जनसंख्या का वितरण और घनत्व
वितरण यानी लोग ज़मीन पर कैसे फैले हैं। घनत्व यानी एक वर्ग किलोमीटर पर कितने लोग रहते हैं।
- 2011: लगभग 121 करोड़ लोग; दुनिया की ज़मीन का 2.4% पर दुनिया के लगभग 17.5% लोग।
- औसत घनत्व: 382 प्रति वर्ग किमी।
- सबसे घना: बिहार (लगभग 1,106)। सबसे विरल: अरुणाचल प्रदेश (17)।
- सबसे ज़्यादा जनसंख्या वाला राज्य: उत्तर प्रदेश।
क्यों? समतल ज़मीन, उपजाऊ मिट्टी, पानी और रोज़गार लोगों को खींचते हैं (गंगा मैदान, तट, बड़े नगर)। खड़ी ढलान, ठंड, मरुस्थल और घने वन लोगों को दूर रखते हैं (हिमालय, थार, पूर्वोत्तर की पहाड़ियाँ)।
कायिक घनत्व = कुल लोग ÷ कृषि भूमि। कृषीय घनत्व = खेती करने वाले लोग ÷ कृषि भूमि।
वृद्धि की प्रावस्थाएँ
वृद्धि यानी दो समयों के बीच लोगों की संख्या में बदलाव। वृद्धि दर उसे प्रतिशत में बताती है। जनगणना हर 10 साल में होती है, इसलिए दशकीय वृद्धि दर देखते हैं।
- 1901–1921: स्थिर प्रावस्था। जन्म ज़्यादा, पर अकाल और बीमारी (1918 का फ़्लू) से मृत्यु भी ज़्यादा। 1911–21 में वृद्धि ऋणात्मक भी रही।
- 1921–1951: नियमित वृद्धि। बेहतर स्वास्थ्य सेवा और परिवहन से मृत्यु दर घटी।
- 1951–1981: जनसंख्या विस्फोट। मृत्यु दर तेज़ी से घटी पर जन्म दर ऊँची रही। वृद्धि लगभग 2.2% प्रति वर्ष।
- 1981 से अब तक: ऊँची पर घटती वृद्धि। लड़कियाँ ज़्यादा पढ़ती हैं, परिवार छोटे होते हैं, जन्म दर घटती है। 2001–11: 17.7%।
वृद्धि में प्रादेशिक भिन्नता
वृद्धि हर जगह एक जैसी नहीं। 2001–11 में:
- धीमी: केरल (लगभग 5%), तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गोवा। अधिक साक्षरता, देर से विवाह, अच्छी स्वास्थ्य सेवा।
- तेज़: बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और मेघालय जैसे कुछ पूर्वोत्तर राज्य।
युवा जनसंख्या (15–59 वर्ष) बड़ी है। उन्हें शिक्षा और कौशल मिले तो भारत को जनांकिकीय लाभांश मिलेगा: काम करने वाले बहुत हाथ।
ग्रामीण-नगरीय, भाषाई और धार्मिक संघटन
संघटन यानी जनसंख्या में किस तरह के लोग हैं: आयु, लिंग, निवास, भाषा, धर्म, काम के हिसाब से।
ग्रामीण–नगरीय
2011: लगभग 69% ग्रामीण और 31% नगरीय। गोवा और केरल ज़्यादा नगरीय; हिमाचल प्रदेश और बिहार ज़्यादातर ग्रामीण।
भाषाई
संविधान में 22 अनुसूचित भाषाएँ हैं। भाषाएँ चार परिवारों में: भारतीय-आर्य (हिंदी, बांग्ला, मराठी…), द्रविड़ (तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम), ऑस्ट्रिक (संथाली, खासी…), चीनी-तिब्बती (बोडो, मणिपुरी…)। हिंदी बोलने वाले सबसे ज़्यादा।
धार्मिक
2011 (लगभग): हिंदू 80%, मुस्लिम 14%, ईसाई 2.3%, सिख 1.7%, बौद्ध 0.7%, जैन 0.4%। ईसाई पूर्वोत्तर और केरल में अधिक; सिख मुख्यतः पंजाब में; बौद्ध लद्दाख, सिक्किम, अरुणाचल और महाराष्ट्र में।
कार्यशील जनसंख्या
जनगणना हर व्यक्ति को तीन समूहों में रखती है:
- मुख्य कामगार: साल में कम से कम 6 महीने काम (लगभग 30%)।
- सीमांत कामगार: 6 महीने से कम काम (लगभग 10%)।
- अकामगार: बच्चे, विद्यार्थी, बुज़ुर्ग, बिना वेतन घर का काम करने वाले (लगभग 60%)।
कार्य सहभागिता दर ≈ 40%। सभी कामगारों में लगभग 55% प्राथमिक क्षेत्र में (कृषक + खेतिहर मज़दूर)। उद्योग और सेवाओं का हिस्सा बढ़ रहा है, गोवा, केरल, दिल्ली जैसे राज्यों में सबसे तेज़।
लैंगिक संवेदनशीलता अभियान
लिंगानुपात = हर 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या। भारत 2011: 943। केरल 1,084 (सबसे ऊँचा राज्य); हरियाणा 879 (सबसे नीचा राज्य)। शिशु लिंगानुपात (0–6 वर्ष) केवल 919।
कम संख्या के कारण: बेटे की चाह, जन्म से पहले लिंग जाँच और बेटियों की देखभाल में कमी। लैंगिक संवेदनशीलता का अर्थ है लड़की और लड़के को स्वास्थ्य, भोजन, पढ़ाई और नौकरी में बराबर मानना।
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (2015): बेटी बचाओ, बेटी को पढ़ाओ।
- कानून जन्म से पहले बच्चे का लिंग बताने पर रोक लगाता है (PC-PNDT अधिनियम)।
- सुकन्या समृद्धि बचत, मुफ़्त शिक्षा, स्थानीय निकायों में आरक्षण।
करके देखिए
कक्षा की जनगणना कीजिए। 20 साथियों से पूछिए: गाँव या नगर? मातृभाषा? घर के हर बड़े का काम? हर उत्तर के लिए रंगीन मोती या काग़ज़ के टुकड़े रखिए (चरण 4 और 5 के 100 ब्लॉकों की तरह) और प्रतिशत निकालिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- घनत्व = जनसंख्या ÷ क्षेत्रफल (प्रति वर्ग किमी)
- वृद्धि दर (%) = (नई − पुरानी) ÷ पुरानी × 100
- लिंगानुपात = महिलाएँ ÷ पुरुष × 1,000
- कार्य सहभागिता दर = कामगार ÷ कुल जनसंख्या × 100
हल किए गए उदाहरण
1. एक ज़िले में 2,500 वर्ग किमी पर 30 लाख लोग हैं। घनत्व निकालिए।
घनत्व = 30,00,000 ÷ 2,500 = 1,200 प्रति वर्ग किमी। यह भारत के औसत 382 का तीन गुना से भी ज़्यादा है।
2. 2001 में जनसंख्या 102.9 करोड़ और 2011 में 121.1 करोड़ थी। दशकीय वृद्धि दर निकालिए।
वृद्धि = 121.1 − 102.9 = 18.2 करोड़। दर = 18.2 ÷ 102.9 × 100 ≈ 17.7%।
3. एक गाँव में 540 पुरुष और 486 महिलाएँ हैं। लिंगानुपात निकालिए।
लिंगानुपात = 486 ÷ 540 × 1,000 = 900। भारत के 943 से कम।
4. 50,000 की आबादी वाले नगर में 15,000 मुख्य और 5,000 सीमांत कामगार हैं। कार्य सहभागिता दर निकालिए।
कामगार = 15,000 + 5,000 = 20,000। दर = 20,000 ÷ 50,000 × 100 = 40%।
5. 1951–81 को जनसंख्या विस्फोट का समय क्यों कहते हैं?
आज़ादी के बाद स्वास्थ्य सेवा, टीके और अनाज की आपूर्ति सुधरी, मृत्यु दर तेज़ी से घटी। जन्म दर ऊँची बनी रही। जन्म और मृत्यु के बड़े अंतर से जनसंख्या बहुत तेज़ी से बढ़ी।
6. केरल में वृद्धि दर कम और लिंगानुपात ऊँचा क्यों है?
केरल में महिलाएँ अच्छी पढ़ी-लिखी हैं, देर से विवाह करती हैं और कम बच्चे चाहती हैं। अच्छी स्वास्थ्य सेवा बेटियों को स्वस्थ रखती है। इसलिए वृद्धि धीमी और महिलाएँ पुरुषों से ज़्यादा।
आम गलतियाँ
- 1951–81 को 'धीमी वृद्धि' कहना। यह विस्फोट की प्रावस्था थी; वृद्धि 1981 के बाद धीमी हुई।
- सोचना कि घटती वृद्धि दर का मतलब घटती जनसंख्या है। संख्या अब भी बढ़ रही है, बस धीरे।
- जनगणना में गृहिणी को कामगार गिनना। बिना वेतन का घरेलू काम 'अकाम' गिना जाता है।
- लिंगानुपात को हर 1,000 महिलाओं पर पुरुष लिखना। भारत में यह हर 1,000 पुरुषों पर महिलाएँ है।