ध्रुवीय प्रदेश कहाँ हैं?
ध्रुवीय प्रदेश पृथ्वी की धुरी के दोनों सिरों के आसपास के क्षेत्र हैं। आमतौर पर इन्हें आर्कटिक वृत्त (66.5° उ.) और अंटार्कटिक वृत्त (66.5° द.) के भीतर की ज़मीन और समुद्र माना जाता है।
- आर्कटिक: आर्कटिक महासागर, जिस पर समुद्री बर्फ़ (1–4 m मोटी) है, और चारों ओर महाद्वीपों के उत्तरी किनारे और ग्रीनलैंड जैसे द्वीप।
- अंटार्कटिका: लगभग 1.4 करोड़ km² का महाद्वीप, लगभग 98% हिम चादर से ढका, औसत मोटाई लगभग 2 km (अधिकतम लगभग 4.8 km)। दुनिया का लगभग 70% मीठा पानी यहीं है।
पृथ्वी पर मापा गया सबसे कम तापमान, लगभग −89 °C, अंटार्कटिका में दर्ज हुआ।
ध्रुव इतने ठंडे क्यों हैं?
- सूर्य का कम कोण: धूप तिरछी पड़ती है, तो वही ऊर्जा बड़े क्षेत्र में फैलती है।
- हवा में लंबा रास्ता: तिरछी किरणें ज़्यादा वायुमंडल से गुज़रकर ज़्यादा ऊर्जा खोती हैं।
- उच्च एल्बिडो: बर्फ़ 80–90% तक धूप लौटा देती है।
- लंबी ध्रुवीय रात: महीनों तक धूप बिल्कुल नहीं।
अंटार्कटिका आर्कटिक से ज़्यादा ठंडा है क्योंकि वह ऊँचा है (ज़मीन पर मोटी बर्फ़) और गर्म समुद्री पानी से दूर है। यहाँ वर्षा बहुत कम होती है, इसलिए ये ठंडे मरुस्थल हैं।
आधी रात का सूरज और ध्रुवीय रात
पृथ्वी की धुरी 23.5° झुकी है। जून के आसपास उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर झुकता है: आर्कटिक वृत्त के उत्तर में 24 घंटे सूरज दिखता है (आधी रात का सूरज), जबकि अंटार्कटिका में ध्रुवीय रात होती है। दिसंबर के आसपास उल्टा होता है। ठीक ध्रुवों पर लगभग छह महीने उजाला और छह महीने अंधेरा रहता है। लंबी रातों में अक्सर ध्रुवीय ज्योति (ऑरोरा) दिखती है।
ठंड में जीवन: पौधे, जीव और लोग
आर्कटिक के किनारे टुंड्रा है: जमी हुई ज़मीन (पर्माफ़्रॉस्ट) पर काई, लाइकेन, घास और बौनी झाड़ियाँ। जीव मोटे फ़र, चर्बी (ब्लबर), छोटे कान और प्रवास से बचते हैं: ध्रुवीय भालू, आर्कटिक लोमड़ी, रेंडियर, सील, वालरस और व्हेल। अंटार्कटिका में ज़मीनी पौधे लगभग नहीं हैं; जीवन समुद्र में है: क्रिल, मछली, सील, व्हेल और पेंगुइन।
आर्कटिक में लगभग 40 लाख लोग रहते हैं, जिनमें इनुइट, सामी और नेनेत्स जैसे मूल निवासी हैं, जो पारंपरिक रूप से रेंडियर पालते, मछली पकड़ते और शिकार करते हैं। अंटार्कटिका में कोई स्थायी आबादी नहीं, केवल कुछ हज़ार वैज्ञानिक और कर्मचारी।
जलवायु अनुसंधान और जलवायु परिवर्तन
हिम चादरों से निकाले गए आइस कोर में लगभग 8 लाख साल पुराने हवा के बुलबुले और धूल होती है, जो पुराने तापमान और कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बताती है। अनुसंधान केंद्र ओज़ोन छिद्र, मौसम और उपग्रह से समुद्री बर्फ़ पर भी नज़र रखते हैं।
आर्कटिक दुनिया के औसत से लगभग तीन-चार गुना तेज़ी से गर्म हो रहा है। कम समुद्री बर्फ़ = कम परावर्तन, ज़्यादा अवशोषण (एल्बिडो चक्र)। ज़मीनी बर्फ़ (ग्रीनलैंड, अंटार्कटिका) पिघलने से समुद्र तल बढ़ता है; तैरती समुद्री बर्फ़ से नहीं, पर उससे आवास और मौसम बदलते हैं। पर्माफ़्रॉस्ट पिघलने से ग्रीनहाउस गैसें निकल सकती हैं।
सहयोग और अलग-अलग हित
अंटार्कटिक संधि (1959 में हस्ताक्षर, 1961 से लागू) अंटार्कटिका को शांति और विज्ञान के लिए रखती है: कोई सैन्य गतिविधि नहीं, कोई परमाणु परीक्षण या कचरा नहीं, वैज्ञानिक जानकारी का खुला आदान-प्रदान। बाद के प्रोटोकॉल (1991) ने खनन पर रोक लगाई। भारत 1983 में जुड़ा। आर्कटिक के लिए कोई एक संधि नहीं; आर्कटिक परिषद में आर्कटिक देश और मूल निवासी समूह मिलकर काम करते हैं, और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि महासागर के उपयोग का मार्गदर्शन करती है। समुद्री बर्फ़ घटने से नए जहाज़ी रास्ते, मछली पकड़ना और तेल-गैस पर्यावरण, मूल निवासियों के अधिकार और न्यायपूर्ण सहयोग के सवाल उठाते हैं।
घर पर करके देखें
टॉर्च को कागज़ पर सीधा नीचे चमकाइए, फिर तिरछा कीजिए। हर बार रोशनी के धब्बे के चारों ओर रेखा खींचिए। तिरछा धब्बा बड़ा और धुँधला है: इसीलिए ध्रुव ठंडे हैं। फिर एक बर्फ़ का टुकड़ा सफ़ेद प्लेट पर और एक काली प्लेट पर धूप में रखिए: कौन पहले पिघलता है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- आर्कटिक वृत्त ≈ 66.5° उ.; अंटार्कटिक वृत्त ≈ 66.5° द.
- धुरी का झुकाव = 23.5°
- एल्बिडो = लौटी रोशनी ÷ आई रोशनी (बर्फ़ ≈ 0.8, समुद्र ≈ 0.06)
- आधी रात का सूरज: 24 घंटे दिन; ध्रुवीय रात: 24 घंटे अंधेरा
- अंटार्कटिक संधि: 1959 (1961 से लागू)
हल किए गए उदाहरण
1. भूमध्य रेखा पर 1,000 W धूप 1 m² पर पड़ती है। ध्रुव के पास वही किरण-पुंज 2 m² में फैलता है। वहाँ हर वर्ग मीटर पर कितनी?
प्रति m² ऊर्जा = 1,000 W ÷ 2 m² = 500 W/m², यानी आधी। इसीलिए ठंड ज़्यादा।
2. बर्फ़ 80% धूप लौटाती है, खुला समुद्र 6%। 100 इकाई धूप पड़े तो बर्फ़ की जगह समुद्र होने पर कितनी ज़्यादा सोखी जाएगी?
बर्फ़ सोखती है 100 − 80 = 20; समुद्र 100 − 6 = 94। अतिरिक्त = 94 − 20 = 74 इकाई, इसलिए पानी गर्म होकर और बर्फ़ पिघलाता है।
3. गिलास में तैरता बर्फ़ का टुकड़ा पिघलता है। क्या पानी का स्तर बढ़ेगा? इसे समुद्र तल से जोड़िए।
नहीं। तैरती बर्फ़ पहले ही अपने भार जितना पानी हटा चुकी होती है। इसलिए आर्कटिक की समुद्री बर्फ़ पिघलने से समुद्र तल लगभग नहीं बदलता, पर ज़मीन की बर्फ़ (ग्रीनलैंड, अंटार्कटिका) नया पानी जोड़कर समुद्र तल बढ़ाती है।
आम गलतियाँ
- आर्कटिक को महाद्वीप कहना। वह ज़्यादातर महासागर है; महाद्वीप अंटार्कटिका है।
- मानना कि पेंगुइन और ध्रुवीय भालू साथ रहते हैं। भालू आर्कटिक में, जंगली पेंगुइन ज़्यादातर दक्षिणी गोलार्ध में।
- मानना कि हर पिघलती बर्फ़ समुद्र तल बढ़ाती है। तैरती बर्फ़ नहीं; ज़मीनी बर्फ़ बढ़ाती है।
- सोचना कि ध्रुव सूर्य से दूर होने के कारण ठंडे हैं। दूरी का फ़र्क़ बहुत छोटा है; असली कारण तिरछी धूप और बर्फ़ का परावर्तन है।