एशिया: विविधताओं का महाद्वीप
एशिया सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह पृथ्वी की कुल ज़मीन का करीब एक तिहाई है और आधे से ज़्यादा लोग यहीं रहते हैं। यहाँ हर चीज़ का चरम रूप मिलता है।
- सबसे ऊँचा और सबसे नीचा: हिमालय का माउंट एवरेस्ट पृथ्वी की सबसे ऊँची चोटी है। मृत सागर (Dead Sea) का किनारा सूखी ज़मीन का सबसे नीचा बिंदु है।
- गीला और सूखा: दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में साल में कई मीटर बारिश होती है। मध्य और पश्चिम एशिया के रेगिस्तानों में लगभग नहीं होती।
- गरम और ठंडा: दक्षिण में उष्ण द्वीप, उत्तर में जमा देने वाला साइबेरिया।
- भीड़ और खालीपन: नदी के मैदान और तट लोगों से भरे हैं। ऊँचे पठार और रेगिस्तान लगभग खाली हैं।
करके देखो: 3D मॉडल में पठार और मैदान के चारों ओर घुमाओ। खेती के लिए तुम कौन-सा हिस्सा चुनोगे? कहाँ रहना मुश्किल होगा?
प्लेटों की हलचल: पर्वत, भ्रंश घाटी, ज्वालामुखी, भूकंप, सुनामी
पृथ्वी की ऊपरी परत बड़े टुकड़ों में बँटी है, जिन्हें प्लेट (plate) कहते हैं। ये बहुत धीमे खिसकती हैं, करीब उतना जितना तुम्हारे नाखून बढ़ते हैं। जहाँ प्लेटें मिलती हैं, वहाँ हलचल होती है।
- प्लेटें टकराती हैं: भारतीय प्लेट यूरेशियाई प्लेट से लगभग 5 सेमी प्रति वर्ष की चाल से टकराती है। ज़मीन मुड़कर हिमालय बन गई और अब भी ऊपर उठ रही है।
- एक प्लेट दूसरी के नीचे धँसती है: प्रशांत महासागर के किनारे (जापान, फ़िलीपींस, इंडोनेशिया) समुद्री प्लेट ज़मीन की प्लेट के नीचे जाती है। चट्टान पिघलकर ज्वालामुखी के रूप में फूटती है। अटकी चट्टान अचानक फिसलती है तो भूकंप आता है।
- प्लेटें दूर हटती हैं: दो दरारों के बीच ज़मीन धँस जाती है और भ्रंश घाटी (rift valley) बनती है। जॉर्डन घाटी और मृत सागर ऐसी ही घाटी में हैं।
- सुनामी: भूकंप में समुद्र की तलहटी ऊपर या नीचे झटके से खिसकती है तो ऊपर का सारा पानी धकेला जाता है। एक लंबी, तेज़ लहर समुद्र में चलती है और तट पर ऊँची और ताकतवर हो सकती है।
प्रशांत महासागर के चारों ओर की इस सक्रिय पट्टी को "रिंग ऑफ़ फ़ायर" (आग की पट्टी) कहते हैं।
भूकंप और सुनामी का नुकसान कम करना
हम भूकंप को रोक नहीं सकते, पर नुकसान कम कर सकते हैं।
- मज़बूत इमारतें: ऐसे ढाँचे जो मुड़ें पर टूटें नहीं, हल्की छतें, ऊँची अलमारी पर भारी सामान नहीं।
- चेतावनी व्यवस्था: समुद्र और ज़मीन में सेंसर, सायरन और फ़ोन अलर्ट। कुछ मिनट हज़ारों जानें बचा सकते हैं।
- योजना: अस्पताल और स्कूल ठीक समुद्र किनारे न बनाएँ; ऊँची जगह तक भागने के रास्ते चिह्नित करें।
- अभ्यास: ड्रिल से नियम याद होता है: झटके के समय झुको, सिर ढको, पकड़ो; तट पर तेज़ झटका लगे तो इंतज़ार किए बिना ऊपर और अंदर की ओर भागो।
3D में चेतावनी चालू और बंद की तुलना करो: लहर वही है, पर लोग अलग जगह पर हैं।
मानसूनी एशिया और धान का साल
मानसून ऐसी हवा है जो मौसम के साथ अपनी दिशा बदलती है।
- गर्मी: ज़मीन समुद्र से जल्दी गरम होती है। ज़मीन के ऊपर गरम हवा उठती है और समुद्र से नम हवा दौड़ती आती है। दक्षिण एशिया में जून से सितंबर तक भारी बारिश होती है।
- सर्दी: ज़मीन जल्दी ठंडी होती है। हवा ज़मीन से समुद्र की ओर चलती है और सूखी होती है। ज़्यादातर जगह बारिश कम होती है।
धान को गरम मौसम और बहुत पानी चाहिए, इसलिए मानसूनी एशिया दुनिया का धान-क्षेत्र है। किसान का साल बारिश के साथ चलता है: पहली बारिश में पौध लगाओ, खेत में उथला पानी रखो, बारिश खत्म होने पर कटाई करो। कमज़ोर या देर से आया मानसून खराब फसल लाता है; बहुत तेज़ मानसून बाढ़ ला सकता है।
जापान: कम संसाधन, मज़बूत अर्थव्यवस्था
जापान पहाड़ी द्वीपों की एक श्रृंखला है। खेती और शहर के लायक समतल ज़मीन बहुत थोड़ी है, इसलिए लोग तटों पर घनी बसे हैं। जापान में खनिज और तेल बहुत कम हैं, इसलिए कच्चा माल दूसरे देशों से खरीदता है।
वह संसाधनों से नहीं, हुनर से अमीर बना। मेहनत से काम करने की संस्कृति, शिक्षा और टीमवर्क से उसने बढ़िया गाड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक सामान और मशीनें बनाईं और पूरी दुनिया में बेचीं। भूकंपों के साथ जीने से जापान भूकंप-सुरक्षित इमारतों और पूर्व चेतावनी में भी आगे रहा।
चीन: लोग कहाँ रहते हैं और विकास कैसे हुआ
चीन की आबादी करीब 1.4 अरब है, पर लोग बराबर फैले नहीं हैं। ज़्यादातर पूर्व में रहते हैं: बड़े नदी मैदानों और तटीय शहरों में। पश्चिम में ऊँचे पठार, पर्वत और रेगिस्तान हैं और लोग बहुत कम हैं। लगभग हर दस में से नौ चीनी देश के पूर्वी हिस्से में रहते हैं।
1970 के दशक के अंत से चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को व्यापार के लिए खोला, कारखाने और शहर बनाए और करोड़ों लोग गाँवों से शहरों में आए। वह दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक बना और विश्व व्यापार तथा जलवायु वार्ताओं में बड़ी आवाज़ बना। चुनौतियाँ हैं: प्रदूषण, अमीर तट और गरीब भीतरी इलाकों के बीच अंतर, और बूढ़ी होती आबादी।
भारत: संभावनाएँ और विरोधाभास
भारत की आबादी भी करीब 1.4 अरब है और इनमें बहुत लोग युवा हैं। यह एक मौका है: युवा कामगार विकास को गति दे सकते हैं। भारत खेती, दवाओं, कंप्यूटर सेवाओं और बढ़ते कारखाना क्षेत्र में मज़बूत है।
पर विरोधाभास तीखे हैं: आधुनिक शहरों के पास गरीब गाँव, बहुत अमीर और बहुत गरीब परिवार, अच्छे स्कूल और ऐसी जगहें जहाँ स्कूल ही नहीं। अपनी संभावना का लाभ लेने के लिए भारत को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं और युवाओं के लिए रोज़गार और सुरक्षित, साफ़ शहर चाहिए।
करके देखो: अपना एशिया मॉडल बनाओ
घर पर: एक ट्रे में रेत या मिट्टी लो। एक पठार, एक पर्वतमाला और एक समतल मैदान बनाओ। दक्षिण की ओर से थोड़ा पानी डालो, यह मानसून की बारिश है; देखो पानी कहाँ बहता है। फिर कपड़े पर दो चपटी किताबें आमने-सामने धकेलो: कपड़ा पर्वत की तरह मुड़ जाता है।
पहले अनुमान, फिर जाँच: 3D में चेतावनी का बटन दबाने से पहले सोचो कि लहर क्या करेगी, फिर देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्लेट: टकराएँ = पर्वत; धँसें = ज्वालामुखी और भूकंप; दूर हटें = भ्रंश घाटी
- मानसून: गर्मी में हवा समुद्र से ज़मीन = बारिश; सर्दी में ज़मीन से समुद्र = सूखा
- सुनामी = समुद्र की तलहटी हिली, इसलिए लंबी लहर तट तक आई
- मुख्य शब्द: प्लेट, भ्रंश घाटी, रिंग ऑफ़ फ़ायर, मानसून, जनसंख्या घनत्व
हल किए गए उदाहरण
1. भारतीय प्लेट लगभग 5 सेमी प्रति वर्ष खिसकती है। 200 साल में कितनी दूर जाएगी?
5 सेमी × 200 = 1000 सेमी = 10 मीटर। छोटी चाल लंबे समय में जुड़ती जाती है, इसी तरह पर्वत बनते हैं।
2. एशिया के प्रशांत किनारे पर इतने ज्वालामुखी और भूकंप क्यों आते हैं?
वहाँ समुद्री प्लेटें ज़मीन की प्लेटों के नीचे धँसती हैं। धँसती चट्टान पिघलकर ज्वालामुखी बनती है और अटकी प्लेटें फिसलने पर भूकंप आता है। इस पट्टी को रिंग ऑफ़ फ़ायर कहते हैं।
3. समुद्र किनारे के कस्बे को लहर आने से 20 मिनट पहले सुनामी चेतावनी मिली। लोग क्या करें?
तुरंत चिह्नित रास्ते से ऊँची जगह या दूर अंदर की ओर जाएँ और अधिकारियों के सुरक्षित कहने तक वहीं रहें। लहर देखने समुद्र तट पर न जाएँ।
4. रेगिस्तान की तुलना में मानसूनी इलाकों में धान ज़्यादा क्यों उगता है?
धान को गरम मौसम और बहुत पानी चाहिए। गर्मी का मानसून भारी बारिश लाता है, रेगिस्तान में लगभग नहीं होती।
5. चीन के पूर्व में जनसंख्या घनत्व पश्चिम से ज़्यादा है। दो कारण बताओ।
पूर्व में समतल नदी मैदान, बारिश और बंदरगाह-शहरों के लिए तट हैं। पश्चिम में ऊँचे पठार, पर्वत और रेगिस्तान हैं जहाँ खेती कठिन है।
आम गलतियाँ
- मानसून को सिर्फ़ बारिश समझना। यह दिशा बदलने वाली हवा है, और बारिश गर्मी की हवा के साथ आती है।
- भूकंप और सुनामी को एक समझना। भूकंप ज़मीन का हिलना है; सुनामी उससे बनी समुद्री लहर है।
- यह कहना कि पूरा एशिया घना बसा है। आबादी बहुत असमान है; पठार और रेगिस्तान लगभग खाली हैं।
- यह मानना कि जापान प्राकृतिक संसाधनों से अमीर है। उसके पास बहुत कम हैं; उसकी दौलत हुनर और तकनीक से आई।