कई लोगों की धरती
1700 के दशक में रूसी सबसे बड़ा समूह थे, पर साम्राज्य में यूक्रेनी, तातार, बश्कीर, चुवाश और मारी (वोल्गा और उराल में), मैदानों में कल्मीक, बहुत से साइबेरियाई लोग, और जर्मन-भाषी कुलीनों वाले एस्टोनियाई और लातवियाई जैसे बाल्टिक लोग भी थे। पोलैंड के बँटवारे के बाद साम्राज्य में बहुत से बेलारूसी, लिथुआनियाई और यहूदी भी आए। इन लोगों की भाषाएँ अलग थीं और धर्म भी: ऑर्थोडॉक्स ईसाई, इस्लाम, बौद्ध, यहूदी, कैथोलिक, लूथरन और स्थानीय मान्यताएँ।
साम्राज्य कैसे बढ़ा
उत्तरी युद्ध के बाद बाल्टिक इलाक़े रूस में आए (1721)। कैथरीन द्वितीय के समय रूस ने 1783 में क्रीमिया लिया और ऑस्ट्रिया तथा प्रशा के साथ पोलैंड बाँटा: 1772, 1793 और 1795। 1783 में एक संधि से जॉर्जिया का कार्तली-काख़ेती राज्य भी रूसी संरक्षण में आया। हर क़दम पर नए लोग और तय करने के लिए नए नियम आए।
नीति: अलग जगह, अलग नियम
राज्य एक मज़बूत केंद्र चाहता था। यूक्रेन में पुराना स्वशासन ख़त्म किया गया: हेतमान का पद 1764 में और ज़ापोरोज़ियन सिच (कज़ाकों का गढ़) 1775 में। बाल्टिक इलाक़ों में जर्मन-भाषी कुलीनों को स्थानीय क़ानून रखने दिए गए थे, और 1783 में इन्हें बाक़ी रूस के नियमों के क़रीब लाया गया। साइबेरिया के लोग यासाक, यानी फ़र का कर, देते थे। कल्मीकों में से 1771 में बहुत से वोल्गा के मैदान से चले गए और ख़ान की उपाधि ख़त्म हुई। बश्कीरों ने क़िलों, शहरों और कारख़ानों के लिए ज़मीन खोई, जो उनके पुगाचेव से जुड़ने का एक कारण था।
धर्म और बसने वाले
कैथरीन द्वितीय धार्मिक झगड़ों से बचना चाहती थीं। 1773 के आदेश ने कहा कि सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता रखी जाए और 1788 में ऊफ़ा में मुस्लिम धार्मिक सभा बनी ताकि मुसलमानों की एक सरकारी संस्था हो। ऑर्थोडॉक्स चर्च का स्थान फिर भी पहला रहा।
राज्य चाहता था कि लोग ख़ाली ज़मीन पर खेती करें। 1763 के घोषणापत्र ने विदेशी बसने वालों को बुलाया और बहुत से जर्मन ज़मीन और कुछ छूट के साथ वोल्गा के किनारे बसे। पोलैंड के बँटवारे के बाद 1791 में यहूदी व्यापारियों को केवल तय क्षेत्र, बस्ती-सीमा (पेल ऑफ़ सेटलमेंट), में रहने की अनुमति मिली।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 1721: बाल्टिक इलाक़े रूस में
- 1764: हेतमान का पद ख़त्म; 1775: ज़ापोरोज़ियन सिच ख़त्म
- 1772, 1793, 1795: पोलैंड के बँटवारे
- 1773: सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता; 1788: ऊफ़ा में मुस्लिम सभा
- 1783: क्रीमिया जुड़ा; 1791: बस्ती-सीमा
हल किए गए उदाहरण
1. राज्य ने 1764 में हेतमान का पद क्यों ख़त्म किया?
वह सभी इलाक़ों पर एक केंद्रीय शासन चाहता था, इसलिए उसने यूक्रेन के अपने पद ख़त्म करके उन्हें रूसी अफ़सरों के अधीन कर दिया।
2. 1773 के आदेश में क्या कहा गया और यह क्यों ज़रूरी है?
उसमें कहा गया कि सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता रखी जाए। यह इसलिए ज़रूरी है कि साम्राज्य में कई धर्म थे, इसलिए उनके बीच शांति से राज्य शांत रहा।
3. ऐसे दो समूहों के नाम बताइए जिन्हें बुलाया गया या जाने दिया गया, और कहाँ।
जर्मन किसानों को 1763 में बुलाया गया और वे वोल्गा पर बसे। कज़ाक और किसान दक्षिण के नए इलाक़ों में गए।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि साम्राज्य में सब रूसी थे। वहाँ अलग भाषाओं और धर्मों के कई लोग रहते थे।
- मानना कि हर जगह एक ही नियम थे। यूक्रेन, बाल्टिक और साइबेरिया में अलग-अलग नियम थे।
- 1764 और 1775 मिला देना। हेतमान का पद 1764 में ख़त्म हुआ, ज़ापोरोज़ियन सिच 1775 में।
- सोचना कि कानून में सब लोग बराबर थे। ऑर्थोडॉक्स धर्म का पहला स्थान था और बस्ती-सीमा जैसी रोकें भी थीं।