने लगी है।
कल्याणकारी राज्य और समान अधिकार
कल्याणकारी राज्य में कर के पैसे से इलाज, बुढ़ापे की पेंशन, स्कूल और बेरोज़गारों की मदद होती है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (1948) इसका प्रसिद्ध उदाहरण है। पश्चिमी यूरोप के देशों ने अपने-अपने रूप बनाए।
अमेरिका में 1950 और 1960 के दशक का नागरिक अधिकार आंदोलन, जिसका नेतृत्व मार्टिन लूथर किंग जूनियर जैसे लोगों ने किया, अश्वेत अमेरिकियों के विरुद्ध अन्यायपूर्ण कानूनों से लड़ा। नागरिक अधिकार कानून (1964) और मताधिकार कानून (1965) बने। महिलाओं के आंदोलनों ने भी समान वेतन और अधिकार माँगे।
यूरोप का एक होना
नेता चाहते थे कि फिर कभी न लड़ें। 1951 में छह देशों (फ्रांस, पश्चिमी जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, लक्ज़मबर्ग) ने कोयला और इस्पात, यानी युद्ध की सामग्री, साझा की। 1957 में रोम संधि से साझा बाज़ार बना। और देश जुड़े: 1973 में 9, 1986 तक 12, 1995 में 15 और 2004 में 25। यूरोपीय संघ (EU) 1993 में शुरू हुआ; यूरो 1999 में शुरू हुआ। 2020 में ब्रिटेन निकला, तो 27 बचे।
झटके, नए विचार और सूचना क्रांति
1973 में तेल बेचने वाले देशों ने दाम तेज़ी से बढ़ाए। ईंधन और कारखानों की लागत बढ़ी, वृद्धि धीमी हुई और कीमतें चढ़ीं, जिससे तेज़ी का दौर खत्म हुआ। 1980 के दशक में अमेरिका और ब्रिटेन के नेताओं ने कम राज्य, ज़्यादा बाज़ार की बात की।
इसी बीच सूचना क्रांति आई। पहला कंप्यूटर नेटवर्क (ARPANET) 1969 में चार कंप्यूटर जोड़ता था। वर्ल्ड वाइड वेब 1991 में आम लोगों के लिए खुला और स्मार्टफ़ोन 2007 के बाद फैले। जानकारी सस्ती और तुरंत मिलने लगी, नई नौकरियाँ (सॉफ़्टवेयर, ऑनलाइन सेवाएँ) आईं और पुरानी बदलीं। साथ ही नई समस्याएँ भी आईं: निजता, झूठी खबरें और असमान पहुँच।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मार्शल योजना: अमेरिकी सहायता 1948–52
- युद्धोत्तर तेज़ी: लगभग 1950–1973
- यूरोपीय संघ के सदस्य: 6 (1951), 9 (1973), 12 (1986), 15 (1995), 25 (2004), 27 (2020)
- उपभोक्ता समाज = ऊँचे वेतन + बड़े पैमाने का उत्पादन + उधार + विज्ञापन
हल किए गए उदाहरण
1. अमेरिका ने मार्शल योजना से पश्चिमी यूरोप को इतनी मदद क्यों दी?
तीन कारण एक साथ: बर्बाद देशों का पुनर्निर्माण, अमेरिकी सामान के लिए ग्राहक बनाना, और शीत युद्ध में गरीबी से पश्चिमी यूरोप के लोगों को साम्यवाद की ओर जाने से रोकना।
2. पश्चिमी यूरोप में प्रति व्यक्ति उत्पादन 1950 में 100 और 1973 में लगभग 250 था। यह कितने गुना बढ़ा, और परिवारों के लिए इसका क्या मतलब है?
250 ÷ 100 = 2.5 गुना। परिवार की आमदनी लगभग ढाई गुना हो गई, इसलिए वे फ्रिज, टीवी या कार खरीद सकते थे।
3. यूरोप और अमेरिका में 1973 के तेल झटके का एक कारण और एक असर बताइए।
कारण: तेल बेचने वाले देशों ने दाम बहुत बढ़ाए। असर: ईंधन और परिवहन महँगे हुए, कारखानों ने उत्पादन घटाया, वृद्धि धीमी हुई और कीमतें बढ़ीं (लंबी तेज़ी खत्म हुई)।
आम गलतियाँ
- मार्शल योजना को सोवियत संघ के लिए कर्ज़ समझना। यह यूरोप को पेश की गई थी, और सोवियत संघ व उसके साथियों ने मना कर दिया।
- यूरोपीय संघ और नाटो को एक समझना। यूरोपीय संघ व्यापार और साझा नियमों का है; नाटो सैन्य गठबंधन है।
- यह कहना कि तेज़ी आज तक चली। यह 1973 के आसपास खत्म हो गई।
- यह मानना कि सूचना क्रांति स्मार्टफ़ोन से शुरू हुई। पहले जुड़ाव 1969 में और वेब 1991 में आया।