उच्च आर्थिक वृद्धि
लगभग 1955 से 1973 तक जापान की अर्थव्यवस्था हर साल लगभग 9 से 10 प्रतिशत बढ़ी। 18 साल में वह लगभग 4.8 गुना बड़ी हो गई। इस दौर को उच्च आर्थिक वृद्धि का दौर कहते हैं। 1960 में प्रधानमंत्री इकेदा ने दस साल में आय दुगुनी करने की योजना घोषित की और 1968 में जापान अमेरिका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया।
इतनी तेज़ी क्यों?
- लोग बहुत बचत करते थे और बैंक वह पैसा कारख़ानों को उधार देते थे।
- मज़दूर पढ़े-लिखे और मेहनती थे।
- कंपनियों ने नई तकनीक ख़रीदी और उसे सुधारा (इस्पात, जहाज़, कारें, इलेक्ट्रॉनिक्स)।
- तेल सस्ता था, विनिमय दर 360 येन प्रति अमेरिकी डॉलर तय थी और दुनिया का बाज़ार जापानी सामान के लिए खुला था।
रोज़ की ज़िंदगी बदली। टीवी, वॉशिंग मशीन और फ़्रिज, और बाद में कारें और एयर कंडीशनर घरों में आए। बहुत लोग खेतों से शहरों में गए। अक्टूबर 1964 में टोक्यो ओलंपिक और तोकाइदो शिनकानसेन (बुलेट ट्रेन) के शुरू होने ने दुनिया को दिखाया कि जापान संभल गया है।
क़ीमत: कारख़ानों का कचरा हवा और नदियों में गया, जिससे मिनामाता रोग (मछली में पारा) और इताई-इताई रोग (चावल में कैडमियम) जैसी गंभीर बीमारियाँ हुईं। शहरों में भीड़ बढ़ी और गाँवों से जवान लोग चले गए। जनता के विरोध के बाद 1967 में प्रदूषण नियंत्रण का मूल क़ानून और 1971 में पर्यावरण एजेंसी बनी।
ओकिनावा की वापसी और चीन से संबंध सामान्य होना
ओकिनावा। 1945 की भीषण लड़ाई के बाद ओकिनावा द्वीप अमेरिकी प्रशासन में रहे, जबकि बाक़ी जापान 1952 में स्वतंत्र हो गया था। 1960 के दशक में ओकिनावा और बाक़ी जापान के लोगों ने वापसी की माँग की। प्रधानमंत्री सातो की बातचीत के बाद ओकिनावा 15 मई 1972 को जापान को लौटाया गया। बहुत-से अमेरिकी अड्डे बने रहे, जो आज भी स्थानीय स्तर पर बड़ा मुद्दा है।
चीन। 1949 के बाद जापान के पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना से कोई आधिकारिक संबंध नहीं थे। 1970 के दशक की शुरुआत में दुनिया बदली: अमेरिका भी चीन से बात करने लगा। 29 सितंबर 1972 को प्रधानमंत्री तानाका बीजिंग गए और दोनों देशों ने संयुक्त वक्तव्य से संबंध सामान्य किए। 1978 में उन्होंने शांति और मित्रता की संधि की। उनके बीच व्यापार और यात्रा तेज़ी से बढ़ी।
तेल संकट और वैश्वीकरण
अक्टूबर 1973 में तेल के दाम उछले (बदलती विश्व व्यवस्था वाला पाठ देखो)। जापान के पास तेल बहुत कम है, इसलिए 1974 में उसकी अर्थव्यवस्था थोड़ी सिकुड़ गई। 9-10 प्रतिशत वृद्धि का दौर ख़त्म हो गया। जापान ने ऊर्जा बचाई और 1970 के दशक के अंत और 1980 के दशक में वृद्धि लगभग 4-5 प्रतिशत रही।
वैश्वीकरण (globalisation) का मतलब है कि व्यापार, पैसा, लोग, विचार और कंपनियाँ दुनिया-भर में और ज़्यादा आती-जाती हैं। जापान के लिए इसका मतलब था:
- कारों, मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक्स का दुनिया-भर में निर्यात।
- 1985 के प्लाज़ा समझौते के बाद येन मज़बूत हुआ, इसलिए कंपनियों ने विदेशों में कारख़ाने लगाए।
- 1980 के दशक के अंत में शेयर और ज़मीन के दाम बहुत ज़्यादा चढ़ गए (बुलबुला)। 1990 के शुरू में वह फूटा और वृद्धि धीमी (लगभग 1 प्रतिशत) हो गई।
- जापान एशिया में सहायता और निवेश का बड़ा स्रोत बना और विश्व-व्यापार संगठनों का सदस्य रहा।
करके देखो: चार पट्टियाँ
3D के आख़िरी चरण में स्लाइडर 1970 पर रखो: कौन-सी पट्टी सबसे ऊँची है? 1975 पर जाओ। कौन-सी घटी और क्यों? अब 1995 पर जाओ। 1955 के मुक़ाबले अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी है? घर पर पूछो कि उनके घर में पहली बिजली की चीज़ कौन-सी आई और किस साल। उसे आम होने में कितना समय लगा?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उच्च वृद्धि का दौर: लगभग 1955 से 1973, हर साल लगभग 9-10 प्रतिशत, अर्थव्यवस्था लगभग 4.8 गुना
- मुख्य वर्ष: 1960 आय दुगुनी करने की योजना · 1964 टोक्यो ओलंपिक और शिनकानसेन · 15 मई 1972 ओकिनावा की वापसी · 29 सितंबर 1972 जापान-चीन संबंध · 1973 तेल संकट · 1985 प्लाज़ा समझौता
- n साल में अर्थव्यवस्था का आकार = शुरुआती आकार × (1 + दर)^n
- वैश्वीकरण: व्यापार, पैसा, लोग और विचार का दुनिया-भर में ज़्यादा आना-जाना
हल किए गए उदाहरण
1. एक अर्थव्यवस्था हर साल 10 प्रतिशत बढ़ती है। 100 से शुरू होकर 2 साल बाद कितनी होगी?
पहला साल: 100 × 1.10 = 110। दूसरा साल: 110 × 1.10 = 121।
2. 1955 से 1973 में जापान की अर्थव्यवस्था 4.8 गुना बड़ी हुई। 1955 में 100 थी तो 1973 में कितनी?
100 × 4.8 = 480।
3. जापान की तेज़ वृद्धि के दो कारण और दो क़ीमतें लिखो।
कारण: ऊँची बचत और अच्छी शिक्षा; सस्ता तेल और खुले विश्व बाज़ार। क़ीमतें: मिनामाता जैसे प्रदूषण-रोग; भीड़ वाले शहर और ख़ाली होते गाँव।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि तेज़ वृद्धि का दौर 1990 के दशक तक चला। वह 1973 के तेल संकट पर ख़त्म हुआ।
- सोचना कि ओकिनावा 1952 में लौटा। वह 15 मई 1972 तक अमेरिकी प्रशासन में रहा।
- 1972 की घटनाएँ गड़बड़ाना: ओकिनावा मई में लौटा, चीन से संबंध सितंबर में सामान्य हुए।
- कहना कि वृद्धि से कोई नुक़सान नहीं हुआ। प्रदूषण से गंभीर बीमारियाँ हुईं और नए क़ानून बने।