📘 CodingMarble Learn

सिकंदर तृतीय: रूढ़िवादी स्थिरीकरण (1881-1894)

सिकंदर तृतीय 1881 में अपने पिता सिकंदर द्वितीय की हत्या के बाद रूस का ज़ार बना। उसने सारी सत्ता अपने हाथ में रखने और कड़े नियंत्रण से देश को शांत करने का रास्ता चुना। पुलिस क़ानून, अख़बारों के नियम और गुप्त पुलिस समाज पर नज़र रखते थे। प्रति-सुधारों ने 1860 के दशक के सुधार घटाए और रईसों को ज़्यादा अधिकार दिए, जैसे भूमि-प्रमुख (1889)। साथ ही किसानों को भूमि बैंक से मदद मिली और पहले कारख़ाना-नियम बने। उसने रूस को बड़े युद्धों से दूर रखा और 1894 में उसकी मृत्यु हुई।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1 मार्च 1881 को बम से ज़ार सिकंदर द्वितीय मारा गया। उसका बेटा सिकंदर तृतीय बना। देश डरा हुआ और ग़ुस्से में था। नए ज़ार का एक ही लक्ष्य था: शांति और व्यवस्था।
  2. अप्रैल 1881 में उसने कहा कि निरंकुश शासन, यानी एक ज़ार का राज, मज़बूत रहेगा। कोई चुनी हुई सभा नहीं होगी। उसके सलाहकार पोबेदोनोस्त्सेव, जो क़ानून के शिक्षक थे, इसके पक्ष में थे।
  3. राज्य समाज पर कड़ी नज़र रखता था। पुलिस क़ानून (1881) से अधिकारी "असुरक्षित" इलाक़ों में सख़्ती कर सकते थे। अख़बारों को चेतावनी देकर बंद किया जा सकता था। गुप्त पुलिस (ओखराना) विद्रोहियों का पीछा करती थी।
  4. प्रति-सुधारों ने 1860 के दशक के सुधार घटा दिए। भूमि-प्रमुख (1889) ने रईसों को गाँवों पर अधिकार दिया। नए ज़ेम्स्त्वो और शहर क़ानूनों ने रईसों और अमीरों के वोट बढ़ाए। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता गई।
  5. मदद भी थी। किसान भूमि बैंक (1882) ज़मीन ख़रीदने के लिए क़र्ज़ देता था, और किसानों की किश्तें घटीं। पहले कारख़ाना-क़ानूनों ने 12 साल से छोटे बच्चों का काम रोका।
  6. खुला खेल: कोई कदम चुनो। नीला स्तंभ बताता है कि उसका मक़सद कितना नियंत्रण था। हरा स्तंभ बताता है कि कितनी मदद। कौन ऊँचा है?

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

सिकंदर द्वितीय ने दासों को आज़ाद किया था, फिर उसे क्यों मारा गया?

एक छोटा गुट, "जनता की इच्छा", बहुत बड़े बदलाव चाहता था और बम इस्तेमाल करता था। ज़्यादातर लोग उसके साथ नहीं थे। हत्या से अगला ज़ार नरम नहीं, सख़्त हुआ।

निरंकुश शासन क्या है?

एक व्यक्ति, ज़ार, का शासन, जिसे रोकने वाली कोई चुनी संस्था न हो। एक ऊँचा सुनहरा खंभा देखो।

क्या पुलिस क़ानून थोड़े समय के लिए था?

यह अस्थायी बताया गया था, पर बार-बार बढ़ाया गया और 1917 तक चला।

रईसों को ज़्यादा ताक़त क्यों मिली?

ज़ार रईसों को गाँव-देहात में अपना सबसे वफ़ादार साथी मानता था। इसलिए नीले ब्लॉक (भूमि-प्रमुख, ज़ेम्स्त्वो क़ानून) उन्हें मिले।

एक कड़े ज़ार ने मज़दूरों की मदद क्यों की?

ग़ुस्साए मज़दूर गड़बड़ कर सकते थे। छोटे नियम, जैसे छोटे बच्चों से काम नहीं, व्यवस्था रखते थे और न्यायसंगत भी लगते थे।

कौन-से कदम मदद से ज़्यादा नियंत्रण के लिए थे?

अख़बार नियम, विश्वविद्यालय क़ानून और भूमि-प्रमुख। खुले खेल में नीले और हरे स्तंभ मिलाओ।

सिकंदर तृतीय 1881 में सत्ता में क्यों आया

सिकंदर द्वितीय ने 1861 में किसानों (दासों) को आज़ाद किया और दूसरे सुधार किए। पर कुछ युवा विद्रोही इससे कहीं ज़्यादा चाहते थे। "जनता की इच्छा" (नारोदनाया वोल्या) नाम के गुट ने 1 मार्च 1881 को सेंट पीटर्सबर्ग में बम से उसे मार डाला।

उसका बेटा सिकंदर तृतीय (शासन 1881-1894) मज़बूत शरीर का और सादा आदमी था। उसे लगा कि सुधारों ने देश को बेचैन कर दिया है। इसलिए उसका बड़ा विचार था रूढ़िवादी स्थिरीकरण: पुरानी व्यवस्था बनाए रखो, राज्य को मज़बूत करो, और बदलाव रोको जिससे गड़बड़ी हो सकती है।

निरंकुश शासन और नियंत्रण (1881-1882)

अप्रैल 1881 के घोषणापत्र ने, जो कॉन्स्टेंटिन पोबेदोनोस्त्सेव की मदद से लिखा गया, कहा कि ज़ार की सत्ता पूरी और बिना बँटवारे की रहेगी। इसके साथ सिकंदर द्वितीय के आख़िरी दिनों में सोची गई राष्ट्रीय चुनी हुई सभा की बात ख़त्म हो गई।

प्रति-सुधार (काउंटर-रिफ़ॉर्म्स)

"प्रति-सुधार" का मतलब वे क़ानून जो पहले के सुधार घटाते थे। मुख्य ये थे:

पैटर्न: रईसों और सरकारी अधिकारियों को ज़्यादा ताक़त, चुनी हुई संस्थाओं और आम लोगों को कम।

किसानों-मज़दूरों की मदद और विदेश नीति

ज़ार सिर्फ़ कड़ा नहीं था। किसान अपनी आज़ादी के लिए पैसे चुकाते थे (मोचन किश्तें); 1881 में ये घटाई गईं और 1880 के दशक में पुराना सिर पर कर ख़त्म हुआ। 1882 में किसान भूमि बैंक ने ज़मीन ख़रीदने के लिए क़र्ज़ देना शुरू किया।

कारख़ानों में पहले श्रम-क़ानून बने: 12 साल से छोटे बच्चे काम नहीं कर सकते थे (1882), औरतों और किशोरों से रात का काम बंद हुआ (1885), और कारख़ाना-निरीक्षक नियम जाँचते थे।

विदेश में सिकंदर तृतीय ने शांति रखी। उसने कोई बड़ा युद्ध नहीं लड़ा और "शांति-दूत" कहलाया। उसके शासन के अंत में रूस और फ़्रांस की दोस्ती के समझौते हुए (1891-1894)।

नतीजे और कर के देखो

सिकंदर तृतीय की मृत्यु 1894 में हुई और उसका बेटा निकोलस द्वितीय गद्दी पर आया। उसके राज में कुछ शांत साल और कारख़ानों की तेज़ बढ़त हुई, पर लोगों को राज्य चलाने में हिस्सा देने के लिए कुछ नहीं किया गया। असंतुष्ट गुट चुपचाप बढ़ते रहे। यह 1905 और 1917 की क्रांतियों तक जाने वाला एक रास्ता है।

  1. 3D में: आख़िरी चरण में हर कदम चुनो। जो स्तंभ ऊँचा हो उसके लिए "नियंत्रण" या "मदद" लिखो।
  2. छाँटो खेल: नौ कदम पर्चियों पर लिखो। तीन ढेर बनाओ: नियंत्रण, रईसों को ताक़त, लोगों की मदद।
  3. पहले सोचो, फिर जाँचो: अगर तुम 1890 में गाँव के किसान होते, तो सबसे पहले कौन-सा कदम तुम्हें दिखता?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. सिकंदर तृतीय ने 1881 के बाद कड़ा नियंत्रण क्यों चुना?

चरण 1: 1881 में विद्रोहियों ने उसके पिता को मार डाला। चरण 2: उसे लगा कि 1860 के सुधारों से लोग बेचैन हुए। चरण 3: इसलिए उसने सारी सत्ता रखी और पुलिस व व्यवस्था मज़बूत की। इसे रूढ़िवादी स्थिरीकरण कहते हैं।

2. भूमि-प्रमुख क्या था और वह प्रति-सुधार क्यों था?

चरण 1: भूमि-प्रमुख किसान गाँवों पर बैठाया गया स्थानीय रईस था (1889)। चरण 2: वह गाँव पर नज़र रखता और छोटे मामले निपटाता था। चरण 3: पहले गाँव वाले अपने न्यायाधीश चुनते थे। चरण 4: यानी सत्ता चुने हुए लोगों से रईस के पास गई, जिससे पुराने सुधार घट गए।

3. दिखाओ कि सिकंदर तृतीय सिर्फ़ कड़ा नहीं था। दो मदद बताओ।

चरण 1: किसान भूमि बैंक (1882): ज़मीन ख़रीदने को क़र्ज़। चरण 2: कम मोचन किश्तें। चरण 3: कारख़ाना नियम: 12 से कम उम्र में काम नहीं, औरतों-किशोरों से रात का काम नहीं। यानी उसने नियंत्रण के साथ कुछ देखभाल भी रखी।

4. सिकंदर तृतीय ने 1881 से 1894 तक राज किया। यह कितने साल हुए?

1894 - 1881 = 13 साल।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सिकंदर तृतीय ज़ार बना:
2. उसका पिता कौन था?
3. भूमि-प्रमुख शुरू हुए:
4. कौन-सा प्रति-सुधार था?
5. सिकंदर तृतीय को कहा जाता है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिकंदर तृतीय की आंतरिक नीति क्या थी?

रूढ़िवादी स्थिरीकरण: निरंकुश शासन बनाए रखना, पुलिस और अख़बारों पर कड़ा नियंत्रण, रईसों को ज़्यादा अधिकार देने वाले प्रति-सुधार, और किसानों-मज़दूरों को कुछ मदद।

प्रति-सुधार क्या होते हैं?

ऐसे क़ानून जो पहले के सुधार घटाते हैं, जैसे भूमि-प्रमुख (1889), 1890 का ज़ेम्स्त्वो क़ानून और 1892 का शहर क़ानून।

क्या यह विषय कक्षा 9 के इतिहास में है?

हाँ, यह कक्षा 9 के रूसी इतिहास (1880-90 के दशक) का हिस्सा है और 1800 के अंत के किसी भी पाठ्यक्रम में काम आता है।

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी इतिहास पाठ