1897 की जनगणना: जातियों की मोज़ेक
साम्राज्य की पहली पूरी जनगणना 1897 में हुई और लगभग 12.6 करोड़ लोग गिने गए। रूसी (तब "महान रूसी" कहलाते थे) लगभग 100 में 44 थे। फिर यूक्रेनी (तब "छोटे रूसी") लगभग 18, पोलिश लगभग 6, बेलारूसी लगभग 5, यहूदी लगभग 4, फिर कज़ाख़ (तब "किर्गिज़"), तातार, जर्मन और फ़िन, लातवियाई, एस्टोनियाई, जॉर्जियाई, अर्मेनियाई तथा साइबेरिया और मध्य एशिया के लोग जैसी बहुत-सी जातियाँ। यहाँ संख्याएँ पूर्णांक में हैं।
ज़्यादातर लोग घर में अपनी मातृभाषा बोलते थे। रूसी राज्य की भाषा थी, पर घर में सिर्फ़ सबसे बड़ा समूह उसे बोलता था।
धर्म और राज्य-चर्च
लगभग 100 में 70 ऑर्थोडॉक्स ईसाई थे और राज्य के साथ ऑर्थोडॉक्स चर्च का विशेष स्थान था। लगभग 11 मुस्लिम (तातार, कज़ाख़, काकेशस और मध्य एशिया के लोग), लगभग 9 कैथोलिक (बहुत से पोलिश और लिथुआनियाई), लगभग 5 प्रोटेस्टेंट (जर्मन, लातवियाई, एस्टोनियाई, फ़िन लोगों में लूथरन), लगभग 4 यहूदी, और बौद्ध व अन्य थे। अन्य धर्म पूजा कर सकते थे, पर ऑर्थोडॉक्स लोगों का धर्म नहीं बदलवा सकते थे, और पुरानी आस्था वालों (ओल्ड बिलीवर्स) जैसे कुछ समूहों पर सीमाएँ थीं।
राज्य की नीति: रूसीकरण और अलग नियम
1880-90 के दशक में सरकार ज़्यादा मज़बूत और एक-सा राज्य चाहती थी। रूसीकरण का मतलब रूसी भाषा, स्कूल और ऑर्थोडॉक्स चर्च को बढ़ावा देना। जैसे पोलैंड और बाल्टिक प्रांतों में रूसी स्कूल की भाषा बनी और यूक्रेनी छपाई सीमित हुई।
- स्तेपी और साइबेरिया के लोग: विशेष नियमों से शासित; उन्हें अलग क़ानूनी समूह में गिना गया।
- यहूदी: ज़्यादातर पश्चिमी प्रांतों के एक समूह (पेल ऑफ़ सेटलमेंट) में रहना पड़ता था; "मई क़ानूनों" (1882) ने और सीमाएँ जोड़ीं और स्कूलों में कोटा था।
- मध्य एशिया: सैन्य ढंग के गवर्नर-जनरल से शासित, मुस्लिम क़ानून के लिए स्थानीय अदालतों के साथ।
नीति के पीछे विचार एकता का था। नतीजा अक्सर ग़ुस्सा था, क्योंकि लोगों को लगा कि उनकी भाषा और आस्था को कमतर माना जा रहा है।
स्थानीय संस्कृतियाँ ज़िंदा रहीं
नीतियाँ जीवित संस्कृति को मिटा नहीं सकीं। उदाहरण:
- तातार: सुधारक इस्माइल गास्प्रिन्स्की ने द्विभाषी अख़बार (1883) और "नई पद्धति" के स्कूल शुरू किए।
- यूक्रेनी, पोलिश, फ़िन, जॉर्जियाई, अर्मेनियाई, यहूदी: अपने गीत, कथाएँ और (अक्सर निजी) स्कूल बचाए रखे; विद्वानों ने शब्दकोश और लोकगीत-संग्रह लिखे।
- शहर और व्यापार: कई जातियों के व्यापारी बड़े मेलों में मिलते थे, और बाज़ारों में खाना, कपड़े और संगीत घुलमिल जाते थे।
यही "जातीय-सांस्कृतिक छवि" है: एक जाति नहीं, बल्कि पैचवर्क, जिसमें ऊपर से दबाव और नीचे से गर्व था।
नतीजे और कर के देखो
राज्य का दबाव और जातियों का गर्व 1905 और 1917 की क्रांतियों में मिले, जब कई जातियों ने अधिकार माँगे। याद रखो कि यह पाठ सिर्फ़ साम्राज्य की छवि के बारे में है; कोई सीमाएँ नहीं खींची गईं, क्योंकि सीमाएँ अक्सर बदलती थीं।
- 3D में: आख़िरी चरण में हर जाति चुनो और 100 में उसका हिस्सा लिखो।
- कक्षा सर्वे: गिनो कि तुम्हारी कक्षा के घरों में कितनी भाषाएँ बोली जाती हैं। यह साम्राज्य से कैसे मिलता या अलग है?
- गणित: अगर साम्राज्य में 12.6 करोड़ लोग थे, तो 100 में 4 कितने हुए? (लगभग 50 लाख)
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जनगणना 1897: लगभग 12.6 करोड़ लोग; 100 में लगभग 44 रूसी
- आस्था: प्रति 100 लगभग 70 ऑर्थोडॉक्स, 11 मुस्लिम, 9 कैथोलिक, 5 प्रोटेस्टेंट, 4 यहूदी
- रूसीकरण: रूसी भाषा, स्कूल और ऑर्थोडॉक्स धर्म को बढ़ावा
- पेल ऑफ़ सेटलमेंट: पश्चिमी प्रांतों का समूह जहाँ ज़्यादातर यहूदियों को रहना पड़ता था
- जातीय-सांस्कृतिक छवि: एक साम्राज्य में कई जातियाँ, भाषाएँ और धर्म
हल किए गए उदाहरण
1. "बहुजातीय साम्राज्य" का क्या मतलब है?
चरण 1: एक शासक के अधीन कई जातियों वाला साम्राज्य। चरण 2: 1897 में सिर्फ़ लगभग 100 में 44 रूसी थे। चरण 3: बाक़ी दूसरी भाषाएँ बोलते और दूसरे धर्म मानते थे।
2. अगर साम्राज्य में लगभग 12.6 करोड़ लोग थे और 100 में लगभग 44 रूसी, तो लगभग कितने रूसी थे?
12.6 करोड़ का 44% = 0.44 x 12.6 करोड़ = 5.54 करोड़, यानी लगभग 5.5 करोड़।
3. रूसीकरण क्या था और लोगों को यह क्यों नापसंद था?
चरण 1: यह रूसी भाषा, स्कूल और ऑर्थोडॉक्स धर्म फैलाने की नीति थी। चरण 2: दूसरी जातियों के लिए इसका मतलब था कि उनकी भाषा और आस्था कम मायने रखती है। चरण 3: इसलिए बहुतों को ग़ुस्सा आया और उन्होंने अपनी संस्कृति और ज़्यादा थामी।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि साम्राज्य के ज़्यादातर लोग रूसी थे। आधे से कम थे।
- भाषा-समूहों को धर्मों से मिला देना। कोई पोलिश और कैथोलिक हो सकता है, या तातार और मुस्लिम; ये दो अलग लेबल हैं।
- यह कहना कि नियम सबके लिए एक जैसे थे। अलग-अलग समूहों के अलग नियम थे।
- जनगणना के आँकड़ों को सटीक मानना। वे पूर्णांक हैं और पुराने नाम अलग थे।