Germany Jahrgangsstufe 12 Geography
अध्याय: 7
1. Geographic techniques for years 12-13
Geographic methods
- मानचित्र कौशल: नक्शे पढ़ना और इस्तेमाल करना – मानचित्र (map) किसी जगह का ठीक ऊपर से देखा गया, छोटा किया गया चपटा चित्र है। इसे पढ़ने के लिए चाहिए: संकेत-सूची (चिह्न), मापनी (दूरी नापने के लिए), दिशा (दिशा-बिंदु और दिकमान), ग्रिड संदर्भ (जगह ढूँढने और बताने के लिए) और समोच्च रेखाएँ (ऊँचाई और ढलान देखने के लिए)। आज GPS उपग्रहों से हमारी जगह बताता है, और GIS कंप्यूटर पर आँकड़ों की कई परतें जोड़कर जगहों के बारे में सवालों के जवाब देता है।
2. Climate and climate change processes
Climate and climate change
- जलवायु परिवर्तन और हरितगृह प्रभाव – जलवायु किसी जगह का लगभग 30 साल का औसत मौसम है। कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी हरितगृह गैसें पृथ्वी से निकलने वाली कुछ ऊष्मा रोक लेती हैं। मनुष्यों ने ईंधन जलाकर और जंगल काटकर ये गैसें बहुत बढ़ा दी हैं, इसलिए पृथ्वी गर्म हो रही है। इससे बर्फ़ पिघलती है, समुद्र तल बढ़ता है और मौसम उग्र होता है। हम गैसें घटा सकते हैं (शमन) और बदलाव के लिए तैयार हो सकते हैं (अनुकूलन)।
3. Human-environment relations in the tropics
Tropical ecosystems and sustainability
- उष्णकटिबंधीय वर्षावन: गर्म, नम जंगल का जीवन – उष्णकटिबंधीय वर्षावन भूमध्य रेखा के पास उगते हैं, जहाँ पूरे साल गर्मी (लगभग 27 °C) और भारी वर्षा (साल में 2,000 mm से ज़्यादा) होती है। जंगल में परतें हैं: उभरी परत, छत्र, निचली/झाड़ी परत और वन तल। पौधे आधार जड़ें, नुकीले सिरे वाली पत्तियाँ, लताएँ और अधिपादप जैसे अनुकूलन रखते हैं; जीव छिपावरण, चढ़ाई और ख़ास भोजन से अनुकूल हैं। पोषक तत्व तेज़ी से घूमते हैं, इसलिए मिट्टी पतली और कमज़ोर है। खेती, पशुपालन, लकड़ी कटाई, खनन और सड़कों के लिए वनोन्मूलन से मृदा अपरदन, जैव-विविधता का नाश, जलवायु परिवर्तन और स्थानीय लोगों को नुक़सान होता है। सतत प्रबंधन (चयनात्मक कटाई, पुनः रोपण, कृषि-वानिकी, इको-पर्यटन, संरक्षित क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय समझौते) जंगल को नष्ट किए बिना उपयोग करता है।
4. Polar regions: climate research and geopolitics
Polar regions: climate and geopolitics
- ध्रुवीय प्रदेश: आर्कटिक और अंटार्कटिका – ध्रुवीय प्रदेश उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के आसपास, मोटे तौर पर आर्कटिक और अंटार्कटिक वृत्त (66.5°) के भीतर हैं। आर्कटिक ज़मीन से घिरा जमा हुआ महासागर है; अंटार्कटिका एक महाद्वीप है जो लगभग 4 km तक मोटी बर्फ़ की चादर से ढका है। ये ठंडे हैं क्योंकि धूप तिरछी आकर फैल जाती है और सफ़ेद बर्फ़ ज़्यादातर धूप लौटा देती है। पृथ्वी की धुरी के 23.5° झुकाव से महीनों का दिन (आधी रात का सूरज) और महीनों की रात (ध्रुवीय रात) होती है। पौधे कम हैं; ध्रुवीय भालू (आर्कटिक) और पेंगुइन (अंटार्कटिका) जैसे जीव चर्बी, फ़र और पंखों से ठंड झेलते हैं। आर्कटिक में इनुइट और सामी जैसे मूल निवासी रहते हैं; अंटार्कटिका में केवल वैज्ञानिक। आइस कोर पुरानी जलवायु बताते हैं। ध्रुव तेज़ी से गर्म हो रहे हैं; समुद्री बर्फ़ पिघलने से गर्मी और बढ़ती है (एल्बिडो चक्र) और ज़मीनी बर्फ़ पिघलने से समुद्र तल ऊँचा होता है। अंटार्कटिक संधि महाद्वीप को शांति और विज्ञान के लिए रखती है, जबकि आर्कटिक के नए समुद्री रास्ते और संसाधन सहयोग के नए सवाल उठाते हैं।
5. Resource conflicts in European mid-latitudes
Resources in Europe's mid-latitudes and subtropics
- जल संसाधन – धरती का लगभग सारा पानी खारा समुद्री पानी है; उपयोग लायक मीठा पानी बहुत थोड़ा है। बढ़ती आबादी, खेती, उद्योग और प्रदूषण से जल दुर्लभता होती है। बहुउद्देशीय बाँध कई कामों के लिए पानी रोकते हैं पर समस्याएँ भी लाते हैं। वर्षा जल संग्रहण पानी बचाने का पुराना और आसान तरीका है।
6. Use and vulnerability of high mountains
High mountains: use and vulnerability
- पर्वत कैसे बनते हैं और क्यों नाज़ुक हैं – वलित पर्वत तब बनते हैं जब दो प्लेटें एक-दूसरे को धकेलती हैं और चट्टान की परतें मुड़कर सिलवटें बन जाती हैं। ऊँचे पर्वत तेज़ ढलान वाले और ठंडे होते हैं, इसलिए वहाँ भूस्खलन, हिमस्खलन, हिमनद का पीछे हटना और पर्माफ़्रॉस्ट का पिघलना होता है। पर्यटन और बड़ी परियोजनाएँ पैसा लाती हैं पर दबाव भी बढ़ाती हैं।
7. Natural disasters and risk research
Natural disasters and risk research
- महासागरों और महाद्वीपों का वितरण: विस्थापन, विस्तार और प्लेटें – 1912 में अल्फ्रेड वेगनर ने कहा कि सारे महाद्वीप कभी एक भूखंड पैंजिया थे, जो एक महासागर पैंथालासा से घिरा था, और वे धीरे-धीरे अलग हुए। मिलते तट, चट्टानें, जीवाश्म, हिमनद जमाव और प्लेसर सोना उनके पक्ष में थे, पर वे बल नहीं समझा सके। समुद्र तल के मानचित्रण से कटक, मैदान और खाइयाँ मिलीं; फिर हैरी हेस ने सागरीय अधस्तल विस्तार दिया: मध्य-महासागरीय कटक पर नई भूपर्पटी बनती है और खाइयों में पुरानी डूबती है। इससे प्लेट विवर्तनिकी बनी: स्थलमंडल कठोर प्लेटों में टूटा है जो नरम दुर्बलतामंडल पर चलती हैं और अपसारी, अभिसारी और रूपांतर सीमाओं पर मिलती हैं। भारतीय प्लेट दक्षिण से अलग होकर उत्तर बढ़ी और एशिया से टकराकर हिमालय उठाया।