📘 CodingMarble Learn

भारत में भू-संसाधन तथा कृषि (कक्षा 12)

भारत में ज़मीन नौ तरह से इस्तेमाल होती है; सबसे बड़ा हिस्सा निवल बोया क्षेत्र (लगभग 46%) है। समय के साथ वन और गैर-कृषि भूमि बढ़ी, बंजर भूमि और चरागाह घटे। गाँव का चरागाह, तालाब और जंगल सामुदायिक संसाधन हैं। फ़सलें तीन ऋतुओं में उगती हैं: खरीफ़, रबी और ज़ायद। खेती शुष्क भूमि या आर्द्र भूमि की होती है और सिंचाई रक्षात्मक या उत्पादक होती है। चावल, गेहूँ, दालें, तिलहन, कपास, जूट, गन्ना, चाय और कॉफ़ी मुख्य फ़सलें हैं। हरित क्रांति से उपज बढ़ी पर गिरता भूजल, लवणीय मिट्टी, छोटी जोत और कर्ज़ जैसी समस्याएँ भी आईं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. हर खंभा एक तरह की ज़मीन है। एक ब्लॉक = भारत की ज़मीन का 2%। सबसे लंबा खंभा निवल बोया क्षेत्र है, यानी जहाँ फ़सल उगती है, लगभग 46%।
  2. भूमि उपयोग बदलता रहता है। 1950 और अभी दबाइए। वन और गैर-कृषि ज़मीन (सड़क, शहर, कारख़ाने) बढ़ी। बंजर, चरागाह और परती-बंजर घटे।
  3. कुछ ज़मीन पूरे गाँव की होती है: चरागाह, तालाब, गाँव का जंगल। ये सामुदायिक संसाधन हैं। गरीब परिवारों को इनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।
  4. भारत में तीन फ़सल ऋतुएँ हैं। खरीफ़ मानसून के साथ, रबी सर्दी में, ज़ायद छोटी गर्मी में। हर ऋतु पर टैप कीजिए।
  5. खेती पानी पर टिकी है। शुष्क भूमि कृषि (75 सेमी से कम वर्षा) में मोटे अनाज। आर्द्र भूमि कृषि में चावल और जूट। सिंचाई दोनों की मदद करती है।
  6. करके देखें: स्लाइडर से आधुनिक साधन बढ़ाइए। उपज बढ़ती है, पर भूजल गिरता है और मिट्टी लवणीय होती है। विकास और समस्या साथ आते हैं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

पेड़ कट रहे हैं तो वन क्षेत्र रिकॉर्ड में बढ़ क्यों रहा है?

कुछ बढ़त बेहतर सर्वे से वन भूमि की सही गिनती के कारण है और कुछ पेड़ लगाने से। चरण 2 के खंभे रिकॉर्ड के आँकड़े दिखाते हैं।

क्या परती ज़मीन बेकार ज़मीन है?

नहीं। वर्तमान परती जान-बूझकर आराम के लिए छोड़ी जाती है। पाँच साल से ज़्यादा खाली रहे तभी व्यर्थ भूमि बनती है।

अमीर किसानों से ज़्यादा गरीबों को साझा ज़मीन की ज़रूरत क्यों?

उनके पास अपनी ज़मीन कम या नहीं होती, इसलिए वे पशु चराने और ईंधन के लिए चरण 3 के साझा संसाधनों पर निर्भर हैं।

दक्षिण में रबी में चावल उगता है पर उत्तर में क्यों नहीं?

उत्तर की सर्दी चावल के लिए बहुत ठंडी है, दक्षिण की सर्दी गर्म रहती है। चरण 4 में रबी दबाकर देखिए।

शुष्क भूमि और आर्द्र भूमि कृषि में अंतर क्या है?

शुष्क में 75 सेमी से कम वर्षा और सख़्त फ़सलें; आर्द्र में भरपूर पानी और चावल, जूट। चरण 5 के दोनों खेत देखिए।

हरित क्रांति से उपज बढ़ी, फिर इसे समस्या क्यों कहते हैं?

ज़्यादा पानी और खाद से मिट्टी लवणीय हुई और भूजल गिरा। चरण 6 में स्लाइडर चलाकर दोनों पहलू देखिए।

भारत में भूमि उपयोग और उसमें बदलाव

भूमि उपयोग का मतलब है कि ज़मीन किस काम में लगी है। राजस्व रिकॉर्ड में नौ वर्ग हैं: वन, गैर-कृषि उपयोग की भूमि, बंजर और व्यर्थ भूमि, स्थायी चरागाह, वृक्ष फ़सलों और बाग़ों की भूमि, कृषि योग्य व्यर्थ भूमि, वर्तमान परती, पुरातन परती (अन्य परती) और निवल बोया क्षेत्र।

दो ज़रूरी शब्द

वर्तमान परती ज़मीन एक साल या उससे कम खाली छोड़ी जाती है ताकि उर्वरता लौट आए। अन्य परती 1 से 5 साल खाली रहती है। इससे ज़्यादा खाली रहे तो वह कृषि योग्य व्यर्थ भूमि बन जाती है।

बदलाव क्यों होता है

अर्थव्यवस्था का आकार, उसकी बनावट (उद्योग और सेवाएँ बढ़ना) और बढ़ती आबादी का दबाव भूमि उपयोग बदलते हैं। 1950 से वन और गैर-कृषि भूमि बढ़ी है; बंजर भूमि, व्यर्थ भूमि और चरागाह घटे हैं; निवल बोया क्षेत्र थोड़ा बढ़ा है। वन क्षेत्र का बढ़ना कुछ हद तक बेहतर सर्वे का असर भी है।

सामुदायिक संसाधन (साझा संपत्ति संसाधन)

जो ज़मीन किसी एक व्यक्ति की नहीं, पूरे समुदाय की होती है, वह सामुदायिक संपत्ति संसाधन है। जैसे गाँव का चरागाह, तालाब, गाँव का जंगल और खलिहान। हर परिवार को इसके उपयोग का हक़ है।

इनसे पशुओं का चारा, जलावन लकड़ी, फल, मछली और पानी मिलता है। भूमिहीन मज़दूर, छोटे किसान और महिलाएँ इन पर सबसे ज़्यादा निर्भर हैं। इनकी रक्षा गरीबों को और गरीब होने से बचाती है।

भारत की फ़सल ऋतुएँ

दक्षिण में पूरे साल तापमान ऊँचा रहता है, इसलिए वहाँ चावल एक से ज़्यादा बार उगाया जा सकता है।

कृषि के प्रकार

पानी के मुख्य स्रोत के आधार पर खेती दो तरह की है।

सिंचित कृषि

रक्षात्मक सिंचाई फ़सल को सूखे से बचाती है। उत्पादक सिंचाई इतना पानी देती है कि उपज ज़्यादा हो।

वर्षा-आधारित कृषि

शुष्क भूमि कृषि वहाँ होती है जहाँ सालाना वर्षा 75 सेमी से कम हो; रागी, बाजरा, मूँग, चना, ग्वार जैसी सख़्त फ़सलें उगती हैं और नमी बचाई जाती है। आर्द्र भूमि कृषि वहाँ होती है जहाँ पौधों की ज़रूरत से ज़्यादा वर्षा हो; चावल, जूट, गन्ना उगते हैं और बाढ़ व मिट्टी कटाव का ख़तरा रहता है।

भारत की मुख्य फ़सलें

खाद्यान्न कुल फ़सल क्षेत्र का लगभग दो-तिहाई हैं। अनाज: चावल (उत्तर में खरीफ़, दक्षिण में तीन बार तक), गेहूँ (रबी, ठंडी सर्दी चाहिए), ज्वार, बाजरा, मक्का। दालें जैसे चना, अरहर प्रोटीन देती हैं और मिट्टी में नाइट्रोजन जोड़ती हैं। तिलहन: मूँगफली, सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी। रेशेदार फ़सलें: कपास (काली मिट्टी, पाला-रहित दिन) और जूट (गर्म, नम डेल्टा)। अन्य: गन्ना, चाय (भारी वर्षा वाली पहाड़ी ढलानें), कॉफ़ी (दक्षिण की छायादार ढलानें)।

कृषि विकास और समस्याएँ

1960 के बाद हरित क्रांति में अधिक उपज वाले बीज, रासायनिक खाद, कीटनाशक और सिंचाई आई। गेहूँ और चावल की उपज कई गुना बढ़ी और भारत अनाज में आत्मनिर्भर बना। बाद में विकास दूसरी फ़सलों और इलाक़ों तक फैला।

मुख्य समस्याएँ

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक गाँव में निवल बोया क्षेत्र 400 हेक्टेयर है। 100 हेक्टेयर में दो बार बुआई होती है। सकल बोया क्षेत्र निकालिए।

सकल बोया क्षेत्र = 400 + 100 = 500 हेक्टेयर।

2. उसी गाँव की शस्य गहनता निकालिए।

शस्य गहनता = 500 ÷ 400 × 100 = 125%।

3. किसान ने एक खेत दो साल खाली छोड़ा। वह किस वर्ग में है?

अन्य परती, क्योंकि वह एक साल से ज़्यादा पर पाँच साल से कम खाली है।

4. गाँव का चरागाह बिकने पर भूमिहीन परिवारों को नुकसान क्यों होता है?

चरागाह सामुदायिक संसाधन था, जिससे मुफ़्त चारा और ईंधन मिलता था। अब उन्हें ये खरीदने पड़ेंगे या पशु बेचने पड़ेंगे, इसलिए आमदनी घटेगी।

5. किसी इलाक़े में सालाना 50 सेमी वर्षा होती है। कौन-सी खेती और फ़सलें ठीक रहेंगी?

शुष्क भूमि कृषि, क्योंकि वर्षा 75 सेमी से कम है। बाजरा, रागी, चना, ग्वार जैसी फ़सलें, नमी बचाने के तरीक़ों के साथ।

6. उपज ज़्यादा होने पर भी पंजाब की मिट्टी लवणीय क्यों हो रही है?

बिना जल-निकासी के भारी नहर सिंचाई से भौम जल स्तर ऊपर आया। पानी भाप बनकर उड़ा और नमक ऊपर छोड़ गया। इसलिए उपज पहले बढ़ी पर अब मिट्टी ख़राब हो रही है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. भारत में सबसे बड़ा भूमि उपयोग वर्ग कौन-सा है?
2. एक साल या कम समय तक बिना खेती छोड़ी गई ज़मीन कहलाती है:
3. गेहूँ मुख्य रूप से ___ फ़सल है।
4. शुष्क भूमि कृषि वहाँ होती है जहाँ सालाना वर्षा इससे कम हो:
5. इनमें सामुदायिक संसाधन कौन-सा है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में भूमि उपयोग के नौ वर्ग कौन-से हैं?

वन, गैर-कृषि उपयोग, बंजर और व्यर्थ भूमि, स्थायी चरागाह, वृक्ष फ़सलें और बाग़, कृषि योग्य व्यर्थ भूमि, वर्तमान परती, अन्य परती और निवल बोया क्षेत्र।

सामुदायिक संसाधन क्या है?

वह ज़मीन या पानी जो पूरे समुदाय का हो, जैसे गाँव का चरागाह, तालाब या जंगल, जिसका हर परिवार उपयोग कर सकता है।

क्या यह अध्याय CBSE कक्षा 12 भूगोल परीक्षा में आता है?

हाँ। यह 'भारत: लोग और अर्थव्यवस्था' की इकाई संसाधन एवं विकास में है और भूमि उपयोग, ऋतुओं और कृषि समस्याओं पर 3 और 5 अंक के प्रश्न आते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12संसाधन एवं विकास

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी भूगोल पाठ