1845 के आसपास उत्तर और दक्षिण
1845 में अमेरिका एक देश था, पर जीने के दो तरीके थे।
- उत्तर में बढ़ते शहर, कारखाने, नहरें और रेल थीं। मज़दूरों को वेतन मिलता था। आयरलैंड और जर्मनी से बहुत से प्रवासी आए।
- दक्षिण ज़्यादातर खेती पर चलता था। कपास सबसे बड़ी फ़सल थी। बड़े खेत (बागान) गुलाम लोगों से काम लेते थे: ऐसे लोग जिन्हें खरीदा-बेचा जाता था और बिना वेतन काम कराया जाता था। 1860 तक लगभग 40 लाख लोग गुलाम थे।
उन्मूलनवादी (abolitionist, जो गुलामी खत्म करना चाहते थे) आंदोलन बढ़ रहा था। इसमें फ़्रेडरिक डगलस जैसे लेखक थे, जो खुद गुलामी से भागे थे। कई दक्षिणी लोग गुलामी को अपनी अर्थव्यवस्था की नींव मानते थे और राज्यों के अधिकार की बात करते थे: हर राज्य खुद तय करे।
दोनों हिस्सों की तुलना
उत्तर: ज़्यादा लोग, उद्योग, स्वतंत्र मज़दूरी, ज़्यादा रेल। दक्षिण: खेती, गुलाम मज़दूरी, कम शहर। संविधान एक ही था, इसलिए झगड़ा इस पर था कि राष्ट्रीय सरकार कितना दखल दे सकती है।
पश्चिम की ओर फैलाव: मैनिफ़ेस्ट डेस्टिनी और मेक्सिको युद्ध
मैनिफ़ेस्ट डेस्टिनी 1840 के दशक का एक लोकप्रिय विश्वास था कि अमेरिका को प्रशांत महासागर तक पूरे महाद्वीप पर फैलना ही है। 1845 में टेक्सास अमेरिका में जुड़ा। सीमा के झगड़े से मेक्सिको–अमेरिका युद्ध (1846–48) हुआ। मेक्सिको हारा और अमेरिका को दक्षिण-पश्चिम का बड़ा इलाका मिला, कैलिफ़ोर्निया समेत।
इस फैलाव की कीमत भी थी: मूल अमेरिकी (Native American) लोगों को उनकी ज़मीन से हटाया गया, और मेक्सिको ने अपना लगभग आधा इलाका खोया। सबसे कठिन सवाल फिर खड़ा हुआ: नई ज़मीन पर गुलामी होगी या नहीं?
संघ को जोड़े रखने की कोशिशें, और वे क्यों नाकाम हुईं
सीनेट में हर राज्य के दो वोट होते हैं। अगर स्वतंत्र राज्य ज़्यादा हो जाते, तो कानून बनाकर गुलामी खत्म की जा सकती थी। इसलिए दोनों पक्ष संतुलन पर नज़र रखते थे।
- मिसौरी समझौता (1820): मिसौरी गुलामी वाला राज्य बना, मेन स्वतंत्र राज्य, और आगे की ज़मीन के लिए एक रेखा खींची गई।
- 1850 का समझौता: कैलिफ़ोर्निया स्वतंत्र राज्य बना; पर सख्त भगोड़ा दास कानून (Fugitive Slave Act) ने उत्तर के लोगों को भागे हुए गुलामों को लौटाने में मदद करने पर मजबूर किया। उत्तर में गुस्सा बढ़ा।
- कैनसस–नेब्रास्का कानून (1854): बसने वाले लोग वोट से गुलामी तय करेंगे ("जन संप्रभुता")। दोनों पक्ष वहाँ पहुँचे और हिंसा हुई ("खूनी कैनसस")। गुलामी को पश्चिम में फैलने से रोकने के लिए नई रिपब्लिकन पार्टी बनी।
- ड्रेड स्कॉट फ़ैसला (1857): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अश्वेत लोग नागरिक नहीं हो सकते और कांग्रेस इलाकों में गुलामी पर रोक नहीं लगा सकती। अब समझौता लगभग असंभव हो गया।
- जॉन ब्राउन का हमला (1859) हार्पर्स फ़ेरी पर हुआ, जिससे दक्षिण डर गया।
1860: लिंकन का चुनाव और अलगाव
1860 में डेमोक्रेटिक पार्टी दो हिस्सों में बँट गई, और अब्राहम लिंकन (रिपब्लिकन) एक भी दक्षिणी राज्य जीते बिना राष्ट्रपति बने। उन्होंने कहा कि जहाँ गुलामी है वहाँ नहीं छेड़ेंगे, पर उसे फैलने नहीं देंगे। दिसंबर 1860 में साउथ कैरोलाइना संघ से अलग हुआ। दस और राज्य उसके पीछे गए। संघ छोड़ने को अलगाव (secession) कहते हैं। इन 11 राज्यों ने कॉन्फ़ेडरेट स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका बनाया। अप्रैल 1861 में फ़ोर्ट सम्टर पर गोलाबारी से युद्ध शुरू हुआ।
युद्ध, 1861–1865
संघ (Union, उत्तर) के पास लगभग 71% लोग, लगभग 90% कारखाने और ज़्यादातर रेल थी। कॉन्फ़ेडरेसी (दक्षिण) के पास रॉबर्ट ई. ली जैसे कुशल सेनापति थे और वह अपनी ज़मीन पर लड़ रहा था।
- रणनीति: उत्तर ने दक्षिणी बंदरगाहों की नाकाबंदी की और मिसिसिपी नदी के सहारे दक्षिण को दो हिस्सों में काटा।
- मोड़ (1863): गेटिसबर्ग और विक्सबर्ग की जीत।
- मुक्ति घोषणा (1 जनवरी 1863): लिंकन ने विद्रोही इलाकों के गुलामों को आज़ाद घोषित किया। इसके बाद लगभग 1.8 लाख अश्वेत सैनिक संघ की सेना में आए।
- सरकारी नीतियाँ: दोनों पक्षों ने अनिवार्य भर्ती की; उत्तर ने कागज़ी नोट छापे, आयकर लगाया और महाद्वीप पार रेल बनवाई।
- अंत: अप्रैल 1865 में ली ने एपोमैटॉक्स में हार मानी। कुछ दिन बाद लिंकन की हत्या हो गई। लगभग 6.2 लाख सैनिक मारे गए, जो अमेरिका के किसी भी युद्ध से ज़्यादा है।
पुनर्निर्माण, 1865–1877, और यह क्यों नाकाम रहा
पुनर्निर्माण (Reconstruction) का मतलब है दक्षिण को फिर से बनाना और संघ में वापस लाना।
शुरुआती पुनर्निर्माण (1865–67)
राष्ट्रपति एंड्रयू जॉनसन पुराने कॉन्फ़ेडरेट नेताओं के प्रति नरम थे। दक्षिणी राज्यों ने ब्लैक कोड बनाए, यानी ऐसे कानून जो आज़ाद हुए लोगों के काम और आने-जाने पर रोक लगाते थे।
कट्टर (रेडिकल) पुनर्निर्माण (1867–77)
कांग्रेस ने कमान संभाली। सेना दक्षिण की निगरानी करने लगी। तीन संशोधन जुड़े:
- 13वाँ (1865): गुलामी खत्म।
- 14वाँ (1868): अमेरिका में जन्मा हर व्यक्ति नागरिक, कानून की समान सुरक्षा।
- 15वाँ (1870): नस्ल के कारण वोट नहीं छीना जा सकता (तब सिर्फ़ पुरुष वोट देते थे)।
फ़्रीडमेन्स ब्यूरो ने स्कूल खोले; पहली बार अश्वेत पुरुष कांग्रेस में चुने गए।
नाकामी के कारण
- कू क्लक्स क्लान जैसे हिंसक समूहों ने अश्वेत मतदाताओं पर हमले किए।
- आज़ाद हुए लोगों को ज़मीन नहीं मिली, इसलिए ज़्यादातर बटाईदार (sharecropper) बने, फ़सल का हिस्सा किराए में देते रहे और गरीब रहे।
- 1873 की आर्थिक मंदी के बाद उत्तर की रुचि घट गई।
- 1877 के समझौते ने आखिरी सेना भी हटा दी। फिर दक्षिणी राज्यों ने अलगाव ("जिम क्रो") कानून बनाए, जो 1950–60 के नागरिक अधिकार आंदोलन तक चले।
करके देखो
3D के आखिरी (खुद खेलो) चरण में साल को 1850, फिर 1861, फिर 1877 पर रखो। हर बार एक वाक्य लिखो: खंडों का संतुलन क्या दिखाता है, और कौन-से संशोधन वाले खंभे बने हैं? फिर घर पर दो कॉलम की तालिका बनाओ: "उत्तर क्यों जीता" और "पुनर्निर्माण क्यों नाकाम हुआ"। हर कॉलम में कम से कम तीन कारण लिखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अलगाव (secession): किसी राज्य का संघ छोड़ना
- उन्मूलनवादी (abolitionist): गुलामी खत्म करना चाहने वाला व्यक्ति
- मैनिफ़ेस्ट डेस्टिनी: यह विश्वास कि अमेरिका पूरे महाद्वीप पर फैले
- जन संप्रभुता: बसने वालों का वोट से गुलामी तय करना
- मुक्ति (emancipation): गुलाम लोगों को आज़ाद करना
- पुनर्निर्माण: 1865–1877 में दक्षिण और संघ को फिर से बनाना
- बटाईदारी (sharecropping): दूसरे की ज़मीन जोतकर फ़सल का हिस्सा किराए में देना
- जिम क्रो कानून: बाद के दक्षिणी कानून जो अश्वेत और श्वेत लोगों को अलग रखते थे
हल किए गए उदाहरण
1. क्रम में लगाओ: कैनसस–नेब्रास्का कानून, 1850 का समझौता, लिंकन का चुनाव, ड्रेड स्कॉट फ़ैसला।
1850 का समझौता → कैनसस–नेब्रास्का कानून (1854) → ड्रेड स्कॉट फ़ैसला (1857) → लिंकन का चुनाव (1860)।
2. उत्तर की जीत के दो आर्थिक कारण बताओ।
1) उसके पास लगभग 90% कारखाने थे, इसलिए ज़्यादा हथियार और सामान बना सका। 2) ज़्यादा रेल से सैनिक और खाना जल्दी पहुँचा। (साथ ही लगभग 71% लोग।)
3. 1850 के समझौते ने तनाव कम करने के बजाय क्यों बढ़ाया?
उसके भगोड़ा दास कानून ने उत्तर के लोगों को भागे गुलामों को पकड़वाने पर मजबूर किया। गुलामी उत्तर के शहरों तक आ गई और कई तटस्थ लोग दक्षिण के खिलाफ़ हो गए।
4. पुनर्निर्माण के नाकाम होने का एक कारण समझाओ।
आज़ाद हुए लोगों को ज़मीन नहीं मिली। ज़्यादातर बटाईदार बनकर ज़मींदारों के कर्ज़ में रहे, इसलिए आज़ादी कागज़ पर थी पर आर्थिक आज़ादी नहीं।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि युद्ध सिर्फ़ "राज्यों के अधिकार" पर था। दक्षिणी राज्य मुख्य रूप से गुलामी रखने के अधिकार की रक्षा कर रहे थे।
- यह मानना कि मुक्ति घोषणा ने सभी गुलामों को आज़ाद कर दिया। वह विद्रोही इलाकों पर लागू थी; 13वें संशोधन (1865) ने हर जगह गुलामी खत्म की।
- संशोधनों को मिला देना: 13 = आज़ादी, 14 = नागरिकता और समान सुरक्षा, 15 = नस्ल से परे वोट।
- यह मानना कि पुनर्निर्माण से नस्लीय भेदभाव खत्म हो गया। 1877 के बाद जिम क्रो कानूनों और हिंसा ने दशकों तक अधिकार छीने।