द्वितीय विश्व युद्ध क्यों हुआ?
- पहले विश्व युद्ध के बाद की नाराज़गी: 1919 की शांति संधियों में जर्मनी से ज़मीन छीनी गई, सेना घटाई गई और भारी हर्जाना लिया गया। बहुत से जर्मन अपमानित महसूस करते थे।
- महामंदी (1929): बैंक डूबे, कारख़ाने बंद हुए, करोड़ों की नौकरी गई। डरे हुए लोग "ताक़तवर" नेताओं की ओर मुड़े।
- तानाशाहों का उदय: मुसोलिनी (फ़ासीवाद, इटली), हिटलर (नाज़ीवाद, जर्मनी, 1933 से) और जापान में सैन्य शासक। उन्होंने विरोधियों को कुचला, प्रचार का सहारा लिया, बड़ी सेनाएँ बनाईं और दूसरों की ज़मीन जीतना चाहा।
- कमज़ोर शांति व्यवस्था: राष्ट्र संघ (League of Nations) हमले नहीं रोक सका। ब्रिटेन और फ़्रांस पहले हिटलर की माँगें मानते रहे (तुष्टीकरण, जैसे म्यूनिख 1938)।
युद्ध का क्रम, 1939–1945
1939–1941: धुरी राष्ट्रों की बढ़त
1 सितंबर 1939 को जर्मनी ने पोलैंड पर हमला किया; ब्रिटेन और फ़्रांस ने युद्ध घोषित किया। तेज़ टैंकों और विमानों (ब्लिट्ज़क्रीग) से जर्मनी ने यूरोप का बड़ा हिस्सा जीत लिया। जून 1940 में फ़्रांस हार गया: उत्तर पर क़ब्ज़ा हुआ और विशी (Vichy) से एक सहयोगी सरकार चली, जबकि "फ़्री फ़्रेंच" और प्रतिरोध आंदोलन लड़ते रहे। 1940 की हवाई लड़ाई में ब्रिटेन टिका रहा।
1941: सचमुच विश्व युद्ध
जून 1941 में जर्मनी ने सोवियत संघ पर हमला किया। दिसंबर 1941 में जापान ने पर्ल हार्बर पर हमला किया और अमेरिका युद्ध में आ गया। जापान 1937 से ही चीन से लड़ रहा था।
1942–1945: पासा पलटा
मित्र राष्ट्रों की बड़ी जीतें: प्रशांत में मिडवे (1942), उत्तर अफ़्रीका में अल-अलामीन (1942), स्तालिनग्राद (1942–43)। मित्र राष्ट्र इटली (1943) और फ़्रांस के नॉरमंडी में डी-डे (6 जून 1944) को उतरे। सोवियत सेना पश्चिम की ओर बढ़ी। 8 मई 1945 को जर्मनी ने आत्मसमर्पण किया। हिरोशिमा (6 अगस्त) और नागासाकी (9 अगस्त) पर परमाणु बम गिरने के बाद जापान ने 2 सितंबर 1945 को आत्मसमर्पण किया।
संपूर्ण युद्ध और विनाश का युद्ध
संपूर्ण युद्ध का मतलब है पूरा समाज युद्ध में लग जाए: कारख़ाने हथियार बनाते, खाना राशन से मिलता, महिलाएँ कारख़ानों में काम करतीं, और आम लोग बमबारी का निशाना बनते।
यह विनाश का युद्ध भी था। नाज़ियों के नस्लवादी विचार कहते थे कि कुछ लोगों को जीने का हक़ ही नहीं। होलोकॉस्ट (हिब्रू में शोआह) में लगभग 60 लाख यहूदियों की, यानी यूरोप के हर तीन में से दो यहूदियों की, सामूहिक गोलीबारी और ऑशविट्ज़-बिर्केनाउ जैसे मृत्यु शिविरों में हत्या की गई। रोमा, विकलांग, सोवियत बंदी और दूसरे लोग भी मारे गए। पूर्व में पूरे-पूरे गाँव नष्ट कर दिए गए। जापानी सेनाओं ने भी चीन और दूसरी जगहों पर सामूहिक हत्याएँ कीं।
हम यह इसलिए पढ़ते हैं ताकि ऐसा फिर कभी न हो: पीड़ितों को याद रखें, और नफ़रत भरे भाषण या किसी समूह के अधिकार छीनने जैसे शुरुआती ख़तरे के संकेत पहचानें।
युद्ध के परिणाम
- मानवीय क़ीमत: लगभग 7–8.5 करोड़ मौतें, ज़्यादातर आम नागरिक; करोड़ों शरणार्थी।
- संयुक्त राष्ट्र (1945) शांति के लिए, और मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा (1948)। न्यूरेमबर्ग और टोक्यो में युद्ध अपराध मुक़दमे।
- दो महाशक्तियाँ: अमेरिका और सोवियत संघ, जिनकी होड़ शीत युद्ध बनी। यूरोप बँट गया।
- साम्राज्यों का अंत: कमज़ोर हुए औपनिवेशिक देश उपनिवेश नहीं सँभाल सके; 1947 में भारत आज़ाद हुआ, फिर एशिया और अफ़्रीका के कई देश।
- परमाणु युग: परमाणु हथियारों ने युद्ध और उसके डर को बदल दिया।
करके देखें: किसी बुज़ुर्ग से बात करें या पास के युद्ध स्मारक या संग्रहालय जाएँ। एक नाम या कहानी, और युद्ध ने आपके इलाक़े पर कैसे असर डाला, यह लिखें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- धुरी राष्ट्र: जर्मनी, इटली, जापान
- मित्र राष्ट्र: ब्रिटेन (और साम्राज्य), फ़्रांस, सोवियत संघ, अमेरिका, चीन आदि
- तुष्टीकरण: युद्ध टालने के लिए हमलावर की माँगें मानना
- ब्लिट्ज़क्रीग: "बिजली युद्ध", टैंकों और विमानों से तेज़ हमला
- संपूर्ण युद्ध: पूरा समाज और अर्थव्यवस्था युद्ध में
- होलोकॉस्ट / शोआह: नाज़ियों द्वारा लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या
- प्रतिरोध: क़ब्ज़ा करने वालों के ख़िलाफ़ गुप्त लड़ाई
- मुख्य तिथियाँ: 1 सितंबर 1939 शुरुआत · 8 मई 1945 जर्मनी का आत्मसमर्पण · 2 सितंबर 1945 अंत
हल किए गए उदाहरण
1. महामंदी को युद्ध की शुरुआत से कारणों की कड़ी में जोड़िए।
महामंदी (1929) → भारी बेरोज़गारी और डर → लोग नौकरी और गौरव का वादा करने वाले उग्र नेताओं को चुनते हैं → नाज़ी सत्ता में (1933) → हथियारबंदी और ज़मीन हड़पना → पोलैंड पर हमला (1939) → युद्ध।
2. 1941 को वह साल क्यों कहते हैं जब युद्ध सचमुच विश्वव्यापी बना?
जर्मनी ने सोवियत संघ पर (जून) और जापान ने पर्ल हार्बर पर (दिसंबर) हमला किया, जिससे अमेरिका भी आ गया। अब लड़ाई यूरोप, अफ़्रीका, एशिया और प्रशांत तक फैल गई।
3. यूरोप में युद्ध कितने साल चला? (1 सितंबर 1939 से 8 मई 1945)
लगभग 5 साल 8 महीने, यानी क़रीब 6 साल।
4. तुष्टीकरण का एक कारण और एक परिणाम बताइए।
कारण: ब्रिटेन और फ़्रांस एक और बड़े युद्ध से डरते थे और तैयार नहीं थे। परिणाम: हिटलर और हिम्मती हुआ और ज़मीन माँगता रहा, और 1939 में युद्ध फिर भी हो गया।
आम गलतियाँ
- कहना कि युद्ध पर्ल हार्बर से शुरू हुआ: यूरोप में यह 1939 में शुरू हुआ; पर्ल हार्बर (1941) से अमेरिका आया।
- पक्षों में गड़बड़: सोवियत संघ 1941 से मित्र राष्ट्रों के साथ था; इटली धुरी में था।
- होलोकॉस्ट को लड़ाई का साइड-इफ़ेक्ट समझना: यह एक समुदाय की सोची-समझी हत्या थी।
- सिर्फ़ एक कारण बताना: युद्ध के कई जुड़े कारण थे (संधियाँ, मंदी, तानाशाह, कमज़ोर शांति व्यवस्था)।