National Year 10 History
अध्याय: 9
1. AA America, 1840-1895: Expansion and consolidation (Paper 1 Section A period study - choose one)
Expansion: opportunities and challenges · Conflict across America · Consolidation: forging the nation
- संयुक्त राज्य अमेरिका का पश्चिमी विस्तार (1840–1895) – 1840 से 1895 के बीच लाखों लोग उत्तरी अमेरिका में पश्चिम की ओर बसे। उन्हें ज़मीन, सोना, धार्मिक आज़ादी और "मैनिफ़ेस्ट डेस्टिनी" नाम की सोच खींच रही थी। रास्तों, रेल और होमस्टेड अधिनियम ने यह तेज़ किया। मैदानी जनजातियों के लिए इसका मतलब था बाइसन, ज़मीन और जीने के तरीके का बड़ा नुकसान। नई ज़मीनों में दास-प्रथा के झगड़े ने गृहयुद्ध भी भड़काया। 1890 तक सीमांत बंद घोषित हुआ।
2. AB Germany, 1890-1945: Democracy and dictatorship (Paper 1 Section A period study - choose one)
Germany and the growth of democracy · Germany and the Depression · The experiences of Germans under the Nazis
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3. AC Russia, 1894-1945: Tsardom and communism (Paper 1 Section A period study - choose one)
The end of Tsardom · Lenin's new society · Stalin's USSR
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4. AD America, 1920-1973: Opportunity and inequality (Paper 1 Section A period study - choose one)
American people and the 'Boom' · Bust - Americans' experiences of the Depression and New Deal · Post-war America
- आधुनिक अमेरिका का इतिहास: 1865 से आज तक – गृहयुद्ध के बाद अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्था और फिर महाशक्ति बना। गिल्डेड एज (1865–1900) में रेल, कारखाने और करोड़ों प्रवासी आए, पर गहरी असमानता भी। पॉपुलिस्ट और प्रगतिशील लोगों (1890–1920) ने सुधार माँगे, और अमेरिका ने विदेशों में विस्तार किया और पहले विश्व युद्ध में उतरा। 1920 का उछाल 1929 की गिरावट और महामंदी में बदला; रूज़वेल्ट की न्यू डील और दूसरे विश्व युद्ध ने अर्थव्यवस्था संभाली। 1945 के बाद ज़्यादातर अमेरिकी अमीर हुए, नागरिक अधिकार आंदोलन ने अलगाव से लड़ाई की, देश ने शीत युद्ध में एक गुट का नेतृत्व किया, और वियतनाम व वॉटरगेट ने जनता का भरोसा हिलाया। 1980 के बाद रीगन की रूढ़िवादी नीतियाँ, शीत युद्ध का अंत, इंटरनेट अर्थव्यवस्था, नया प्रवास, 9/11 और 2008 का संकट आज का अमेरिका बनाते हैं। पूरे दौर को समझने का एक सवाल: मौका किसे मिला, और असमानता किसने झेली?
5. BA Conflict and tension: the First World War, 1894-1918 (Paper 1 Section B wider world depth study - choose one)
The causes of the First World War · The First World War: stalemate · Ending the war
- प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918): कारण, घटनाक्रम और परिणाम – प्रथम विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक मित्र राष्ट्रों (फ़्रांस, ब्रिटेन, रूस, बाद में इटली, अमेरिका आदि) और केंद्रीय शक्तियों (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, ऑटोमन साम्राज्य और बुल्गारिया) के बीच लड़ा गया। चार दीर्घकालिक कारणों ने तनाव बढ़ाया: सैन्यवाद, गठबंधन, साम्राज्यवाद और राष्ट्रवाद (MAIN)। चिंगारी थी 28 जून 1914 को साराजेवो में आर्चड्यूक फ़्रांज़ फ़र्डिनेंड की हत्या। पश्चिमी मोर्चे पर युद्ध खाइयों का गतिरोध बन गया; नए हथियारों ने इसे बहुत घातक बनाया। यह संपूर्ण युद्ध था: पूरी अर्थव्यवस्था, महिला कामगार और उपनिवेश लगाए गए, जिनमें लगभग 13 लाख भारतीय भी थे। 1917 की क्रांति के बाद रूस बाहर हुआ, अमेरिका 1917 में आया, और 11 नवंबर 1918 के युद्धविराम से लड़ाई रुकी। 1919–1920 की शांति संधियों, जिनमें वर्साय भी है, ने यूरोप को नया रूप दिया, चार साम्राज्य ख़त्म किए, राष्ट्र संघ बनाया और ऐसा ग़ुस्सा छोड़ा जिसने दूसरे विश्व युद्ध का रास्ता बनाया।
6. BB Conflict and tension: the inter-war years, 1918-1939 (Paper 1 Section B wider world depth study - choose one)
Peacemaking · The League of Nations and international peace · The origins and outbreak of the Second World War
- दो विश्व युद्धों के बीच का काल (1918–1939) – प्रथम विश्व युद्ध के अंत (1918) से द्वितीय के आरंभ (1939) तक चार साम्राज्य टूटे और मध्य-पूर्वी यूरोप में कई नए राज्य बने। वर्साय-वॉशिंगटन शांति व्यवस्था और राष्ट्र संघ ने व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की। 1920 के दशक की शुरुआती अशांति के बाद थोड़ी स्थिरता आई, पर 1929 के शेयर बाज़ार पतन से महामंदी शुरू हुई। भारी बेरोज़गारी ने लोकतंत्रों को कमज़ोर किया; ज़्यादातर नए राज्य सत्तावादी बने, जबकि फ़ासीवादी इटली, नाज़ी जर्मनी और स्टालिन का सोवियत संघ सर्वसत्तावादी बने। सरकारें अर्थव्यवस्था सँभालने लगीं, राष्ट्र संघ आक्रमण नहीं रोक सका, और स्पेनी गृहयुद्ध व तुष्टीकरण 1939 के युद्ध तक ले गए।
7. BC Conflict and tension between East and West, 1945-1972 (Paper 1 Section B wider world depth study - choose one)
The origins of the Cold War · The development of the Cold War · Transformation of the Cold War
- शीत युद्ध (1945–1991) – शीत युद्ध (1945–1991) दो महाशक्तियों के बीच लंबी होड़ थी: पश्चिमी साथियों के साथ अमेरिका (पूँजीवाद, बहुदलीय चुनाव) और पूर्वी साथियों के साथ सोवियत संघ (साम्यवाद, एक दल का शासन)। दोनों आपस में सीधे कभी नहीं लड़े। उन्होंने विरोधी गुट बनाए (नाटो, वारसा संधि), परमाणु हथियार और अंतरिक्ष की होड़ की, छद्म युद्धों में उलटे पक्षों का साथ दिया (कोरिया, वियतनाम, अफ़ग़ानिस्तान) और 1962 में क्यूबा में परमाणु युद्ध के करीब पहुँचे। भारत जैसे कई नए देश गुटनिरपेक्ष रहे। 1970 के दशक में तनाव-शैथिल्य आया। सोवियत सुधार, बर्लिन दीवार का गिरना (1989) और सोवियत संघ का विघटन (1991) इसका अंत बने।
8. BD Conflict and tension in Asia, 1950-1975 (Paper 1 Section B wider world depth study - choose one)
Conflict in Korea · Escalation of conflict in Vietnam · The ending of conflict in Vietnam
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9. BE Conflict and tension in the Gulf and Afghanistan, 1990-2009 (Paper 1 Section B wider world depth study - choose one)
Tensions in the Gulf · The war on Al-Qaeda · The Iraq War
- खाड़ी और अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष और तनाव, 1990–2009 – 1990 से 2009 के बीच खाड़ी क्षेत्र और अफ़ग़ानिस्तान में तीन जुड़े हुए संघर्ष हुए। खाड़ी में बहुत तेल है, इसलिए वहाँ की शांति पूरी दुनिया के लिए ज़रूरी है। ईरानी क्रांति (1979) और लंबे ईरान–इराक युद्ध (1980–88) के बाद सद्दाम हुसैन का इराक भारी क़र्ज़ में था। अगस्त 1990 में इराक ने कुवैत पर हमला किया। संयुक्त राष्ट्र ने वापसी की माँग की और अमेरिका के नेतृत्व में लगभग 35 देशों के गठबंधन ने खाड़ी युद्ध (जनवरी–फ़रवरी 1991) में कुवैत को मुक्त कराया, पर सद्दाम सत्ता में रहा और इराक पर प्रतिबंध और नो-फ़्लाई ज़ोन लगे। ओसामा बिन लादेन द्वारा लगभग 1988 में बना अल-क़ायदा सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों और अमेरिकी नीति का विरोधी था; उसके हमलों की कड़ी 2001 के 9/11 तक पहुँची। राष्ट्रपति बुश ने "आतंक के विरुद्ध युद्ध" घोषित किया। अक्टूबर 2001 में अमेरिका और साथियों ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला कर अल-क़ायदा को पनाह देने वाले तालिबान को हटाया; पर बिन लादेन बच निकला और तालिबान का विद्रोह बढ़ा। मार्च 2003 में अमेरिका और ब्रिटेन ने सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) का दावा कर इराक पर हमला किया; सद्दाम का शासन गिरा, वह पकड़ा गया और बाद में उसे फाँसी हुई, पर WMD नहीं मिले। युद्ध और उसके बाद के वर्षों में बहुत से नागरिक मारे गए, लाखों बेघर हुए, सेवाएँ टूटीं और सांप्रदायिक हिंसा बढ़ी, साथ ही नए चुनाव भी हुए।