Ukraine 9 клас History of Ukraine
अध्याय: 9
1. Introduction: the 'long' 19th century
Modern era in Ukraine and the world
- काल विभाजन: इतिहासकार समय को कालों में कैसे बाँटते हैं – काल विभाजन का मतलब है समय की लंबी रेखा को नाम वाले कालों में काटना, ताकि पढ़ना आसान हो। वर्ष 1 से पहले के वर्ष ई.पू. (ईसा पूर्व) और बाद के ई. (ईसवी) गिने जाते हैं, और 100-100 वर्ष की शताब्दियों में बँटते हैं। एक आम ढाँचे में चार बड़े काल हैं: प्राचीन काल, मध्यकाल, प्रारंभिक आधुनिक काल और आधुनिक/समकालीन काल, जिन्हें 476, 1453 या 1492, और 1789 जैसे मोड़ अलग करते हैं। राजवंश, तकनीकी युग या क्षेत्रीय ढाँचे भी काम आते हैं। काल इतिहासकारों के चुने औज़ार हैं, प्रकृति के तथ्य नहीं।
2. Ukrainian lands in the Russian Empire, late 18th – first half of 19th c.
Administration and economy · Beginning of the national movement
- औद्योगिक क्रांति: कारण, प्रभाव और सुधार (1760–1914) – लगभग 1760 से 1914 के बीच काम घर के हाथ-औज़ारों से हटकर कारख़ानों की मशीनों पर आ गया। पहली लहर (लगभग 1760–1840) ब्रिटेन में कोयला, लोहा, भाप शक्ति और सूती मिलों से शुरू हुई। दूसरी लहर (लगभग 1870–1914) में इस्पात, बिजली, रसायन और तेल आए, और उद्योग पश्चिमी यूरोप, अमेरिका, जापान और रूस तक फैला। शहर तेज़ी से बढ़े; मज़दूरों को लंबे घंटे, बाल श्रम और गंदे घर मिले। मज़दूरों ने संघ बनाए, नए विचारों (उदारवाद, समाजवाद, रूढ़िवाद) में बहस हुई, और सरकारों ने धीरे-धीरे कारख़ाना, स्वास्थ्य और मताधिकार के सुधार किए।
- राष्ट्रीय आंदोलन: लोकगीतों से स्वशासन तक – राष्ट्र लोगों का बड़ा समूह है जो साझी भाषा, संस्कृति, इतिहास या अपना भविष्य ख़ुद तय करने की इच्छा के कारण एक होने का एहसास करता है। 19वीं सदी में ज़्यादातर लोग कई जातीय समूहों वाले बड़े साम्राज्यों में रहते थे। राष्ट्रीय आंदोलन आमतौर पर तीन चरणों में बढ़े: विद्वानों ने भाषा और इतिहास को जगाया (A), कार्यकर्ताओं ने समितियाँ, स्कूल और अख़बार बनाए (B), फिर आम लोग दलों और जन आंदोलनों में जुड़े (C)। साम्राज्यों ने सुधार या दमन से जवाब दिया। यही ढर्रा एशिया और अफ़्रीका तक फैला, जहाँ राष्ट्रवाद औपनिवेशिक शासन के ख़िलाफ़ संघर्ष बना और 1945 के बाद कई नए देश बने।
3. Ukrainian lands in the Austrian Empire, late 18th – first half of 19th c.
Western Ukrainian regions under Austria · National revival and 1848
- आरंभिक आधुनिक काल: 1450 से 1800 तक दुनिया कैसे बदली – आरंभिक आधुनिक काल लगभग 1450 से 1800 तक है, मध्यकाल और आधुनिक काल के बीच। छपाई ने विचार तेज़ी से फैलाए। समुद्री यात्राओं ने व्यापार और उपनिवेशों से महाद्वीपों को जोड़ा। धर्मसुधार ने पश्चिमी ईसाई धर्म को बाँटा। बड़े साम्राज्य और नए तरह के राज्य बने। वैज्ञानिक क्रांति और ज्ञानोदय ने प्रकृति, शासकों और अधिकारों के बारे में सोच बदल दी।
- राष्ट्रीय आंदोलन: लोकगीतों से स्वशासन तक – राष्ट्र लोगों का बड़ा समूह है जो साझी भाषा, संस्कृति, इतिहास या अपना भविष्य ख़ुद तय करने की इच्छा के कारण एक होने का एहसास करता है। 19वीं सदी में ज़्यादातर लोग कई जातीय समूहों वाले बड़े साम्राज्यों में रहते थे। राष्ट्रीय आंदोलन आमतौर पर तीन चरणों में बढ़े: विद्वानों ने भाषा और इतिहास को जगाया (A), कार्यकर्ताओं ने समितियाँ, स्कूल और अख़बार बनाए (B), फिर आम लोग दलों और जन आंदोलनों में जुड़े (C)। साम्राज्यों ने सुधार या दमन से जवाब दिया। यही ढर्रा एशिया और अफ़्रीका तक फैला, जहाँ राष्ट्रवाद औपनिवेशिक शासन के ख़िलाफ़ संघर्ष बना और 1945 के बाद कई नए देश बने।
4. Everyday life and culture, late 18th – first half of 19th c.
Everyday life · Education, science and culture
- सामाजिक इतिहास: आम लोग कैसे जीते थे – सामाजिक इतिहास सिर्फ़ राजाओं, युद्धों और संधियों का नहीं, आम लोगों के जीवन का अध्ययन है। यह पूछता है कि लोग कैसे काम करते, रहते, खाते, कपड़े पहनते, शादी करते, पूजा करते, बीमार पड़ते और मनोरंजन करते थे, और समाज किन समूहों में बँटा था। आधुनिक समय से पहले ज़्यादातर समाज पिरामिड जैसे थे: ऊपर थोड़े शासक और सामंत, फिर पुरोहित और धनी परिवार, बीच में नगरवासी, व्यापारी और कारीगर, और नीचे किसानों की बहुत बड़ी परत, साथ में कुछ बंधुआ लोग जैसे भूदास या ग़ुलाम। गाँव अपना समुदाय खुद चलाते थे; शहर बाज़ार, गिल्ड और अलग-अलग समूहों के मेल की जगह थे। औद्योगीकरण ने लोगों को खेतों से कारख़ानों में पहुँचाया, मज़दूर वर्ग और बढ़ता मध्य वर्ग बनाया, और यूनियन, नए क़ानून और बाद में कल्याणकारी राज्य लाया। नई रोशनी, यातायात, अख़बार, स्कूल और दवाओं से रोज़ का जीवन बदला। सामाजिक इतिहासकार "छिपे" लोगों (महिलाएँ, ग़रीब, अल्पसंख्यक, प्रवासी) को भी खोजते हैं, और यह भी देखते हैं कि भावनाएँ और रीति-रिवाज कैसे बदले।
- सांस्कृतिक इतिहास: लोगों के विचार, कलाएँ और जीने के ढंग कैसे बदलते हैं – सांस्कृतिक इतिहास इतिहास का वह हिस्सा है जो पढ़ता है कि लोग क्या सोचते, मानते, बनाते और कैसे जीते थे, सिर्फ़ राजाओं और सेनाओं ने क्या किया यह नहीं. इसके चार स्तंभ हैं: विश्वास और धर्म, कलाएँ (साहित्य, संगीत, चित्र, भवन), ज्ञान (शिक्षा, विज्ञान, तकनीक) और रोज़ का जीवन (भोजन, पहनावा, परिवार, त्योहार, खेल). इतिहासकार वस्तुएँ, भवन, किताबें, चित्र और चिट्ठियाँ जैसे स्रोत इस्तेमाल करते हैं. व्यापार मार्गों, यात्राओं, धर्म-प्रचार और प्रवास से विचारों के लेन-देन से संस्कृति बदलती है, जैसे कागज़, अंक और धर्म फैले. छपाई, अख़बार, रेडियो और इंटरनेट जैसी तकनीकों से ज्ञान तेज़ी से फैला, और सबके लिए स्कूलों से दुनिया की साक्षरता 1820 के लगभग 12% से आज लगभग 87% हुई. हर देश में राष्ट्रीय स्कूल, विश्वविद्यालय, वैज्ञानिक संस्थाएँ, लेखक और कलाकार लोगों की पहचान गढ़ते हैं.
5. Ukrainian lands in the Russian Empire, second half of 19th c.
Reforms and modernisation · National movement: hromada stage
- औद्योगिक क्रांति: कारण, प्रभाव और सुधार (1760–1914) – लगभग 1760 से 1914 के बीच काम घर के हाथ-औज़ारों से हटकर कारख़ानों की मशीनों पर आ गया। पहली लहर (लगभग 1760–1840) ब्रिटेन में कोयला, लोहा, भाप शक्ति और सूती मिलों से शुरू हुई। दूसरी लहर (लगभग 1870–1914) में इस्पात, बिजली, रसायन और तेल आए, और उद्योग पश्चिमी यूरोप, अमेरिका, जापान और रूस तक फैला। शहर तेज़ी से बढ़े; मज़दूरों को लंबे घंटे, बाल श्रम और गंदे घर मिले। मज़दूरों ने संघ बनाए, नए विचारों (उदारवाद, समाजवाद, रूढ़िवाद) में बहस हुई, और सरकारों ने धीरे-धीरे कारख़ाना, स्वास्थ्य और मताधिकार के सुधार किए।
- राष्ट्रीय आंदोलन: लोकगीतों से स्वशासन तक – राष्ट्र लोगों का बड़ा समूह है जो साझी भाषा, संस्कृति, इतिहास या अपना भविष्य ख़ुद तय करने की इच्छा के कारण एक होने का एहसास करता है। 19वीं सदी में ज़्यादातर लोग कई जातीय समूहों वाले बड़े साम्राज्यों में रहते थे। राष्ट्रीय आंदोलन आमतौर पर तीन चरणों में बढ़े: विद्वानों ने भाषा और इतिहास को जगाया (A), कार्यकर्ताओं ने समितियाँ, स्कूल और अख़बार बनाए (B), फिर आम लोग दलों और जन आंदोलनों में जुड़े (C)। साम्राज्यों ने सुधार या दमन से जवाब दिया। यही ढर्रा एशिया और अफ़्रीका तक फैला, जहाँ राष्ट्रवाद औपनिवेशिक शासन के ख़िलाफ़ संघर्ष बना और 1945 के बाद कई नए देश बने।
6. Ukrainian lands in Austria-Hungary, second half of 19th c.
Political and economic change · National-political currents
- आधुनिकीकरण के रास्ते: जापान, चीन और कोरिया – जापान, चीन और कोरिया तीनों आधुनिक बने, पर अलग-अलग रास्तों से। 1853 में अमेरिकी जहाज़ों ने जापान को खुलने पर मजबूर किया; 1868 से मेजी सुधार हुए: रेल, कारखाने, स्कूल और सम्राट के नीचे मज़बूत सेना। फिर जापान साम्राज्य बना, दूसरा विश्व युद्ध लड़ा और 1945 में हारा। अमेरिकी कब्ज़े में उसे शांति वाला संविधान मिला और वह फिर अमीर देश बना (1964 ओलंपिक)। चीन में 1911 में सन यात-सेन के नेतृत्व में राजशाही ख़त्म हुई; गृहयुद्ध और जापानी हमले के बाद 1949 में माओ की कम्युनिस्ट पार्टी जीती। माओ की "महान छलांग" और "सांस्कृतिक क्रांति" से अर्थव्यवस्था को नुक़सान हुआ। 1978 से देंग शियाओपिंग ने चार आधुनिकीकरण के साथ बाज़ार खोले और चीन तेज़ी से बढ़ा। कोरिया 1910–45 तक जापान का उपनिवेश रहा, दो हिस्सों में बँटा और युद्ध झेला (1950–53); दक्षिण कोरिया निर्यात वाले कारखानों से बढ़ा और 1987 में लोकतंत्र बना।
- राष्ट्रीय आंदोलन: लोकगीतों से स्वशासन तक – राष्ट्र लोगों का बड़ा समूह है जो साझी भाषा, संस्कृति, इतिहास या अपना भविष्य ख़ुद तय करने की इच्छा के कारण एक होने का एहसास करता है। 19वीं सदी में ज़्यादातर लोग कई जातीय समूहों वाले बड़े साम्राज्यों में रहते थे। राष्ट्रीय आंदोलन आमतौर पर तीन चरणों में बढ़े: विद्वानों ने भाषा और इतिहास को जगाया (A), कार्यकर्ताओं ने समितियाँ, स्कूल और अख़बार बनाए (B), फिर आम लोग दलों और जन आंदोलनों में जुड़े (C)। साम्राज्यों ने सुधार या दमन से जवाब दिया। यही ढर्रा एशिया और अफ़्रीका तक फैला, जहाँ राष्ट्रवाद औपनिवेशिक शासन के ख़िलाफ़ संघर्ष बना और 1945 के बाद कई नए देश बने।
7. Ukraine in the early 20th century
Economy at the start of the 20th c. · National movement: political stage
- आधुनिकीकरण के रास्ते: जापान, चीन और कोरिया – जापान, चीन और कोरिया तीनों आधुनिक बने, पर अलग-अलग रास्तों से। 1853 में अमेरिकी जहाज़ों ने जापान को खुलने पर मजबूर किया; 1868 से मेजी सुधार हुए: रेल, कारखाने, स्कूल और सम्राट के नीचे मज़बूत सेना। फिर जापान साम्राज्य बना, दूसरा विश्व युद्ध लड़ा और 1945 में हारा। अमेरिकी कब्ज़े में उसे शांति वाला संविधान मिला और वह फिर अमीर देश बना (1964 ओलंपिक)। चीन में 1911 में सन यात-सेन के नेतृत्व में राजशाही ख़त्म हुई; गृहयुद्ध और जापानी हमले के बाद 1949 में माओ की कम्युनिस्ट पार्टी जीती। माओ की "महान छलांग" और "सांस्कृतिक क्रांति" से अर्थव्यवस्था को नुक़सान हुआ। 1978 से देंग शियाओपिंग ने चार आधुनिकीकरण के साथ बाज़ार खोले और चीन तेज़ी से बढ़ा। कोरिया 1910–45 तक जापान का उपनिवेश रहा, दो हिस्सों में बँटा और युद्ध झेला (1950–53); दक्षिण कोरिया निर्यात वाले कारखानों से बढ़ा और 1987 में लोकतंत्र बना।
- राष्ट्रीय आंदोलन: लोकगीतों से स्वशासन तक – राष्ट्र लोगों का बड़ा समूह है जो साझी भाषा, संस्कृति, इतिहास या अपना भविष्य ख़ुद तय करने की इच्छा के कारण एक होने का एहसास करता है। 19वीं सदी में ज़्यादातर लोग कई जातीय समूहों वाले बड़े साम्राज्यों में रहते थे। राष्ट्रीय आंदोलन आमतौर पर तीन चरणों में बढ़े: विद्वानों ने भाषा और इतिहास को जगाया (A), कार्यकर्ताओं ने समितियाँ, स्कूल और अख़बार बनाए (B), फिर आम लोग दलों और जन आंदोलनों में जुड़े (C)। साम्राज्यों ने सुधार या दमन से जवाब दिया। यही ढर्रा एशिया और अफ़्रीका तक फैला, जहाँ राष्ट्रवाद औपनिवेशिक शासन के ख़िलाफ़ संघर्ष बना और 1945 के बाद कई नए देश बने।
8. Everyday life and culture, mid-19th – early 20th c.
Everyday life · Education, science and arts
- सामाजिक इतिहास: आम लोग कैसे जीते थे – सामाजिक इतिहास सिर्फ़ राजाओं, युद्धों और संधियों का नहीं, आम लोगों के जीवन का अध्ययन है। यह पूछता है कि लोग कैसे काम करते, रहते, खाते, कपड़े पहनते, शादी करते, पूजा करते, बीमार पड़ते और मनोरंजन करते थे, और समाज किन समूहों में बँटा था। आधुनिक समय से पहले ज़्यादातर समाज पिरामिड जैसे थे: ऊपर थोड़े शासक और सामंत, फिर पुरोहित और धनी परिवार, बीच में नगरवासी, व्यापारी और कारीगर, और नीचे किसानों की बहुत बड़ी परत, साथ में कुछ बंधुआ लोग जैसे भूदास या ग़ुलाम। गाँव अपना समुदाय खुद चलाते थे; शहर बाज़ार, गिल्ड और अलग-अलग समूहों के मेल की जगह थे। औद्योगीकरण ने लोगों को खेतों से कारख़ानों में पहुँचाया, मज़दूर वर्ग और बढ़ता मध्य वर्ग बनाया, और यूनियन, नए क़ानून और बाद में कल्याणकारी राज्य लाया। नई रोशनी, यातायात, अख़बार, स्कूल और दवाओं से रोज़ का जीवन बदला। सामाजिक इतिहासकार "छिपे" लोगों (महिलाएँ, ग़रीब, अल्पसंख्यक, प्रवासी) को भी खोजते हैं, और यह भी देखते हैं कि भावनाएँ और रीति-रिवाज कैसे बदले।
- सांस्कृतिक इतिहास: लोगों के विचार, कलाएँ और जीने के ढंग कैसे बदलते हैं – सांस्कृतिक इतिहास इतिहास का वह हिस्सा है जो पढ़ता है कि लोग क्या सोचते, मानते, बनाते और कैसे जीते थे, सिर्फ़ राजाओं और सेनाओं ने क्या किया यह नहीं. इसके चार स्तंभ हैं: विश्वास और धर्म, कलाएँ (साहित्य, संगीत, चित्र, भवन), ज्ञान (शिक्षा, विज्ञान, तकनीक) और रोज़ का जीवन (भोजन, पहनावा, परिवार, त्योहार, खेल). इतिहासकार वस्तुएँ, भवन, किताबें, चित्र और चिट्ठियाँ जैसे स्रोत इस्तेमाल करते हैं. व्यापार मार्गों, यात्राओं, धर्म-प्रचार और प्रवास से विचारों के लेन-देन से संस्कृति बदलती है, जैसे कागज़, अंक और धर्म फैले. छपाई, अख़बार, रेडियो और इंटरनेट जैसी तकनीकों से ज्ञान तेज़ी से फैला, और सबके लिए स्कूलों से दुनिया की साक्षरता 1820 के लगभग 12% से आज लगभग 87% हुई. हर देश में राष्ट्रीय स्कूल, विश्वविद्यालय, वैज्ञानिक संस्थाएँ, लेखक और कलाकार लोगों की पहचान गढ़ते हैं.
9. Conclusion
Summary of the 'long' 19th century
- काल विभाजन: इतिहासकार समय को कालों में कैसे बाँटते हैं – काल विभाजन का मतलब है समय की लंबी रेखा को नाम वाले कालों में काटना, ताकि पढ़ना आसान हो। वर्ष 1 से पहले के वर्ष ई.पू. (ईसा पूर्व) और बाद के ई. (ईसवी) गिने जाते हैं, और 100-100 वर्ष की शताब्दियों में बँटते हैं। एक आम ढाँचे में चार बड़े काल हैं: प्राचीन काल, मध्यकाल, प्रारंभिक आधुनिक काल और आधुनिक/समकालीन काल, जिन्हें 476, 1453 या 1492, और 1789 जैसे मोड़ अलग करते हैं। राजवंश, तकनीकी युग या क्षेत्रीय ढाँचे भी काम आते हैं। काल इतिहासकारों के चुने औज़ार हैं, प्रकृति के तथ्य नहीं।