📘 CodingMarble Learn

विउपनिवेशीकरण: साम्राज्य कैसे खत्म हुए और नए देश कैसे बने

विउपनिवेशीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें उपनिवेश स्वतंत्र देश बने। यह ज़्यादातर 1945 से 1970 के दशक तक हुआ। दूसरे विश्व युद्ध ने शासक देशों को कमज़ोर किया, आज़ादी के आंदोलन मज़बूत हुए, और संयुक्त राष्ट्र ने हर जनता के स्वशासन के अधिकार का साथ दिया। कुछ उपनिवेश बातचीत और जन-आंदोलन से आज़ाद हुए (भारत 1947, घाना 1957), कुछ लंबे युद्ध से (अल्जीरिया 1962)। नए देशों के सामने गरीबी, एक फ़सल पर टिकी अर्थव्यवस्था, अनुचित सीमाएँ और शीत युद्ध का दबाव था; कई ने गुटनिरपेक्षता चुनी।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1945 से पहले कुछ शासक देश दूर-दूर के कई उपनिवेशों पर राज करते थे। संसाधन और कर शासक के पास जाते थे।
  2. दूसरे विश्व युद्ध ने साम्राज्यों को कमज़ोर किया। आज़ादी के आंदोलन बढ़े और संयुक्त राष्ट्र ने स्वशासन का साथ दिया।
  3. आज़ादी के दो मुख्य रास्ते थे: बातचीत और जन-आंदोलन, या लंबा सशस्त्र युद्ध।
  4. आज़ादी लहरों में आई: 1940 के दशक में एशिया, 1950–60 में ज़्यादातर अफ़्रीका, बाकी 1970 के दशक में।
  5. नए देशों के सामने नई समस्याएँ थीं। कई देश बांडुंग और गुटनिरपेक्ष आंदोलन में साथ आए।
  6. खुद करके देखो: साल का स्लाइडर चलाओ और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की गिनती बढ़ती देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

साम्राज्यों ने ताकत से उपनिवेश क्यों नहीं रोके रखे?

युद्ध के बाद वे कमज़ोर और कर्ज़ में थे, और विदेश में सेना रखना बहुत महँगा था। दुनिया की राय और संयुक्त राष्ट्र भी उनके खिलाफ़ थे।

क्या हर आज़ादी का संघर्ष हिंसक था?

नहीं। भारत और घाना जैसे कई देशों ने जन-आंदोलन, हड़ताल और बातचीत का रास्ता लिया। अल्जीरिया जैसे कुछ में लंबा युद्ध हुआ।

1960 में इतने अफ़्रीकी देश एक साथ आज़ाद क्यों हुए?

जब कुछ उपनिवेश आज़ाद हुए तो बाकी ने भी वही माँगा, और फ़्रांस व ब्रिटेन ने कई जगह एक साथ जल्दी सत्ता सौंपने का फ़ैसला किया।

क्या आज़ादी से सारी समस्याएँ खत्म हो गईं?

नहीं। नए देशों के सामने गरीबी, कमज़ोर उद्योग, अनुचित सीमाएँ और शीत युद्ध का दबाव था।

विउपनिवेशीकरण को संख्याओं में कैसे देखें?

संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता 1945 में 51 से 1980 तक 150 से ज़्यादा हो गई। स्लाइडर चलाकर देखो।

विउपनिवेशीकरण क्या है?

उपनिवेश वह इलाका है जिस पर कोई दूसरा, आमतौर पर दूर का, देश राज करता है। शासक देश को साम्राज्य कहते हैं। वह कपास, रबर, खनिज जैसा कच्चा माल ले जाता है, कर वसूलता है और कानून बनाता है। वहाँ के लोगों की बात कम सुनी जाती है।

विउपनिवेशीकरण का अर्थ है उपनिवेशों का आज़ाद, स्वतंत्र देश बनना। यह उपनिवेशीकरण का उल्टा है। 1945 में दुनिया के लगभग एक-तिहाई लोग औपनिवेशिक शासन में थे। 1980 तक लगभग सभी उपनिवेश स्वतंत्र हो चुके थे।

लैटिन अमेरिका में एक पहले की लहर आई थी: उसका बड़ा हिस्सा 1810–1820 के दशक में स्पेन और पुर्तगाल से आज़ाद हुआ। 1945 के बाद की बड़ी लहर एशिया और अफ़्रीका में थी।

1945 के बाद साम्राज्य क्यों खत्म हुए?

1. युद्ध ने शासकों को कमज़ोर किया

दूसरे विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन, फ़्रांस और नीदरलैंड थके हुए और भारी कर्ज़ में थे। दूर के उपनिवेशों में सेना रखना बहुत महँगा हो गया।

2. आज़ादी के आंदोलन बढ़े

पढ़े-लिखे नेताओं, मज़दूरों और किसानों ने दल बनाए, हड़तालें और आंदोलन किए। युद्ध में लड़े उपनिवेशों के सैनिक पूछने लगे: हम आज़ादी के लिए लड़े, तो हम खुद आज़ाद क्यों नहीं?

3. नई विश्व व्यवस्था

संयुक्त राष्ट्र चार्टर (1945) ने जनता के अपना भविष्य खुद तय करने के अधिकार (आत्मनिर्णय) की बात की। दो नई महाशक्तियाँ, अमेरिका और सोवियत संघ, अपने-अपने कारणों से पुराने साम्राज्यों को पसंद नहीं करती थीं।

आज़ादी के रास्ते और स्वतंत्रता की लहरें

रास्ता A – बातचीत और जन-आंदोलन: लंबे राष्ट्रीय आंदोलन के बाद भारत और पाकिस्तान (1947); क्वामे न्क्रूमा के नेतृत्व में घाना (1957), सहारा के दक्षिण का पहला आज़ाद अफ़्रीकी उपनिवेश।

रास्ता B – सशस्त्र संघर्ष: इंडोनेशिया बनाम डच (1945–49), वियतनाम बनाम फ़्रांस (1954 तक), अल्जीरिया बनाम फ़्रांस (1954–62), केन्या (माउ माउ विद्रोह, आज़ादी 1963), अंगोला और मोज़ाम्बिक (1975)।

लहरकहाँउदाहरण
1945–1950दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशियाभारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, इंडोनेशिया, इज़राइल
1950–1960 का दशकउत्तर, पश्चिम और पूर्वी अफ़्रीकाघाना 1957, 1960 में 17 देश, अल्जीरिया 1962
1970 का दशकदक्षिणी अफ़्रीका, द्वीपअंगोला, मोज़ाम्बिक 1975, ज़िम्बाब्वे 1980

कई बँटवारे दर्दनाक रहे: 1947 में भारत के विभाजन से भारी पलायन और हिंसा हुई।

नए देश: समस्याएँ और विकास के रास्ते

विकास के रास्ते: पंचवर्षीय योजनाओं वाली मिश्रित अर्थव्यवस्था (भारत), समाजवादी रास्ता (तंज़ानिया, क्यूबा), या बाज़ार का रास्ता। 1955 में 29 एशियाई-अफ़्रीकी देश बांडुंग में मिले। 1961 में गुटनिरपेक्ष आंदोलन बना (नेहरू, नासिर, टीटो, न्क्रूमा, सुकर्णो) ताकि शीत युद्ध के किसी गुट में न जाना पड़े। इन देशों को अक्सर तीसरी दुनिया या आज ग्लोबल साउथ कहते हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 1945 के बाद विउपनिवेशीकरण के तीन कारण बताइए।

(1) दूसरे विश्व युद्ध ने औपनिवेशिक शक्तियों को कमज़ोर किया। (2) उपनिवेशों में राष्ट्रवादी आंदोलन मज़बूत हुए। (3) संयुक्त राष्ट्र और दोनों महाशक्तियों ने आत्मनिर्णय का साथ दिया।

2. भारत और अल्जीरिया की आज़ादी की तुलना कीजिए।

भारत 1947 में मुख्य रूप से बड़े, ज़्यादातर अहिंसक जन-आंदोलन और बातचीत से आज़ाद हुआ। अल्जीरिया 1962 में फ़्रांस के खिलाफ़ आठ साल के सशस्त्र युद्ध के बाद आज़ाद हुआ। दोनों में औपनिवेशिक शासन खत्म हुआ, पर रास्ते अलग थे।

3. कई नए देश गुटनिरपेक्ष आंदोलन में क्यों शामिल हुए?

वे अभी-अभी आज़ाद हुए थे और अमेरिका या सोवियत संघ, किसी पर भी निर्भर नहीं होना चाहते थे। गुटनिरपेक्षता से वे दोनों से मदद लेकर अपनी विदेश नीति खुद तय कर सकते थे।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. विउपनिवेशीकरण का अर्थ है:
2. किस वर्ष को 'अफ़्रीका वर्ष' कहते हैं?
3. बांडुंग सम्मेलन (1955) में कौन मिले?
4. अल्जीरिया फ़्रांस से कब आज़ाद हुआ?
5. इनमें से कौन विउपनिवेशीकरण का कारण नहीं था?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आसान शब्दों में विउपनिवेशीकरण क्या है?

यह वह प्रक्रिया है जिसमें उपनिवेश अपनी सरकार वाले आज़ाद देश बने, मुख्य रूप से 1945 से 1970 के दशक तक।

विउपनिवेशीकरण के मुख्य कारण क्या थे?

दूसरे विश्व युद्ध ने साम्राज्यों को कमज़ोर किया, आज़ादी के आंदोलन मज़बूत हुए, और संयुक्त राष्ट्र व महाशक्तियों ने स्वशासन का साथ दिया।

विउपनिवेशीकरण का शीत युद्ध से क्या संबंध है?

अमेरिका और सोवियत संघ दोनों नए देशों को अपनी तरफ़ खींचना चाहते थे। कई देशों ने अपनी आज़ादी बचाने के लिए गुटनिरपेक्षता चुनी, और कुछ झगड़े छद्म युद्ध बन गए।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इटलीSecondaria di secondo grado – classe 5ª (esame di Stato)The contemporary age
पोलैंडSzkoła podstawowa, klasa VIIIThe world after the Second World War
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IVDecolonisation, integration and new conflicts
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IVDecolonisation, integration and new conflicts
यूक्रेन10 класAsia and Latin America
यूक्रेन11 класAsia, Africa and Latin America
फ्रांसTroisièmeHistory 2: the world since 1945
फ्रांसTerminaleHistory 2: a bipolar world 1945–1970s
चीन九年级(初三)Sem.2 U5 Post-war world

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी इतिहास पाठ