क़ब्ज़ा और लोकतांत्रिक सुधार
अगस्त 1945 में जापान के आत्मसमर्पण के बाद मित्र देशों ने 1952 तक उस पर क़ब्ज़ा रखा। असल में नेतृत्व अमेरिका के पास था। आदेश देने वाला दफ़्तर GHQ था, जिसके प्रमुख जनरल डगलस मैकआर्थर थे। वह जापानी सरकार को हटाकर नहीं, बल्कि उसी के ज़रिए काम करता था। दो लक्ष्य थे: असैन्यीकरण (सेना और हथियार हटाना) और लोकतंत्रीकरण (लोगों को आवाज़ देना)। युद्ध के ज़िम्मेदार नेताओं पर टोक्यो मुक़दमे (1946 से 1948) चले।
मुख्य सुधार:
- भूमि सुधार (1946 से 1950): सरकार ने उन ज़मींदारों से ज़मीन ख़रीदी जो खुद खेती नहीं करते थे और सस्ते में किसानों को बेच दी। किराये की ज़मीन लगभग 46 प्रतिशत से घटकर लगभग 10 प्रतिशत रह गई।
- महिलाओं का वोट: अप्रैल 1946 के चुनाव में महिलाओं ने पहली बार वोट दिया और 39 चुनी गईं।
- मज़दूरों के अधिकार: मज़दूर संघ बना सकते थे और हड़ताल कर सकते थे।
- शिक्षा: 1947 के नए क़ानून से सबके लिए 6 साल प्राथमिक और 3 साल निम्न माध्यमिक स्कूल बने, लड़कियों और लड़कों को बराबर मौक़ा मिला।
- ज़ाइबात्सु का टूटना: परिवारों के विशाल व्यापारिक घराने तोड़े गए ताकि कुछ ही परिवार पूरी अर्थव्यवस्था न चलाएँ।
जनवरी 1946 में सम्राट ने कहा कि वे जीवित देवता नहीं हैं।
नया संविधान
पुराने मेइजी संविधान (1889) में संप्रभुता सम्राट के पास थी। जापान का संविधान 3 नवंबर 1946 को घोषित हुआ और 3 मई 1947 से लागू हुआ। उसका मसौदा GHQ के विचारों से शुरू हुआ, पर जापानी संसद (डायट) ने उस पर बहस की और उसे बदला। उसके तीन मुख्य स्तंभ हैं:
- जनता की संप्रभुता: अंतिम सत्ता जनता के पास है। सम्राट केवल प्रतीक है (सम्राट वाला पाठ देखो)।
- मौलिक मानव अधिकारों का सम्मान: बोलने की आज़ादी, स्त्री-पुरुष की बराबरी और जीने का अधिकार।
- शांतिवाद: अनुच्छेद 9 में जापान झगड़े सुलझाने के लिए युद्ध का त्याग करता है और युद्ध के लिए सेनाएँ नहीं रखता।
डायट राज्य की सर्वोच्च संस्था बनी और प्रधानमंत्री उस मंत्रिमंडल का नेतृत्व करता है जो डायट के प्रति जवाबदेह है। अदालतें स्वतंत्र हुईं।
शीत युद्ध और शांति संधि
1945 के बाद अमेरिका और सोवियत संघ प्रतिद्वंद्वी बन गए और दुनिया पश्चिमी और पूर्वी गुट में बँट गई (शीत युद्ध)। 1949 में चीन में साम्यवादी सरकार आई और 1950 में कोरिया युद्ध शुरू हुआ। अब अमेरिका जापान को कमज़ोर देश की जगह स्थिर साथी के रूप में चाहता था।
- क़ब्ज़ा-व्यवस्था ने बड़े व्यापार के ख़िलाफ़ अपने सुधार धीमे किए और कुछ प्रतिबंधित नेता लौट आए।
- 1950 में राष्ट्रीय पुलिस आरक्षित बल बना। 1954 में यही आत्मरक्षा बल (Self-Defense Forces) बना।
- सितंबर 1951 में जापान ने बहुत-से देशों के साथ सैन फ़्रांसिस्को शांति संधि पर हस्ताक्षर किए (सोवियत संघ और कुछ अन्य ने नहीं किए)। उसी दिन अमेरिका के साथ सुरक्षा संधि हुई, जिससे अमेरिकी अड्डे जापान में रह सकते हैं।
- संधि 28 अप्रैल 1952 को लागू हुई और जापान फिर स्वतंत्र हो गया।
- 1956 में जापान और सोवियत संघ ने युद्ध की स्थिति ख़त्म की और जापान संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ।
करके देखो: साल-दर-साल
3D के आख़िरी चरण में स्लाइडर 1946 पर रखो। कौन-सी बत्ती बुझी है? 1947 पर जाओ: संविधान की बत्ती जलती है। 1952 पर जाओ: दूसरी बत्ती जलती है और GHQ का नियंत्रण शून्य हो जाता है। एक वाक्य में बताओ कि 1950 से 1952 के बीच क्या बदला। घर पर पूछो या गिनो कि युद्ध के अंत से क़ब्ज़े के अंत तक कितने साल हुए (उत्तर: 7)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य वर्ष: 1945 क़ब्ज़ा शुरू · 1946 महिलाओं का वोट · 3 नवंबर 1946 संविधान घोषित · 3 मई 1947 लागू · 1950 कोरिया युद्ध · सितंबर 1951 शांति संधि · 28 अप्रैल 1952 स्वतंत्रता
- क़ब्ज़े के दो लक्ष्य: असैन्यीकरण और लोकतंत्रीकरण
- 1947 के संविधान के तीन स्तंभ: जनता की संप्रभुता, मौलिक मानव अधिकार, शांतिवाद (अनुच्छेद 9)
- भूमि सुधार: किराये की ज़मीन लगभग 46 प्रतिशत से लगभग 10 प्रतिशत
हल किए गए उदाहरण
1. जापान पर मित्र देशों का क़ब्ज़ा (1945 से 1952) कितने साल चला?
1952 - 1945 = 7 साल।
2. 200 खेतों में से 92 भूमि सुधार से पहले किराये के थे (46 प्रतिशत)। सुधार के बाद 10 प्रतिशत किराये के रहे। बाद में कितने खेत किराये के थे?
200 का 10 प्रतिशत = 20 खेत। यानी 92 - 20 = 72 खेत अपने मालिक के हो गए।
3. जापान के संविधान के तीन स्तंभ बताओ और हर एक का एक उदाहरण दो।
जनता की संप्रभुता: जनता डायट को चुनती है। मौलिक मानव अधिकार: बोलने की आज़ादी और स्त्री-पुरुष की बराबरी। शांतिवाद: अनुच्छेद 9 झगड़े सुलझाने के लिए युद्ध का त्याग करता है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि GHQ सीधे जापान पर राज करता था। वह जापानी सरकार के ज़रिए काम करता था।
- तारीख़ें गड़बड़ाना: संविधान 3 नवंबर 1946 को घोषित हुआ पर 3 मई 1947 को लागू हुआ।
- कहना कि जापान 1951 में स्वतंत्र हुआ। संधि 1951 में हस्ताक्षरित हुई पर 28 अप्रैल 1952 को लागू हुई।
- यह मानना कि संविधान GHQ का जस-का-तस लिखा पाठ था। जापानी डायट ने उस पर बहस की और उसे बदला।