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समकालीन इतिहास: 1945 से आज तक हमारी दुनिया

समकालीन इतिहास 1945 से आज तक का है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र बना और उपनिवेश आज़ाद देश बने। शीत युद्ध ने दुनिया को बाँटा; मध्य और पूर्वी यूरोप में कम्युनिस्ट दलों ने सत्ता लेकर एक-दल राज चलाया। पोलैंड के सॉलिडैरिटी जैसे आंदोलनों से 1989–91 के बदलाव आए। तब से वैश्वीकरण, इंटरनेट और साझा वैश्विक समस्याएँ हमारी दुनिया को आकार दे रही हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. समकालीन इतिहास 1945 से आज तक चलता है। इसे युगों में बाँट सकते हैं: शीत युद्ध और उपनिवेशवाद का अंत, वैश्वीकरण, और डिजिटल युग।
  2. 1945: संयुक्त राष्ट्र बनता है। उपनिवेश एक-एक कर आज़ाद होते हैं और देशों की गिनती तेज़ी से बढ़ती है।
  3. मध्य और पूर्वी यूरोप में सोवियत सहारे से कम्युनिस्ट दल सत्ता लेते हैं। एक दल राज करता है, प्रेस पर सेंसर है और सरकार अर्थव्यवस्था की योजना बनाती है।
  4. लोग विरोध करते हैं: हड़तालें, पोलैंड में सॉलिडैरिटी (1980), गोलमेज़ वार्ता और चुनाव (1989)। दीवार गिरती है और 1991 में सोवियत संघ खत्म होता है।
  5. सन 2000 के आसपास दुनिया व्यापार, यात्रा और इंटरनेट से जुड़ जाती है – और आतंकवाद, आर्थिक संकट, जलवायु परिवर्तन व महामारी जैसी साझा समस्याओं से जूझती है।
  6. करके देखो: वर्ष का स्लाइडर खिसकाओ और देखो संयुक्त राष्ट्र के सदस्य, दुनिया की आबादी और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले कैसे बदलते हैं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

इतिहासकार समकालीन इतिहास 1945 से क्यों शुरू करते हैं?

क्योंकि युद्ध के अंत से नई विश्व-व्यवस्था बनी: संयुक्त राष्ट्र, दो महाशक्तियाँ और तेज़ आज़ादी आंदोलन। चरण 1 की समय-रेखा वहीं से शुरू होती है।

लोग नाखुश थे तो एक-दल राज इतना लंबा क्यों चला?

सेंसरशिप, गुप्त पुलिस और सोवियत सेना के डर से नियंत्रण बना रहा (चरण 3)। विरोध अक्सर ताक़त से दबाए गए।

क्या यूरोप में साम्यवाद का अंत हिंसक था?

ज़्यादातर नहीं। पोलैंड में यह हड़ताल, बातचीत और चुनाव से आया (चरण 4); 1989 में रोमानिया हिंसक अपवाद था।

वैश्वीकरण अच्छा है या बुरा?

दोनों: इससे व्यापार, रोज़गार और इंटरनेट आए, पर संकट और महामारी जैसे साझा खतरे भी (चरण 5)।

इंटरनेट कितनी तेज़ी से फैला?

1995 में 1% से कम लोगों से 2025 तक लगभग दो-तिहाई लोगों तक – आख़िरी चरण का स्लाइडर आज़माओ।

समकालीन इतिहास क्या है?

समकालीन इतिहास हमारे अपने समय का इतिहास है, आम तौर पर 1945 (दूसरे विश्व युद्ध का अंत) से आज तक। इसे जीने वाले कई लोग आज भी हैं, इसलिए इतिहासकार दस्तावेज़ों के साथ मौखिक इतिहास (साक्षात्कार), फ़ोटो, फ़िल्म और डिजिटल स्रोत भी इस्तेमाल करते हैं।

मुख्य युग: युद्ध के बाद पुनर्निर्माण (1945–47), शीत युद्ध और उपनिवेशवाद का अंत (1947–1991), वैश्वीकरण (1991–2008) और डिजिटल युग (लगभग 2008 से)।

युद्ध के बाद की दुनिया: संयुक्त राष्ट्र और उपनिवेशवाद का अंत

संयुक्त राष्ट्र 1945 में शांति बनाए रखने और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए बना (मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा, 1948)। साम्राज्य कमज़ोर हुए और उपनिवेश आज़ाद हुए: भारत और पाकिस्तान (1947), इंडोनेशिया (1949), घाना (1957) और 1960 के आसपास कई अफ़्रीकी देश। सदस्य 51 से बढ़कर आज 193 हैं। कई नए देश किसी गुट में जाने की बजाय गुटनिरपेक्ष आंदोलन (1961) में शामिल हुए।

मध्य और पूर्वी यूरोप में कम्युनिस्ट शासन

1944–45 में सोवियत सेना पश्चिम की ओर बढ़ी, तो मॉस्को के वफ़ादार कम्युनिस्ट दलों ने पोलैंड, हंगरी, चेकोस्लोवाकिया और रोमानिया जैसे देशों में ताक़त पाई। सत्ता पर कब्ज़े के तरीके: पुलिस पर नियंत्रण, दूसरे दलों पर दबाव, धाँधली वाला जनमत-संग्रह (पोलैंड 1946) और धाँधली वाले चुनाव (पोलैंड 1947)। 1948 तक एक दल का राज हो गया।

रोज़ की ज़िंदगी

नेताओं ने कभी-कभी थोड़ी ढील दी (पोलैंड में 1956 के बाद, 1970 के दशक में विदेशी कर्ज़ से “खुलापन”), पर कर्ज़ और कमी बढ़ती गई।

1989–91 और सहस्राब्दी के मोड़ पर दुनिया

1980 में ग्दांस्क के जहाज़-कारखाने की हड़तालों से सॉलिडैरिटी बना – सोवियत गुट का पहला स्वतंत्र मज़दूर संघ, लगभग 1 करोड़ सदस्यों के साथ। मार्शल लॉ (1981) ने इसे दबाया, पर 1989 में गोलमेज़ वार्ता से आंशिक रूप से स्वतंत्र चुनाव हुए, जो सॉलिडैरिटी ने जीते। कुछ ही महीनों में पूरे क्षेत्र में एक-दल राज खत्म हुआ; बर्लिन दीवार गिरी (नवंबर 1989) और 1991 में सोवियत संघ टूट गया।

जुड़ी हुई दुनिया

1991 के बाद: ज़्यादा व्यापार (WTO 1995), यूरोपीय संघ का विस्तार (2004) और यूरो मुद्रा, भारत ने अर्थव्यवस्था खोली (1991), चीन तेज़ी से बढ़ा, इंटरनेट और मोबाइल फैले। नई चुनौतियाँ: आतंकवाद (11 सितंबर 2001), 2008 का आर्थिक संकट, जलवायु परिवर्तन, प्रवास और कोविड-19 महामारी (2020)।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. समकालीन इतिहास की शुरुआत 1945 से क्यों अच्छी मानी जाती है?

दूसरा विश्व युद्ध खत्म हुआ, संयुक्त राष्ट्र बना, अमेरिका और सोवियत संघ महाशक्ति बने और उपनिवेशवाद का अंत तेज़ हुआ। जिस विश्व-व्यवस्था में हम रहते हैं, वह तभी बनने लगी।

2. 1944–48 में पोलैंड में कम्युनिस्टों ने सत्ता कैसे ली? तीन तरीके बताओ।

(1) सोवियत सहारे से सुरक्षा पुलिस और सेना पर नियंत्रण; (2) 1946 का धाँधली वाला जनमत-संग्रह और 1947 के धाँधली वाले चुनाव; (3) दबाव, गिरफ़्तारियाँ और विरोधी दलों का विलय, जब तक 1948 में एक दल का राज न हो गया।

3. पोलैंड में 1989 तक पहुँचने की कारण-शृंखला समझाओ।

कमी और कर्ज़ → दाम बढ़े → हड़तालें (1980) → सॉलिडैरिटी बना → मार्शल लॉ (1981) पर विरोध जारी → गहरा आर्थिक संकट और सोवियत संघ में सुधार (1980 के दशक का अंत) → गोलमेज़ वार्ता (1989) → आंशिक स्वतंत्र चुनाव में सॉलिडैरिटी जीता → एक-दल राज शांति से खत्म।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. समकालीन इतिहास आम तौर पर कब शुरू होता है?
2. संयुक्त राष्ट्र कब बना?
3. पोलैंड में स्वतंत्र मज़दूर संघ सॉलिडैरिटी कब बना?
4. सोवियत संघ कब टूटा?
5. एक-दल राज्य की पहचान कौन-सी है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समकालीन इतिहास किस समय को कहते हैं?

आम तौर पर 1945, यानी दूसरे विश्व युद्ध के अंत से आज तक के समय को।

सॉलिडैरिटी क्या था?

1980 में पोलैंड में बना स्वतंत्र मज़दूर संघ और जन-आंदोलन, जिसने शांति से एक-दल कम्युनिस्ट राज को चुनौती दी और 1989 में आंशिक स्वतंत्र चुनाव जीते।

सहस्राब्दी के मोड़ पर दुनिया की मुख्य बातें क्या थीं?

वैश्वीकरण, इंटरनेट और मोबाइल का फैलाव, बड़ा यूरोपीय संघ, एशियाई अर्थव्यवस्थाओं का उदय, और आतंकवाद, आर्थिक संकट व जलवायु परिवर्तन जैसी साझा समस्याएँ।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

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दक्षिण कोरिया고등학교 2학년International studies

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