United Grade 11 US History (Reconstruction to present)
अध्याय: 7
1. C3 inquiry arc
Developing questions and planning inquiries · Evaluating sources and using evidence · Communicating conclusions and taking informed action
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
2. C3 history thinking (grades 9-12)
Events in historical context · Change and continuity over time · Historical significance of people and events · Factors shaping people’s perspectives · Historical context shapes perspectives · Perspectives of historians · Present-day perspectives on the past · Limits of available sources · Sources and secondary interpretations · Limits of historical evidence and interpretations · Usefulness of historical sources · Generating questions from sources · Appropriateness of sources in interpretations · Multiple causes and effects · Long-term causes vs triggering events · Evidence-based historical arguments · Critiquing arguments in history writing
- ऐतिहासिक चिंतन: इतिहासकार कैसे काम करते हैं – इतिहास साक्ष्य के सहारे अतीत का अध्ययन है। घटनाओं को समय-रेखा पर क्रम से रखिए और उनके संदर्भ में पढ़िए। प्राथमिक स्रोत (उसी समय बने) और द्वितीयक स्रोत (बाद में बने) दोनों का उपयोग कीजिए। हर स्रोत को परखिए: किसने, कब, क्यों बनाया और क्या छूट गया। घटनाओं के कई कारण होते हैं: धीमे दीर्घकालिक कारण और एक तात्कालिक कारण। परिवर्तन और निरंतरता दोनों देखिए, महत्व तय कीजिए और साक्ष्य के साथ तर्क दीजिए।
3. Industrialization and the Gilded Age
Industry, immigration and cities · Progressive Era
- औद्योगिक क्रांति: कारण, प्रभाव और सुधार (1760–1914) – लगभग 1760 से 1914 के बीच काम घर के हाथ-औज़ारों से हटकर कारख़ानों की मशीनों पर आ गया। पहली लहर (लगभग 1760–1840) ब्रिटेन में कोयला, लोहा, भाप शक्ति और सूती मिलों से शुरू हुई। दूसरी लहर (लगभग 1870–1914) में इस्पात, बिजली, रसायन और तेल आए, और उद्योग पश्चिमी यूरोप, अमेरिका, जापान और रूस तक फैला। शहर तेज़ी से बढ़े; मज़दूरों को लंबे घंटे, बाल श्रम और गंदे घर मिले। मज़दूरों ने संघ बनाए, नए विचारों (उदारवाद, समाजवाद, रूढ़िवाद) में बहस हुई, और सरकारों ने धीरे-धीरे कारख़ाना, स्वास्थ्य और मताधिकार के सुधार किए।
- अमेरिका में सुधार आंदोलन और प्रगतिशील युग – लगभग 1820 से 1920 के बीच अमेरिका के आम लोगों के समूहों ने समाज की समस्याएँ सुधारने का काम किया। शुरुआती सुधारक, जिन्हें एक धार्मिक जागरण (द्वितीय महान जागरण) से भी प्रेरणा मिली, मुफ़्त सरकारी स्कूल, नशाबंदी, कैदियों और मानसिक रोगियों की बेहतर देखभाल, दासता के अंत और महिला अधिकारों के लिए लड़े। गृहयुद्ध के बाद तेज़ औद्योगिक विकास से नई समस्याएँ आईं: असुरक्षित कारख़ाने, बाल मज़दूरी, भीड़ भरे शहर, एकाधिकार और भ्रष्ट राजनीति। प्रगतिशील सुधारकों और मकरेकर पत्रकारों ने इन्हें उजागर किया, और नए क़ानून व संविधान के चार संशोधन (16वाँ–19वाँ) आए।
4. US in world affairs
Imperialism and World War I
- प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918): कारण, घटनाक्रम और परिणाम – प्रथम विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक मित्र राष्ट्रों (फ़्रांस, ब्रिटेन, रूस, बाद में इटली, अमेरिका आदि) और केंद्रीय शक्तियों (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, ऑटोमन साम्राज्य और बुल्गारिया) के बीच लड़ा गया। चार दीर्घकालिक कारणों ने तनाव बढ़ाया: सैन्यवाद, गठबंधन, साम्राज्यवाद और राष्ट्रवाद (MAIN)। चिंगारी थी 28 जून 1914 को साराजेवो में आर्चड्यूक फ़्रांज़ फ़र्डिनेंड की हत्या। पश्चिमी मोर्चे पर युद्ध खाइयों का गतिरोध बन गया; नए हथियारों ने इसे बहुत घातक बनाया। यह संपूर्ण युद्ध था: पूरी अर्थव्यवस्था, महिला कामगार और उपनिवेश लगाए गए, जिनमें लगभग 13 लाख भारतीय भी थे। 1917 की क्रांति के बाद रूस बाहर हुआ, अमेरिका 1917 में आया, और 11 नवंबर 1918 के युद्धविराम से लड़ाई रुकी। 1919–1920 की शांति संधियों, जिनमें वर्साय भी है, ने यूरोप को नया रूप दिया, चार साम्राज्य ख़त्म किए, राष्ट्र संघ बनाया और ऐसा ग़ुस्सा छोड़ा जिसने दूसरे विश्व युद्ध का रास्ता बनाया।
5. 1920s and the Great Depression
The 1920s · Depression and the New Deal
- अमेरिका में 1920 का दशक: 'रोअरिंग ट्वेंटीज़' – पहले विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका में तेज़ तरक्की का दशक आया। असेंबली लाइन से कारें और घरेलू सामान सस्ते हुए, किस्तों पर ख़रीद और विज्ञापन फैले, और रेडियो व फ़िल्मों ने साझा जन-संस्कृति बनाई। जैज़, हार्लेम पुनर्जागरण और महान प्रवासन ने संगीत और शहर बदले, और 1920 में महिलाओं ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर वोट दिया। इसी दशक में तीखे टकराव भी थे: शराबबंदी से संगठित अपराध बढ़ा, प्रवासियों पर कोटा लगा, कू क्लक्स क्लान फिर बढ़ा, और स्कोप्स मुक़दमे में विज्ञान व धर्म टकराए। उछाल के नीचे किसान परेशान थे, धन बहुत असमान था और लोग उधार लेकर शेयर ख़रीद रहे थे — यही कमज़ोरियाँ 1929 के क्रैश तक ले गईं।
- महामंदी (1929–1939) – महामंदी बीसवीं सदी का सबसे बड़ा आर्थिक संकट था। यह अक्टूबर 1929 में अमेरिका के वॉल स्ट्रीट शेयर बाज़ार के गिरने से शुरू हुई। शेयर गिरे, बैंक डूबे, कारखाने बंद हुए और 1933 तक अमेरिका में हर चार में से एक मज़दूर बेरोज़गार था। देशों ने आयात पर भारी कर (टैरिफ़) लगाए, जिससे दुनिया का व्यापार लगभग दो-तिहाई घट गया और संकट यूरोप, एशिया, अफ़्रीका तक फैल गया। अमेरिका ने न्यू डील अपनाई; जर्मनी और जापान में संकट ने उग्र राष्ट्रवादी दलों को ताक़त दी, जो आगे दूसरे विश्व युद्ध की ओर ले गया।
6. World War II and the Cold War
World War II at home and abroad · The Cold War
- द्वितीय विश्व युद्ध (1939–1945) – द्वितीय विश्व युद्ध इतिहास का सबसे जानलेवा युद्ध था। इसकी जड़ें थीं: पहले विश्व युद्ध के बाद की नाराज़गी, महामंदी, और जर्मनी, इटली व जापान में तानाशाहों का उदय। यह 1 सितंबर 1939 को जर्मनी के पोलैंड पर हमले से शुरू हुआ। धुरी राष्ट्र (जर्मनी, इटली, जापान) मित्र राष्ट्रों (ब्रिटेन और उसका साम्राज्य, फ़्रांस, सोवियत संघ, अमेरिका, चीन आदि) से लड़े। यह संपूर्ण युद्ध और विनाश का युद्ध था: होलोकॉस्ट में लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या हुई और कुल 7–8.5 करोड़ लोग मरे। जर्मनी ने मई 1945 और जापान ने सितंबर 1945 में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र बना, शीत युद्ध शुरू हुआ और साम्राज्य टूटे।
- शीत युद्ध (1945–1991) – शीत युद्ध (1945–1991) दो महाशक्तियों के बीच लंबी होड़ थी: पश्चिमी साथियों के साथ अमेरिका (पूँजीवाद, बहुदलीय चुनाव) और पूर्वी साथियों के साथ सोवियत संघ (साम्यवाद, एक दल का शासन)। दोनों आपस में सीधे कभी नहीं लड़े। उन्होंने विरोधी गुट बनाए (नाटो, वारसा संधि), परमाणु हथियार और अंतरिक्ष की होड़ की, छद्म युद्धों में उलटे पक्षों का साथ दिया (कोरिया, वियतनाम, अफ़ग़ानिस्तान) और 1962 में क्यूबा में परमाणु युद्ध के करीब पहुँचे। भारत जैसे कई नए देश गुटनिरपेक्ष रहे। 1970 के दशक में तनाव-शैथिल्य आया। सोवियत सुधार, बर्लिन दीवार का गिरना (1989) और सोवियत संघ का विघटन (1991) इसका अंत बने।
7. Civil rights and modern America
The Civil Rights Movement · Late 20th century to the present
- नागरिक अधिकार आंदोलन: आम लोगों ने अन्यायपूर्ण क़ानून कैसे बदले – नागरिक अधिकार आंदोलन (लगभग 1954–1968) अमेरिका में काले अमेरिकियों और उनके साथियों का बड़ा अभियान था, जिसका लक्ष्य क़ानूनी अलगाव और भेदभाव ख़त्म करना था। दासता ख़त्म होने के बाद "जिम क्रो" क़ानूनों ने काले लोगों को अलग और ख़राब स्कूलों, सीटों और सेवाओं में रखा और वोट देने से रोका। अदालती मुक़दमों, बहिष्कार, सिट-इन, फ़्रीडम राइड और मार्च से, और ज़्यादातर गांधी से प्रेरित अहिंसक तरीकों से, NAACP, SCLC, SNCC और CORE जैसे संगठनों ने ब्राउन फ़ैसला (1954), नागरिक अधिकार अधिनियम (1964), मताधिकार अधिनियम (1965) और फ़ेयर हाउसिंग अधिनियम (1968) जीते। बाद में ब्लैक पावर, ब्लैक कला और ब्लैक नारीवादी आंदोलनों तथा उपनिवेश-विरोधी संघर्षों से जुड़ाव ने लड़ाई आगे बढ़ाई। आवास, संपत्ति और न्याय में असमानता पर बहस आज भी जारी है।
- आधुनिक अमेरिका का इतिहास: 1865 से आज तक – गृहयुद्ध के बाद अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्था और फिर महाशक्ति बना। गिल्डेड एज (1865–1900) में रेल, कारखाने और करोड़ों प्रवासी आए, पर गहरी असमानता भी। पॉपुलिस्ट और प्रगतिशील लोगों (1890–1920) ने सुधार माँगे, और अमेरिका ने विदेशों में विस्तार किया और पहले विश्व युद्ध में उतरा। 1920 का उछाल 1929 की गिरावट और महामंदी में बदला; रूज़वेल्ट की न्यू डील और दूसरे विश्व युद्ध ने अर्थव्यवस्था संभाली। 1945 के बाद ज़्यादातर अमेरिकी अमीर हुए, नागरिक अधिकार आंदोलन ने अलगाव से लड़ाई की, देश ने शीत युद्ध में एक गुट का नेतृत्व किया, और वियतनाम व वॉटरगेट ने जनता का भरोसा हिलाया। 1980 के बाद रीगन की रूढ़िवादी नीतियाँ, शीत युद्ध का अंत, इंटरनेट अर्थव्यवस्था, नया प्रवास, 9/11 और 2008 का संकट आज का अमेरिका बनाते हैं। पूरे दौर को समझने का एक सवाल: मौका किसे मिला, और असमानता किसने झेली?