सड़क परिवहन
भारत का सड़क जाल दुनिया के सबसे बड़े जालों में है। सड़कें घर-घर सेवा देती हैं और कम दूरी के लिए अच्छी हैं। निर्माण और रख-रखाव के आधार पर वर्ग:
- राष्ट्रीय महामार्ग: केंद्र सरकार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से बनवाती है। ये राज्यों की राजधानियाँ, बड़े शहर और पत्तन जोड़ते हैं। स्वर्णिम चतुर्भुज दिल्ली–मुंबई–चेन्नई–कोलकाता को; उत्तर–दक्षिण गलियारा श्रीनगर से कन्याकुमारी और पूर्व–पश्चिम गलियारा सिलचर से पोरबंदर को जोड़ता है।
- राज्य महामार्ग: राज्य सरकारें बनाती हैं; राजधानी को ज़िला मुख्यालयों से जोड़ते हैं।
- ज़िला सड़कें: ज़िला मुख्यालय को ज़िले की दूसरी जगहों से जोड़ती हैं।
- ग्रामीण सड़कें: गाँवों को जोड़ती हैं; प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना गाँवों को हर मौसम की सड़क देती है।
- अन्य सड़कें: सीमा सड़क संगठन (1960) की सीमांत सड़कें ऊँचे और दूर के इलाक़ों में, और पड़ोसी देशों को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय महामार्ग।
मैदानों में सड़क घनत्व ज़्यादा और पहाड़, रेगिस्तान, जंगल में कम है।
रेल परिवहन
भारतीय रेल 1853 में मुंबई से ठाणे के बीच शुरू हुई और दुनिया की सबसे बड़ी रेलों में है। प्रबंधन के लिए यह ज़ोन में बँटी है। तीन गेज (पटरियों के बीच की दूरी): बड़ी लाइन 1.676 मी, मीटर लाइन 1.000 मी और छोटी लाइन 0.762 मी या 0.610 मी (ज़्यादातर पहाड़ी)। एक-गेज नीति से ज़्यादातर लाइनें बड़ी लाइन में बदली जा रही हैं। कोंकण रेलवे (1998) पश्चिमी तट पर पहाड़ों और नदियों से होकर लगभग 760 किमी चलती है। कई शहरों में मेट्रो रेल है।
पाइपलाइन
पाइपलाइन कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, प्राकृतिक गैस और पानी, और घोल (स्लरी) के रूप में ठोस भी ले जाती है। यह बिना रुके चलती है, कम मज़दूर चाहिए, नुकसान कम और ट्रैफ़िक से बचाव। पहली पाइपलाइन असम के नहरकटिया तेल क्षेत्र से नूनमाटी तक थी, बाद में बरौनी और कानपुर तक बढ़ी। ऑयल इंडिया और GAIL बड़ी लाइनें चलाते हैं, जैसे हज़ीरा–विजयपुर–जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइपलाइन, जो उर्वरक और बिजली संयंत्रों को गैस देती है। शुरुआती ऊँची लागत और रिसाव ठीक करने में कठिनाई इसकी कमियाँ हैं।
अंतर्देशीय और महासागरीय जल परिवहन
अंतर्देशीय जलमार्ग
नदियाँ, नहरें, पश्चजल और खाड़ियाँ भारी माल सस्ते में ले जा सकती हैं और पटरी नहीं चाहिए। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (1986) राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित करता है: NW-1 गंगा पर (हल्दिया–प्रयागराज), NW-2 ब्रह्मपुत्र पर (सदिया–धुबरी) और NW-3 केरल की पश्चिमी तट नहर पर (कोट्टापुरम–कोल्लम); बाद में कई और घोषित हुए। गाद, सूखे महीनों में कम पानी और बाँध इनका उपयोग सीमित करते हैं।
महासागरीय जल परिवहन
भारत के लंबे तट पर 12 बड़े और लगभग 200 छोटे पत्तन हैं। मात्रा के हिसाब से भारत का लगभग 95% विदेशी व्यापार समुद्र से होता है। तटीय नौपरिवहन दूर के हिस्सों और द्वीपों को सस्ते में जोड़ता है।
वायु परिवहन
वायु परिवहन सबसे तेज़ है और पहाड़, रेगिस्तान, जंगल और द्वीपों तक पहुँचता है। भारत में हवाई सेवा 1911 में हवाई डाक से शुरू हुई। 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ (देश में इंडियन एयरलाइंस, विदेश के लिए एयर इंडिया)। अब कई निजी एयरलाइन हैं। पवनहंस पहाड़ी इलाक़ों और तेल क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवा देती है। हवाई यात्रा महँगी है और मौसम पर निर्भर, इसलिए यह ज़्यादातर यात्री और हल्का, क़ीमती, जल्दी ख़राब होने वाला माल ले जाती है।
व्यक्तिगत संचार और जनसंचार
व्यक्तिगत संचार एक व्यक्ति को दूसरे से जोड़ता है: डाक से पत्र (भारत का डाक जाल दुनिया के सबसे बड़े जालों में है), टेलीफ़ोन और मोबाइल, और इंटरनेट (ई-मेल, वीडियो कॉल, ऑनलाइन सेवाएँ)।
जनसंचार एक साथ बहुत लोगों तक पहुँचता है: रेडियो (आकाशवाणी, 1936 से), टेलीविज़न (दूरदर्शन), कई भाषाओं में अख़बार और पत्रिकाएँ, और फ़िल्में (भारत दुनिया में सबसे ज़्यादा फ़ीचर फ़िल्में बनाता है)।
उपग्रह इन सबको जोड़ते हैं। भारत की INSAT श्रृंखला संचार, टीवी और मौसम पूर्वानुमान में मदद करती है; IRS श्रृंखला संसाधनों और आपदाओं के लिए सुदूर संवेदन आँकड़े देती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सड़क वर्ग: राष्ट्रीय महामार्ग → राज्य महामार्ग → ज़िला सड़क → ग्रामीण सड़क; सीमांत सड़कें भी
- गेज: बड़ी 1.676 मी, मीटर 1.000 मी, छोटी 0.762/0.610 मी
- भारी माल के लिए सबसे सस्ता: जल; सबसे तेज़: वायु
- NW-1 गंगा (हल्दिया–प्रयागराज); NW-2 ब्रह्मपुत्र (सदिया–धुबरी); NW-3 पश्चिमी तट नहर
- HVJ = हज़ीरा–विजयपुर–जगदीशपुर गैस पाइपलाइन
- व्यक्तिगत: डाक, फ़ोन, इंटरनेट; जनसंचार: रेडियो, टीवी, अख़बार, फ़िल्म; उपग्रह: INSAT, IRS
हल किए गए उदाहरण
1. एक कारख़ाने को 10,000 टन लौह अयस्क 800 किमी दूर पत्तन भेजना है। कौन-सा साधन अच्छा और क्यों?
रेल, क्योंकि वह भारी माल लंबी दूरी तक सस्ते में ले जाती है; जलमार्ग हो तो पानी और भी सस्ता।
2. किसी द्वीप पर तुरंत दवाइयाँ चाहिए। कौन-सा साधन?
वायु, क्योंकि वह सबसे तेज़ है और सीधे द्वीप तक पहुँचता है।
3. अरुणाचल प्रदेश में सड़क घनत्व कम क्यों है?
खड़े पहाड़, घने जंगल, भारी वर्षा और भूस्खलन से सड़क बनाना और बनाए रखना महँगा और कठिन है।
4. प्राकृतिक गैस के लिए पाइपलाइन अच्छी क्यों है?
यह गैस को बिना रुके, सुरक्षित, कम नुकसान और बिना ट्रैफ़िक के सीधे उर्वरक और बिजली संयंत्रों तक पहुँचाती है।
5. भारत में अंतर्देशीय जलमार्ग की दो सीमाएँ बताइए।
नदियों में गाद और सूखे मौसम में कम पानी; बाँध और बैराज रास्ता तोड़ते हैं।
6. INSAT उपग्रहों ने संचार कैसे बदला?
ये पूरे देश में, दूर के गाँवों तक, टीवी, रेडियो, फ़ोन और इंटरनेट जोड़ते हैं और मौसम की चेतावनी देते हैं।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि राज्य महामार्ग NHAI बनाता है। NHAI राष्ट्रीय महामार्ग बनाता है; राज्य अपने महामार्ग बनाते हैं।
- गेज मिलाना। बड़ी लाइन सबसे चौड़ी, 1.676 मी है।
- भारी माल के लिए वायु को अच्छा मानना। यह तेज़ है पर सबसे महँगा; भारी माल पानी या रेल से जाता है।
- फ़ोन कॉल को जनसंचार कहना। यह व्यक्तिगत है; टीवी और रेडियो जनसंचार हैं।