चीन: क्रांति, योजना और सुधार
राष्ट्रवादियों और साम्यवादियों के बीच गृहयुद्ध 1949 में खत्म हुआ। माओ ज़ेदोंग ने जनवादी गणराज्य चीन की घोषणा की। राज्य ने ज़मीन, कारखाने और व्यापार संभाले और अर्थव्यवस्था की योजना बनाई। महान छलाँग (1958–62) वृद्धि तेज़ करने की कोशिश थी, पर अकाल में खत्म हुई। सांस्कृतिक क्रांति (1966–76) ने स्कूलों और शहरों में गहरी अव्यवस्था फैलाई। माओ के बाद देंग श्याओफ़िंग ने 1978 में सुधार और खुलापन शुरू किया: परिवार मुनाफ़े के लिए खेती कर सकते थे, विशेष आर्थिक क्षेत्रों में विदेशी कंपनियाँ आईं, और 2001 में चीन विश्व व्यापार संगठन में शामिल हुआ। लगभग चालीस साल अर्थव्यवस्था बहुत तेज़ बढ़ी।
भारत: लोकतंत्र और विकास
भारत 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ और उसका विभाजन हुआ: पाकिस्तान बना, बहुत नुकसान और पलायन के साथ। संविधान (1950) ने भारत को गणराज्य बनाया जहाँ हर वयस्क मत दे सकता था। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में मिश्रित अर्थव्यवस्था रही, पंचवर्षीय योजनाएँ (1951 से), बड़े बाँध और सार्वजनिक उद्योग बने, और भारत शीत युद्ध के दोनों गुटों से बाहर रहा (गुटनिरपेक्षता)। 1960 के दशक की हरित क्रांति, उन्नत बीजों और सिंचाई से, खाद्यान्न आयात की निर्भरता खत्म कर गई। 1991 में भुगतान संकट से उदारीकरण आया: कम लाइसेंस और ज़्यादा व्यापार। 1990 के दशक से सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएँ बढ़ीं।
कोरिया और वियतनाम: बँटे देश
कोरिया 1945 में जापानी शासन से मुक्त हुआ और उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्र में बँट गया, जो 1948 में दो राज्य बने। 1950 में उत्तर ने हमला किया; कोरियाई युद्ध (1950–53) संधि-विराम पर खत्म हुआ, शांति संधि पर नहीं। अमेरिका के सहयोग से दक्षिण औद्योगिक अर्थव्यवस्था बना और 1987 में लोकतंत्र की ओर गया। उत्तर में एक परिवार के शासन में राज्य-संचालित अर्थव्यवस्था रही।
वियतनाम ने 1945 में आज़ादी घोषित की, फ्रांस से लड़ा (1946–54), और 1954 में जिनेवा में बँटा। फिर दक्षिण में लंबा युद्ध चला, जिसमें अमेरिका दक्षिण के साथ था (1955–75)। देश 1975 में फिर एक हुआ। 1986 के दोई मोई सुधारों ने बाज़ार की अनुमति दी, और वृद्धि आई।
जापान: हार से आर्थिक शक्ति तक
जापान 1945 में युद्ध हारा और 1952 तक अमेरिका के कब्ज़े में रहा। नए संविधान (1947) ने सम्राट को प्रतीक बनाया, सभी वयस्कों को मत दिया, और अनुच्छेद 9 में विवाद सुलझाने के लिए युद्ध त्याग दिया। भूमि सुधार और नए स्कूलों से मदद मिली। लगभग 1955 से 1973 तक जापान लगभग 9% सालाना बढ़ा: कारें, इलेक्ट्रॉनिक्स और 1964 की बुलेट ट्रेन "आर्थिक चमत्कार" दिखाती थीं। 1973 के बाद वृद्धि धीमी हुई, और 1990 के शुरू में ज़मीन और शेयर के दाम गिरे तो अर्थव्यवस्था कई सालों तक धीरे बढ़ी।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- चीन: 1949 जनवादी गणराज्य; 1978 सुधार और खुलापन
- भारत: 1947 आज़ादी; 1950 संविधान; 1991 उदारीकरण
- कोरिया: 1945 विभाजन; युद्ध 1950–53; संधि-विराम, शांति संधि नहीं
- वियतनाम: 1945 आज़ादी की घोषणा; 1954 विभाजन; 1975 एकीकरण; दोई मोई 1986
- जापान: 1947 संविधान; 1955–73 में लगभग 9% वृद्धि; 1991 के बाद धीमी वृद्धि
हल किए गए उदाहरण
1. 1978 में चीन ने दो चीज़ें क्या बदलीं और उसकी वृद्धि का क्या हुआ?
उसने परिवारों को मुनाफ़े के लिए खेती की छूट दी और विदेशी कंपनियों व व्यापार के लिए विशेष क्षेत्र खोले। वृद्धि बहुत तेज़ हुई, दशकों तक औसतन लगभग 9–10% सालाना।
2. कोरियाई युद्ध को अधूरा क्यों कहा जाता है?
यह 1953 में युद्धविराम (संधि-विराम) पर खत्म हुआ, पर कोई शांति संधि नहीं हुई। दोनों राज्य आज भी विभाजन रेखा के आर-पार आमने-सामने हैं।
3. 1955 के बाद जापान की तेज़ वृद्धि के दो कारण बताइए।
कुशल और पढ़े-लिखे कामगारों और ऊँची बचत ने आधुनिक कारखाने बनाए; देश ने दुनिया को कारें और इलेक्ट्रॉनिक्स बेचे, और शांति संविधान के कारण हथियारों पर कम खर्च किया।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि कोरिया और वियतनाम दोनों अब भी बँटे हैं। वियतनाम 1975 में एक हुआ; कोरिया अब भी दो राज्य है।
- 1947 (भारत की आज़ादी), 1949 (चीन का गणराज्य) और 1950 (भारत का संविधान) की तारीखें मिला देना।
- यह सोचना कि चीन की वृद्धि 1949 में शुरू हुई। तेज़ वृद्धि 1978 के बाद शुरू हुई।
- जापान के चमत्कार को केवल अमेरिका की देन कहना। अमेरिकी मदद से सहायता मिली, पर ज़्यादातर काम जापान के कामगारों, कंपनियों और बचत ने किया।