राष्ट्र के प्रतीक के रूप में सम्राट
पुराने मेइजी संविधान (1889) में सम्राट पवित्र था और संप्रभुता उसके पास थी। वह देश पर शासन करता था और सेना का प्रमुख था। 1945 की हार के बाद यह बदला। जापान के संविधान (लागू 3 मई 1947) का अनुच्छेद 1 सरल शब्दों में तीन बातें कहता है:
- सम्राट राज्य का प्रतीक और जनता की एकता का प्रतीक है।
- उसका पद जनता की इच्छा से आता है।
- संप्रभुता (अंतिम सत्ता) जनता के पास है।
प्रतीक किसी चीज़ का निशान होता है, जैसे झंडा। वह शासन नहीं करता। इसलिए सम्राट राष्ट्रीय एकता का चेहरा है, पर शासन कौन करेगा यह जनता चुनावों से तय करती है। पद शाही परिवार में शाही परिवार क़ानून (अनुच्छेद 2) के नियमों से आगे बढ़ता है। सम्राट आपदा-ग्रस्त इलाक़ों के दौरे जैसी दूसरी सार्वजनिक गतिविधियों में भी भाग लेता है, पर वे राज्य के काम नहीं हैं।
राज्य से जुड़े काम
राज्य के काम वे औपचारिक काम हैं जो संविधान सम्राट के लिए गिनाता है। इन पर तीन नियम लागू हैं:
- अनुच्छेद 3: हर काम के लिए मंत्रिमंडल की सलाह और मंज़ूरी चाहिए और ज़िम्मेदारी मंत्रिमंडल की होती है।
- अनुच्छेद 4: सम्राट सिर्फ़ संविधान में गिनाए काम करता है और उसके पास सरकार से जुड़ी कोई शक्ति नहीं है।
- अनुच्छेद 6: वह संसद (डायट) के चुने प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के चुने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करता है।
अनुच्छेद 7 दूसरे काम गिनाता है, जो मंत्रिमंडल की सलाह और मंज़ूरी से, जनता की ओर से होते हैं:
- संशोधनों, क़ानूनों, मंत्रिमंडल के आदेशों और संधियों को घोषित करना।
- संसद को बुलाना।
- प्रतिनिधि सभा को भंग करना।
- संसद के आम चुनाव की घोषणा।
- मंत्रियों और अन्य अधिकारियों की नियुक्ति-बर्ख़ास्तगी और राजदूतों के प्रमाण-पत्रों की पुष्टि।
- माफ़ी जैसे कामों की पुष्टि।
- सम्मान प्रदान करना।
- अनुसमर्थन-पत्रों और अन्य कूटनीतिक कागज़ों की पुष्टि।
- विदेशी राजदूतों और मंत्रियों का स्वागत।
- समारोह संबंधी काम।
इसलिए जब संसद क़ानून पास करती है तो फ़ैसला संसद का होता है और सम्राट उसे घोषित (आधिकारिक रूप से जारी) करता है। फ़ैसला कभी सम्राट का नहीं होता।
करके देखो: फ़ैसला कौन करता है?
3D के आख़िरी चरण में छह बटन एक-एक करके दबाओ। हर बटन पर बोलकर बताओ कि फ़ैसला कौन करता है (संसद या मंत्रिमंडल) और सम्राट क्या करता है। फिर लिखो: "सम्राट ___ करता है, पर फ़ैसला ___ का है।" घर पर पता करो कि भारत के राष्ट्रपति किन चीज़ों पर हस्ताक्षर करते हैं और किसकी सलाह पर।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अनुच्छेद 1: राज्य और जनता की एकता का प्रतीक; पद जनता की इच्छा से, संप्रभुता जनता के पास
- अनुच्छेद 3: राज्य के सब कामों के लिए मंत्रिमंडल की सलाह और मंज़ूरी
- अनुच्छेद 4: केवल संविधान में गिनाए काम; सरकार से जुड़ी कोई शक्ति नहीं
- अनुच्छेद 6: प्रधानमंत्री (संसद का चुना) और मुख्य न्यायाधीश (मंत्रिमंडल का चुना) की नियुक्ति
- अनुच्छेद 7: दस काम, जैसे क़ानून घोषित करना, संसद बुलाना और प्रतिनिधि सभा भंग करना
हल किए गए उदाहरण
1. संसद नया क़ानून पास करती है। सम्राट क्या करता है?
वह मंत्रिमंडल की सलाह और मंज़ूरी से उसे घोषित (आधिकारिक रूप से जारी) करता है। फ़ैसला संसद का था; सम्राट काम पूरा करता है।
2. मेइजी संविधान (1889) से जापान का संविधान लागू होने (1947) तक कितने साल हुए?
1947 - 1889 = 58 साल।
3. अनुच्छेद 7 के दस कामों में से संसद बुलाना, प्रतिनिधि सभा भंग करना और आम चुनाव की घोषणा संसद और चुनाव से जुड़े हैं। यह दस का कितना प्रतिशत है?
10 में से 3 = 3 / 10 × 100 = 30 प्रतिशत।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि सम्राट जापान पर राज करता है। मौजूदा संविधान में उसके पास सरकार से जुड़ी कोई शक्ति नहीं है।
- सोचना कि प्रधानमंत्री सम्राट चुनता है। चुनती संसद है और सम्राट नियुक्त करता है।
- यह भूल जाना कि हर काम के लिए मंत्रिमंडल की सलाह और मंज़ूरी चाहिए (अनुच्छेद 3)।
- दो संविधान मिला देना: सम्राट के पास संप्रभुता मेइजी संविधान में थी; जनता के पास मौजूदा संविधान में है।