महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत
ग्लोब देखिए: दक्षिण अमेरिका का पूर्वी तट और अफ़्रीका का पश्चिमी तट दो जिग्सॉ टुकड़ों जैसे लगते हैं। 1596 में डच मानचित्रकार अब्राहम ऑरटेलियस ने इसे पहली बार देखा।
1912 में अल्फ्रेड वेगनर (जर्मन मौसम वैज्ञानिक) ने कहा:
- लगभग 20 करोड़ वर्ष पहले सारे महाद्वीप एक महाद्वीप पैंजिया ("सारी धरती") में जुड़े थे।
- वह एक महासागर पैंथालासा ("सारा जल") से घिरा था।
- पैंजिया पहले उत्तरी भाग लॉरेशिया और दक्षिणी भाग गोंडवानालैंड में टूटा, जिनसे बाद में आज के महाद्वीप बने।
वेगनर के बताए बल
(1) पृथ्वी के घूमने से पोलर फ़्लीइंग बल और (2) सूर्य-चंद्रमा का ज्वारीय बल। ये महाद्वीप खिसकाने के लिए बहुत कमज़ोर पाए गए, इसलिए सिद्धांत लंबे समय तक नहीं माना गया।
विस्थापन के पक्ष में प्रमाण
- तटों का मेल (जिग्सॉ फ़िट): 1964 में बुलर्ड ने कंप्यूटर से लगभग 1,000 मीटर गहराई पर किनारे मिलाए; मेल बहुत सटीक है।
- एक आयु की चट्टानें: ब्राज़ील तट की बहुत पुरानी (लगभग 2 अरब वर्ष) चट्टानें पश्चिमी अफ़्रीका से मेल खाती हैं।
- टिलाइट: हिमनद जमाव से बनी चट्टान। भारत (गोंडवाना परतें) की टिलाइट अफ़्रीका, मेडागास्कर, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका से मिलती है, यानी वे कभी एक ठंडे क्षेत्र में साथ थे।
- प्लेसर निक्षेप: घाना तट की सोने वाली रेत का स्रोत पास में नहीं; सोने की शिराएँ ब्राज़ील में हैं, यानी दोनों जुड़े थे।
- जीवाश्म: छोटे मीठे पानी के सरीसृप मेसोसॉरस के जीवाश्म सिर्फ़ दक्षिणी अफ़्रीका और ब्राज़ील में मिलते हैं। वह महासागर पार नहीं कर सकता था। भारत, मेडागास्कर और अफ़्रीका में लीमर जैसे जीवाश्म भी जुड़ी ज़मीन दिखाते हैं।
महासागरीय तल
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जहाज़ों ने प्रतिध्वनि (ध्वनि भेजकर गूँज का समय नापना) से समुद्र तल का मानचित्र बनाया। तल के भाग:
| भाग | क्या है |
|---|---|
| महाद्वीपीय सीमांत (मग्नतट + ढाल) | समुद्र के नीचे महाद्वीप का उथला किनारा और गहरे समुद्र तक ढलान |
| वितलीय मैदान | 3–6 किमी गहरे चौड़े, बहुत समतल मैदान, महीन तलछट से ढके |
| मध्य-महासागरीय कटक | महासागरों में चलती पर्वत शृंखला, ऊपर दरार घाटी; बहुत सक्रिय ज्वालामुखी |
| खाई | कुछ महाद्वीपों के पास लंबी, संकरी, बहुत गहरी घाटियाँ; बहुत भूकंप |
भूकंप और ज्वालामुखी कटकों, खाइयों और नए वलित पर्वतों के साथ पतली पट्टियों में मिलते हैं, जैसे प्रशांत के चारों ओर अग्नि वलय।
समुद्र तल के आश्चर्य
- कटक के पास चट्टानें सबसे नई; दूर जाने पर दोनों ओर शीशे की तरह पुरानी होती जाती हैं।
- तल पर तलछट पतली है; सबसे पुरानी महासागरीय चट्टान सिर्फ़ लगभग 20 करोड़ वर्ष पुरानी, जबकि सबसे पुरानी महाद्वीपीय चट्टान लगभग 3.2 अरब वर्ष।
- चट्टानों की पट्टियाँ पृथ्वी के चुंबकत्व के पलटने को दर्ज करती हैं और कटक के दोनों ओर मेल खाती हैं।
सागरीय अधस्तल विस्तार
1961 में हैरी हेस ने इन बातों को सागरीय अधस्तल विस्तार से समझाया:
- मध्य-महासागरीय कटक पर गरम मैग्मा उठकर ठंडा होता है और नई भूपर्पटी बनाता है।
- नई भूपर्पटी पुरानी को दोनों ओर धकेलती है।
- दूर खाइयों में पुरानी भूपर्पटी मुड़कर मैंटल में डूबती है (प्रविष्ठन)।
- इसलिए पृथ्वी बड़ी नहीं होती: कटकों पर जितनी बनी, खाइयों में उतनी नष्ट।
मैंटल की संवहन धाराएँ (1930 के दशक में आर्थर होम्स का विचार) इंजन हैं: गरम पदार्थ उठता, फैलता और डूबता है, जैसे बर्तन में उबलता सूप।
घर पर करें: पारदर्शी बर्तन में पानी और कुछ चाय पत्ती गरम कीजिए। पत्तियाँ बीच में उठती, किनारों तक फैलती और वहाँ डूबती दिखेंगी। यही संवहन धारा है।
प्लेट विवर्तनिकी और प्लेट सीमाएँ
1967 में मैकेंज़ी, पारकर और मॉर्गन ने इन विचारों को जोड़कर प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत दिया। विवर्तनिक प्लेट स्थलमंडल (भूपर्पटी + ऊपरी मैंटल) का विशाल कठोर खंड है जो नरम दुर्बलतामंडल पर एक इकाई की तरह चलता है। प्लेट पर महाद्वीप, समुद्र तल या दोनों हो सकते हैं।
7 बड़ी प्लेटें: अंटार्कटिक, उत्तर अमेरिकी, दक्षिण अमेरिकी, प्रशांत, इंडो-ऑस्ट्रेलियन-न्यूज़ीलैंड, अफ़्रीकी और यूरेशियाई। छोटी प्लेटें: कोकोस, नज़का, अरेबियन, फ़िलिपीन, कैरोलिन, फ़्यूजी।
| सीमा | प्लेटें | परिणाम | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| अपसारी (रचनात्मक) | दूर हटें | नई भूपर्पटी; कटक और दरार घाटी | मध्य-अटलांटिक कटक |
| अभिसारी (विनाशात्मक) | पास आएँ | एक प्लेट डूबे (प्रविष्ठन) जिससे खाई और ज्वालामुखी, या दो महाद्वीप दबकर वलित पर्वत | हिमालय; प्रशांत की खाइयाँ |
| रूपांतर (संरक्षी) | बगल से खिसकें | न बने न नष्ट; तेज़ भूकंप | कटकों को काटते भ्रंश |
प्लेटों की गति अलग है: आर्कटिक कटक लगभग 2.5 सेमी/वर्ष (धीमी); पूर्वी प्रशांत उभार 15 सेमी/वर्ष से ज़्यादा (तेज़)।
भारतीय प्लेट का संचलन
भारतीय प्लेट में प्रायद्वीपीय भारत और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। उत्तरी किनारा हिमालय के साथ अभिसारी सीमा है; पूर्वी किनारा म्यांमार की राकिन्योमा पहाड़ियों से जावा खाई की ओर; पश्चिम में किरथर पर्वत के साथ; और दक्षिण में हिंद महासागर की विस्तार कटकें।
| कितने समय पहले (लगभग) | क्या हुआ |
|---|---|
| 22.5–20 करोड़ वर्ष | भारत ऑस्ट्रेलिया के पास बड़ा द्वीप था, गोंडवानालैंड का भाग, उत्तर में टेथिस सागर |
| ~20 करोड़ वर्ष | भारत अलग होकर उत्तर की ओर चला |
| 6–6.5 करोड़ वर्ष | एक तप्त स्थल के ऊपर से गुज़रते हुए विशाल लावा से दक्कन ट्रैप बना |
| 4–5 करोड़ वर्ष | भारत एशिया से टकराया; टेथिस बंद हुआ और हिमालय उठना शुरू |
| आज | प्लेट अब भी उत्तर (लगभग 5 सेमी/वर्ष) चल रही; हिमालय उठ रहा |
इसीलिए हिमालय के साथ भूकंप आम हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- महाद्वीपीय विस्थापन: वेगनर, 1912; पैंजिया (भूमि) + पैंथालासा (महासागर); लॉरेशिया (उत्तर) + गोंडवानालैंड (दक्षिण)
- प्रमाण: जिग्सॉ फ़िट, एक आयु की चट्टानें, टिलाइट, प्लेसर सोना, जीवाश्म (मेसोसॉरस)
- समुद्र तल: महाद्वीपीय सीमांत → वितलीय मैदान → मध्य-महासागरीय कटक; कुछ किनारों पर खाइयाँ
- सागरीय अधस्तल विस्तार: हेस, 1961; कटक पर नई भूपर्पटी, खाई में नष्ट (प्रविष्ठन)
- प्लेट विवर्तनिकी: 1967; प्लेट = दुर्बलतामंडल पर चलता कठोर स्थलमंडल
- अपसारी = दूर (रचनात्मक); अभिसारी = पास (विनाशात्मक); रूपांतर = बगल (संरक्षी)
- 7 बड़ी प्लेटें; भारतीय प्लेट उत्तर की ओर ≈ 5 सेमी/वर्ष; एशिया से टक्कर ≈ 4–5 करोड़ वर्ष पहले
हल किए गए उदाहरण
1. मेसोसॉरस महाद्वीपीय विस्थापन का मज़बूत प्रमाण क्यों है?
यह छोटा मीठे पानी का सरीसृप था जो महासागर पार नहीं कर सकता था, फिर भी इसके जीवाश्म सिर्फ़ दक्षिणी अफ़्रीका और ब्राज़ील में मिलते हैं। तो वे ज़मीनें कभी जुड़ी थीं।
2. कटक पर चट्टानें 0 वर्ष की हैं; 500 किमी दूर 1 करोड़ वर्ष की। एक ओर विस्तार की गति सेमी/वर्ष में निकालिए।
500 किमी = 5,00,00,000 सेमी। गति = 5,00,00,000 ÷ 1,00,00,000 = 5 सेमी प्रति वर्ष।
3. वेगनर का सिद्धांत पहले क्यों नहीं माना गया?
उनके बल (पोलर फ़्लीइंग और ज्वारीय) महाद्वीप खिसकाने के लिए बहुत कमज़ोर थे, इसलिए वे 'कैसे' नहीं समझा सके।
4. सीमा पहचानिए: (क) मध्य-अटलांटिक कटक, (ख) हिमालय, (ग) भ्रंश जहाँ दो प्लेटें बगल से खिसकती हैं।
(क) अपसारी, (ख) अभिसारी (महाद्वीप-महाद्वीप), (ग) रूपांतर।
5. सागरीय अधस्तल विस्तार समझाता है कि समुद्री चट्टानें नई क्यों हैं। कैसे?
समुद्र तल लगातार कटकों पर बनता और खाइयों में नष्ट होता है, इसलिए कोई समुद्र तल बहुत देर नहीं टिकता; सबसे पुराना लगभग 20 करोड़ वर्ष का है।
6. भारतीय प्लेट हर साल 5 सेमी चलती है। 10 लाख वर्ष में कितने किमी चलेगी?
5 सेमी × 10,00,000 = 50,00,000 सेमी = 50 किमी।
आम गलतियाँ
- कहना कि सिर्फ़ महाद्वीप चलते हैं। पूरी प्लेटें चलती हैं, उनके आसपास का समुद्र तल भी।
- मानना कि कटकों पर नई भूपर्पटी से पृथ्वी बड़ी होती है। खाइयों में पुरानी नष्ट होती है, आकार वही रहता है।
- सीमाएँ उलझाना: अपसारी = दूर, अभिसारी = पास, रूपांतर = बगल से।
- मानना कि वेगनर के बल सही थे। विस्थापन सही था, बल गलत; गति बाद में संवहन और विस्तार से समझी गई।