📘 CodingMarble Learn

चयनित मुद्दों और समस्याओं पर भौगोलिक परिप्रेक्ष्य (कक्षा 12)

प्रदूषण का मतलब है हवा, पानी, ज़मीन या आवाज़ में हानिकारक चीज़ें मिलना। वायु प्रदूषण ईंधन जलाने, कारख़ानों और गाड़ियों से; जल प्रदूषण सीवेज, उद्योग और खेत के रसायनों से; भूमि प्रदूषण कूड़े और रसायनों से; ध्वनि प्रदूषण ट्रैफ़िक और लाउडस्पीकर से होता है। शहर बहुत ठोस कचरा बनाते हैं जिसे अलग करना, पुनर्चक्रित करना और सुरक्षित निपटाना चाहिए। लोग प्रतिकर्ष कारकों (गरीबी, काम नहीं) और अपकर्ष कारकों (नौकरी, सुविधाएँ) से गाँव से शहर जाते हैं; बहुत से गंदी बस्तियों में रहते हैं। कटाव, जलाक्रांति, लवणता, खनन और अति चराई से हुआ भूमि निम्नीकरण ठीक हो सकता है, जैसा झाबुआ के जलसंभर कार्य ने दिखाया।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. प्रदूषण मतलब हवा, पानी, ज़मीन या कानों तक हानिकारक चीज़ें पहुँचना। वायु, जल, भूमि और ध्वनि पर टैप करके देखिए हर एक कहाँ से आता है।
  2. शहर रोज़ कूड़े के ढेर बनाते हैं। खुले ढेर बदबू और बीमारी फैलाते हैं। स्लाइडर से कचरा गीला, सूखा और ख़तरनाक डिब्बों में अलग कीजिए। ढेर छोटा होता है।
  3. लोग गाँव से शहर जाते हैं। काम न होने जैसे प्रतिकर्ष कारक बाहर धकेलते हैं। नौकरी जैसे अपकर्ष कारक खींचते हैं। उन्हें चलते देखिए।
  4. बहुत से प्रवासी घर नहीं ले पाते। वे गंदी बस्तियों में रहते हैं: भीड़ भरी, ख़राब पानी, नाली और शौचालय।
  5. भूमि निम्नीकरण: कटाव, नमक, खनन या अति चराई से ज़मीन पौधे उगाना बंद कर देती है। पहले और बाद दबाकर देखिए झाबुआ ने नंगी पहाड़ियाँ कैसे हरी कीं।
  6. करके देखें: शहर साफ़ कीजिए। सीवेज साफ़ करें, कचरा अलग करें, पेड़ लगाएँ। प्रदूषण मीटर लाल से हरा होता देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

कुछ मिलाया नहीं जाता, फिर भी शोर प्रदूषण क्यों?

अनचाही तेज़ ध्वनि ऊर्जा स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाती है, इसलिए यह प्रदूषण है। चरण 1 में ध्वनि पर टैप करें।

कचरा जला क्यों नहीं देते?

जलाने से धुआँ और ज़हरीली गैसें हवा में जाती हैं। अलग करने और पुनर्चक्रण से बिना इसके ढेर घटता है। चरण 2 देखिए।

शहर भीड़ भरे हैं तो प्रवासी गाँव में क्यों नहीं रहते?

गाँव में काम न होना और छोटे खेत जैसे प्रतिकर्ष कारक मज़बूत हैं और शहर नौकरी देते हैं। चरण 3 का तीर देखिए।

क्या गंदी बस्तियाँ सिर्फ़ गरीबों की पसंद से बनती हैं?

नहीं। ये इसलिए बढ़ती हैं क्योंकि शहरों में कम वेतन वालों के लिए सस्ते घर पर्याप्त नहीं। चरण 4 देखिए।

क्या निम्नीकृत ज़मीन फिर उपजाऊ हो सकती है?

हाँ। चेक डैम, खाइयों, पेड़ों और चराई नियमों से झाबुआ की पहाड़ियाँ ठीक हुईं। चरण 5 में पहले और बाद दबाइए।

एक शहर जल्दी प्रदूषण कैसे घटा सकता है?

सीवेज साफ़ करे, कचरा अलग करे और पेड़ लगाए। चरण 6 के तीनों स्लाइडर आज़माइए।

प्रदूषण के प्रकार

प्रदूषण पर्यावरण में ऐसे हानिकारक पदार्थ या ऊर्जा छोड़ना है जिन्हें प्रकृति साफ़ न कर सके। जिस माध्यम पर असर हो, उसके आधार पर प्रकार होते हैं।

जल प्रदूषण

शहरों का सीवेज, कारख़ानों का कचरा (रसायन, भारी धातुएँ), खेतों के उर्वरक और कीटनाशक, और नदियों में नहाना व चीज़ें विसर्जित करना जैसी सांस्कृतिक गतिविधियाँ पानी गंदा करती हैं। बड़े शहरों के पास गंगा और यमुना के हिस्से बहुत प्रदूषित हैं। गंदा पानी दस्त, पेट के कीड़े, हेपेटाइटिस करता है और मछलियाँ मारता है।

वायु प्रदूषण

कोयला, तेल, लकड़ी जलाना, कारख़ाने, गाड़ियाँ और पराली जलाना हवा में सल्फ़र डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, धूल और धुआँ मिलाते हैं। इससे साँस और दिल के रोग, धूम-कोहरा और अम्ल वर्षा होती है। भोपाल गैस त्रासदी (1984) ने दिखाया कि औद्योगिक वायु प्रदूषण कितना घातक हो सकता है।

ध्वनि प्रदूषण

ट्रैफ़िक, कारख़ाने, निर्माण, लाउडस्पीकर और पटाखों की अनचाही तेज़ आवाज़, डेसिबल (dB) में मापी जाती है। इससे तनाव, नींद की कमी और बहरापन होता है।

भूमि प्रदूषण

कूड़ा, प्लास्टिक और औद्योगिक कचरा फेंकना और खेत के रसायनों का ज़्यादा उपयोग मिट्टी और भौम जल को बिगाड़ता है।

नगरीय अपशिष्ट निपटान

बढ़ते शहर बहुत ठोस अपशिष्ट बनाते हैं: खाने का बचा, कागज़, प्लास्टिक, काँच, धातु, कपड़ा और ई-कचरा। इसका बड़ा हिस्सा खुले में फेंका या जलाया जाता है। इससे मक्खियाँ और चूहे पनपते हैं, बीमारी फैलती है, बदबू और हानिकारक गैसें निकलती हैं और भौम जल गंदा होता है। औद्योगिक और अस्पताल का कचरा ख़ास तौर पर हानिकारक है।

बेहतर तरीक़े

ग्रामीण–नगरीय प्रवास

ग्रामीण–नगरीय प्रवास गाँवों से क़स्बों और शहरों की ओर लोगों का जाना है। शहरों के तेज़ी से बढ़ने का यह बड़ा कारण है।

ज़्यादातर प्रवासी युवा पुरुष होते हैं जो घर पैसे भेजते हैं; अक्सर महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग गाँव में रहते हैं। शहरों में प्रवासी अक्सर असंगठित क्षेत्र में काम करते और ख़राब घरों में रहते हैं। प्रवास शहर के पानी, परिवहन, आवास और सफ़ाई पर दबाव डालता है।

गंदी बस्तियाँ: गरीब नगरीय बस्तियों की समस्याएँ

गंदी बस्ती भीड़ भरा, बिना योजना का रिहायशी इलाक़ा है जहाँ घर कमज़ोर और बुनियादी सुविधाएँ बहुत कम होती हैं। ये सबसे कम उपयोगी ज़मीन पर बसती हैं: रेल लाइन, नाले, कारख़ानों और कूड़े के ढेर के पास।

समस्याएँ

भारत के कई शहरों में बड़ी बस्तियाँ हैं; मुंबई की धारावी एशिया की सबसे बड़ी बस्तियों में है और मिट्टी के बर्तन, चमड़ा और पुनर्चक्रण जैसे छोटे उद्योगों का व्यस्त केंद्र भी। समाधान: उसी जगह सुधार, सस्ते आवास की योजनाएँ, बुनियादी सुविधाएँ और कौशल प्रशिक्षण।

भूमि निम्नीकरण और केस स्टडी

भूमि निम्नीकरण ज़मीन की उत्पादन क्षमता का अस्थायी या स्थायी रूप से घटना है। कारण प्राकृतिक (अवनालिकाएँ, मरुस्थल, बाढ़ग्रस्त ज़मीन) या मानवकृत हो सकते हैं: ज़्यादा सिंचाई से जलाक्रांति और लवणता, खनन, वन कटाई, अति चराई और झूम खेती। मनुष्य की बनाई व्यर्थ भूमि को सुधारना कठिन है पर संभव है।

केस स्टडी: झाबुआ ज़िला (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के पश्चिम में झाबुआ ज़्यादातर जनजातीय (मुख्यतः भील) ज़िला है। वन कटाई और अति चराई से इसकी पहाड़ियाँ नंगी और कटी हुई थीं। जलसंभर कार्यक्रमों (ग्रामीण विकास मंत्रालय और राज्य द्वारा) में गाँव वालों ने चेक डैम, समोच्च खाइयाँ और छोटे तालाब बनाए, पेड़ लगाए और सामुदायिक नियमों से चरागाह बचाए। कई नंगी पहाड़ियाँ हरी हुईं, भौम जल उठा और लोगों को ज़्यादा चारा, ईंधन और आय मिली। यह दिखाता है कि लोगों की भागीदारी से भूमि निम्नीकरण उलटा जा सकता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक क़स्बा रोज़ 100 टन कचरा बनाता है; 55% गीला और 30% सूखा पुनर्चक्रण योग्य। कितनी खाद बनेगी और कितना पुनर्चक्रण?

खाद = 55 टन; पुनर्चक्रण = 30 टन। सिर्फ़ 15 टन भराव क्षेत्र में जाएगा।

2. अलग करने से भराव वाला कचरा 100 से 15 टन रोज़ हो गया। कितने प्रतिशत घटा?

(100 − 15) ÷ 100 × 100 = 85% कम।

3. 1 एकड़ वाला युवा किसान गाँव छोड़कर सूरत में कारख़ाने की नौकरी करने जाता है। एक प्रतिकर्ष और एक अपकर्ष कारक बताइए।

प्रतिकर्ष: गाँव में कम ज़मीन और कम आय। अपकर्ष: शहर में ज़्यादा वेतन वाली पक्की नौकरी।

4. गंदी बस्तियाँ अक्सर रेल पटरियों और नालों के पास क्यों बसती हैं?

वह ज़मीन ख़ाली पड़ी रहती है और काम की जगह के पास होती है, इसलिए किराया न दे पाने वाले गरीब प्रवासी वहीं बस जाते हैं, भले वह असुरक्षित और अस्वस्थ हो।

5. ज़्यादा सिंचाई से भूमि निम्नीकरण क्यों होता है?

भौम जल स्तर ऊपर आता है; पानी भाप बनकर मिट्टी पर नमक छोड़ता है (लवणता) और ज़मीन जलाक्रांत रहती है, इसलिए फ़सल नहीं होती।

6. झाबुआ का जलसंभर कार्य सफल क्यों रहा?

गाँव वालों ने ख़ुद चेक डैम और खाइयाँ बनाईं, पेड़ लगाए और नए पौधों पर चराई रोकने के नियम बनाए, इसलिए पहाड़ियाँ ठीक हो गईं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. ध्वनि किसमें मापी जाती है?
2. प्रवास का अपकर्ष कारक कौन-सा है?
3. भूमि निम्नीकरण का मानवकृत कारण:
4. झाबुआ ज़िला कहाँ है?
5. नगरीय कचरे के लिए सबसे अच्छा पहला क़दम:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदूषण के मुख्य प्रकार कौन-से हैं?

वायु, जल, भूमि और ध्वनि प्रदूषण।

प्रवास के प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारक क्या हैं?

प्रतिकर्ष कारक (गरीबी, काम नहीं, आपदाएँ) लोगों को गाँव से निकालते हैं; अपकर्ष कारक (नौकरी, मज़दूरी, सुविधाएँ) शहर की ओर खींचते हैं।

कक्षा 12 भूगोल में भूमि निम्नीकरण की कौन-सी केस स्टडी पूछी जाती है?

मध्य प्रदेश का झाबुआ ज़िला, जहाँ गाँव वालों के जलसंभर प्रबंधन से निम्नीकृत ज़मीन सुधरी। यह अक्सर 5 अंक का प्रश्न होता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIXIII. People and environment – conflicts of interest
स्पेन1º BachilleratoEcology and sustainability
सीबीएसई (भारत)कक्षा 12केवल रचनात्मक आकलन हेतु विषय
सीबीएसई (भारत)कक्षा 12चयनित मुद्दों और समस्याओं पर भौगोलिक परिप्रेक्ष्य
इंग्लैंडYear 133.4 Pollution

पहले यह पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी भूगोल पाठ