Ukraine 10 клас History of Ukraine (1914–1945)
अध्याय: 7
1. Review and introduction
Ukraine at the turn of the 20th century
- काल विभाजन: इतिहासकार समय को कालों में कैसे बाँटते हैं – काल विभाजन का मतलब है समय की लंबी रेखा को नाम वाले कालों में काटना, ताकि पढ़ना आसान हो। वर्ष 1 से पहले के वर्ष ई.पू. (ईसा पूर्व) और बाद के ई. (ईसवी) गिने जाते हैं, और 100-100 वर्ष की शताब्दियों में बँटते हैं। एक आम ढाँचे में चार बड़े काल हैं: प्राचीन काल, मध्यकाल, प्रारंभिक आधुनिक काल और आधुनिक/समकालीन काल, जिन्हें 476, 1453 या 1492, और 1789 जैसे मोड़ अलग करते हैं। राजवंश, तकनीकी युग या क्षेत्रीय ढाँचे भी काम आते हैं। काल इतिहासकारों के चुने औज़ार हैं, प्रकृति के तथ्य नहीं।
2. Ukraine in the First World War
Ukraine in WWI
- प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918): कारण, घटनाक्रम और परिणाम – प्रथम विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक मित्र राष्ट्रों (फ़्रांस, ब्रिटेन, रूस, बाद में इटली, अमेरिका आदि) और केंद्रीय शक्तियों (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, ऑटोमन साम्राज्य और बुल्गारिया) के बीच लड़ा गया। चार दीर्घकालिक कारणों ने तनाव बढ़ाया: सैन्यवाद, गठबंधन, साम्राज्यवाद और राष्ट्रवाद (MAIN)। चिंगारी थी 28 जून 1914 को साराजेवो में आर्चड्यूक फ़्रांज़ फ़र्डिनेंड की हत्या। पश्चिमी मोर्चे पर युद्ध खाइयों का गतिरोध बन गया; नए हथियारों ने इसे बहुत घातक बनाया। यह संपूर्ण युद्ध था: पूरी अर्थव्यवस्था, महिला कामगार और उपनिवेश लगाए गए, जिनमें लगभग 13 लाख भारतीय भी थे। 1917 की क्रांति के बाद रूस बाहर हुआ, अमेरिका 1917 में आया, और 11 नवंबर 1918 के युद्धविराम से लड़ाई रुकी। 1919–1920 की शांति संधियों, जिनमें वर्साय भी है, ने यूरोप को नया रूप दिया, चार साम्राज्य ख़त्म किए, राष्ट्र संघ बनाया और ऐसा ग़ुस्सा छोड़ा जिसने दूसरे विश्व युद्ध का रास्ता बनाया।
3. Ukrainian revolution and national statehood
Central Rada and the UPR
जल्द आ रहा है
4. Struggle for independence
Hetmanate and Directorate · West Ukrainian People's Republic · Wars and outcome
जल्द आ रहा है
5. Ukraine in the totalitarian USSR
1920s · 1930s
- सोवियत संघ और उसके साम्राज्य का विघटन (1953–2000) – 1953 में स्टालिन की मृत्यु के बाद सोवियत संघ ने नियंत्रण खोए बिना सुधार करना चाहा। ख्रुश्चेव ने स्टालिन की आलोचना की और आतंक कम किया, पर 1956 में हंगरी को कुचला। ब्रेझनेव (1964–82) के समय विकास धीमा हुआ और नेता बूढ़े हो गए: 'ठहराव के साल'। पूर्वी यूरोप के उपग्रह देशों को बल (प्राग 1968) से और पश्चिमी कर्ज़ से ख़रीदे आराम के वादे से काबू में रखा गया। विरोध बढ़ा, ख़ासकर पोलैंड की सॉलिडैरिटी यूनियन (1980)। गोर्बाचेव (1985–91) ने ग्लासनोस्त और पेरेस्त्रोइका आज़माए और विदेश में बल प्रयोग बंद किया। 1989 में उपग्रह देशों ने साम्यवाद छोड़ा, और 1991 में सोवियत संघ 15 देशों में बँट गया। फिर येल्तसिन के रूस ने दर्दनाक 'शॉक थेरेपी' झेली, और 2000 में पुतिन आए।
- क्रांति और तानाशाही: रूस और स्तालिन का सोवियत संघ (1917–1953) – 1917 में युद्ध की हारों, भूख और ज़ार निकोलस II पर ग़ुस्से से फ़रवरी क्रांति हुई; ज़ार ने गद्दी छोड़ी और कमज़ोर अस्थायी सरकार आई। अक्टूबर में लेनिन के बोल्शेविकों ने सत्ता ले ली। उन्होंने चुनी हुई संविधान सभा बंद की, जर्मनी से शांति की, गोरों (सफ़ेद) के ख़िलाफ़ गृहयुद्ध (1918–21) जीता और गुप्त पुलिस (चेका) वाला एक-दलीय राज्य बनाया। युद्ध साम्यवाद से भूख और विद्रोह हुए, इसलिए 1921 में लेनिन ने नई आर्थिक नीति (NEP) अपनाई। 1924 में लेनिन की मृत्यु के बाद स्तालिन ने महासचिव पद का इस्तेमाल करके 1929 तक त्रॉत्स्की, ज़िनोव्येव, कामेनेव और बुख़ारिन को हराया। फिर पंचवर्षीय योजनाओं से तेज़ औद्योगीकरण और ज़बरन सामूहिक खेती कराई: भारी उद्योग बहुत बढ़ा, पर 1932–33 में भयानक अकाल पड़ा। सफ़ाए, दिखावटी मुक़दमे, महा आतंक (1936–38), गुलाग और व्यक्ति-पूजा से स्तालिन ने डर के बल पर राज किया। 1941 के जर्मन हमले के बाद सोवियत संघ ने भारी क़ीमत पर महान देशभक्ति युद्ध जीता और महाशक्ति बना। 1953 में स्तालिन की मृत्यु तक कड़ा शासन चला।
6. Western Ukrainian lands between the wars
Lands within Poland, Romania and Czechoslovakia
- दो विश्व युद्धों के बीच का काल (1918–1939) – प्रथम विश्व युद्ध के अंत (1918) से द्वितीय के आरंभ (1939) तक चार साम्राज्य टूटे और मध्य-पूर्वी यूरोप में कई नए राज्य बने। वर्साय-वॉशिंगटन शांति व्यवस्था और राष्ट्र संघ ने व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की। 1920 के दशक की शुरुआती अशांति के बाद थोड़ी स्थिरता आई, पर 1929 के शेयर बाज़ार पतन से महामंदी शुरू हुई। भारी बेरोज़गारी ने लोकतंत्रों को कमज़ोर किया; ज़्यादातर नए राज्य सत्तावादी बने, जबकि फ़ासीवादी इटली, नाज़ी जर्मनी और स्टालिन का सोवियत संघ सर्वसत्तावादी बने। सरकारें अर्थव्यवस्था सँभालने लगीं, राष्ट्र संघ आक्रमण नहीं रोक सका, और स्पेनी गृहयुद्ध व तुष्टीकरण 1939 के युद्ध तक ले गए।
7. Ukraine in the Second World War
1939–1941 · Occupation and resistance · End of the war
- द्वितीय विश्व युद्ध (1939–1945) – द्वितीय विश्व युद्ध इतिहास का सबसे जानलेवा युद्ध था। इसकी जड़ें थीं: पहले विश्व युद्ध के बाद की नाराज़गी, महामंदी, और जर्मनी, इटली व जापान में तानाशाहों का उदय। यह 1 सितंबर 1939 को जर्मनी के पोलैंड पर हमले से शुरू हुआ। धुरी राष्ट्र (जर्मनी, इटली, जापान) मित्र राष्ट्रों (ब्रिटेन और उसका साम्राज्य, फ़्रांस, सोवियत संघ, अमेरिका, चीन आदि) से लड़े। यह संपूर्ण युद्ध और विनाश का युद्ध था: होलोकॉस्ट में लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या हुई और कुल 7–8.5 करोड़ लोग मरे। जर्मनी ने मई 1945 और जापान ने सितंबर 1945 में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र बना, शीत युद्ध शुरू हुआ और साम्राज्य टूटे।