गिल्डेड एज, 1865–1900
"गिल्डेड" का मतलब है सोने की पतली परत चढ़ा हुआ। लेखक मार्क ट्वेन ने यह शब्द यह बताने के लिए चुना कि यह दौर बाहर से अमीर दिखता था, पर अंदर समस्याएँ थीं।
- उद्योग: रेल महाद्वीप के आर-पार पहुँची (1869); स्टील और तेल कंपनियाँ बहुत बड़ी हुईं। कार्नेगी और रॉकफ़ेलर जैसे मालिक बेहद अमीर बने।
- मज़दूर: लंबे घंटे, कम वेतन, बाल मज़दूरी। मज़दूरों ने ट्रेड यूनियन बनाईं और हड़तालें कीं।
- प्रवासी: यूरोप और एशिया से करोड़ों लोग आए; शहर तेज़ी से बढ़े और भीड़ भरे हो गए।
- नुकसान झेलने वाले: मूल अमेरिकी लोगों ने अपनी ज़्यादातर ज़मीन खोई; दक्षिण में पुनर्निर्माण के बाद अलगाव कानूनों ने अश्वेत अमेरिकियों को दबाया।
पॉपुलिज़्म, प्रगतिशील युग और विस्तार, 1890–1920
- पॉपुलिस्ट (1890 का दशक): गरीब किसान जो सस्ता कर्ज़, रेल का उचित किराया और सरकार में ज़्यादा आवाज़ चाहते थे।
- प्रगतिशील (1900–20): शहरी सुधारक, पत्रकार और राष्ट्रपति (थियोडोर रूज़वेल्ट, वुडरो विल्सन) जिन्होंने बड़े एकाधिकारों को तोड़ा, खाना और दवा सुरक्षित बनाई, बाल मज़दूरी घटाई और आयकर शुरू किया। 1920 में महिलाओं को वोट मिला (19वाँ संशोधन)।
- विदेशी विस्तार: 1898 में स्पेन से युद्ध के बाद अमेरिका को प्रशांत और कैरिबियन में द्वीप मिले। कुछ अमेरिकियों ने इसे साम्राज्यवाद कहकर विरोध किया।
- पहला विश्व युद्ध: अमेरिका 1917 में शामिल हुआ और नतीजा तय करने में मदद की, फिर दुनिया के मामलों से कुछ पीछे हट गया।
उछाल और गिरावट: 1920 का दशक, महामंदी और न्यू डील
उछाल (1920 का दशक)
बड़े पैमाने पर उत्पादन से कार, रेडियो और फ़्रिज सस्ते हुए। लोग उधार (credit, अभी लो, बाद में चुकाओ) पर खरीदते थे और कंपनियों के शेयर लेते थे। जैज़, सिनेमा और युवा महिलाओं की नई आज़ादी ने संस्कृति बदली। पर किसान गरीब रहे, अश्वेत अमेरिकियों ने कू क्लक्स क्लान और अलगाव झेला, और नए कानूनों ने प्रवास पर कड़ी रोक लगाई। शराबबंदी (1920–33) से संगठित अपराध बढ़ा।
गिरावट (1929–1933)
अक्टूबर 1929 में शेयरों के दाम धड़ाम से गिरे। बैंक डूबे और लोगों की बचत चली गई। 1933 तक लगभग 25% मज़दूर बेरोज़गार थे। परिवारों के घर छिने; धूल भरी आँधियों ने मैदानी इलाकों के खेत बर्बाद किए।
न्यू डील (1933–1939)
राष्ट्रपति फ़्रैंकलिन डी. रूज़वेल्ट ने सरकारी पैसे से काम दिए (बाँध, सड़कें, स्कूल बनाना), बैंक जमा सुरक्षित किए, किसानों की मदद की और पेंशन (सोशल सिक्योरिटी) शुरू की। आलोचकों ने कहा यह ज़्यादा था या कम। बेरोज़गारी लगभग शून्य तब हुई जब दूसरे विश्व युद्ध (1941–45) ने सबको काम दिया।
युद्ध के बाद का अमेरिका और नागरिक अधिकार आंदोलन, 1945–1968
- समृद्धि: 1945 के बाद वेतन बढ़े; परिवार उपनगरों में गए, कार और टीवी खरीदे। इसे "अमेरिकन ड्रीम" कहा गया।
- महाशक्ति और शीत युद्ध: ट्रूमैन (1945–53) ने साम्यवाद को फैलने से रोकने का वादा किया; अमेरिका कोरिया और बाद में वियतनाम में लड़ा। देश के अंदर साम्यवादियों के डर से मैकार्थीवाद (1950 का दशक) पैदा हुआ।
- नागरिक अधिकार: 1954 के ब्राउन फ़ैसले ने स्कूलों में अलगाव पर रोक लगाई; रोज़ा पार्क्स और 1955 का मॉन्टगोमरी बस बहिष्कार, 1963 में मार्टिन लूथर किंग जूनियर का वॉशिंगटन मार्च, नागरिक अधिकार कानून (1964) और मतदान अधिकार कानून (1965) ने कानूनी अलगाव खत्म किया। मैल्कम एक्स जैसे कुछ कार्यकर्ताओं ने "ब्लैक पावर" और आत्मरक्षा की बात की।
- केनेडी (1961–63) ने "न्यू फ़्रंटियर" और चाँद पर उतरने का वादा किया; 1963 में उनकी हत्या हुई। जॉनसन (1963–69) ने गरीबी के खिलाफ़ "ग्रेट सोसाइटी" शुरू की (बूढ़ों और गरीबों के लिए स्वास्थ्य सुविधा), पर वियतनाम में ज़्यादा सेना भेजी।
शक और बदलाव, 1968–1980
वियतनाम युद्ध के खिलाफ़ विरोध, महिलाओं के अधिकारों, और मूल अमेरिकी व लैटिनो अधिकारों के आंदोलन बढ़े। निक्सन (1969–74) ने वियतनाम से अमेरिका को निकाला और चीन से बातचीत शुरू की, पर वॉटरगेट घोटाले (विरोधियों की जासूसी और उसे छिपाना) के कारण 1974 में उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा। तेल के दामों के झटकों (1973, 1979) से महँगाई और बेरोज़गारी एक साथ बढ़ीं। सरकार पर भरोसा घटा।
1980 से आज तक
- रीगन और रूढ़िवाद (1981–89): कम टैक्स, कंपनियों पर कम नियम, बड़ी सेना; एक मज़बूत धार्मिक रूढ़िवादी आंदोलन।
- शीत युद्ध का अंत: सोवियत संघ से हथियार-वार्ता; 1989 में बर्लिन दीवार गिरी और 1991 में सोवियत संघ टूटा।
- बदलती अर्थव्यवस्था: कारखानों की नौकरियाँ घटीं, सेवा, वित्त और कंप्यूटर की नौकरियाँ बढ़ीं; व्यापार समझौते और वैश्वीकरण; अमीर और गरीब का फ़ासला बढ़ा।
- प्रवास: लैटिन अमेरिका और एशिया (भारत समेत) से बड़े प्रवास ने आबादी बदली और सीमा पर बहस छेड़ी।
- 21वीं सदी की चुनौतियाँ: 9/11 हमले (2001) और अफ़ग़ानिस्तान व इराक के युद्ध; 2008 का वित्तीय संकट; पहले अश्वेत राष्ट्रपति (बराक ओबामा, 2009); जलवायु परिवर्तन, 2020 की महामारी और गहरा राजनीतिक बँटवारा।
कारण ढूँढना: चीज़ें क्यों बदलीं?
आर्थिक कारण (गिरावट, तकनीक), राजनीतिक कारण (चुनाव, कानून, अदालतें) और सामाजिक कारण (आंदोलन, प्रवास) देखो। बड़े बदलावों के पीछे अक्सर कई कारण एक साथ होते हैं।
करके देखो
3D के खुद खेलो चरण में साल को 1933, 1944, 1982 और 2009 पर ले जाओ। हर बार बेरोज़गारी का आँकड़ा और उसे समझाने वाली घटना लिखो। फिर किसी एक समूह (जैसे महिलाएँ, अश्वेत अमेरिकी या प्रवासी) के लिए 1865 से आज तक अपनी "मौका रेखा" बनाओ, जिस पर दो बड़ी जीत और एक झटका दिखाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- गिल्डेड एज: 1865–1900, तेज़ औद्योगिक विकास के साथ गहरी असमानता
- प्रगतिशीलता: उद्योग और शहरों की समस्याएँ ठीक करने वाले सुधार (1900–20)
- उधार (credit): अभी खरीदना, बाद में चुकाना
- महामंदी: 1929 में शुरू हुई आर्थिक गिरावट
- न्यू डील: 1930 के दशक में रूज़वेल्ट के काम, राहत और सुधार कार्यक्रम
- अलगाव (segregation): कानून या रिवाज़ से नस्लों को अलग रखना
- नागरिक अधिकार: हर नागरिक के साथ कानून में बराबर व्यवहार
- रूढ़िवाद (रीगन दौर): कम टैक्स, छोटी सरकार, पारंपरिक मूल्य
हल किए गए उदाहरण
1. 1920 का उछाल सबके लिए अच्छा क्यों नहीं था?
फ़सलों के दाम गिरने से किसानों की कमाई घटी; बहुत से अश्वेत अमेरिकियों ने अलगाव और हिंसा झेली; नए कानूनों ने कई प्रवासियों को रोका। ज़्यादातर फ़ायदा शेयर और कारोबार के मालिकों को मिला।
2. महामंदी के दो कारण बताओ।
1) उधार के पैसे से शेयर खरीदने से दाम बहुत ऊपर गए, इसलिए 1929 की गिरावट ने बचत मिटा दी। 2) बैंक डूबे और लोगों ने खर्च बंद किया, इसलिए कारखाने बंद हुए और नौकरियाँ गईं।
3. नागरिक अधिकार आंदोलन से जीते गए दो कानून और उनका काम बताओ।
नागरिक अधिकार कानून 1964: नौकरी और सार्वजनिक जगहों पर भेदभाव पर रोक। मतदान अधिकार कानून 1965: अश्वेत नागरिकों को वोट से रोकने वाली अनुचित परीक्षाएँ बंद।
4. क्रम में लगाओ: वॉटरगेट इस्तीफ़ा, न्यू डील, नागरिक अधिकार कानून, सोवियत संघ का अंत।
न्यू डील (1933) → नागरिक अधिकार कानून (1964) → वॉटरगेट इस्तीफ़ा (1974) → सोवियत संघ का अंत (1991)।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि अकेली न्यू डील ने महामंदी खत्म की। उसने मदद की, पर 1941 के बाद युद्ध उत्पादन तक बेरोज़गारी ऊँची रही।
- 1950 के दशक को सबके लिए अच्छा मानना। धन बढ़ा, पर बहुतों के लिए अलगाव और गरीबी बनी रही।
- प्रगतिशील युग (1900–20) और ग्रेट सोसाइटी (1960 का दशक) को मिला देना। दोनों सुधार के दौर थे, पर 60 साल का फ़र्क है।
- यह मानना कि नागरिक अधिकार एक नेता ने जीते। यह आम लोगों, अदालतों और कांग्रेस का मिला-जुला जन आंदोलन था।