आधुनिकीकरण का मतलब क्या है?
आधुनिकीकरण का मतलब है किसी देश का नए तरीक़े अपनाना: कारखाने और मशीनें, रेल, सबके लिए स्कूल, आधुनिक विज्ञान और मज़बूत केंद्रीय सरकार। पश्चिम सबसे पहले बदला। जापान, चीन और कोरिया ने अपनी संस्कृति बचाते हुए बराबरी के लिए अलग-अलग रास्ते चुने।
दूसरे विश्व युद्ध से पहले जापान
250 से ज़्यादा साल तक जापान पर तोकुगावा शोगुन (सैनिक शासक) का राज रहा; सम्राट के पास कम ताक़त थी और विदेशी व्यापार सीमित था। 1853 में कमोडोर पेरी के अमेरिकी युद्धपोतों ने जापान को बंदरगाह खोलने पर मजबूर किया। 1868 की मेजी पुनर्स्थापना से सम्राट फिर केंद्र में आए। नारा था फ़ुकोकु क्योहेई: "अमीर देश, मज़बूत सेना"।
मेजी सुधार
- लड़के-लड़कियों सबके लिए स्कूल; नई किताबों में देशप्रेम।
- पहली रेल तोक्यो–योकोहामा 1872; आधुनिक बैंक, कारखाने, टेलीग्राफ़।
- अनिवार्य भर्ती वाली आधुनिक सेना; 1889 में संविधान।
- बड़े व्यापारी परिवार, ज़ाइबात्सु, उद्योग चलाते थे।
फ़ुकुज़ावा युकिची जैसे विचारकों ने कहा कि जापान पश्चिम से सीखे। कुछ लोगों ने जापानी मूल्यों के खोने की चेतावनी दी।
युद्ध की राह
जापान ने चीन (1894–95) और रूस (1904–05) को हराया, कोरिया (1910) और मंचूरिया (1931) पर क़ब्ज़ा किया। 1941 में पर्ल हार्बर के अमेरिकी अड्डे पर हमला किया। अगस्त 1945 में अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए और जापान ने हार मानी।
दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान
1945 से 1952 तक अमेरिका ने जापान पर कब्ज़ा रखा। 1947 में नया संविधान बना; उसका अनुच्छेद 9 कहता है कि जापान युद्ध छोड़ता है। भूमि सुधार से किसानों को ज़मीन मिली, महिलाओं को वोट मिला, ज़ाइबात्सु तोड़े गए। मेहनत, बचत और अच्छे स्कूलों से जापान फिर खड़ा हुआ। 1964 के तोक्यो ओलंपिक और तेज़ शिंकानसेन "बुलेट ट्रेन" ने नया, अमीर जापान दिखाया। तेज़ विकास से प्रदूषण भी बढ़ा; लोगों ने विरोध किया और 1960–70 के दशक में सख़्त क़ानून बने।
चीन: सन यात-सेन से माओ तक
1800 के दशक में चीन ब्रिटेन से अफ़ीम युद्ध हारा और पश्चिमी देशों को व्यापार के हक़ देने पड़े। लोगों को अपमान महसूस हुआ। 1911 की क्रांति ने चिंग (मांचू) साम्राज्य ख़त्म किया और 1912 में चीन गणराज्य बना। उसके नेता सन यात-सेन ने तीन सिद्धांत दिए: राष्ट्रवाद (विदेशी नियंत्रण से आज़ादी), लोकतंत्र, और समाजवाद (सबकी रोज़ी, ज़मीन का सही बँटवारा)।
1919 के चार मई आंदोलन में छात्रों ने आधुनिक चीन की माँग की। दो दल बढ़े: गुओमिंदांग (राष्ट्रवादी दल, बाद में च्यांग काई-शेक के नेतृत्व में) और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (1921)। दोनों में गृहयुद्ध हुआ। लॉन्ग मार्च (1934–35) में कम्युनिस्ट बचने के लिए लगभग 10,000 किमी पैदल चले। 1937 में जापान ने हमला किया। 1949 में माओ त्सेतुंग के नेतृत्व में कम्युनिस्ट जीते और जनवादी गणराज्य चीन बना। च्यांग ताइवान भाग गए।
माओ का चीन
ज़मींदारों की ज़मीन किसानों को दी गई, फिर खेतों को मिलाकर कम्यून बने। महान छलांग (1958) में लोगों से घर के पीछे भट्टियों में इस्पात बनवाया गया; यह विफल रहा और भयानक अकाल पड़ा। सांस्कृतिक क्रांति (1966–76) में युवा "रेड गार्ड" ने "पुराने" विचारों और विशेषज्ञों पर हमले किए; पढ़ाई और अर्थव्यवस्था को नुक़सान हुआ।
देंग शियाओपिंग के सुधार
माओ की मृत्यु (1976) के बाद 1978 से देंग शियाओपिंग ने चीन की अगुवाई की। उन्होंने चार आधुनिकीकरण शुरू किए: कृषि, उद्योग, विज्ञान-तकनीक और रक्षा। किसान बची फ़सल बाज़ार में बेच सकते थे। विशेष आर्थिक क्षेत्रों में विदेशी कंपनियाँ बुलाई गईं। इसे "समाजवादी बाज़ार अर्थव्यवस्था" कहा गया: राजनीति पर पार्टी का नियंत्रण रहा, पर अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा बाज़ार से चला। विकास बहुत तेज़ हुआ, पर 1989 में तियानआनमेन चौक पर लोकतंत्र ("पाँचवाँ आधुनिकीकरण") माँगने वाले छात्रों को कुचल दिया गया।
ताइवान
ताइवान में च्यांग काई-शेक की सरकार ने भूमि सुधार किए और निर्यात उद्योग बनाए। 1987 में मार्शल लॉ हटा और ताइवान धीरे-धीरे लोकतंत्र बना।
कोरिया: उपनिवेश से आधुनिक राष्ट्र तक
कोरिया पर जोसियन राजवंश का राज था, फिर 1910 में जापान ने उसे उपनिवेश बना लिया। जापान ने रेल और कारखाने बनाए, पर स्कूलों में कोरियाई भाषा रोकी और चावल ले गया। 1945 के बाद कोरिया 38वीं समानांतर रेखा पर उत्तर (सोवियत समर्थित) और दक्षिण (अमेरिका समर्थित) में बँटा। कोरियाई युद्ध (1950–53) ने बहुत तबाही की।
दक्षिण कोरिया का तेज़ विकास
1961 से पार्क चुंग-ही ने सख़्त नेता के रूप में शासन किया। सरकार ने बड़ी पारिवारिक कंपनियों, चेबोल (जैसे सैमसंग, ह्युंडई), को निर्यात वाले कारखाने बनाने में मदद की: पहले कपड़ा, फिर जहाज़, इस्पात, गाड़ियाँ और इलेक्ट्रॉनिक्स। सेमाउल (नया गाँव) आंदोलन (1970) से गाँव सुधरे। लोग लंबे घंटे काम करते थे; आज़ादी सीमित थी। 1987 के बड़े आंदोलनों से सीधे चुनाव और लोकतंत्र मिला। 1988 में सियोल में ओलंपिक हुए। 1997 के एशियाई वित्तीय संकट में कोरिया ने IMF से क़र्ज़ लिया और बहुत लोगों ने उसे चुकाने के लिए अपना सोना दान किया।
तीनों रास्तों की तुलना
जापान ने जल्दी और ऊपर से, सम्राट के नीचे आधुनिकीकरण किया, पर युद्ध में फँस गया। चीन को पहले देश एक करने के लिए क्रांति चाहिए थी, माओ के समय सख़्त सरकारी नियंत्रण आज़माया, फिर देंग के समय पार्टी शासन के साथ बाज़ार मिलाया। दक्षिण कोरिया मज़बूत सरकार वाली निर्यात अर्थव्यवस्था बना और बाद में लोकतंत्र। तीनों दिखाते हैं कि आधुनिकीकरण के कई रूप हो सकते हैं, और हर रास्ते की क़ीमत चुकानी पड़ी।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 1853 पेरी ने जापान खोला; 1868 मेजी पुनर्स्थापना; फ़ुकोकु क्योहेई = अमीर देश, मज़बूत सेना
- ज़ाइबात्सु = जापान के बड़े व्यापारी परिवार
- 1947 जापान का शांति संविधान (अनुच्छेद 9)
- 1911 चीनी क्रांति; सन यात-सेन के तीन सिद्धांत: राष्ट्रवाद, लोकतंत्र, समाजवाद
- 1921 कम्युनिस्ट पार्टी; 1934–35 लॉन्ग मार्च; 1949 जनवादी गणराज्य चीन
- 1958 महान छलांग; 1966–76 सांस्कृतिक क्रांति
- 1978 देंग: चार आधुनिकीकरण (कृषि, उद्योग, विज्ञान-तकनीक, रक्षा)
- कोरिया: 1910–45 उपनिवेश; 1950–53 युद्ध; चेबोल; 1987 लोकतंत्र; 1997 संकट
हल किए गए उदाहरण
1. 1868 के बाद जापान इतनी तेज़ी से आधुनिक क्यों हुआ?
सम्राट की सरकार ने ऊपर से एक लक्ष्य के साथ काम किया: "अमीर देश, मज़बूत सेना"। रेल, सबके लिए स्कूल और कारखाने बने, और ज़ाइबात्सु परिवारों ने उद्योग में पैसा लगाया। जापान को उपनिवेश बनने का डर भी था, इसलिए वह तेज़ी से चला।
2. सन यात-सेन के तीन सिद्धांत एक-एक लाइन में लिखो।
राष्ट्रवाद: विदेशी नियंत्रण और मांचू राजवंश को हटाना। लोकतंत्र: जनता की चुनी सरकार। समाजवाद: सबकी रोज़ी, ज़मीन का सही बँटवारा और पूँजी पर नियंत्रण।
3. माओ की "महान छलांग" और देंग के सुधारों की तुलना करो।
माओ: सब कुछ सरकार के हाथ में; कम्यून और घरेलू भट्टियों में इस्पात; उत्पादन गिरा और अकाल पड़ा। देंग: किसान और कंपनियाँ बाज़ार में बेच सकते थे, विदेशी निवेश आया; उत्पादन बहुत तेज़ी से बढ़ा। दोनों में एक-दलीय शासन रहा।
4. कोरियाई युद्ध के बाद दक्षिण कोरिया कैसे बढ़ा?
पार्क चुंग-ही की मज़बूत सरकार ने चेबोल को निर्यात कारखाने बनाने में मदद की, सस्ते और कुशल मज़दूर इस्तेमाल हुए, और सेमाउल आंदोलन से गाँव सुधरे। पहले विकास आया; लोकतंत्र 1987 में।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि मेजी किसी एक सम्राट का नाम भर है। यह उस युग (1868–1912) और उसके सुधारों का नाम है।
- यह कहना कि देंग ने कम्युनिस्ट पार्टी का शासन ख़त्म किया। उन्होंने अर्थव्यवस्था बदली, एक-दलीय व्यवस्था नहीं।
- गुओमिंदांग (राष्ट्रवादी) और कम्युनिस्ट पार्टी को मिला देना।
- यह मानना कि 1945 के बाद पूरा कोरिया एक ही रास्ते पर चला। उत्तर और दक्षिण के रास्ते बहुत अलग थे; यह अध्याय दक्षिण की बात करता है।