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रूस में 19वीं सदी के उत्तरार्ध की संस्कृति

लगभग 1850 से 1900 के बीच रूसी संस्कृति मज़बूत हुई और पूरी दुनिया में जानी गई। उसका मुख्य विचार था यथार्थवाद: असली जीवन और आम लोगों को दिखाना। टॉल्स्टॉय, दोस्तोयेव्स्की, तुर्गेनेव और चेखव जैसे लेखकों ने बड़े उपन्यास और नाटक लिखे। रेपिन और लेवितान जैसे "घुमक्कड़" चित्रकार प्रदर्शनियाँ कई शहरों तक ले गए। "शक्तिशाली मुट्ठी" और चाइकोव्स्की ने रूसी स्वर का संगीत रचा। विज्ञान में मेंडेलीव ने आवर्त सारणी (1869) बनाई और पोपोव ने रेडियो संकेत दिखाए (1895)।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1850 के बाद बहुत से रूसी कलाकार असली जीवन दिखाना चाहते थे। सिर्फ़ राजा और संत नहीं, बल्कि किसान, शिक्षक, नाव खींचने वाले। इस विचार को यथार्थवाद कहते हैं।
  2. किताबों में टॉल्स्टॉय ने "युद्ध और शांति" और "अन्ना कारेनिना" लिखी। दोस्तोयेव्स्की ने अपराध-बोध और अंतरात्मा के बारे में लिखा। तुर्गेनेव ने युवाओं और पुराने विचारों पर लिखा। चेखव ने छोटी कहानियाँ और नाटक लिखे।
  3. चित्रकला में 1870 में "घुमक्कड़" (वांडरर्स) नाम का समूह शुरू हुआ। उन्होंने अपने चित्र रेल से कई शहरों में भेजे, ताकि आम लोग कला देख सकें। रेपिन, पेरोव, शिश्किन और लेवितान इस दुनिया के हिस्से थे।
  4. संगीत में "शक्तिशाली मुट्ठी" ने लोकगीतों से रूसी ध्वनि वाला संगीत रचा: मुसॉर्ग्स्की, रिम्स्की-कोर्साकोव, बोरोदिन। चाइकोव्स्की ने "स्वान लेक" और "द नटक्रैकर" जैसे बैले लिखे।
  5. विज्ञान में मेंडेलीव ने तत्वों को आवर्त सारणी में सजाया (1869)। पोपोव ने रेडियो संकेत भेजे (1895)। पावलोव ने प्रतिवर्त (रिफ़्लेक्स) का अध्ययन किया और मेच्निकोव ने देखा कि शरीर कीटाणुओं से कैसे लड़ता है।
  6. खुला खेल: कोई कलाकार चुनो। नीला स्तंभ: असली जीवन कितना दिखता है। हरा स्तंभ: रूसी रंग कितना गहरा है। लेखक-चित्रकार यथार्थवाद की ओर, संगीतकार राष्ट्रीय शैली की ओर।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

असली जीवन इतना अहम विचार क्यों था?

दासता ख़त्म होने के बाद लोग अपने समाज को समझना चाहते थे। असली जीवन दिखाने से वे ग़रीबी और न्याय पर सोच सके।

रूसी उपन्यास विदेश में इतने मशहूर क्यों हैं?

वे गहरे मानवीय सवाल खोजते हैं और उनका जल्दी अनुवाद हुआ। बहुत से पाठकों ने पात्रों में ख़ुद को देखा।

चित्रकार रेल से क्यों घूमना चाहते थे?

पहले प्रदर्शनियाँ सिर्फ़ राजधानी में होती थीं। रेल से वे कई शहरों तक पहुँचीं, और आम लोग कला देख सके।

संगीत में "राष्ट्रीय शैली" का क्या मतलब है?

किसी देश के अपने लोकगीत, कथाएँ और बोलने की लय इस्तेमाल करना, ताकि संगीत उसी देश जैसा सुनाई दे।

आवर्त सारणी इतनी अहम क्यों थी?

इसने दिखाया कि तत्व एक पैटर्न मानते हैं और मेंडेलीव को अनखोजे तत्वों की भविष्यवाणी करने दी। इससे हर जगह के रसायनज्ञों को मदद मिली।

कौन ज़्यादा यथार्थवादी है और कौन राष्ट्रीय शैली का?

चेखव और रेपिन जैसे लेखक-चित्रकार असली जीवन की ओर; मुसॉर्ग्स्की जैसे संगीतकार राष्ट्रीय शैली की ओर।

यथार्थवाद: मुख्य विचार

दासों की मुक्ति (1861) और दूसरे सुधारों के बाद रूसी लोग कठिन सवाल पूछने लगे: अच्छा जीवन क्या है? ग़रीबों के प्रति हमारा क्या फ़र्ज़ है? कलाकारों ने असली जीवन को बिना सजावट के दिखाकर जवाब दिया। यही यथार्थवाद है। छपी पत्रिकाओं और नए स्कूलों से ज़्यादा लोग पढ़-सोच सके, इसलिए कला सार्वजनिक जीवन का हिस्सा बनी।

साहित्य

उनकी किताबों का अनुवाद हुआ और दुनिया भर में पढ़ी गईं।

चित्रकला

1870 में चित्रकारों के एक समूह ने घुमक्कड़ कला प्रदर्शनी संघ बनाया, जिसे वांडरर्स (पेरेदविज़्निकी) कहते हैं। वे कठोर कला अकादमी से अलग हुए और रेल से कई शहरों में प्रदर्शनियाँ भेजीं।

व्यापारी पावेल त्रेत्याकोव ने रूसी चित्र जमा किए और मॉस्को शहर को दे दिए; आज वह त्रेत्याकोव गैलरी है।

संगीत

दो संगीत-विद्यालय खुले (सेंट पीटर्सबर्ग 1862, मॉस्को 1866), इसलिए रूस अब अपने संगीतकार तैयार करने लगा। दो समूह उभरे:

विज्ञान

इस समय विश्वविद्यालय और वैज्ञानिक संस्थाएँ बढ़ीं और 1870 के दशक में महिलाओं के पहले उच्च पाठ्यक्रम खुले।

यह क्यों ज़रूरी है, और कर के देखो

इन कृतियों ने आज भी दुनिया का रूस को देखने का तरीक़ा गढ़ा है। उन्होंने न्याय और ग़रीबों के बारे में ऐसे सवाल भी उठाए जो बाद की राजनीतिक घटनाओं में अहम रहे। संस्कृति और सार्वजनिक जीवन गहराई से जुड़े थे, जो तुम सामाजिक आंदोलन वाले पाठ में देखोगे।

  1. 3D में: आख़िरी चरण में छह कलाकार चुनो। बताओ कि हर एक "असली जीवन" की ओर ज़्यादा है या "राष्ट्रीय शैली" की ओर।
  2. सुनो: चाइकोव्स्की का 2 मिनट और मुसॉर्ग्स्की का 2 मिनट बजाओ। कौन लोकगीत जैसा ज़्यादा लगता है?
  3. बनाओ: चार कमरों का घर (साहित्य, चित्रकला, संगीत, विज्ञान) और हर कमरे में एक नाम लिखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. कला में यथार्थवाद क्या है?

चरण 1: यथार्थवाद जीवन को वैसा दिखाता है जैसा वह है। चरण 2: इसमें किसान और मज़दूर जैसे आम लोग आते हैं। चरण 3: यह सजावट से बचता है और समाज के बारे में सवाल पूछता है।

2. वांडरर्स (घुमक्कड़) क्यों कहलाए?

चरण 1: उन्होंने 1870 में कठोर अकादमी छोड़ी। चरण 2: उन्होंने प्रदर्शनियाँ रेल से कई शहरों में भेजीं। चरण 3: इस तरह कला राजधानी के बाहर आम लोगों तक पहुँची।

3. मेंडेलीव ने 1869 में आवर्त सारणी बनाई। यह पोपोव के रेडियो संकेतों (1895) से कितने साल पहले था?

1895 - 1869 = 26 साल।

4. साहित्य, चित्रकला, संगीत और विज्ञान में से हर एक के लिए एक रूसी रचनाकार का नाम बताओ।

टॉल्स्टॉय (साहित्य), रेपिन (चित्रकला), चाइकोव्स्की (संगीत), मेंडेलीव (विज्ञान)।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. "वॉर एंड पीस" किसने लिखा?
2. वांडरर्स बने:
3. "स्वान लेक" किसने रचा?
4. आवर्त सारणी (1869) किसने बनाई?
5. रेपिन का "वोल्गा के बर्गे खींचने वाले" किस शैली का है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19वीं सदी के उत्तरार्ध में रूसी संस्कृति कैसी थी?

यथार्थवादी उपन्यास, घुमक्कड़ चित्रकार, राष्ट्रीय रंग का संगीत और विज्ञान में बड़ी खोजें।

वांडरर्स कौन थे?

चित्रकार जिन्होंने 1870 में समूह बनाया और रेल से कई शहरों में प्रदर्शनियाँ भेजीं।

क्या यह कक्षा 9 के इतिहास में है?

हाँ, कक्षा 9 के रूसी इतिहास में 19वीं सदी के उत्तरार्ध के सांस्कृतिक परिवेश के रूप में।

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