Poland Liceum ogólnokształcące, klasa IV History
अध्याय: 8
1. Decolonisation, integration and new conflicts
Decolonisation, integration and new conflicts
- विउपनिवेशीकरण: साम्राज्य कैसे खत्म हुए और नए देश कैसे बने – विउपनिवेशीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें उपनिवेश स्वतंत्र देश बने। यह ज़्यादातर 1945 से 1970 के दशक तक हुआ। दूसरे विश्व युद्ध ने शासक देशों को कमज़ोर किया, आज़ादी के आंदोलन मज़बूत हुए, और संयुक्त राष्ट्र ने हर जनता के स्वशासन के अधिकार का साथ दिया। कुछ उपनिवेश बातचीत और जन-आंदोलन से आज़ाद हुए (भारत 1947, घाना 1957), कुछ लंबे युद्ध से (अल्जीरिया 1962)। नए देशों के सामने गरीबी, एक फ़सल पर टिकी अर्थव्यवस्था, अनुचित सीमाएँ और शीत युद्ध का दबाव था; कई ने गुटनिरपेक्षता चुनी।
2. Changes in world civilisation
Changes in world civilisation
- 1945 के बाद दुनिया के बदलाव: समाज, आस्था और संस्कृति – 1945 के बाद दुनिया ने फिर से निर्माण किया, शहर बढ़े और जन-संस्कृति फैली। 1960 के दशक में छात्रों और युवाओं ने अपनी आवाज़ माँगी, और नई आज़ादियों ने परिवार और महिलाओं की भूमिका बदली। चर्च ने दूसरी वैटिकन परिषद करके संवाद का रास्ता खोला, इस्लाम का सार्वजनिक असर बढ़ा, खेल विश्व का तमाशा बना, और परमाणु हथियार व जलवायु बदलाव जैसे नए ख़तरे आए।
3. The world at the turn of the millennium
The world at the turn of the millennium
- समकालीन इतिहास: 1945 से आज तक हमारी दुनिया – समकालीन इतिहास 1945 से आज तक का है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र बना और उपनिवेश आज़ाद देश बने। शीत युद्ध ने दुनिया को बाँटा; मध्य और पूर्वी यूरोप में कम्युनिस्ट दलों ने सत्ता लेकर एक-दल राज चलाया। पोलैंड के सॉलिडैरिटी जैसे आंदोलनों से 1989–91 के बदलाव आए। तब से वैश्वीकरण, इंटरनेट और साझा वैश्विक समस्याएँ हमारी दुनिया को आकार दे रही हैं।
4. Communist takeover in Poland 1944–1948
Communist takeover in Poland 1944–1948
- समकालीन इतिहास: 1945 से आज तक हमारी दुनिया – समकालीन इतिहास 1945 से आज तक का है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र बना और उपनिवेश आज़ाद देश बने। शीत युद्ध ने दुनिया को बाँटा; मध्य और पूर्वी यूरोप में कम्युनिस्ट दलों ने सत्ता लेकर एक-दल राज चलाया। पोलैंड के सॉलिडैरिटी जैसे आंदोलनों से 1989–91 के बदलाव आए। तब से वैश्वीकरण, इंटरनेट और साझा वैश्विक समस्याएँ हमारी दुनिया को आकार दे रही हैं।
5. Stalinism in Poland and its erosion
Stalinism in Poland and its erosion
- सर्वसत्तावाद (Totalitarianism) – सर्वसत्तावादी शासन एक-दलीय राज्य है जो जीवन के हर हिस्से — राजनीति, अर्थव्यवस्था, अख़बार, स्कूल और लोगों के विचार तक — को एक नेता, प्रचार और आतंक के सहारे नियंत्रित करना चाहता है। पहले विश्व युद्ध और 1929 की मंदी के बाद ऐसे शासन फ़ासीवादी इटली (1922), स्तालिन के सोवियत संघ (1920 के दशक का अंत) और नाज़ी जर्मनी (1933) में आए। उनके विचार अलग थे पर तरीक़े मिलते-जुलते, और उनका उदय दूसरे विश्व युद्ध की एक वजह बना।
6. Poland 1957–1981
Poland 1957–1981
- समकालीन इतिहास: 1945 से आज तक हमारी दुनिया – समकालीन इतिहास 1945 से आज तक का है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र बना और उपनिवेश आज़ाद देश बने। शीत युद्ध ने दुनिया को बाँटा; मध्य और पूर्वी यूरोप में कम्युनिस्ट दलों ने सत्ता लेकर एक-दल राज चलाया। पोलैंड के सॉलिडैरिटी जैसे आंदोलनों से 1989–91 के बदलाव आए। तब से वैश्वीकरण, इंटरनेट और साझा वैश्विक समस्याएँ हमारी दुनिया को आकार दे रही हैं।
7. The decade 1981–1989
The decade 1981–1989
- लोकतंत्रीकरण – लोकतंत्रीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोई देश सत्तावादी शासन से लोकतंत्र की ओर बढ़ता है। इसके चरण होते हैं: सत्तावादी शासन; आंदोलनों, आर्थिक संकट और बाहरी दुनिया से बढ़ता दबाव; पुराने शासकों से बातचीत या टूट; पहले मुक्त चुनाव; और सुदृढ़ीकरण, जब न्यायालय, स्वतंत्र प्रेस, नागरिक समाज और शांतिपूर्ण सत्ता-परिवर्तन लोकतंत्र को स्थिर बनाते हैं। दक्षिण कोरिया (1960 अप्रैल क्रांति, 1980 ग्वांगजू, 1987 जून आंदोलन, 1997 शांतिपूर्ण हस्तांतरण) और पोलैंड (1980 सॉलिडैरिटी, 1981 मार्शल लॉ, 1989 गोलमेज़ और जून चुनाव, 1991 तक मुक्त चुनाव) दो साफ़ उदाहरण हैं। रास्ता सीधा नहीं: यह रुक या पीछे भी जा सकता है।
8. Birth of the Third Republic and Poland’s place in the world
Birth of the Third Republic and Poland’s place in the world
- लोकतंत्रीकरण – लोकतंत्रीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोई देश सत्तावादी शासन से लोकतंत्र की ओर बढ़ता है। इसके चरण होते हैं: सत्तावादी शासन; आंदोलनों, आर्थिक संकट और बाहरी दुनिया से बढ़ता दबाव; पुराने शासकों से बातचीत या टूट; पहले मुक्त चुनाव; और सुदृढ़ीकरण, जब न्यायालय, स्वतंत्र प्रेस, नागरिक समाज और शांतिपूर्ण सत्ता-परिवर्तन लोकतंत्र को स्थिर बनाते हैं। दक्षिण कोरिया (1960 अप्रैल क्रांति, 1980 ग्वांगजू, 1987 जून आंदोलन, 1997 शांतिपूर्ण हस्तांतरण) और पोलैंड (1980 सॉलिडैरिटी, 1981 मार्शल लॉ, 1989 गोलमेज़ और जून चुनाव, 1991 तक मुक्त चुनाव) दो साफ़ उदाहरण हैं। रास्ता सीधा नहीं: यह रुक या पीछे भी जा सकता है।